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ग्वालियर के स्कूलों में आधार अपडेशन कैंप, किशोरों का होगा बायोमैट्रिक अपडेट

 ग्वालियर स्कूली बच्चों को पहले से ही बता दें कि आधार अपडेशन के लिये कौन-कौन से दस्तावेजों की जरूरत होगी, जिससे स्कूलों में लगने जा रहे आधार शिविरों में सभी बच्चों के आधार संबंधी काम हो सकें। यह निर्देश कलेक्टर रुचिका चौहान ने आधार शिविरों की तैयारियों की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस स्कूल में शिविर लगने जा रहा है उस स्कूल सहित अन्य जनप्रतिनिधि स्कूलों में भी शिविर की तिथियों के बारे में जानकारी दी जाए। सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य शिक्षा केन्द्र की पहल पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के समन्वय से 'विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार' अभियान के तहत जिले के सभी विकासखंडों के अंतर्गत कुल 32 स्कूलों में 10–10 दिवसीय आधार शिविर लगने जा रहे हैं। शिविरों की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। इन शिविरों में 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के स्कूली बच्चों का अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट-2 खासतौर पर किया जायेगा। साथ ही आधार पर सुधार संबंधी अन्य कार्य भी कराए जायेंगे। यह पहल मुख्य रूप से बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) पर केंद्रित है। इसमें उनके आधार में उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और एक तस्वीर अपडेट करना शामिल है। पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। पहला एमबीयू 5 से 7 वर्ष की आयु के बीच पूराहोने पर निःशुल्क रखा गया है। विद्यार्थी के उम्र 7 वर्ष की आयु से अधिक होने के बाद शुल्क लागू होगा। दूसरा एमबीयू तब आवश्यक है जब विद्यार्थी 15 वर्ष का हो जाएगा। तीसरा एमबीयू 15 से 17वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निःशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष की आयु के बाद शुल्क लागू होगा।

अब तक जिले में आयोजित शिविरों के माध्यम से 2340 से अधिक जनजातीय नागरिकों को आधार कार्ड बनाया

 रायपुर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान जनजातीय समुदाय के जीवन में आशा की नई किरण बनकर उभरी है। इस योजना के अंतर्गत लगाए जा रहे शिविरों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों तक आधार से संबंधित सेवाएं पहुँचाई जा रही हैं, जिससे हजारों नागरिकों को घर के पास ही राहत मिल रही है।          अब तक जिले में आयोजित शिविरों के माध्यम से 2340 से अधिक जनजातीय नागरिकों को आधार कार्ड बनाया, अद्यतन एवं समस्याओं का समाधान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इससे यह स्पष्ट होता है कि धरती आबा योजना केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के लिए एक डिजिटल सशक्तिकरण अभियान बन गई है।          जिले के आधार सेवा संचालक श्री लखन लाल साहू को जिला अंतर्गत राज्य में Best performing Operator in Aadhaar Enrolment &Update services in LWE Districts of Chhattisgarh State यह पुरस्कार  UIDAI REGIONAL OFFICE HYDERABAD द्वारा 20 जून 2025 को रायपुर में आयोजित सम्मान समारोह में प्रदान किया गया।                          धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत नागरिकों को डिजिटल सेवा आधार, आय, जाति, निवास, बिजली की बिल भुगतान, गैस रिफिलिंग, ट्रेन टिकट, बैंकिग, किसानों का फसल बीमा, किसान पंजीयन, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आदि सेवाएं जनजातीय समुदाय के नागरिकों को धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान शिविर में ग्राम स्तर पर ही मुहैया हो रहा है।          धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान आज ग्राम विकास, जन सुविधा और डिजिटल समावेश का प्रतीक बन चुकी है। यह पहल न केवल आधार जैसी महत्वपूर्ण सेवा को सुलभ बना रही है, बल्कि जनजातीय अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।