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पद्मश्री लेखक आलोक मेहता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट की ‘मोदी राज के 25 वर्ष’ पर केंद्रित पुस्तक

प्रधानमंत्री मोदी के क्रांतिकारी विकास मार्ग पर मध्यप्रदेश’ अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल को अपनाते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में वरिष्ठ संपादक एवं लेखक पद्मश्री श्री आलोक मेहता द्वारा रचित पुस्तक ‘रिवॉल्यूशनरी राज – नरेन्द्र मोदी: 25 इयर्स’ (कॉफी टेबल बुक) ग्रहण करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर देशी-विदेशी निवेश को आकर्षित कर औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, स्टार्ट-अप्स, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएँ प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जा रही हैं। यह भेंट-वार्ता दिल्ली से दावोस (स्विट्ज़रलैंड) में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने से पूर्व हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में पुस्तकों और पठन-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन निर्माण योजना में पुस्तकालयों का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पत्रकारों, साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक कलाकारों को सामाजिक जागरूकता के लिए हर संभव सहयोग, सहायता एवं प्रोत्साहन देती रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तक में उल्लिखित समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं में अनुशासन तथा आत्मनिर्भर विकसित भारत के प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने के लिए वे पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पुस्तक की विस्तृत भूमिका केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा लिखे जाने को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री शाह, प्रधानमंत्री के संकल्पों को क्रियान्वित करते हुए आतंकवाद और नक्सल समस्या से प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं, जिससे देश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में यह पुस्तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इसे शिक्षण संस्थानों व पुस्तकालयों तक पहुँचाया जाना चाहिए।उल्लेखनीय है कि पुस्तक का प्रकाशन शुभी पब्लिकेशंस द्वारा किया गया।

महागठबंधन पर श्रवण कुमार की तीखी टिप्पणी, आलोक मेहता से बजट की मांग

पटना 18वें बिहार विधानसभा के विशेष सत्र का पांचवें दिन समापन हो गया। अंतिम दिन विधानसभा में द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार 91,717.1135 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस अनुपूरक बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला रोजगार, पेयजल, सड़क, ऊर्जा, पेंशन, सिंचाई, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मेट्रो रेल और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए सभी दलों को समय दिया है। सबसे ज्यादा 33 मिनट भाजपा को और जदयू को 31 मिनट का समय अपनी बात रखने के लिए दिया गया है। वहीं राजद को नौ मिनट का समय अपनी बात रखने के लिए दिया गया है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सत्र के समापन का भाषण दिया। इसमें बताया कि इस सत्र में कुल 16 निवेदन प्राप्त हुए। इनमें 15 स्वीकृत और एक अस्वीकृत किए गए। वहीं 9 याचिकाएं प्राप्त हुईं। इनमें छह स्वीकृत और तीन अस्वीकृत हुई। सदन में आज की कार्यवाही के दौरान ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर कटौती प्रस्ताव पर चर्चा हुई। सभी दलों के विधायकों ने इस प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में अपनी बात रखी। इसके बाद ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार उत्तर दे रहे हैं। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के योजनाओं की जानकारी दी। कहा कि ग्रामीण इलाकों का काफी विकास हुआ है। कहा कि हमारे विपक्ष के लोग कहते हैं कि आप जीविका दीदियों को दो लाख रुपये कहां से लाएंगे? लेकिन, सीएम नीतीश कुमार ने महिलाओं को ताकत दिया। उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। आज जीविका दीदी लखपति बन रही है। महिला रोजगार को लेकर जो वादा किया है, उस दिशा में सरकार काम कर रही है। श्रवण कुमार ने विपक्ष पर बोला हमला श्रवण कुमार ने कहा कि महागठबंधन के नेताओं के झांसे में कोई नहीं आए। यह लोग माई बहन मान योजना नहीं लाते, यह लोग केवल महिलाओं को अपमानित करते हैं। यह लोग नीतीश कुमार को फिनिश करने में लगे थे। लेकिन, जब जब यह लोग ऐसा अभियान चलाते हैं तब तब नीतीश कुमार दोगुनी ताकत से आते हैं। इनलोगों का सफाया हो गया। 35 सीटों पर पूरा विपक्ष सिमट गया। उन्होंने विपक्ष के विधायक आलोक मेहता से कटौती प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। राजद ने मांगा पिछले बजट का हिसाब विपक्ष की ओर से राजद विधायक आलोक मेहता ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने अनुपूरक बजट को त्रुटिपूर्ण बताया। कहा कि पिछले बजट जो राशि आवंटित जिस मद में दिए गए थे, उस राशि का हिसाब क्यों नहीं दिया गया। राज्य में शिक्षकों की कमी और अस्पताल में दवाई की कमी है। इन सब पर बजट पर ध्यान नहीं दिया गया। सरकार विकास से ज्यादा राजनीतिक लाभ पर ध्यान रख रही है। महिला रोजगार योजना स्वागत योग्य है लेकिन दो लाख रुपया आप हर महिला को कैसे देंगे? इसको जानकारी सरकार क्यों नहीं दे रही है? राज्य में केवल डेढ़ करोड़ महिला ही नहीं है। बाकी महिलाएं क्या 10 हजार रुपया की हकदार नहीं है? इन सब सवालों का जवाब सरकार को देना होगा। 40 लाख लोग बिहार की ऐसी बस्ती में रहते हैं, जिनकी संख्या 100 से अधिक है। यह बस्ती अब तक मुख्य सड़कों से नहीं जुड़ पाई है। आज तक यह गरीब अपमान सह रहे हैं। सड़क नहीं रहने के कारण इन इलाकों में शादी तक मुश्किल हो गई हैं। नल जल योजना से जुड़ी भी लाखों शिकायतें हैं।   जानिए किस योजना के लिए कितना खर्च होगा     21,000 करोड़ – मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना     1885.65 करोड़ – मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन     861.21 करोड़ – सड़क निर्माण     800 करोड़ – स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना     750 करोड़ – मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन     651.83 करोड़ – सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएँ     600.55 करोड़ – ऊर्जा कंपनियों में निवेश     594.56 करोड़ – ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना     573 करोड़ – मेडिकल कॉलेज व अस्पताल निर्माण     550 करोड़ – शहरी विकास हेतु भू-अर्जन     500-500 करोड़ – हवाई अड्डा निर्माण, औद्योगिक विकास हेतु भूमि, पंचायत सरकार भवन     389.77 करोड़ – पटना मेट्रो रेल परियोजना     352.16 करोड़ – विकलांगता सामाजिक सुरक्षा पेंशन     281.57 करोड़ – प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना     250 करोड़ – स्टेडियम व खेल अवसंरचना     150 करोड़ – चिकित्सा महाविद्यालय     100 करोड़ – ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना