samacharsecretary.com

अनिल विज का तंज: चुनावी हार से घबराई कांग्रेस, अभी से शुरू किया रोना

चण्डीगढ हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने दिल्ली लाल किला क्षेत्र में हुए आतंकी बम ब्लास्ट पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक गंभीर आतंकी घटना है जिसमें निर्दाेष लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तत्परता के कारण एक बड़ी तबाही टल गई। उन्होंने कहा कि “हमारी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते एक भयंकर साजिश को विफल किया। मैं सभी सुरक्षा बलों को सैल्यूट करता हूँ जिन्होंने एक बहुत बड़ी दुर्घटना होने से देश को बचाया।” विज आज मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे। विज ने इस हमले में आतंकी उमर की संलिप्तता की पुष्टि होने पर कहा कि करीब 3000 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है, जो किसी भी बड़े शहर को नष्ट कर सकता था।  अनिल विज ने बताया कि सभी सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कौन लोग इस साजिश के पीछे थे, किसने विस्फोटक सामग्री मुहैया करवाई, और यह पूरी प्लानिंग कहां से की गई। विज ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्पष्ट संदेश है कि जो भी आतंकवादी घटनाओं में शामिल होगा या उन्हें अंजाम देने में मदद करेगा, उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।” “कांग्रेस को हार की आदत है, अब रोने की नई स्कीम लेकर आई है”  बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने व्यंग्य किया कि कांग्रेस ने “हारने के बाद रोने की परंपरा” को अपनी आदत बना लिया है। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस अपने स्कूल में कई तरह के रोने के तरीके सीख चुकी है एक, चुनाव हारने के बाद सियापा करना और दूसरा, वोट चोरी के आरोप लगाना। अगर वोट दो बन भी गईं, तो यह क्यों नहीं बताते कि कितनी डाली गईं और किसे पड़ीं? असली फायदा-नुकसान तो वोट डालने के बाद ही तय होता है।”   अंबाला में कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कांग्रेस के नेताओं (भूपेन्द्र सिंह हुडडा) पर तंज कसते हुए कहा कि “ ये तो (हुड्डा) तो चाबी वाले खिलौने हैं। जैसे ही राहुल गांधी चाबी भरते हैं, ये चलने लगते हैं, और जब वह रोक देते हैं, तो ये भी थम जाते हैं।

कोई किसी से प्यार करे लेकिन… अनिल विज का ‘आई लव मोहम्मद’ पर विवादित बयान

चंडीगढ़  देश के कई राज्यों में 'आई लव मोहम्मद' ट्रेंड को लेकर हो रही हिंसा पर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे देश की शांति भंग करने की सुनियोजित साजिश करार दिया। विज ने कहा कि किसी का किसी से प्यार होना बिल्कुल स्वाभाविक है, इसमें कोई समस्या नहीं, लेकिन यदि इस बहाने से कानून-व्यवस्था को धक्का पहुंचाने की कोशिश हो, तो यह बिल्कुल अस्वीकार्य है। उन्होंने आगे कहा कि किसी का किसी से इश्क हो, इसमें किसी को कोई एतराज नहीं, लेकिन लगता है कि टूलकिट के जरिए देश में अस्थिरता फैलाने के नए-नए हथकंडे आजमाए जा रहे हैं। लखनऊ में 'आई लव मोहम्मद' के होर्डिंग लगवाना और कांग्रेस की इसमें कथित संलिप्तता, ये सब एक बड़ी षड्यंत्र की कड़ियां नजर आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस ट्रेंड का फायदा उठाकर पथराव, गोलीबारी या दंगे भड़काए जाते हैं, तो यह राष्ट्र की शांति और कानूनी ढांचे के साथ खिलवाड़ होगा, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राहुल गांधी गाली-गलौज करने वाला 'बच्चा' कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा भाजपा को 'वोट चोर' और अब 'पेपर चोर' ठहराने पर अनिल विज ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कुछ बच्चे बचपन से ही फूहड़ भाषा बोलने के आदी हो जाते हैं और वे कभी शालीन शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर पाते। राहुल गांधी जो चाहें बोलें, यह उनकी अपनी समझ है, लेकिन ऐसी भाषा देश की राजनीति के स्तर को नीचा दिखाती है। विज ने तंज भरे लहजे में कहा कि राहुल बार-बार वोट चोरी का हल्ला मचाते हैं, लेकिन आज तक उन्होंने एक भी ऐसा ठोस उदाहरण पेश नहीं किया जहां वास्तव में वोट चोरी हुई हो। कांग्रेस को लेकर तो ढेर सारी बातें कही जा सकती हैं। इंदिरा गांधी का चुनाव ही फर्जी मतदान के आरोप में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था, और उसी के बाद उन्होंने आपातकाल थोप दिया। कांग्रेस का पूरा इतिहास ही लोकतंत्र और स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया से छेड़छाड़ का रहा है। ट्रेंड पर कई राज्यों में मचा बवाल कानपुर में 'आई लव मोहम्मद' बैनर को लेकर भड़का विवाद उत्तर प्रदेश के कई शहरों तक फैल चुका है। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को उपद्रवियों पर कठोर कार्रवाई करनी पड़ी और बुलडोजर तक चलाना पड़ा। सोमवार को महाराष्ट्र में भी इसी मुद्दे पर हंगामा हुआ। इस विवाद के जवाब में काशी के संतों ने 'आई लव महादेव' के पोस्टर जारी कर दिए हैं। इस पूरे प्रकरण पर उलेमा और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी भिन्न-भिन्न हैं।