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राज्य दिव्यांगजन सलाहकार बोर्ड गठित

राज्य दिव्यांगजन सलाहकार बोर्ड गठित भोपाल  राज्य शासन ने राज्य दिव्यांगजन सलाहकार बोर्ड का गठन किया है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता वाले इस बोर्ड में विधायक श्रीमती प्रियंका मीणा, सुश्री मंजू राजेन्द्र दादू और श्री गौरव सिंह पारधी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह बोर्ड दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2017 के अनुरूप दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं संरक्षण के लिए सरकार का सर्वोच्च परामर्शी निकाय है। बोर्ड में दिव्यांगता एवं उनके कल्याण के लिए कार्यरत प्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया गया। दिव्यांगजनों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिये बोर्ड में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों को नियुक्त किया गया है, जिनमें रविन्द्र कोपरगांबकर, श्री राजेश शुक्ला, श्री विश्वजीत सरमंडल, श्रीमती प्रीति तांबे, श्री जगदीश अरोड़ा, श्री आशीष कट्टी, श्रीमती मिताली बनर्जी, श्रीमती गीता ढ़ीगरा, श्री दीपक गोयल, डॉ. आकाश सेठ, सुश्री पूजा गर्ग, डॉ. सचिन श्रीवास्वत, डॉ. मनीष कुमार, सुश्री मिनी अग्रवाल, श्री मुकुल गुप्ता, श्रीमती प्रीति सोनी, सुश्री सुषमा पटेल, सुश्री दुर्गा येवले, श्री दीपक शर्मा, श्री निरंजन गुजर, श्री अशोक परियानी, श्री अमित जैन और श्री प्रवीण कक्कड़ शामिल हैं। आयुक्त सामाजिक न्याय इस सलाहकार बोर्ड के सदस्य सचिव होंगे।  

शिक्षा को बढ़ावा देने पर वक्फ समितियों को मिलेगा इनाम, वक्फ बोर्ड का बड़ा अभियान

भोपाल  वक्फ से होने वाली आय को समाज में तालीम को बढ़ावा देने पर खर्च करों और इनाम पाओ। प्रदेश में 15 हजार वक्फ समितियों को वक्फ बोर्ड (Waqf Board)ने टारगेट दिया है। इसके तहत पढ़ाई में अधिक से अधिक स्टूडेंट की मदद करनी होगी। इसके लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसकी मॉनीटरिंग वक्फ बोर्ड करेगा। प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की देखरेख के लिए प्रदेश में वक्फ समितियां हैं। जो बोर्ड के अधीन काम कर रही है। वक्फ प्रापर्टी की देखरेख से लेकर उसके रिकॉर्ड की जिम्मेदारी इनके पास है। वक्फ संशोधन एक्ट के बाद वक्फ आय को ये समितियां शिक्षा पर ज्यादा खर्च करेगी। हर समिति को अपने जिले में रिकॉर्ड रखना होगा। आय के मुताबिक स्कॉलरशिप देने से लेकर जरूरतमंदों की मदद के लिए काम करना होगा। इसी के आधार पर इनकी रैकिंग होना है। इसी के आधार पर इनकी रैकिंग तय होना है। जिला स्तर पर वक्फ समितियों की तैयार होगी रिपोर्ट वक्फ सम्पत्तियों से होने वाली आय तालीम पर खर्च होगी। वक्फ समितियों को इसकी जिम्मेदारी है। इसके आधार पर इनकी समीक्षा होगी। बेहतर काम करने वालों को बोर्ड की ओर से इनाम भी दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन के लिए होगा।- डॉ सन्नवर पटेल, अध्यक्ष मप्र वक्फ बोर्ड दुकान और मकानों से आय वक्फ बोर्ड के मुताबिक वक्फ में कब्रिस्तान, मस्जिद, मकबरे सहित अन्य प्रापर्टी शामिल हैं। आय केवल दुकान और मकानों से है। ऐसे में कई जिले ऐसे हैं जहां कोई आय नहीं है। वहीं वक्फ संपत्तियों से कब्जे हटाने की कार्रवाई के दौरान वक्फ बोर्ड ने 34 करोड़ की रिकवरी नोटिस जारी किए है। इनमें 27 करोड की रिकवरी भोपाल से ही होना है। इसके अलावा एक अन्य समिति को सात करोड़ का नोटिस बोर्ड ने भेजा है।