samacharsecretary.com

क्रिकेटर और निजी जीवन की चर्चाएँ: ब्रेट ली की पत्नी को लेकर सोशल मीडिया में उथल-पुथल

मेलबर्न  क्रिकेट के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली का लंबे समय तक दबदबा रहा. लंबे रनअप, स्मूद एक्शन के साथ तूफानी रफ्तार ब्रेट ली की गेंदबाजी में डेडली कॉम्बिनेशन था. पिच चाहे जैसी भी हो ब्रेट ली के हाथ में गेंद आते ही वह आग उगलने लगती थी, लेकिन क्रिकेट के मैदान का ये हीरो अपनी पर्सनल लाइफ में काफी उतार-चढ़ाव से गुजरे. खास तौर से पहली शादी टूटने के बाद तो वह सदमें थे. उनकी लाइफ में ये सब तब हुआ था जब वह अपने करियर के पीक पर थे. हालांकि, अच्छी बात ये थी कि ब्रेट ली ने कभी जाहिर नहीं होने दिया कि उनकी पर्सलन में क्या चल रहा है. क्रिकेट फैंस को शायद ही पता होगा कि ब्रेट ली की पहली शादी सिर्फ तीन साल में ही टूट गई थी और उनकी शादी टूटने की वजह थी क्रिकेट से उनका प्यार. जिस खेल ने ब्रेट ली को दौलत और शोहरत दिलाई उसी खेल के कारण उनकी पहली वाइफ एलिजाबेथ कैंप ने उन्हें धोखा दिया. क्यों हुआ था ब्रेट ली का तलाक? ब्रेट ली की पहली शादी क्यों टूटी इसे लेकर अलग-अलग कहानियां है. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के मुताबिक ब्रेट ली की पहली वाइफ एलिजाबेथ की एक रग्बी प्लेयर से अफेयर था, जिसके कारण उनका तलाक हुआ. तलाक के पीछे की वजह चाहे जो भी, लेकिन ये बात सच है कि ब्रेट ली और उनकी वाइफ के बीच क्रिकेट को लेकर ही मतभेद हुआ था. क्योंकि ब्रेट ली ने जब एलिजाबेथ से साल 2006 में शादी की थी तो वह अपने करियर पर शिखर पर थे. उस दौर में ऑस्ट्रेलिया विश्व क्रिकेट पर राज करती थी, जिसमें ब्रेट ली की भी अहम भूमिका थी. माना जाता है कि इंटरनेशनल टूर और मैचों के कारण ब्रेट ली लगातार कई महीने घर से दूर रहते थे. इसी दूरी ने ब्रेट ली और एलिजाबेथ के रिश्ते में तनाव पैदा कर दिया था. ब्रेट ली के लगातार दौरों की वजह से एलिजाबेथ को अपने करियर और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने में काफी मुश्किल हो रही थी. शादी के बाद उनका एक प्यारा सा बच्चा भी हुआ, जिसके कारण एलिजाबेथ अकेली पड़ गईं थी. 2014 में ब्रेट ली ने की दूसरी शादी ब्रेट ली और एलिजाबेथ के बेटे का नाम प्रेस्टन है. तलाक के बाद दोनों ने मिलकर उसकी परवरिश करने का फैसला लिया था. कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि ब्रेट ली का क्रिकेट के प्रति प्यार और एलिजाबेथ को समय नहीं देने के कारण दोनों के बीच वैचारिक मतभेद बढ़ गए थे. इस वजह से दोनों ने अलग होने का फैसला किया. तलाक के बाद ब्रेट ली लगभग पांच साल तक सिंगल रहे और साल 2014 में उन्होंने लाना एंडरसन से दूसरी रचाई.

ब्रेट ली का बड़ा बयान: ऑस्ट्रेलिया का यह बॉलिंग अटैक इतिहास में सबसे खतरनाक, 1586 विकेट झटक चुके

नई दिल्ली  एक समय ऐसा था जब ब्रेट ली, ग्लेन मैक्ग्रा, शेन वॉर्न और जेसन गिलेस्पी के बॉलिंग अटैक ने वर्ल्ड क्रिकेट पर राज किया था, बड़े-बड़े बल्लेबाजों के पैर इस बॉलिंग अटैक के सामने कांपने लगते थे। मगर अब ब्रेट ली ने खुद बताया है कि उनके इस बॉलिंग अटैक से भी खतरनाक बॉलिंग अटैक ऑस्ट्रेलिया को मिल गया है। वह है पैट कमिंस की अगुवाई वाली मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और नाथन लॉयन का बॉलिंग अटैक। ब्रेट ली ने ऑस्ट्रेलिया के इस मौजूदा बॉलिंग अटैक को अपने देश का अब तक का सबसे महान बताया है, और कहा है कि पैट कमिंस की टीम ने 2000 के दशक की शुरुआत की उनकी टीम को पीछे छोड़ दिया है।   पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, नाथन लायन और जोश हेजलवुड ने अब तक कुल मिलाकर 389 टेस्ट खेले हैं, जिसमें 1,586 विकेट चटकाए हैं। इन चार में से तीन गेंदबाज 300 विकेट का मील का पत्थर पार कर चुके हैं, जबकि हेजलवुड 295 पर हैं और चोट से लौटने पर निस्संदेह इस क्लब में अपनी जगह बना लेंगे। कमिंस, स्टार्क, हेजलवुड और लायन ने एकसाथ मिलकर ऑस्ट्रेलिया के लिए अभी तक 35 टेस्ट खेले हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने 22 जीते हैं, नौ हारे हैं और चार ड्रॉ रहे हैं। एक साथ प्लेइंग XI में रहते हुए चारों ने मिलकर 567 विकेट लिए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। वहीं 2000 के दशक में तबाही मचाने वाले ग्लेन मैकग्रा, शेन वॉर्न, जेसन गिलेस्पी और ली ने कुल 1842 विकेट चटकाए। चारों ने मिलकर 16 टेस्ट खेले जिसमें ऑस्ट्रेलिया 10 जीता था। लेकिन ब्रेट ली ने कहा कि उन्हें लगता है कि मौजूदा ग्रुप ने अब उनकी जगह ले ली है। ली ने AAP से कहा, "मुझे लगता है कि वे अब तक के सबसे अच्छे हैं। यह अलग-अलग दौर हैं, और तुलना करना मुश्किल है, लेकिन मैं उन्हें हमसे ऊपर रखूंगा। अगर आप सिर्फ स्टैट्स देखें, तो सभी ने 250 से ज़्यादा टेस्ट विकेट लिए हैं, और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। स्कॉट बोलैंड, अगर उन्हें इसमें शामिल किया जाए, तो वह माइकल कैस्परोविच जैसे हैं, उन्हें सच में मौका नहीं मिला लेकिन वह एक शानदार बॉलर हैं। ये लोग इतने अच्छे हैं कि ऑस्ट्रेलियाई जनता को तब तक पता नहीं चलेगा कि वे कितने अच्छे हैं, जब तक वे चले नहीं जाते।"