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मुख्यमंत्री साय ने किया बायंग एनीकट कम काजवे का भूमिपूजन, 38 करोड़ की लागत से सिंचाई और आवागमन सुविधा होगी बेहतर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के ग्राम बायंग (कछार) में 38 करोड़ रुपये की लागत से मांड नदी बायंग एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इससे लाभान्वित गांवों में भू-जल संवर्द्धन होगा तथा आवागमन की सुविधा भी बढ़ेगी। एनीकट कम काजवे निर्माण से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र और पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री साय ने लोकार्पण कार्यक्रम में ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र में जब भी मैं आता हूँ तो ऐसा लगता है जैसे अपने ही परिवार के बीच आया हूँ। आप सभी ने 20 वर्षों तक आशीर्वाद देकर मुझे सांसद बनाकर दिल्ली भेजा, अब मुख्यमंत्री के रूप में मैं अपने परिवार से मिलने आप सबके बीच आया हूँ। मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस तथा 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद जैसी योजनाएँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आज प्रदेश के युवा देख रहे हैं कि जिन्होंने पीएससी परीक्षा में घोटालेबाजी की, वे जेल के अंदर हैं और कुछ जाने की तैयारी में हैं। साय ने कहा कि हमारी सरकार में श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना और बुजुर्गों के लिए तीर्थ स्थलों की यात्रा की योजना प्रारंभ की गई है।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एनीकट भूमिपूजन के अवसर को बायंग (कछार) गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि हमने जो वादा किया था, उसे पूरा किया। अब गांव-गांव में प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं, महतारी वंदन योजना का पैसा समय पर हर महीने मिल रहा है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन तथा डबल इंजन की सरकार में विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र का संसद में पिछले 20 वर्षों से प्रतिनिधित्व करने वाले हमारे मुख्यमंत्री प्रत्येक गांव के लिए परिवार के सदस्य जैसे हैं। रायगढ़ से सांसद रहते हुए शायद ही ऐसा कोई गांव बचा हो जहाँ मुख्यमंत्री साय न गए हों। छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बने मात्र 20 महीने हुए हैं और इस अवधि में अनेक कार्य किए गए हैं। किसानों के एक-एकड़ पर 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस, भूमिहीन मजदूरों के खाते में हर साल 10 हजार रुपये की राशि पहुँच रही है। हर गांव में प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत मकान बनाए जा रहे हैं। राजमिस्त्री और सेंट्रिंग प्लेट कम पड़ गए हैं, फिर भी लगातार कार्य हो रहे हैं। केवल कछार गांव में ही 180 से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई गाथा लिख रहा है। हमारी माताएँ-बहनें हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ग्राम पंचायत कछार के किसानों के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। एनीकट बनने से कृषि संबंधी सुविधाएँ बढ़ेंगी। छत्तीसगढ़ की जनता देख रही है कि विष्णुदेव साय के सुशासन में सभी घोषणाएँ पूरी हो रही हैं और ऐसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुजाता सुखलाल चौहान, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती गंगाबाई पटेल, ग्राम बायंग के सरपंच गौरीशंकर सिदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की गति तेज करने के दिए निर्देश

43 शिविरों में 2,196 लोग सुरक्षित ठहराए गए रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य करे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राहत शिविरों में ठहरे सभी लोगों को भोजन, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रशासन को बाढ़ से प्रभावित गाँवों तक तुरंत सहायता पहुँचाने और आपदा नियंत्रण कक्षों से स्थिति की निगरानी करने के आदेश दिए। उल्लेखनीय है कि लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के चार जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 26 और 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में दर्ज की गई, जहाँ क्रमशः 93.7 मिमी और 118.4 मिमी बारिश हुई। सुकमा में 35 से 109.3 मिमी, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिमी तथा बस्तर में 67.3 से 121.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई जिससे 25 गाँव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।  राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि प्रभावित लोगों के लिए 4 जिलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें  दंतेवाड़ा जिले से 1,116, सुकमा से 790, बीजापुर से 120 और बस्तर से 170 , इस प्रकार कुल 2,196 प्रभावितों को राहत शिविर में ठहराया गया है। बाढ़ से अब तक 5 जनहानि, 17 पशुधन हानि, 165 मकानों को आंशिक और 86 मकानों को पूर्ण क्षति की सूचना मिली है। सभी जिलों में नगर सेना एवं एस.डी.आर.आफ के द्वारा राहत बचाव कार्य किया जा रहा है एवं राहत शिविर में ठहराये गये लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग जिलों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतत संपर्क बनाये हुए है एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जिला सुकमा में आपदा मित्रों के द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनहानि और नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी और पुनर्वास कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और राहत दल लगातार सक्रिय रहें, हर जरूरतमंद तक तुरंत मदद पहुँचे और राहत सामग्री समय पर मिले। मुख्यमंत्री श्री साय ने आम नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आवश्यकता की स्थिति में तुरंत स्थानीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि प्रशासन और जनता के सामूहिक सहयोग से हम इस आपदा पर शीघ्र काबू पाएंगे और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन जल्द बहाल होगा।

रायपुर : मंत्रिपरिषद के निर्णय : दिनांक – 19 अगस्त 2025

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –  1)    मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली  के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी।         इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए। 2)    मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।          इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।