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चिन्नास्वामी स्टेडियम को फिर से मैच आयोजित करने की अनुमति नहीं, कोहली की वापसी का सपना टूटा

बेंगलुरु बेंगलुरु का एम चिन्नास्वामी स्टेडियम एक बार फिर विराट कोहली की वापसी का गवाह नहीं बन पाएगा, क्योंकि इस वेन्यू को दोबारा मैच आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई है. यह फैसला स्टेडियम के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर तब जब इसे अगले सीजन इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) मैचों की मेजबानी के लिए सैद्धांतिक रूप से हरी झंडी मिल चुकी थी. 4 जून को आईपीएल जीत के बाद आरसीबी के विक्ट्री परेड में हुई भगदड़ की घटना के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबले हटा दिए गए थे. इसके बाद कर्नाटक सरकार ने स्टेडियम की संरचनात्मक और सुरक्षा से जुड़ी खामियों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था. समिति की रिपोर्ट में कई गंभीर कमियों को उजागर किया गया और दर्शकों व खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी बदलावों की सिफारिश की गई. देशभर में 50 ओवर के घरेलू सीजन के दोबारा शुरू होने के साथ ही कर्नाटक सरकार ने एक बार फिर ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के कमिश्नर की अगुआई में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की, ताकि चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्रिकेट मैच कराए जाने की संभावनाओं का आकलन किया जा सके. यह कदम तब उठाया गया, जब कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) ने 24 दिसंबर को विजय हज़ारे ट्रॉफी का मुकाबला आयोजित करने की अनुमति मांगी थी और प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया था कि मैच दर्शकों के बिना कराया जाएगा. अब यहां खेला जाएगा मैच चिन्नास्वामी स्टेडियम को दिल्ली बनाम गुजरात मुकाबले के लिए निर्धारित किया गया था, जहां विराट कोहली की घरेलू क्रिकेट में वापसी होने की उम्मीद थी. हालांकि, ऐन वक्त पर सरकारी अधिकारियों ने मंजूरी रोक दी, जिसके चलते आयोजकों को मुकाबला बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शिफ्ट करना पड़ा. बेंगलुरु पुलिस आयुक्त ने क्या कहा बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमंथ कुमार सिंह ने मंगलवार को मैच से ठीक एक दिन पहले इस घटनाक्रम की पुष्टि की. मीडिया से बातचीत में सीमंथ कुमार सिंह ने कहा, 'आप लोगों (मीडिया) के बीच यह भ्रम हो सकता है कि चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच की अनुमति है या नहीं. इसमें किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए. जैसा कि आप जानते हैं, हमारी समिति वहां गई थी. समिति की सिफारिशों के आधार पर अनुमति को खारिज कर दिया गया है. इसलिए कल वहां कोई मैच नहीं होगा.' मैचों के लिए असुरक्षित है चिन्नास्वामी एम चिन्नास्वामी स्टेडियम को 4 जून की भगदड़ की जांच के लिए गठित जस्टिस कुन्हा आयोग ने मैचों के लिए असुरक्षित घोषित किया था. आयोग ने सामूहिक प्रवेश और निकास के लिए पर्याप्त गेट, सार्वजनिक सड़कों से अलग बनाए गए कतार और आवागमन क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप आपातकालीन निकासी योजनाएं, पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं समेत कई अहम सिफारिशें की थीं.

बेंगलुरु का चिन्नास्वामी स्टेडियम सेफ नहीं! क्या रद्द होंगे बड़े क्रिकेट मुकाबले?

बेंगलुरु इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की खिताबी जीत के बाद बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में विक्ट्री परेड हुई थी. विक्ट्री परेड के दौरान ही चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई थी, जिसमें 11 लोग मारे गए थे. जबिक 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे. चिन्नास्वामी भगदड़ की जांच के लिए जस्टिस जॉन माइकल डी'कुन्हा की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया गया था. इस न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को कर्नाटक कैबिनेट ने हाल ही में मंजूरी दी थी. ईएसपीएन क्रिकइंफो के मुताबिक न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट में बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम को बुनियादी रूप से असुरक्षित करार दिया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि चिन्नास्वामी स्टेडियम की मौजूदा संरचना बड़े आयोजनों के लिए अनुपयुक्त और खतरनाक है. स्टेडियम में ना तो पर्याप्त एंट्री/एग्जिट गेट्स हैं, ना ही इस स्टेडियम के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर का आपातकालीन निकासी प्लान है. स्टेडियम के आसपास की सड़कें काफी व्यस्त हैं. साथ ही पार्किंग के लिए भी सीमित जगह है. वर्ल्ड कप और IPL मैचों पर संशय! चिन्नास्वामी स्टेडियम में महिला वर्ल्ड कप 2025 के कम से कम 4 मुकाबले होने हैं. अगर पाकिस्तानी टीम इस टूर्नामेंट के फाइनल में नहीं पहुंचती है तो खिताबी मुकाबला भी यहीं खेला जाएगा. साथ ही चिन्नास्वामी स्टेडियम अगले साल IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) और WPL (वूमेन्स प्रीमियर लीग) मैचों की मेजबानी करने वाला है. हालांकि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब इस वेन्य पर इंटरनेशनल और अन्य मुकाबलों के आयोजन पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. कर्नाटक सरकार ने चूंकि न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है, जिसके चलते RCB, KSCA (कर्नाटक क्रिकेट संघ), DNA एंटरटेनमेंट और बेंगलुरु पुलिस के अधिकारियों पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक विक्ट्री परेड के दौरान सिर्फ 79 पुलिसकर्मी मैदान में तैनात थे, बाहरी हिस्से में कोई भी नहीं था. कोई एम्बुलेंस भी नहीं था और संयुक्त पुलिस आयुक्त घटना के 30 मिनट बाद पहुंचे. न्यायिक आयोग ने सिफारिश की है कि बड़े आयोजनों को सिर्फ उन्हीं स्टेडियमों में कराया जाए जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हों.