samacharsecretary.com

एग्जाम ड्यूटी पर बड़ा फैसला: पंजाब यूनिवर्सिटी ने स्टाफ का मेहनताना बढ़ाया

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) प्रशासन ने परीक्षाओं के दौरान ड्यूटी निभाने वाले स्टाफ के मान भत्ते में वृद्धी करते हुए नया सर्कुलर जारी कर दिया है। यह फैसला यूनिवर्सिटी और इससे संबंधित 200 कॉलेजों के करीब ढाई लाख विद्यार्थियों की परीक्षाओं के प्रबंधों में जुटे स्टाफ के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। सर्कुलर के अनुसार अंडरग्रेजुएट पेपर सैंटरों के लिए 850 रुपये और Ph. D. थीसिस के  मुल्याकन के लिए 5000 रुपये मेहनताना तय किया गया है। विदेशी ग्जामिनर्स के लिए यह रकम बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा बोर्ड ऑफ फाइनेंस की मीटिंग में सुपरिंटेंडेंट, क्लर्क और इलेक्ट्रीशियन के मेहनताना में 20 परसेंट बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है। यह सुधार रिसर्च स्कॉलर्स की लंबे समय से चली आ रही कोशिशों का नतीजा है। सामाजिक कार्य विभाग के रिसर्च स्कॉलर शीशपाल शिओकंड की लीडरशिप में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को एक मांग पत्र दिया गया था, जिसमें कहा गया कि मौजूदा 300 रुपये की दर एग्जाम ड्यूटी की जिम्मेदारी और समय के हिसाब से बहुत कम है। शीशपाल ने इस फैसले को सभी टीचर्स, रिसर्चर्स और नॉन-टीचिंग स्टाफ की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला एकेडमिक सिस्टम में उनके रोल की अहमियत को मानता है। नए रेट्स में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोफेशनल एग्जामिनेशन के लिए 1200 रुपये प्रति सेमेस्टर और एम. फिल थ्योरी एग्जामिनेशन के लिए 1200 रुपये तय किए गए हैं। 

एग्जाम सेंटर पर बड़ी चूक: 4 शिक्षकों की ड्यूटी, मौजूद रहा सिर्फ एक- SDM सख्त

बिलासपुर. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोंगसरा में वार्षिक परीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई है। 9 वीं और 11वीं कक्षा की परीक्षा के लिए विद्यालय में कुल 4 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन परीक्षा प्रारंभ होने के बाद केवल एक शिक्षक ही केंद्र पर मौजूद रहे. बाकी के शिक्षकों के विद्यालय नहीं पहुंचने से व्यवस्था प्रभावित हुई। कोटा विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोगसरा में 9वीं और 11वीं का वार्षिक परीक्षा हो रही हैं, सोमवार को परीक्षा के लिए विद्यालय में कुल चार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन परीक्षा प्रारंभ होने के बाद भी सुबह 9:30 बजे तक केवल एक शिक्षक कौशल कुरें ही केंद्र पर मौजूद रहे। बाकी के तीन शिक्षक विद्यालय में उपस्थित नहीं थे, जिससे परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होती नजर आई। ऐसे में पूरी परीक्षा व्यवस्था एक ही शिक्षक कौशल कुर्रे के भरोसे संचालित होती रही। इनके द्वारा अकेले ही बच्चों को प्रश्न उत्तर पुस्तिका का वितरण कर सभी बच्चों के कक्षाओं की देखरेख भी कर रहे थे। अभिभावकों और ग्रामीणों में इसे लेकर नाराजगी देखी जा रही है। ट्रेन से आना-जाना करते हैं शिक्षक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोंगसरा में पदस्थ अधिकतर शिक्षक बिलासपुर में निवास करते हैं, जिससे शिक्षक रोजाना ट्रेन के माध्यम से खोंगसरा तक आते-जाते हैं। समय पर ट्रेन न मिलना या देरी होना सीधे तौर पर स्कूल की व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। यही वजह है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण दिन पर भी शिक्षक समय पर केंद्र तक नहीं पहुंच सके। इस मामले पर कोटा एसडीएम अरविंद कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी, जानकारी सत्य पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।