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मोबाइल कैमरा ही काफी, गूगल AI देगा रीयल-टाइम जवाब

नई दिल्ली आपके आसपास कई बार बहुत कुछ ऐसा दिखता है, जिसके बारे में पता नहीं होता। अब इसी समस्या को गूगल AI मोड में लाइव सर्च से दूर किया गया है। मोबाइल निकालिए, फोटो लीजिए, फिर गूगल बता देगा कि फोटो में दिख रही चीज क्या है? किचन में कुछ खाने के लिए बनाना है तो सामान दिखाइए, गूगल बता देगा कि कैसे बना सकते हैं? नए अपडेट के बाद गूगल से सिर्फ लिखकर या बोलकर ही नहीं, उससे इंसानों की तरह बातचीत करते हुए भी जानकारी ले सकते हैं। गूगल सर्च की वाइस प्रेजिडेंट (प्रोडक्ट मैनेजमेंट) हेमा बुडाराजू ने बताया कि भारत गूगल के लिए सबसे बड़ा वॉइस और विजुअल सर्च मार्केट है। यानी यहां के लोग बोलकर या कैमरे से सर्च करने में दुनिया में सबसे आगे है। यही वजह है कि कंपनी ने इस तकनीक को अमेरिका के बाद भारत में शुरू करने की तैयारी की है। एआई का इस्‍तेमाल हर क्षेत्र में बढ़ रहा है। आप भी पीछे ना रहें। एआई के बारे और गहराई से जानने के लिए NBT Upskill AI से करियर ग्रोथ वर्कशॉप में रजिस्टर करें। क्या है AI Mode और Search Live? अब तक हम गूगल पर कोई सवाल टाइप करते थे या वॉयस सर्च से बोलकर पूछते थे। लेकिन अब AI Mode में गूगल न सिर्फ आपका सवाल समझेगा, बल्कि आपसे आगे बात भी करेगा। और Search Live इसमें नया ट्विस्ट लाता है। अब आप गूगल के साथ लाइव बातचीत कर सकते हैं। आप कैमरा ऑन कर सकते हैं, चीजें दिखा सकते हैं और साथ ही पूछ सकते हैं कि यह क्या है या इसका क्या करना चाहिए? मान लीजिए, आप घर पर शाही पनीर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सामने रखे सारे सामान को कैमरे में दिखाकर पूछिए… इन चीजों से शाही पनीर कैसे बनाएं? गूगल तुरंत जवाब देगा और स्टेप-बाय-स्टेप बताएगा कि कैसे परफेक्ट शाही पनीर बना सकते हैं। कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं?     अपने फोन में Google App खोलें।     सर्च बार के नीचे Live आइकन पर टैप करें।     या फिर Google Lens खोलें और नीचे Live ऑप्शन चुनें।     अब कैमरा ऑन करें और बोलकर या टेक्स्ट में सवाल पूछें। 7 भारतीय भाषाओं में AI मोड गूगल सर्च ने AI Mode को अब 7 नई भारतीय भाषाओं, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, मराठी, तमिल, तेलुगु और उर्दू में भी शुरू करने की तैयारी की है। यानी अब हर कोई अपनी पसंदीदा भाषा में गूगल से बात कर सकेगा। हेमा बुडाराजू ने कहा कि यह सिर्फ ट्रांसलेशन नहीं है, बल्कि इसका AI Gemini Model हर भाषा की बारीकियों को समझने में सक्षम है। मतलब, अगर आप स्थानीय अंदाज में बात करेंगे, तो भी AI आपकी बात को समझकर सही जवाब देगा।

गूगल के एआई में बग खोजो, पाओ 26 लाख रुपये तक का इनाम

गूगल ने बड़े-बड़े हैकर्स और एक्सपर्ट्स को चैलेंज दिया है कि वो उसके AI सिस्टम में खामियां खोजकर दिखाएं। सिस्टम को और सुरक्षित बनाने के लिए एक नया बग बाउंटी प्रोग्राम शुरू किया गया है। इस प्रोग्राम में सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स और एथिकल हैकर्स को गूगल के AI सिस्टम में बग खोजने के लिए आमंत्रित किया गया है। अगर कोई गंभीर खामी मिलती है, तो गूगल इसके लिए 30 हजार डॉलर यानी करीब 26 लाख तक का ईनाम दे सकती है। यह प्रोग्राम गूगल के पुराने Vulnerability Reward Program का हिस्सा है, लेकिन अब इसका ध्यान AI की दुनिया पर है। यह पहली बार नहीं है जब गूगल ऐसा कर रहा है, इससे पहले कई रिसर्चर खामी खोजकर 4 लाख 30 हजार डॉलर कमा चुके हैं। किस तरह का AI बग खोजना है? गूगल ने यह भी बताया है कि किस तरह की खामियां खोजने पर ईनाम मिलेगा। मसलन, अगर कोई हैकर गूगल होम को धोखा देकर स्मार्ट दरवाजे का ताला खोल देता है या कोई छुपी हुई कमांड इस्तेमाल करके जीमेल से किसी के ईमेल की समरी निकालकर तीसरे व्यक्ति को भेज देता है। उसे एक गंभीर AI बग माना जाएगा। गूगल ऐसी खतरनाक खामियों को पहले से ढूंढना चाहता है ताकि इनका असल दुनिया में गलत इस्तेमाल न हो। एआई को लेकर कंपन‍ियां क‍ितनी गंभीर हैं, इसका पता गूगल के चैलेंज से चलता है। दुन‍िया की द‍िग्‍गज कंपन‍ियां अपने एआई सिस्‍टम को मजबूत बनाना चाहती हैं। एआई में भव‍िष्‍य बनाकर आप भी संवार सकते हैं अपनी क‍िस्‍मत। NBT Upskill AI से करियर ग्रोथ वर्कशॉप में रजिस्टर करें। इतने डॉलर कमा सकते हैं आप गूगल ने अपने मेन प्रोडक्ट्स जैसे- गूगल सर्च, जीमेल, ड्राइव और जेमिनी ऐप्स में खामियां ढूंढने के लिए सबसे ज्यादा ईनाम रखा है, जो 20 हजार डॉलर तक हो सकता है। अगर कोई रिपोर्ट बहुत खास या नई तरह की हो, तो बोनस के साथ यह राशि 30 हजार डॉलर तक पहुंच सकती है। गूगल का कहना है कि पिछले दो सालों में रिसर्चर्स ने AI से जुड़े खतरों को उजागर करके 4 लाख 30 हजार डॉलर से ज्यादा कमा लिए हैं। गूगल लाया कोडमेंडर टूल इस प्रोग्राम के साथ-साथ गूगल ने एक नया AI टूल लॉन्च किया है, जिसका नाम है कोडमेंडर। यह टूल ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर में सिक्योरिटी खामियों को अपने आप ढूंढता और ठीक करता है। अब तक कोडमेंडर ने 70 से ज्यादा खामियों को ठीक किया है। गूगल का कहना है कि इस तरह के टूल दिखाते हैं कि AI न सिर्फ खतरों को ढूंढ सकता है, बल्कि तकनीक को और सुरक्षित बनाने में भी मदद कर सकता है।