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झामुमो में शामिल हुए पूर्व नेता उत्तम यादव

रांची. झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का झामुमो से जुड़ने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में झाविमो के पूर्व नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता उत्तम यादव ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। रांची के किशोरगंज स्थित एक स्कूल में सदस्यता ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री एवं झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उत्तम यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने पार्टी की सदस्यता ली। झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पाण्डेय की मौजूदगी में सभी नव-प्रवेशी सदस्यों ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। 'समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प' इस अवसर पर विनोद कुमार पाण्डेय ने सभी नए कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्र पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में झामुमो की विचारधारा, नीति और सिद्धांतों की जानकारी दी तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने हेमंत सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। साथ ही राज्य के समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी दिलाया। झामुमो की सदस्यता लेने के बाद क्या बोले उत्तम? झामुमो की सदस्यता लेने के बाद उत्तम यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने अपने समर्थकों के साथ झामुमो की सदस्यता ग्रहण की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सिद्धांतों और विचारों को जन-जन तक पहुंचाना उनका उद्देश्य रहेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में पूरी राजधानी झामुमोमय होगी और बड़ी संख्या में युवाओं को पार्टी से जोड़ा जाएगा। इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट संदेश गया कि झारखंड की जनता का विश्वास तेजी से झामुमो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर मजबूत हो रहा है।

JMM और BJP ने CM हेमंत पर सियासी कयासों को किया खारिज, बयानबाज़ी में बढ़ी तल्खी

रांची झारखंड में जेएमएम और एनडीए गठबंधन के आपस में मिलने की अटकलें तेज हैं। झारखंड में कोई बड़ा राजनीतिक खेला होने के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं, इन अटकलों पर झामुमो महासचिव विनोद पांडेय और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने विराम लगा दिया है। भाजपा का काम सिर्फ साजिश रचना है झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा का काम सिर्फ साजिश रचना है। इस बार भी वह यही कर रही है, लेकिन झामुमो के तीन शब्दों 'झारखंड झुकेगा नहीं' मात्र से न सिर्फ अफवाहों पर विराम लग गया, बल्कि भाजपा को सशक्त संदेश भी मिल गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता सब देख और समझ रही है। भाजपा को जनादेश का अपमान करने से बाज आना चाहिए और सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए। इसके बाद झामुमो यूथ विंग ने भी पोस्ट करते हुए कहा 'हेमंत सोरेन नाम ही काफी है। संघर्ष से सीखा है, सेवा से जीता है और न्याय के लिए लड़ना आता है।' भाजपा और झामुमो नदी नहीं समुद्र के दो अलग-अलग किनारे हैं वहीं, इन अटकलों पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा और झामुमो नदी नहीं समुद्र के दो अलग-अलग किनारे हैं। दोनों का मेल कभी नहीं हो सकता। भविष्य में साथ आने की कोई संभावना नहीं है। झामुमो नेतृत्व वाली सरकार तुष्टिकरण करती है।  

चंपई सोरेन के बेटे को बड़ा झटका, घाटशिला में JMM ने बनाई मजबूत बढ़त

 घाटशिला  घाटशिला उपचुनाव के लिए मतगणना सुबह 8 बजे से ही जारी है। मतगणना कुल 15 टेबल पर 20 राउंड में की जा रही है। वहीं, आज इंतजार खत्म हो जाएगा कि घाटशिला की जनता ने किसे अपना जनप्रतिनिधि चुना है और यह सीट किसके नाम जाएगी। घाटशिला विधानसभा उपचुनाव 2025 की मतगणना में छठे राउंड के परिणाम सामने आ चुके हैं, जिसमें इंडिया गठबंधन (जेएमएम) के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन ने भाजपा के प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन पर मजबूत बढ़त बना ली है। छठे राउंड के बाद वोटों के बाद झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन 27,467 वोट, बाबूलाल सोरेन (BJP): 21,250 वोट, रामदास मुर्मू (JLKM): 6,061 वोट मिले। वर्तमान में, सोमेश चंद्र सोरेन (जेएमएम) अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बाबूलाल सोरेन (BJP) से 6,217 मतों के अंतर से आगे चल रहे हैं। मतगणना – राउंड 05     1. बाबूलाल सोरेन, भाजपा- 16794     2. सोमेश चंद्र सोरेन, झामुमो- 23898     3. पंचानन सोरेन, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) -203     4. पार्वती हांसदा, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया(डेमोक्रेटिक) – 89     5. रामदास मुर्मू, जेएलकेएम-5652     6. नारायण सिंह, निर्दलीय प्रत्याशी-70     7. परमेश्वर टुडू, निर्दलीय-53     8. बसंत कुमार तोपनो, निर्दलीय-37     9. मनसा राम हांसदा, निर्दलीय प्रत्याशी-331     10. मनोज कुमार सिंह, निर्दलीय- 123     11. रामकृष्ण कांति माहली, निर्दलीय- 76     12. विकास हेम्ब्रम, निर्दलीय-236     13. डॉ. श्रीलाल किस्कू, निर्दलीय- 379     14. NOTA- 712  

JMM को घाटशिला में बड़ा नुकसान, महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं ने थामा भाजपा का दामन

घाटशिला घाटशिला विधानसभा सीट पर मतदान कल यानी 11 नवंबर को कराया जाएगा। 14 नवंबर को मतगणना होगी। वहीं, घाटशिला उपचुनाव से पहले झामुमो को बड़ा झटका लगा है। झामुमो ने जनता को केवल निराश किया दरअसल, बीते रविवार को झामुमो महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष लिली भगत के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने झामुमो पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा नेता चंपई सोरेन ने नए सदस्यों का स्वागत किया। इस दौरान चंपई सोरेन ने कहा कि अब जनता का रुझान साफ दिखने लगा है। घाटशिला से परिवर्तन की शुरुआत हो चुकी है। जनता झूठे वादों से ऊब चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जता रही है। चंपई सोरेन ने कहा कि यह सिर्फ पार्टी परिवर्तन नहीं, बल्कि “विचारधारा का बदलाव” है। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास और पारदर्शिता की राजनीति करती है, जबकि झामुमो ने जनता को केवल निराश किया है। बता दें कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपाई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं। ज्ञात हो कि रामदास सोरेन एक साल से ज्यादा समय से किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका 15 अगस्त को एक अस्पताल में निधन हो गया था। इसी के कारण घाटशिला सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी।  

घाटशिला उपचुनाव: झामुमो का तीर या भाजपा का कमल — जनता किसका देगी साथ?

घाटशिला घाटशिला उपचुनाव नजदीक है। 11 नवंबर को घाटशिला सीट पर चुनाव कराया जाएगा। वहीं, बता दें कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन, झामुमो के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के उम्मीदवार रामदास मुर्मू के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है जिससे घाटशिला विधानसभा उपचुनाव दिलचस्प बन गया है। बता दें कि कुल 13 प्रत्याशी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगे। 13 में से 9 प्रत्याशी पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच है। एक तरफ झामुमो अपने दिवंगत नेता रामदास सोरेन की विरासत पर भरोसा जता रहे है तो दूसरी ओर, भाजपा नेता चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन मोदी सरकार की योजनाओं के दम पर मैदान में उतरे हैं, लेकिन झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रत्याशी रामदास मुर्मू ने मैदान में उतरकर इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए इसकी संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपाई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं। ज्ञात हो कि रामदास सोरेन एक साल से ज्यादा समय से किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका 15 अगस्त को एक अस्पताल में निधन हो गया था। इसी के कारण घाटशिला सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी जिसके लिए 11 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस निर्वाचन क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से लगभग पांच प्रतिशत अधिक है। 2,56,252 मतदाताओं में से 1,31,180 महिलाएं और 1,25,078 पुरुष मतदाता हैं।  

बिहार चुनाव: JMM के लिए चर्चा जारी, सुदिव्य कुमार सोनू ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की

रांची झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को उन सीटों के बारे में सूचित कर दिया है, जिन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) बिहार में चुनाव लड़ने को इच्छुक है। घाटशिला सीट पारंपरिक रूप से झामुमो का गढ़ रही है बिहार विधानसभा के लिए दो चरणों में, छह नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होना है तथा मतगणना 14 नवंबर को होगी। सोनू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने हाल में पटना में एक बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा की थी, जिसमें झामुमो की भागीदारी से ‘इंडिया' गठबंधन को मिलने वाले संभावित लाभों को रेखांकित किया गया था, विशेष रूप से मतों के एकीकरण के संदर्भ में। मंत्री ने कहा कि उन्होंने छह अक्टूबर को राजद के साथ हुई गठबंधन की बैठक में ये मुद्दे उठाए थे। मंत्री ने बताया कि उसी बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राजद नेता तेजस्वी यादव आपस में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। घाटशिला में 11 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के बारे में सोनू ने कहा कि यह सीट पारंपरिक रूप से झामुमो का गढ़ रही है। मालूम हो कि घाटशिला उपचुनाव मतदान 11 नवंबर को होगा जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस निर्वाचन क्षेत्र में 2.56 लाख मतदाता हैं, जिनमें 1.31 लाख महिला मतदाता हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कुल 231 स्थानों पर 300 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।  

JMM केंद्रीय समिति का बड़ा फैसला: दिवंगत रामदास सोरेन के पुत्र होंगे घाटशिला उम्मीदवार

घाटशिला घाटशिला से दिवंगत मंत्री और घाटशिला के पूर्व विधायक रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश सोरेन चुनाव लड़ेंगे। झामुमो ने इसकी घोषणा कर दी है। घाटशिला विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए झामुमो ने सोमेश सोरेन पर भरोसा जताया है। पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक में सर्वसम्मति से सोमेश सोरेन को उम्मीदवार बनाए जाने का फैसला लिया गया। केंद्रीय समिति की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में यह निर्णय लिया गया। पार्टी का मानना है कि सोमेश अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं और स्थानीय जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ है। मालूम हो कि शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला विधानसभा सीट खाली हुई है। वहीं, भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन चुनाव लड़ेंगे। घाटशिला विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर बाबूलाल सोरेन पर भरोसा जताया है। बाबूलाल सोरेन ने 2024 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा था जिसमें वह दिवंगत शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन से पराजित हो गये थे।

JMM का बिहार में बड़ा दांव, 12 सीटों का दावा और तेजस्वी यादव से संभावित बैठक आज

रांची बिहार विधानसभा चुनाव में हिस्सेदारी को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुदिव्य कुमार सोनू और विनोद पांडे आज पटना में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात करेंगे। पार्टी अध्यक्ष और सीएम हेमंत सोरेन ने दोनों को बातचीत करने के लिए इसकी कमान सौंपी है।   पार्टी सूत्रों के मुताबिक झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी राज्य की सीमावर्ती 12 विधानसभा सीटों पर दावेदारी के साथ महागठबंधन में सम्मानजनक भागीदारी की तैयारी में जुट गई है। झामुमो की नजर बिहार के तारापुर, कटोरिया, मनिहारी, झाझा, बांका, ठाकुरगंज, रुपौली, रामपुर, बनमनखी, जमालपुर, पीरपैंती और चकाई सीटों पर है। इन जिलों की सीमा झारखंड से लगती है और यहां झामुमो का वोटबैंक मजबूत माना जाता है। पार्टी का दावा है कि इन इलाकों में संगठन की जमीनी पकड़ अच्छी है और अतीत में उसके विधायक भी यहां से चुने जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि सितंबर महीने में झामुमो अध्यक्ष और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पटना में हुई ‘वोटर अधिकार रैली' के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी, लेकिन तब सीट शेयरिंग पर कोई चर्चा नहीं हो सकी थी। इस बार बैठक को लेकर झामुमो काफी गंभीर है और पार्टी नेताओं को मजबूत तुकरं के साथ सीट शेयरिंग की बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है। ज्ञातव्य है कि पिछले साल हुए झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान झामुमो ने महागठबंधन धर्म निभाते हुए राजद को 7 सीटें दी थीं, जिनमें से पार्टी ने 4 सीटों पर सफलता पाई थी। झामुमो अब इसी तर्ज पर बिहार में 12 सीटों की मांग कर रहा है। पार्टी का तर्क है कि गठबंधन धर्म में उसे भी वही सम्मान और हिस्सेदारी मिलनी चाहिए, जैसा उसने झारखंड में सहयोगी दलों को दिया था।