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राजनीति अलग, खेल अलग — बॉयकॉट पर पाकिस्तान को कपिल देव की सख्त नसीहत

नई दिल्ली भारत के पूर्व वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल देव ने आने वाले टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करने के पाकिस्तान के फैसले की आलोचना की है। इससे पहले, शहबाज शरीफ सरकार ने टीम को टूर्नामेंट में तो हिस्सा लेने को कहा लेकिन भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने का ऐलान किया था! कपिल देव ने कहा कि अगर यह फैसला खिलाड़ियों की तरफ से आता, तो इस पर विचार किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि इससे खिलाड़ियों की पीढ़ी खत्म हो जाएगी और लोग उनसे आगे बढ़ जाएंगे। कपिल देव ने कहा, ‘अगर फैसला खिलाड़ियों ने लिया है, तो वे सामने आकर कह सकते हैं। लेकिन, अगर बोर्ड कहता है कि आप नहीं खेलेंगे, तो देश की रेप्युटेशन कम होती है। पाकिस्तान के लिए यह अच्छा नहीं लग रहा है। आप पीढ़ी को खत्म कर रहे हैं। पाकिस्तान ने हमें इतने सालों में शानदार टैलेंट दिया है। लेकिन अगर आप इन लड़कों को वर्ल्ड कप में खेलने नहीं देंगे, तो आप पीढ़ी को खत्म कर रहे हैं और खेल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आप अपने ही खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी कर रहे हैं।’ कपिल देव ने कहा कि अगर वे भारत के खिलाफ मैचों का बॉयकॉट करते हैं, तो वे फैंस खो देंगे, और लोग उनसे आगे बढ़ जाएंगे। उन्होंने आगे कहा, "भावनाओं और दर्शकों पर असर पड़ेगा। लेकिन, लंबे समय में, कोई भी उन्हें मिस नहीं करेगा। लोग इसके बारे में लंबे समय तक नहीं सोचेंगे, और वे आखिरकार आगे बढ़ जाएंगे।" दूसरी ओर, आईसीसी ने चेतावनी दी है कि इस तरह के फैसले का पाकिस्तान के क्रिकेट भविष्य पर असर पड़ेगा। आईसीसी की एक प्रेस रिलीज में लिखा है, "आईसीसी को उम्मीद है कि पीसीबी अपने देश में क्रिकेट पर इसके बड़े और लंबे समय तक चलने वाले असर पर विचार करेगा, क्योंकि इससे ग्लोबल क्रिकेट इकोसिस्टम पर असर पड़ने की संभावना है, जिसका वह खुद सदस्य और फ़ायदा उठाने वाला है।" रविवार को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा गया था, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को आईसीसी वर्ल्ड टी20 2026 में हिस्सा लेने की मंज़ूरी दे दी है; हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी को भारत के ख़िलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।" इसके बाद आईसीसी के एक बयान में कहा, “चुनिंदा हिस्सा लेने की यह बात एक ग्लोबल स्पोर्टिंग इवेंट के बुनियादी आधार के साथ मेल नहीं खाती, जहां सभी क्वालिफ़ाइड टीमों से इवेंट शेड्यूल के अनुसार बराबर शर्तों पर मुकाबला करने की उम्मीद की जाती है।”

विश्व कप विजेता कपिल देव पहुंचे चित्तौड़गढ़, युवाओं में भरा जोश और आत्मविश्वास

चित्तौड़गढ़ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और 1983 विश्व कप विजेता टीम के महानायक कपिल देव गुरुवार को चित्तौड़गढ़ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित सांसद खेलकूद महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह को संबोधित करते हुए कपिल देव ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार द्वारा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए कई मंच उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सांसद खेलकूद प्रतियोगिता भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलता है और यही खिलाड़ी आगे चलकर देश का नाम रोशन करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके खेल के समय आज जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों को उपलब्ध नहीं थीं, लेकिन अब सरकार और विभिन्न संस्थाएं खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। इससे भारत में खेलों का भविष्य उज्ज्वल नजर आता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन का उल्लेख करते हुए कपिल देव ने कहा, “खून-पसीने की कमाई का मजा ही अलग होता है। अगर पूरी लगन और मेहनत से प्रयास किया जाए, तो उसका परिणाम अवश्य अच्छा आता है।” उन्होंने युवाओं से कहा कि जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति चैंपियन ही बने, लेकिन निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। कई बार अगली पीढ़ी वही सपना साकार करती है, जिसके लिए आज मेहनत की जाती है। कपिल देव ने कहा कि मेहनत का परिणाम हमारे हाथ में नहीं होता, लेकिन प्रयास पूरी तरह हमारे नियंत्रण में होता है। इसलिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए, सफलता निश्चित रूप से मिलेगी। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जिस तरह आज युवा खिलाड़ी धूप में कड़ी मेहनत कर रहे हैं, कभी वह स्वयं भी इसी तरह मैदान में बैठकर सीखते थे। आज उन्होंने जो कुछ हासिल किया है, वह उसी मेहनत और सीख का परिणाम है। इससे पूर्व इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचने पर कपिल देव का भव्य स्वागत किया गया। सांसद सीपी जोशी, जिला कलेक्टर आलोक रंजन, पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी, निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद्र कृपलानी, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह, कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर एवं बेगूं विधायक सुरेश धाकड़ ने उन्हें उपरणा ओढ़ाकर तथा विजय स्तंभ का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।