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सीएम हेमंत सोरेन बोले – कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक जयंती समाज में प्रेम और एकता का संदेश देती हैं

रांची आज यानी 5 नवंबर को देशवासी कार्तिक पूर्णिमा और प्रकाश पर्व मना रहे हैं। वहीं, सीएम हेमंत ने कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर सभी को बधाई दी है। सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और जोहार। आप सभी का जीवन समृद्ध, स्वस्थ और खुशहाल हो, यही कामना करता हूं।" वहीं, सीएम हेमंत ने एक और ट्वीट कर लिखा, "सेवा, सत्य, मानवता, समानता और करुणा की शिक्षा देने वाले श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के शुभ अवसर पर सभी को लख-लख बधाइयां।" बता दें कि हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है। कहते हैं कि इस दिन दान-स्नान करने वालों पर भगवान की विशेष कृपा रहती है। कार्तिक पूर्णिमा पर ही देव दिवाली का भी पर्व मनाया जाता है। ऐसा कहते हैं कि देव दिवाली पर देव लेक से देवी-देवता धरती पर दिवाली मनाने काशी के घाट आते हैं। इस दिन लक्ष्मी नारायण और भगवान शिव की पूजा का भी विधान है। वहीं, आज गुरु नानक देव की 556वीं जयंती भी मनाई जा रही है। गुरु नानक जयंती तो गुरु पर्व के नाम से भी जाना जाता है, जो कि सिखों का सबसे खास पर्व होता है। इस दिन को प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। गुरु नानक देव जी की करुणा, सद्भाव और सत्य की शिक्षाएं आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। गुरु नानक देव के उपदेश हमें इंसानियत और समानता का रास्ता दिखाते हैं। इस दिन देशभर के गुरुद्वारों को दीपों से सजाया जाता है, सुबह-सुबह नगर कीर्तन निकाले जाते हैं और जगह-जगह लंगर के रूप में सामूहिक सेवा की जाती है।  

छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और बंगाल से श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे, कार्तिक पूर्णिमा पर नर्मदा में डुबकी लगाई

अनूपपुर  पवित्र नगरी अमरकंटक में कार्तिक मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पतित पावनी पुण्यसलिला मां नर्मदा जी के कोटि तीर्थ, कुंड एवं रामघाट में बुधवार सुबह से ही श्रद्धालुओं, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भोर की पहली किरण के साथ ही भक्तों द्वारा पुण्य स्नान, पूजन-अर्चन और दीपदान का क्रम प्रारंभ हो गया। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम स्थल परिसर में दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मन्नत मांगी। घाटों पर दीपों की जगमगाहट और श्रद्धा से भरे स्वर वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहे हैं। नर्मदा मंदिर में भी भक्तगण भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। दर्शन के लिए श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा में हैं। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु, भगवान भोलेनाथ और कार्तिकेय देव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन किया गया स्नान, दर्शन और दीपदान अत्यंत फलदायी और शुभ फल प्रदान करने वाला माना गया है। कार्तिक पूर्णिमा के इस पुण्य पर्व पर अमरकंटक के घाटों, मंदिरों और मार्गों में भक्ति और उत्सव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।