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गैस संकट गहराया: राजस्थान में कमर्शियल सिलेंडर 2500 रुपए तक पहुंचा

-होटल्स, रेस्टोरेंट्स और थड़ी संचालकों पर असर, सीएम से की हस्ताक्षेप की मांग जयपुर,  अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का असर अब राजस्थान पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की सप्लाई बाधित होने से प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत हो गई है। इसका सबसे बुरा असर जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे पर्यटन शहरों के होटल्स, रेस्टोरेंट्स और थड़ी संचालकों पर पड़ रहा है। 30 फीसदी से ज्यादा बढ़े दाम सप्लाई चेन टूटने का फायदा अब बिचौलिये और कालाबाजारी करने वाले उठा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर में जिस कमर्शियल सिलेंडर की आधिकारिक कीमत करीब 1911 रुपए है, वह अब चोर बाजार में 2500 रुपए तक में बेचा जा रहा है। जयपुर में रेस्टोरेंट चलाने वाले शख्स ने बताया कि रेस्टोरेंट शुरू किए अभी दो महीने ही हुए हैं। पहले सिलेंडर 1650 रुपए में मिलता था, फिर 1900 रुपए हुआ और अब 2500 रुपए मांग रहे हैं। इतनी महंगी गैस में दाल फ्राई और अन्य व्यंजन बनाना घाटे का सौदा हो रहा है। किराया और स्टाफ की सैलरी निकालना मुश्किल है। रिपोर्ट के मुताबिक झीलों की नगरी उदयपुर में स्थिति और भी गंभीर है। वर्तमान में शादियों का सीजन चल रहा है और विदेशी पर्यटकों की आवक भी ज्यादा है। ऐसे में गैस की कमी ने होटल व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। उदयपुर होटल एसोसिएशन के पूर्व सचिव ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार हमें कमर्शियल गैस इस्तेमाल करने के लिए पाबंद करती है, लेकिन संकट आते ही सबसे पहले हमारी ही सप्लाई काट दी जाती है। उदयपुर के 500 होटल और 1500 रेस्टोरेंट आज अधर में हैं। एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने बताया कि सप्लाई बाधित होने से न केवल व्यापार चौपट हो रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर की छवि भी खराब हो रही है। होटल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने और गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।  

पटना DM बोले- ‘पैनिक होकर न करें बुकिंग, LPG की कमी नहीं’

पटना. पटना जिले में एलपीजी गैस को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक होकर गैस सिलेंडर की बुकिंग न करें। उन्होंने कहा कि सभी गैस कंपनियों और वितरकों के पास पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के सभी डिस्ट्रिब्यूटर्स और गैस कंपनियों के पास पर्याप्त मात्रा में एलपीजी का स्टॉक मौजूद है। उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से की जा रही है। ऐसे में लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि गैस बुकिंग की व्यवस्था पहले की तरह ही जारी है। उपभोक्ता मिस्ड कॉल, एसएमएस, आईवीआरएस, व्हाट्सएप और ओटीपी के माध्यम से बुकिंग कर सकते हैं। यह पूरी प्रणाली अभी भी सुचारू रूप से काम कर रही है। बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर जरूरी प्रशासन के अनुसार एलपीजी गैस की एक बुकिंग और अगली बुकिंग के बीच 25 दिनों का अंतराल निर्धारित किया गया है। उपभोक्ताओं को इसी निर्धारित अवधि के बाद ही अगली बुकिंग करनी चाहिए। इस व्यवस्था से सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस उपलब्ध कराना आसान होता है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस विषय पर गैस कंपनियों के एरिया ऑफिसर्स और फील्ड ऑफिसर्स के साथ समीक्षा बैठक की गई है। बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति), विशिष्ट पदाधिकारी अनुभाजन और सभी अनुमंडल पदाधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में जिले में गैस आपूर्ति की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रशासन की स्थिति पर पूरी नजर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गैस आपूर्ति व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखें। कहीं भी किसी प्रकार की समस्या सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। ब्लैकमार्केटिंग और होर्डिंग पर सख्ती सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को गैस डीलरों और वितरकों के यहां नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर छापेमारी भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि ब्लैकमार्केटिंग और होर्डिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गड़बड़ी करने वालों पर दर्ज होगी प्राथमिकी जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी गैस की कालाबाजारी या जमाखोरी करती पाई गई तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर और बिना किसी परेशानी के गैस उपलब्ध हो सके।