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महासमुंद के किसानों को रबी फसल के लिए जलाशय से छोड़ा गया पानी

महासमुंद. किसानों की मांग और आवश्यकताओं को देखते हुए गत दिवस कोडार जलाशय से रबी फसल के लिए खेतों में पानी देने पर निर्णय लिया गया। महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा की पहल पर 5 जनवरी से ही खेतों में पानी दिए जाने का निर्णय लिया गया था, जिस पर आज अमल किया गया। जिले के कोडार जलाशय परियोजना (बायीं तट नहर प्रणाली से) वृहद परियोजना अंतर्गत पानी छोड़ा गया। कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला जल उपयोगिता समिति विनय कुमार लंगेह ने के लिए गए निर्णय अनुसार जल संसाधन के मुख्य कार्यपालन अभियंता कुमार खरे को पानी छोड़ने का निर्देश दिया। रबी सिंचाई के लिए कोडार वृहद परियोजना में बांयी तट नहर प्रणाली से 13 गांवों के 1600 हेक्टेयर क्षेत्र का रकबा सिंचाई सुविधा के लिए प्रस्तावित किया गया है। इन गांवों में बंजारी, घोंघीबाहरा, बनसिवनी, कौंदकेरा, सोरिद, चोरभट्ठी, नयापारा, परसदा, बेमचा, मुस्की, कांपा, खरोरा एवं बरोंडाबाजार शामिल हैं। इसके अलावा केशवा नाला जलाशय से भी पानी छोड़ा गया है।

महासमुंद : सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने जन चौपाल में सुनी लोगों की मांग एवं समस्याएं

महासमुंद जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित होने वाले जन चौपाल में आज जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने जिले के आमजनों की मांगों एवं समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए। जन चौपाल में 63 आवेदन प्राप्त हुए। जन चौपाल में आवेदकों ने एग्रीस्टैक पंजीयन, लंबित भुगतान, पीएम आवास, धान बिक्री, सीमांकन, अवैध कब्जा तथा अन्य समस्याओं व मांगो को लेकर आवेदन सौंपे। ग्राम लाफिनखुर्द निवासी हेमिनबाई ने सीलिंग भूमि हटाने हेतु आवेदन दिया। इसी तरह पिरदा निवासी रेशमलाल पटेल ने नॉमिनी जोड़कर धान खरीदी के संबंध में, ग्राम हरनादादर निवासी ढेलीबाई निराला ने धान बिक्री पंजीयन हेतु, ग्राम झारा दशरी बाई दीवान ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि के संबंध में, ग्राम बावनकेरा निवासी पीलाराम कुर्रे ने शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के संबंध में आवेदन सौंपा। सीईओ श्री नंदनवार ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदकों की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने कहा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

महासमुंद : 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा

महासमुंद : 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा प्रस्तावना का वाचन और विविध कार्यक्रम का आयोजन महासमुंद  केंद्र शासन के निर्देशानुसार 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में त्रिस्तरीय पंचायतों के समस्त प्रतिनिधि गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने कहा गया है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने बताया कि इस वर्ष का थीम हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान है। जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला पंचायत के सभा कक्ष में सुबह 10 बजे से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रस्तावना वाचन और चर्चा के तहत संविधान के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करने हेतु 26 नवंबर को दिन भर जिले में प्रीएम्बल रीडिंग रिले आयोजित की जाएगी। शैक्षिक संस्थानों एवं ग्राम पंचायतों को भी प्रस्तावना वाचन के निर्देश दिए गया हैं। राज्य से प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंस लिंक के माध्यम से रिले सम्मिलित होंगे एवं जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य हितधारकों से संविधान की महत्ता पर चर्चा करेंगे। सभी प्रतिभागी निर्धारित समय पर सामूहिक रूप से प्रीएम्बल का वाचन करेंगे। प्रीएम्बल वाचन के बाद प्रतिभागी संविधान के महत्व, उसके लाभ, पंचायत राज प्रणाली, महिलाओं के आरक्षण और ग्राम सभा की भूमिका पर संक्षेप में अपने विचार साझा करेंगे। इसके अलावा संविधान और अन्य बिंदुओं पर चर्चा, वाद-विवाद और क्विज़ जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित किए जाएंगे।

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर महासमुंद में जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन

प्रधानमंत्री मोदी  वर्चुअली जुड़े, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण रायपुर, महासमुंद जिला पंचायत सभाकक्ष में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नर्मदा ज़िले के डेडियापाड़ा से वर्चुअली शामिल हुए और दो बहुउद्देशीय केंद्रों का शुभारंभ एवं 13 छात्रावासों का शिलान्यास किया। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक संपत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह सहित जनजातीय समाज के प्रमुख उपस्थित थे। बिरसा मुंडा का संघर्ष आज भी प्रेरणा का स्रोत— मंत्री साहेब अपने संबोधन में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन त्याग, साहस और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अल्पायु में ही बड़ा आंदोलन खड़ा किया, जिसकी प्रेरणा आज भी जनजातीय समाज को दिशा देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने के निर्णय की सराहना की। जनप्रतिनिधियों ने बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि यह दिवस आदिवासी अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। वहीं बसना विधायक संपत अग्रवाल ने कहा कि बिरसा मुंडा का संघर्ष सामाजिक, सांस्कृतिक और अस्तित्व की रक्षा का महाआंदोलन था और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय समाज की उन्नति के लिए लगातार कार्य जारी हैं। प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं और हितग्राहियों का सम्मान कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही पीएम जनमन अंतर्गत 5 हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी सौंपी गई।महिला स्व सहायता समूहों को चक्रीय एवं सामुदायिक निवेश निधि के चेक तथा 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी तरह डेयरी फॉर्म स्थापना हेतु 2 लाभार्थियों को सहायता राशि एवंस्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं नक्सल प्रभावित परिवारों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिले में जनजातीय विकास के व्यापक कार्य— कलेक्टर लंगेह कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास हेतु पिछले एक वर्ष में—3025 आधार कार्ड, 1887 आयुष्मान कार्ड, 2102 बैंक खाते, 3099 राशन कार्ड और 1380 सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र बनाए गए। पीएम जनमन के तहत 678 आवास, 26 सड़कें, पेयजल, विद्युत और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएँ दी गईं। धरती आबा कार्यक्रम के तहत 308 गांवों में ग्रामीणों द्वारा विलेज एक्शन प्लान तैयार किया गया। विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण, समूहों के कार्यों की सराहना कार्यक्रम से पूर्व मंत्री एवं विधायकगणों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। स्व सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना की गई तथा स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।  बड़ी संख्या में हुई जनभागीदारी कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख, विभिन्न जनजातियों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, महिला स्व सहायता समूह की सदस्याएँ और स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।  

सुरक्षा और सम्मान साथ-साथ—महासमुंद में जरूरतमंदों को मिल रहा नियमित पेंशन लाभ

रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार की सामाजिक सुरक्षा पहलों ने महासमुंद जिले में बुजुर्गों, विधवाओं, निराश्रितों और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों को नियमित आर्थिक सहायता और जीवनयापन में सम्मान प्रदान किया जा रहा है। सितम्बर 2025 तक जिले में कुल 99,381 हितग्राहियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। इनमें—इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना से 34,310,राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना से 9,997,राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना अंतर्गत 973 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से 24,686,सुखद सहारा पेंशन योजना से 9,272 और मुख्यमंत्री पेंशन योजना अंतर्गत 20,143 पात्र लाभार्थियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।इन योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक स्थिरता मिली है, जिससे वे गरिमा के साथ जीवनयापन कर सकें। इसके अलावा, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत अब तक 54 जरूरतमंद परिवारों को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह अल्पकालिक सहायता परिवारों को मुश्किल समय में राहत पहुंचाने में कारगर सिद्ध हुई है।जिले में निराश्रित एवं निर्धन व्यक्तियों की सहायता अधिनियम तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन पहलों ने दिव्यांगजनों की गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को नई दिशा प्रदान की है। सामाजिक सुरक्षा और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों ने महासमुंद जिले में जरूरतमंदों के जीवन में राहत और आत्मसम्मान का माहौल बनाया है। सरकार की ये योजनाएँ समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों को सशक्त बनाकर खुशहाली की दिशा में सार्थक कदम सिद्ध हो रही हैं।

महासमुंद में 5 सितम्बर से लगेगा मोबाइल कैंप, श्रमिकों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ

महासमुंद  छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीयन नवीनीकरण और योजनाओं के आवेदन एवं निराकरण के लिए मोबाइल कैंप का आयोजन किया जा रहा है। श्रम पदाधिकारी ने बताया कि इन कैंपों का आयोजन विकासखंडवार अलग अलग तिथियों पर किया जाएगा। पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर एवं असंगठित कर्मकार के पंजीयन हेतु आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर एवं आय प्रमाण पत्र साथ लाएं। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, सरपंच एवं सचिव को निर्देशित किया गया है कि वे ग्राम पंचायतों में मुनादी कराएं, ताकि सभी श्रमिकों को इस कैंप की जानकारी दी जा सके। मोबाइल कैंप का आयोजन जिले में 5 सितम्बर से 15 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। जिसमें सरायपाली विकासखण्ड में 05 सितंबर को ग्राम कनकेवा में, 12 सितंबर को राफेल, 19 सितंबर को कुसमीसरार, 26 सितंबर को बरिहापाली, 06 अक्टूबर को बैदपाली, 10 अक्टूबर को अर्जुन्दा एवं 15 अक्टूबर को रूढ़ा में शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत 8 सितंबर को धनोरा में, 15 सितंबर को बरेकेलखुर्द, 22 सितंबर को कसीबहरा, 29 सितंबर को पिलवापाली, 7 अक्टूबर को अरंड एवं 13 अक्टूबर को छिंदौली में, बसना विकासखण्ड अंतर्गत 9 सितंबर को आमापाली में, 16 सितंबर को खरोरा, 23 सितंबर को परसकोल, 30 सितंबर को भूकेल, 8 अक्टूबर को चिमरकेल, 13 अक्टूबर को कायतपाली एवं 15 अक्टूबर को बिटांगीपाली में कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत 10 सितंबर को मोंगरापाली, 17 सितंबर को डोंगरगांव, 24 सितंबर को ख़ैरटखुर्द, 01 अक्टूबर को कलमीदादर, 9 अक्टूबर को तुपकबोरा, 14 अक्टूबर को गांजर में, महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत 11 सितंबर को उमरदा में, 18 सितंबर को सोरिद, 25 सितंबर को कौन्दकेरा, 3 अक्टूबर को जामली, 10 अक्टूबर को साराडीह एवं 14 अक्टूबर को बकमा में मोबाईल कैंप का आयोजन किया जाएगा।