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ईएफएल कप फाइनल में मैनचेस्टर सिटी की जीत, आर्सेनल को 2-0 से हराया

लंदन   मैनचेस्टर सिटी ने ईएफएल कप फाइनल में आर्सेनल को 2-0 से हराते हुए खिताब को अपने नाम किया। मैनचेस्टर की तरफ से फाइनल में निको ओ'रेली ने दूसरे हाफ में चार मिनट के अंदर दो गोल करते हुए टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। मैनचेस्टर सिटी ने यह 9वीं लीग ट्रॉफी जीती है। सिटी से ज्यादा खिताब अब सिर्फ लिवरपूल के नाम है। पेप गार्डियोला ने मैनचेस्टर सिटी मैनेजर के तौर पर यह मशहूर ट्रॉफी पांच बार जीती है, जो इंग्लिश फुटबॉल में एक रिकॉर्ड है। वह इस प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा सफलता पाने वाले मैनेजर के तौर पर ब्रायन क्लॉ, सर एलेक्स फर्ग्यूसन और जोस मोरिन्हो (जिन्होंने सभी ने चार-चार जीते) से आगे निकल गए हैं। काराबाओ कप सिटी बॉस के तौर पर पेप की पहली ट्रॉफी थी, जिसमें उन्होंने 2018 में आर्सेनल को 3-0 से हराया था।  उन्होंने अब उस विरासत में एक और नाम जोड़ लिया है और 1960 में प्रतियोगिता की शुरुआत के बाद से सबसे सफल मैनेजर बन गए हैं। हाफ टाइम के बाद सिटी ने आर्सेनल के मुकाबले ज्यादा बेहतर खेल दिखाया। मैनचेस्टर सिटी ने आर्सेनल को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया। आर्सेनल की टीम खिताबी मुकाबले में संघर्ष करती हुई नजर आई, जिसका पूरा फायदा सिटी ने उठाया। पूरे सीजन मैनचेस्टर सिटी की शानदार कप्तानी करने वाले कप्तान बर्नार्डो सिल्वा ने टीम के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने टीम की इस सफलता को सभी के लिए खास पल बताया। उन्होंने कहा, "यह सिटी में सभी के लिए बहुत गर्व का पल है। हमें यह प्रतियोगिता पसंद है और इस सीजन में शानदार प्रदर्शन करने वाले आर्सेनल को हराकर इसे जीतना वाकई खास है। मैनचेस्टर सिटी अब एक इंटरनेशनल ब्रेक पर होगी। टीम अब अपना अगला मुकाबला 4 अप्रैल को एफए कप के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में लिवरपूल के खिलाफ खेलेगी। गार्डियोला की टीम अगले हफ्ते चेल्सी में होने वाले प्रीमियर लीग पर ध्यान देगी। मैनचेस्टर सिटी प्रीमियर लीग टाइटल की दौड़ में बनी हुई है। गार्डियोला की टीम अभी टॉप पर काबिज आर्सेनल से 9 प्वाइंट पीछे है और उन्हें अभी एक मुकाबला खेलना है।

मैनचेस्टर में बड़ा मुकाबला शुरू, अंशुल करेंगे डेब्यू; टीम इंडिया में बदलाव की बयार

मैनचेस्टर  पांच मैच की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में 1-2 से पिछड़ रही भारतीय टीम के लिए मैनचेस्टर में आज से ‘करो या मरो’ का मुकाबला शुरू होगा. भारतीय टीम हर हाल में मुकाबला अपना नाम करना चाहेगी क्योंकि अगर ये मैच फिसला तो सीरीज भी हाथ से निकली. इंग्लैंड ने सीरीज में 2-1 से पहले ही बढ़त बना ली है. बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. 9 ओवर के बाद भारत का स्कोर 25-0 9 ओवर के बाद भारत ने बिना विकेट गंवाए रन बना लिए हैं. भारत के लिए यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं. जायसवाल 8 रन बनाकर खेल रहे हैं तो वहीं, राहुल 15 रन बना चुके हैं. दोनों की नजर टीम इंडिया के लिए बड़े स्कोर बनाने पर है. 9वें ओवर की 5वीं गेंद पर यशस्वी जायसवाल का बैट भी टूट गया. 3 बदलाव के साथ उतरा भारत टीम इंडिया इस मैच में 3 बदलाव के साथ उतरी है. खराब प्रदर्शन के कारण करुण नायर को बाहर किया गया है. उनकी जगह साईं सुदर्शन की एंट्री हुई है. वहीं, चोटिल आकाशदीप और नीतिश रेड्डी की जगह शार्दुल ठाकुर और अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है. अंशुल कंबोज और अनिल कुंबले में गजब कनेक्शन  भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में खेला जा रहा चौथा टेस्ट मैच कई मायनों में ऐतिहासिक बन गया है। इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला, जिसके साथ ही क्रिकेट के मैदान पर 35 साल पुराना इंतजार खत्म हो गए। बता दें कि अंशुल को इस मुकाबले में आकाशदीप सिंह की जगह मौका मिला है। कंबोज ने खत्म किया 35 साल का इंतजार कंबोज का टेस्ट कैप हासिल करना सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक खास पल है। इससे पहले, 1990 में इसी मैनचेस्टर के मैदान पर भारतीय टीम के एक और दिग्गज खिलाड़ी अनिल कुंबले ने अपना टेस्ट डेब्यू किया था। कुंबले ने आगे चलकर भारतीय क्रिकेट में एक महान स्पिनर के रूप में अपनी पहचान बनाई और अब अंशुल कंबोज उन्हीं के नक्शेकदम पर चलते हुए अपने टेस्ट करियर की शुरुआत कर रहे हैं।इसके अलावा दोनों खिलाड़ियों के बीच एक और दिलचस्प समानता है। जहां अनिल कुंबले ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए एक पारी में सभी 10 विकेट झटके थे, वहीं अंशुल कंबोज ने भी 2024 में केरल के खिलाफ फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में यह दुर्लभ उपलब्धि हासिल की थी। यह आंकड़ा बताता है कि कंबोज में भी कुंबले जैसी मैच-विनिंग क्षमता है और वह लंबी रेस के घोड़े साबित हो सकते हैं। अंशुल से है फैंस को उम्मीदें अंशुल कंबोज के डेब्यू से भारतीय टीम को एक नए तेज गेंदबाजी विकल्प के साथ मजबूती मिली है। मैनचेस्टर की पिच पर तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद को देखते हुए, कंबोज की उपस्थिति टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। फैंस को उम्मीद है कि वह अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम को इस मुकाबले में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अंशुल कंबोज इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर मैनचेस्टर में कैसा है मौसम? ओल्ड ट्रैफर्ड ग्राउंड के ऊपर फिलहाल बादल मंडरा रहे हैं यानी कंडिशन ओवरकास्ट है. मौसम पूर्वानुमान की माने तो आज लगभग 65 फीसदी बारिश की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में टॉस की अहमियत काफी ज्यादा बढ़ जाती है. स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे से मैच की शुरुआत होगी, जिसमें उसके एक घंटे के बाद लगभग बारिश की आशंका है. टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी ही लेगी ताकि पिच की नमी का फायदा उठाया जा सके. इंजरी से जूझ रही भारतीय टीम अर्शदीप सिंह नेट्स में बॉलिंग करते हुए चोटिल होकर इस टेस्ट मैच से बाहर हो गए. आकाशदीप भी अनफिट हैं और नीतीश रेड्डी तो पूरी सीरीज से ही बाहर हो चुके हैं. ऐसे में भारतीय टीम कई बदलावों के साथ मैदान पर उतर सकती है. अंशुल कंबोज का हो सकता है डेब्यू नेट्स में अंशुल कंबोज ने पूरे दमखम के साथ गेंदबाजी की. मैनेजमेंट को जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ तीसरे तेज गेंदबाज के लिए प्रसिद्ध कृष्णा या अंशुल कंबोज में से किसी एक को चुनना होगा। कंबोज चोटिल अर्शदीप के विकल्प के तौर पर टीम में शामिल हुए है, जिससे उनके अप्रत्याशित पदार्पण की संभावना बढ़ गई है. शुभमन गिल ने भी इशारों-इशारों में उनके डेब्यू की बात बीती रात कही थी. इंग्लैंड ने पहले ही घोषित की प्लेइंग इलेवन जुलाई 2017 में आखिरी टेस्ट मैच खेलने वाले स्पिनर लियाम डॉसन आठ साल बाद टीम में वापसी कर रहे हैं. 11 खिलाड़ी कुछ तरह हैं. जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उप-कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर भारत का स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यू ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज