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कमाई और खर्च का पूरा हिसाब होगा आसान, जानें सरकार की खास योजना

नई दिल्ली भारत की आर्थिक तस्वीर अगले साल से एक बड़े बदलाव से गुजरने वाली है। केंद्र सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है, जिसके तहत लोगों की कमाई और खर्च को अब बिल्कुल नए तरीके से मापा जाएगा। इस बड़े बदलाव का मकसद सकल घरेलू उत्पाद (GDP), महंगाई (CPI) और औद्योगिक उत्पादन (IIP) जैसे प्रमुख आर्थिक आंकड़ों को अपडेट करना है, ताकि ये आज के समय की असली आर्थिक स्थिति को दिखा सकें। सबसे खास बात यह है कि अब तेजी से बढ़ते सर्विस सेक्टर को ट्रैक करने के लिए एक नया इंडेक्स भी जारी किया जाएगा। बेस ईयर में बदलाव वर्तमान में, भारत के सभी आर्थिक आंकड़े 2011-12 के बेस ईयर यानी उस समय की कीमतों पर आधारित होते हैं। लेकिन 2011-12 से अब तक लोगों के खर्च करने की आदतों में जमीन-आसमान का अंतर आ गया है। उस समय जहाँ खाने-पीने पर ज्यादा खर्च होता था, वहीं अब स्मार्टफोन, इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं जैसे खर्च हमारी जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। इसलिए, सरकार ने Base Year को अपडेट करने का फैसला किया है ताकि नए आंकड़े सही और वास्तविक स्थिति को दर्शा सकें। GDP के नए आंकड़े: GDP की गणना के लिए अब 2022-23 की कीमतों को Base Year बनाया जाएगा, जिसके नए आंकड़े 27 फरवरी 2026 को जारी होंगे। इससे पहले, 7 जनवरी को आने वाले बजट अनुमान अभी पुराने बेस ईयर पर ही आधारित रहेंगे। महंगाई के आंकड़े: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) यानी महंगाई के नए आंकड़े भी फरवरी 2026 में आएंगे, जो 2023-24 के दामों को ध्यान में रखेंगे। अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा भारतीय अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर की भूमिका सबसे बड़ी है, लेकिन अब तक इसे अलग से मापने का कोई प्रभावी तरीका नहीं था। इस बड़े सुधार के तहत, पहली बार नया सर्विस सेक्टर इंडेक्स आएगा। यह इंडेक्स विशेष रूप से डिजिटल, लॉजिस्टिक्स और अन्य तेजी से बढ़ते क्षेत्रों की प्रगति को ट्रैक करेगा। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सेक्टर देश के आर्थिक विकास का एक विशाल हिस्सा बन चुका है। महंगाई मापन (CPI) और खर्च के आंकड़ों में बड़ा सुधार सरकार केवल GDP तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आम आदमी की जेब से जुड़ी महंगाई (CPI) को मापने के तरीके में भी सुधार कर रही है। महंगाई को मापने वाले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में अब कीमतों और वस्तुओं के 'वजन' (Weightage) को बदला जाएगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) से मिलने वाले अनाज पर होने वाले खर्च को भी अब आंकड़ों में सही तरीके से शामिल किया जाएगा। इससे महंगाई का असली असर और आम नागरिक पर पड़ने वाले बोझ को और बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। नीति निर्माण होगा बेहतर इन सभी बड़े बदलावों से सरकार को देश की आर्थिक स्थिति का सबसे सटीक और अपडेटेड आंकड़ा मिलेगा। जब महंगाई और GDP के आंकड़े वास्तविक और सटीक होंगे, तो सरकार बेहतर और प्रभावी आर्थिक नीतियां बना सकेगी। इन नीतियों का सीधा लाभ आम आदमी को मिलेगा, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बेहतर होगी और देश के विकास को नई गति मिलेगी।  

पप्पू यादव के खिलाफ FIR, बाढ़ पीड़ितों को पैसे बांटने पर उठे सवाल

वैशाली वैशाली जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पैसे बांटने को लेकर चुनाव आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन के आरोप में बिहार के सांसद पप्पू यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सदस्य यादव के खिलाफ यह मामला वैशाली जिले के सहदेई थाने में बृहस्पतिवार रात जिला प्रशासन की शिकायत पर दर्ज किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) ललित मोहन शर्मा ने बताया, “सीसीटीवी फुटेज और चुनावी ड्यूटी में तैनात एक अधिकारी के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।” राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आचार संहिता प्रभावी हो जाती है।  

गरीबी नहीं छोड़ेगी साथ, अगर पैसों को लेकर आपकी सोच में हैं ये 5 गलतियां!

कई बार मेहनत के बाद भी लोगों के पास पैसा नहीं टिकता या उनका कोई काम बनते-बनते बिगड़ जाता है। इसके पीछे आपकी सोच भी जिम्मेदार हो सकती है।अगर आप भी पैसों को ले कर ये बातें जानें-अनजाने में बोलते रहते हैं, तो आज ही बंद कर दें। पैसों को ले कर बदलें नजरिया आपने सुना ही होगा कि जैसा हम बोलते हैं, वैसा ही जीवन में हमें मिलता हैं। पैसों के बारे में भी ठीक यही बात लागू होती है। पैसों को ले कर आपके विचार, आपकी धारण और आपका नजरिया कैसा है, ये तय करता है कि आपके पास पैसा रहेगा या नहीं। कई बार फुल मेहनत के बाद भी लोगों के पास पैसा नहीं टिकता या उनका कोई काम बनते-बनते बिगड़ जाता है। इसके पीछे आपकी सोच भी जिम्मेदार हो सकती है। ऐसे में अगर आप भी पैसों को ले कर ये बातें जानें-अनजाने में बोलते रहते हैं, तो आज ही इन्हें बंद कर दें। पैसा ही सब कुछ नहीं होता इमोशनली ये बात कहने में ठीक लग सकती है, लेकिन प्रैक्टिकली देखें तो ये पैसों को ले कर एक नेगेटिव धारणा ही है। जब आप पैसों को ले कर ये नजरिया रखते हैं, तो कहीं ना कहीं ये सिग्नल देते हैं कि पैसे उतने जरूरी भी नहीं है। इसके चलते आप पैसों की सही मैनेजमेंट से भी दूर हो जाते हैं। पैसे को इज्जत और ग्रेटीट्यूड की भावना से देखेंगे, तो आप अपनी तरफ उन्हें अट्रैक्ट भी कर पाएंगे। मेरे पास तो पैसा टिकता ही नहीं है कई लोग ये बात बड़े आराम से बोल देते हैं। जबकि ऐसा बोलने से वो पैसों को खुद से और दूर कर रहे होते हैं। दरअसल आपके शब्दों में बहुत ताकत होती है। कोई भी चीज आप बार-बार बोलते रहते हैं, तो आपके माइंड को उसपर विश्वास हो जाता है और फिर जीवन में आप वैसा ही अट्रैक्ट करते हैं। ऐसे में अगर जाने-अनजाने आप भी यही कहते रहते हैं, तो यकीन मानिए आपके पास कभी सच में पैसा नहीं टिकने वाला। हमारी किस्मत में इतना पैसा कहां ये बात बोलकर आप पहले ही खुद को विश्वास दिला देते हैं कि आप ज्यादा पैसों के काबिल हैं ही नहीं। पैसों को ले कर जबतक आपके मन में ये धारण बनी रहेगी, तब तक आप कभी भी ज्यादा पैसा नहीं काम पाएंगे। खुद को विश्वास दिलाएं कि आप भी पैसे के काबिल हैं और भूलकर भी अपनी किस्मत को तो दोषी ना ही ठहराएं। पैसा बुराई की जड़ है कई लोग पैसे को बड़ी नेगेटिविटी के साथ देखते हैं। उन्हें लगता है कि सारी बुराई की जड़ पैसा ही है और सारे बुरे लोग पैसे वाले ही हैं। खुद ही सोचिए जब आप इस गलत नजरिए से देखेंगे तो भाला कहां से पैसा आपकी लाइफ में अट्रैक्ट होगा? इसके बजाय ये भी देखिए कि अच्छे काम भी तो पैसे की वजह से ही हो रहे हैं। सकारात्मक नजरिया रखेंगे तो लाइफ में भी वैसा ही अट्रैक्ट करेंगे। पैसे पेड़ पर नहीं उगते ये बात तो जैसे हम इंडियंस की फेवरिट है। बच्चा कुछ मांगे कि झट से डायलॉग आता है पैसे पेड़ पर नहीं उगते। ऐसा बोल-बोल कर हम अपने माइंड को विश्वास दिला देते हैं कि पैसा कमाना बड़ी मुश्किल चीज है और शायद हमारे बस की बात भी नहीं। इसकी जगह सकारात्मक नजरिया रखें। पैसा कामना मुश्किल हो सकता है लेकिन सही मेहनत के साथ नामुमकिन बिल्कुल नहीं है। पॉजिटिविटी से अट्रैक्ट करें पैसे हम सभी की लाइफ में जरूरी हैं, इसलिए इन्हें ले कर अपना नजरिया जरूर ठीक करें। सकारात्मक सोचें और जितना भी आपके पास है उसके लिए भगवान का शुक्रिया अदा करें। बच्चों के या अपने मन में ये कभी ना डालें कि आप इतना पैसा नहीं कमा सकते हैं या पैसा बुरी चीज है। जैसी सोच रखेंगे यकीन मानें वैसी ही चीजें आपकी लाइफ में होती नजर आएंगी।

चाणक्य के 5 मंत्र: महीने के अंत तक पैसों की किल्लत से छुटकारा

नौकरीपेशा लोगों की अकसर खुद से यह शिकायत रहती है कि महीना खत्म होने से पहले ही उनकी जेब के पैसे खत्म हो जाते हैं। पूरे महीने मेहनत करके कमाया हुआ धन, खर्चों की कटौती करने के भी नहीं बच पाता है। अगर आपका हाल भी कुछ ऐसा ही है तो चाणक्य नीति में आपकी परेशानी का हल मौजूद है। चाणक्य नीति में धन के प्रबंधन और बचत के लिए कई उपयोगी सिद्धांत बताए गए हैं, जो आज के समय में भी बेहद असरदार हैं। धन की बचत से जुड़े चाणक्य के ये 5 सिद्धांत व्यक्ति को को आर्थिक सुरक्षा देकर सम्मानित जीवन जीने में भी मदद करते हैं। धन की बचत से जुड़े चाणक्य नीति के 5 सिद्धांत आय का एक हिस्सा अवश्य बचाएं चाणक्य के अनुसार, जिस तरह बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही छोटी-छोटी बचत से धन संचय होता है। व्यक्ति को चाहिए कि अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा, चाहे वह कितना भी कम क्यों ना हो, नियमित रूप से बचत के लिए अलग निकालकर रखें। यह धन भविष्य में आपातकाल या बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के काम आता है। अनावश्यक खर्चों से बचें चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति अपनी आय से अधिक खर्च करता है, वह शीघ्र ही दरिद्र हो जाता है। चाणक्य नीति के अनुसार, दिखावे के लिए अनावश्यक खर्च करने से बचना चाहिए। केवल जरूरी और उपयोगी चीजों पर ही धन खर्च करें। उदाहरण के लिए ब्रांडेड कपड़ों या लग्जरी वस्तुओं पर खर्च करने के बजाय, गुणवत्तापूर्ण और किफायती विकल्प चुनें। धन का विवेकपूर्ण निवेश करें धन को केवल वहां उपयोग करें, जहां सुरक्षित रहते हुए वह अधिक बढ़ सके। चाणक्य की इस सलाह का मतलब है कि धन को बेकार एक जगह न पड़ा रहने दें, बल्कि जोखिम का आकलन करते हुए उसे ऐसी जगह निवेश करें जहां वह समय के साथ बढ़े, जैसे व्यापार, संपत्ति, या सुरक्षित निवेश योजनाएं। म्यूचुअल फंड, या सोने में निवेश धन को बढ़ाने का सुरक्षित तरीका हो सकता है। भविष्य के लिए योजना बनाएं जो व्यक्ति भविष्य की चिंता नहीं करता, वह एक दिन संकट में पड़ जाता है। चाणक्य के अनुसार, भविष्य की जरूरतों, जैसे शिक्षा, विवाह, या आपातकाल के लिए धन संचय करना चाहिए। इसके लिए नियमित बचत और दीर्घकालिक योजना बनाना जरूरी है। लालच और जोखिम से बचें लालच में आकर धन का दुरुपयोग करने वाला व्यक्ति अपना सर्वनाश कर लेता है। चाणक्य सलाह देते हैं कि जल्दी अमीर बनने की चाह में जोखिम भरे निवेश या जुआ जैसी गतिविधियों से बचें। धन को सुरक्षित और समझदारी से प्रबंधित करें।

पैसा और कामयाबी चाहते हैं? इन आदतों से तुरंत करें तौबा

  उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम, आध्यात्मिक गुरु, नीम करोली बाबा, का आश्रम है। नीम करोली बाबा आज भले ही भौतिक रूप से लोगों के बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी दी हुई शिक्षाएं आज भी उनके अनुयायियों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करते हुए सुखी सफल जीवन जीने का रास्ता बताती रहती हैं। नीम करोली बाबा के ज्ञान को अपनाते हुए अपनी कुछ नकारात्मक आदतों को त्यागकर, कोई भी व्यक्ति अपना जीवन बदलकर पैसा कमा सकता है। आइए जानते हैं पैसा और कामयाबी हासिल करने के लिए नीम करोली बाबा ने कौन सी 5 आदतों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया है। अहंकार का त्याग नीम करोली बाबा के अनुसार, अहंकार व्यक्ति को हमेशा गलत राह पर ले जाता है। अगर आप अपने रिश्तों को मजबूत बनाए रखते हुए जीवन को सफल बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने अहंकार का त्याग करें। याद रखें, विनम्रता न केवल व्यक्ति को सम्मान अर्जित करवाती है, बल्कि उसके लिए नए अवसरों के दरवाजे भी खोलती है। क्रोध पर नियंत्रण नीम करोली बाबा के अनुसार क्रोध में लिए गए ज्यादातर निर्णय अक्सर बाद में पछतावे का कारण बनते हैं। क्रोध व्यक्ति की आंतरिक शांति को नष्ट करके उसके निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर बना देता है।जो लोग अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते, उन्हें अकसर जीवन में सफलता पाने में कठिनाई होती है। लालच से बचें नीम करोली बाबा के अनुसार व्यक्ति का जरूरत से ज्यादा लालच उसे जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ने देता है। लालच में डूबा व्यक्ति धन संचय करने या उसे बनाए रखने के लिए संघर्ष करता रहता है। ईर्ष्या से करें परहेज नीम करोली बाबा व्यक्ति को कभी भी दूसरों की सफलता से ईर्ष्या न करने की सलाह देते थे। उनका मानना था कि दूसरों की उपलब्धियों से जलन रखने की जगह व्यक्ति को हमेशा अपनी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कड़ी मेहनत और लगन सच्ची सफलता दिलाते हैं, जबकि ईर्ष्या केवल नकारात्मकता और भटकाव की ओर ले जाती है। नकारात्मकता से रहें दूर नीम करोली बाबा की शिक्षाओं के अनुसार आत्म-अनुशासन, आंतरिक शांति और सकारात्मक सोच ही स्थायी सफलता की कुंजी हैं। ऐसे में व्यक्ति को हमेशा अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक आदतों को त्याग करना चाहिए।