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जीत के बाद जलापूर्ति करवाने पहुंचे सरायकेला के नगर पंचायत अध्यक्ष

सरायकेला. झारखंड के सरायकेला में नगर पंचायत के अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के साथ ही मनोज चौधरी “सुनो सरायकेला चुनो काम वाला” के स्लोगन के साथ जीत दर्ज करने मनोज चौधरी जीत के दूसरे दिन ही अपने काम में लग गये है. पहले ही दिन सरायकेला शहरी क्षेत्र में पेयजल समस्या का निराकरण करने निकल गये. सरायकेला में 20 घंटे से बाधित है जलापूर्ति सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में पिछले करीब 20 घंटे से बाधित पेयजल आपूर्ति को बहाल कराने को लेकर शनिवार की सुबह 10 बजे नगर पंचायत के नव निर्वाचित अध्यक्ष मनोज चौधरी स्थानीय लोगों के साथ पीएचडी कार्यालय पहुंचे. वहां के कर्मियों से पेयजल आपूर्ति बाधित होने की जानकारी ली. बताया गया कि मोटर जल जाने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित है. उन्होंने कर्मियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.उन्होंने पीएचडी के कनीय अभियंता को 12 घंटे के अंदर नया मोटर लगाकर पेयजल आपूर्ति बहाल करवाने का निर्देश दिया. वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में गंदगी देखकर भड़के मनोज चौधरी पीएचईडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण के क्रम में कई जगह गंदगी और काई लगा हुआ पाया गया. गंदगी देखकर मनोज चौधरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि सरायकेला नगर क्षेत्र की जनता का पेयजल आपूर्ति का एक मात्र साधन पीएचडी द्वारा सप्लाई वाटर है. पानी में इतनी गंदगी लोगों बीमार हो रहे है. उन्होंने कहा कि गंदा पानी के सेवन से नगर पंचायत की जनता को पेट से जुड़ी बीमारियों की समस्या हो रही है. इसका कारण पीएचईडी द्वारा सप्लाई किया जा रहा गंदा पानी है. उन्होंने कहा कि ये इस तरह का काम नहीं चलेगी. उन्होंने प्लांट की गंदगी को अविलंब स्वच्छ पानी की आपूर्ति करने को निर्देशित किया. जनता ने कामवाले को चुना मनोज चौधरी ने कहा कि चुनाव में उनका एक ही नारा था‘ सुनो सरायकेला,चुनो काम वाला’. क्षेत्र की जनता ने एक काम वाले को अपना प्रतिनिधि चुना है. चुनाव समाप्त हो गया है. अब उनका काम बोलेगा. जनता से किये वायदों को एक-एक कर पूरा करेंगे. जल्द ही शहर में साकारात्मक बदलाव दिखाई देगी. उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर पूर्व की तरह पूरी संजीदगी के साथ कार्य करेंगे. एक एक कर जन समस्याओं का समाधान करेंगे. उन्होंने सरायकेला के विकास के लिये क्षेत्र के लोगों से सुझाव व मार्गदर्शन देने की भी अपील की.

अवैध कब्जों पर चला परिषद का हथौड़ा, झज्जर में 8 कमर्शियल प्रतिष्ठान एक साथ सील

झज्जर  झज्जर नगर परिषद ने गुरूवार को टैक्स बकाया वसूली के लिए शहर में सिलिंग अभियान चलाते हुए ढाबा, दुकानों और बैंक स्थित बिल्डिंग सहित आठ प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। परिषद के अनुसार जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया है, उन पर लाखों रुपये का हाउस टैक्स बकाया था। कार्रवाई शुरू होते ही शहर में हड़कंप मच गया और कई बकायादार मौके पर पहुंचे। वहीं पर टैक्स जमा कराना शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान एक बिल्डिंग में चल रहे बैंक पर भी ताला लगाया गया, जिस पर करीब साढ़े तीन लाख रुपये का टैक्स बकाया बताया गया है। सिलिंग के कारण उसी बिल्डिंग में बने पीजी में रह रहे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक के कर्मचारी ने बताया कि जिस बिल्डिंग में उनका बैंक है उस बिल्डिंग पर करीब साढे़ तीन लाख रूपए का टैक्स नगर परिषद का बकाया है। परिषद ने कई बार इन्हें नोटिस दिए है। जब टैक्स नहीं भरा गया तो आखिरकार फिर यह सीलिंग की कार्यवाहीं परिषद को करनी पड़ी। सीलिंग के दौरान बैंक के सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया गया और उसके बाद बिल्डिंग पर सील लगा दी गई। उधर इसी बिल्डिंग में एक पीजी में रहने वाले लोगों ने भी मीडिया के सामने अपना दर्द ब्यां किया। सीलिंग के बाद उन्हें काफी परेशान हो रही है। नगर परिषद सचिव ने शहरवासियों से अपील की कि समय पर टैक्स जमा कराएं, ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि टैक्स वसूली अभियान निरंतर जारी रहेगा। परिषद का दावा है कि शहर में अभी भी कई प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जिन पर लाखों रुपये का टैक्स बकाया है और उन पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।