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लुधियाना में एक्साइज पॉलिसी लागू: 32 शराब ग्रुप का रिन्यूअल, बढ़ी लाइसेंस फीस

लुधियाना. पंजाब सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी के तहत वर्ष 2026-27 के लिए शराब के ठेकों की अलॉटमैंट रिन्यू प्रक्रिया के माध्यम से शुरू हो गया है। शुक्रवार को लुधियाना में कई लाइसैंसधारी ठेकेदारों ने सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करते हुए अपने-अपने ठेकों को सफलतापूर्वक रिन्यू करवा लिया। विभागीय जानकारी के अनुसार इस वर्ष रिन्यूअल प्रक्रिया के तहत लाइसैंस फीस में लगभग 6.5 प्रतिशत वृद्धि की गई है, जबकि अन्य शुल्कों को मिलाकर कुल 7.1 प्रतिशत तक बढ़ौतरी तय की गई है। इसी आधार पर ठेकेदारों द्वारा अपने-अपने ग्रुप रिन्यू करवाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार नई नीति के तहत इस बार लुधियाना जिले में शराब ठेकों के कुल 44 ग्रुप बनाए गए हैं। इनमें से 31 ग्रुप नगर निगम (एम.सी.) क्षेत्र से संबंधित हैं, जबकि 13 ग्रुप ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए गए हैं। शुक्रवार तक प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 32 ग्रुपों के ठेके रिन्यू हो चुके हैं, जबकि 12 ग्रुप अभी रिन्यू प्रक्रिया से बाहर हैं। विभाग का कहना है कि जो ग्रुप रिन्यू नहीं हुए हैं, उन्हें अब ई-टैंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से अलॉट किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार ई-टैंडरिंग के जरिए पारदर्शिता बनी रहेगी और प्रतिस्पर्धा के आधार पर सरकार को बेहतर राजस्व मिलने की संभावना है। जानकारों का मानना है कि 7.1 प्रतिशत फीस वृद्धि के बावजूद कई पुराने ठेकेदारों ने अपने ग्रुप रिन्यू करवाना ही बेहतर समझा है। उनका कहना है कि यदि ठेके ई-टैंडरिंग में जाते हैं तो नई बोली प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं। उधर एक्साइज विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नई पॉलिसी के तहत सभी लाइसैंसधारियों को सरकार द्वारा तय नियमों और शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में ई-टेंडरिंग के माध्यम से शेष ग्रुपों की अलॉटमैंट भी पूरी कर ली जाएगी जिसके बाद जिले में वर्ष 2026-27 के लिए शराब बिक्री व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी। देसी शराब 20–30 रुपए तक महंगी होने की संभावना  नई एक्साइज पॉलिसी के तहत एक्साइज फीस में हुई बढ़ौतरी के कारण आने वाले समय में शराब की कीमतों में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। कारोबार से जुड़े सूत्रों के अनुसार बढ़ी हुई फीस और संचालन खर्च को देखते हुए देसी शराब की एक बोतल पर करीब 20 से 30 रुपए तक बढ़ौतरी की गई है। कारोबारियों का कहना है कि नई पॉलिसी के तहत सरकार द्वारा ड्यूटी में वृद्धि की गई है, वहीं शराब कंपनियों ने भी अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि देसी शराब के साथ-साथ अंग्रेजी शराब और बीयर की कीमतों में भी बढ़ौतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि अंतिम कीमतों का फैसला कंपनियों और बाजार की स्थिति को देखते हुए किया जाएगा। दीप नगर इलाके में नए ठेके के विरोध में प्रदर्शन महानगर के दीप नगर इलाके के पास नए शराब ठेके के खुलने पर स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि रिहायशी क्षेत्र में ठेका खुलने से माहौल प्रभावित होगा। विरोध के बाद फिलहाल बताया जा रहा है कि ठेके को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

पंजाब में न्यू एक्साइज पॉलिसी से सरकार जुटाएगी ₹1780 करोड़ एक्स्ट्रा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में 2026-27 के लिए एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के अनुसार, भारत में बनी विदेशी शराब (आइएसएफएल) और इंपोर्टेड विदेशी शराब (आईएफएल) प्रति बोतल 20 से 30 रुपये महंगी हो जाएगी। देसी शराब की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कोटा बढ़ाकर 8.79 करोड़ प्रूफ लीटर कर दिया गया है। पिछले वर्ष यह 8.53 करोड़ प्रूफ लीटर था। बीयर की दुकान की फीस में भी 5000 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। ₹11,020 करोड़ जुटाने का लक्ष्य आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि चालू वित्तमंत्री वर्ष में सरकार ने 11,020 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था, जोकि पूरा हो गया है। अगले वित्तीय वर्ष में यह लक्ष्य 12,800 करोड़ रुपये रखा गया है। इस तरह राजस्व में 1780 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी का लक्ष्य है। इससे मार्च महीने में सरकारी खजाने में ज़्यादा पैसे आएंगे। अनुमान है कि इस बार एक्साइज से 11,600 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है। वित्तमंत्री ने बताया कि नई पालिसी के तहत सरकार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को अगले वित्तीय वर्ष में सिंगल माल्ट (एक ही अनाज जौ से बनी शराब) व्हिस्की बनाने की भी इजाजत देगी। सिंगल माल्ट एक प्रीमियम शराब है। सरकार ने बीयर की दुकानों के लिए लाइसेंस फ़ीस बढ़ा दी है। पिछले साल इसे दो लाख रुपये प्रति दुकान से घटाकर 25,000 रुपये प्रति दुकान कर दिया गया था। अब इसे 30,000 रुपये प्रति दुकान कर दिया गया है। शाम 5 बजे तक की इजाजत हालांकि, पिछले साल के मुकाबले ग्रुप की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस बार भी ग्रुपों की संख्या 207 ही रहेगी। सरकार डिस्टिलरी की डिस्पैच और ऑपरेटिंग घंटे बढ़ाने की लंबे समय से चली आ रही मांग पर भी सहमत हो गई है। इसे शाम 5 बजे तक कर दिया गया है। कुछ दूसरे राज्य रात 10 बजे तक इसकी इजाजत देते हैं।