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पल्स पोलियो : बस्तर में 1.25 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी दवा

बस्तर बस्तर जिले में रविवार को पोलियो के खिलाफ जंग को और मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। रविवार 21 दिसंबर को इस मेगा अभियान में 0 से 5 वर्ष के 1 लाख 24 हजार 377 बच्चों को पोलियो की जीवन रक्षक दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा वंचित न रहे, और शत-प्रतिशत कवरेज हासिल हो। कलेक्टर हरिस एस ने बताया कि विभिन्न विभागों के मैदानी अमले के साथ समन्वय स्थापित कर प्रचार-प्रसार किया गया है। हर गांव, हर पारे-टोले तक संदेश भी पहुंचाया गया है, जिससे कि 100 प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाया जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने बताया कि जिले में कुल 498 बूथ स्थापित किए गए है, जिनमें जगदलपुर शहरी क्षेत्र में 72 बूथ शामिल हैं। इसके अलावा, 100 सुपरवाइजर, 1992 टीकाकरण कार्यकर्ताओं, 20 मोबाइल टीम और 24 ट्रांजिट टीम तैनात रहेंगी। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। मोबाइल टीमें बाजारों, मेला-मड़ई, ईंट भट्टों, भवन निर्माण स्थलों, घुमंतु बसाहटों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर आने-जाने वाले बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। सीएमएचओ डॉ. बसाक ने बताया  कि यह अभियान न केवल पोलियो को जड़ से समाप्त करेगा, बल्कि हर्ड इम्युनिटी को मजबूत बनाकर वातावरण में मौजूद वाइल्ड पोलियो वायरस को निष्क्रिय कर देगा।

धमतरी जिले में 21 दिसम्बर को पल्स पोलियो अभियान, 0-5 वर्ष के बच्चों को पोलियो दवा पिलाने की तैयारी

धमतरी : धमतरी जिले में पल्स पोलियो अभियान : 21 दिसम्बर को 0-5 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा धमतरी  धमतरी जिले में बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने हेतु पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का आयोजन 21 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक उनके निकटतम निर्धारित पोलियो बूथ पर पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।   जिले में कुल 772 पोलियो बूथों के माध्यम से 1 लाख 10 हजार 553 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान को सफल बनाने हेतु स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, कोटवार, प्रशिक्षु महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा पैरामेडिकल विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाई गई है।     पोलियो की दवा की समय पर उपलब्धता और कार्य की प्रभावी निगरानी के लिए सभी पोलियो बूथों को सेक्टरों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक सेक्टर के लिए एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सभी विकासखण्डों को जोन में विभाजित कर जिला स्तर के अधिकारियों को निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।   अभियान की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी पोलियो बूथ बनाए गए हैं। वहीं खदानों, ईंट-भट्टों, छात्रावासों, मदरसों एवं छूटे हुए क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने हेतु ट्रांजिट टीमों एवं मोबाइल टीमों का गठन किया गया है।   प्रथम दिवस 21 दिसम्बर को बूथों पर दवा पिलाने के पश्चात 22 एवं 23 दिसम्बर को सभी कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे। अभियान के दौरान जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जो 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे। कंट्रोल रूम में प्रत्येक दो घंटे में प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है।   अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी मैदानी अमलों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी अभिभावकों से अपील की गई है कि वे 21 दिसम्बर को अपने 0 से 5 वर्ष के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर लाकर दवा अवश्य पिलाएं, ताकि पोलियो मुक्त समाज के लक्ष्य को साकार किया जा सके। साथ ही 22 एवं 23 दिसम्बर को घर-घर भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सहयोग कर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाने में सहभागिता निभाने का आग्रह किया गया है।यह अभियान बच्चों के उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।