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बड़ी कार्रवाई! पंजाब में बढ़ाई गई सुरक्षा, 44,000 पुलिसकर्मी मैदान में उतरे

जालंधर/चंडीगढ़ राज्य में आने वाले दिनों में होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को ध्यान में रखते हुए, पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य में पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि शांत मय ढंग से ही चुनाव करवाने के लिए 44000 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है। गौरतलब है कि पंजाब में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव 14 दिसंबर को होंगे और 17 दिसंबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। राज्य में सकारात्मक माहौल बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए, डी.जी.पी. गौरव यादव ने सभी पुलिस अधिकारियों को पेशेवर पुलिसिंग और आदर्श चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। इस संबंध में विस्तृत जानकारी सांझा करते हुए, कानून एवं व्यवस्था के विशेष डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला ने राज्य के सी.पी./एस.एस.पी. और रेंज डी.आई.जी. के साथ वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करने के बाद बताया कि पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और फील्ड अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी के लिए जिलों से कम से कम 75 प्रतिशत पुलिस बल जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी सी.पी./एस.एस.पी. को असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने, जनता में भरोसा पैदा करने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकालने और मजबूत अंतर-राज्यीय तथा अंतर-जिला नाके लगाने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों के डी.जी.पी. से पंजाब की सीमा से सटे अपने क्षेत्रों में नाके लगाने का अनुरोध भी किया गया है। उन्होंने बताया कि 13,395 मतदान केंद्रों पर 18,718 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 860 को अति-संवेदनशील और 3,405 को संवेदनशील घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी सीपी और एस.एस.पी. को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार और सक्रिय गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

सुरक्षा में सख्ती: पंजाब पुलिस को दिए गए कड़े निर्देश, हाई अलर्ट जारी

चंडीगढ़ दीवाली के मद्देनज़र डीजीपी गौरव यादव ने राज्यभर के जिला पुलिस प्रमुखों को सुरक्षा कड़ी करने और पुलिस फोर्स की अधिकतम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एडीजीपी एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स प्रमोद बान और एडीजीपी काउंटर इंटेलिजेंस अमित प्रसाद के साथ तरनतारन और बटाला जिलों में सुरक्षा समीक्षा बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने नार्को-टेररिज्म (नशा-अतिवाद) और संगठित अपराधों के बढ़ते खतरे पर चर्चा की। डीजीपी यादव ने कहा कि पाकिस्तान पंजाब में नशे के ज़रिए आतंकवाद फैलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पंजाब पुलिस उसके नापाक मंसूबों को लगातार नाकाम कर रही है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ड्रोन और अन्य माध्यमों से नशे और हथियारों की सप्लाई कर रहा है। इस हवाई खतरे से निपटने के लिए पंजाब सरकार द्वारा तैनात एंटी-ड्रोन सिस्टम का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। डीजीपी ने बताया कि सितंबर 2024 से अब तक पंजाब पुलिस ने 90 आरोपियों को गिरफ्तार कर 26 आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इनसे बड़ी मात्रा में हथियार, विस्फोटक, गोलियां, हैंड ग्रेनेड और आरडीएक्स बरामद किए गए हैं, जिससे आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। संगठित अपराध के मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए और कहा कि अपराध की जड़ों को खत्म करने के लिए पेशेवर और वैज्ञानिक जांच की ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि 203 विदेशी हैंडलरों की पहचान की जा चुकी है जो आतंक या संगठित अपराध से जुड़े हैं, और उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस या ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया केंद्र एजेंसियों के साथ मिलकर शुरू कर दी गई है। डीजीपी ने बताया कि ‘सेफ पंजाब’ व्हाट्सएप चैटबॉट पोर्टल (9779100200) के ज़रिए मिली सूचनाओं में से 33% मामलों पर कार्रवाई की गई, जो एक मिसाल है। लोगों की जानकारी के आधार पर 7285 एफआईआर दर्ज की गईं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नशा तस्करों और अपराधियों के बारे में बिना किसी डर के गुप्त सूचना साझा करें। इस मौके पर पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डीआईजी फिरोज़पुर रेंज नीलांबरी जगदले, डीआईजी बॉर्डर रेंज नानक सिंह, डीआईजी एजीटीएफ गुरमीत चौहान, एसएसपी तरनतारन रवजोत कौर ग्रेवाल, एसएसपी बटाला सुहैल कासिम मीर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।