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कैंपस सुरक्षा पर सवाल: पंजाब यूनिवर्सिटी में बेलगाम अपराध, बाहरी तत्व सक्रिय

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी में सुरक्षा घेरा ध्वस्त कर अपराधी बैखौफ वारदातों को अंजाम दे रहे है। इस पर लगाम लगाने में पुलिस विभाग समेत पीयू सिक्योरिटी पूरी तरह विफल दिखाई दे रही है। कैंपस में बीते वर्षों में हुई वारदातों से सबक लेते कुछ महीनों पहले 100 के करीब नए सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन हालात जस की तस बने हुए है। तीनों गेटों पर जांच होने के बाद भी अपराधी हथियार लेकर कैंपस में घुस रहे है। एंट्री गेटों पर आधे से अधिक लोगों की जांच नहीं की जा रही है। छात्र नेता जश्न सिंह जवंदा पर फायरिंग मंगलवार शाम चार हथियारबंद युवकों ने सोपू छात्र संगठन से जुड़े नेता जश्न सिंह जवंदा पर फायरिंग कर दी थी। यह घटना यूनिवर्सिटी के बॉटनी विभाग की पार्किंग में हुई, जहां जश्न सिंह जवंदा मौजूद था। हमलावर चोरी की एक्टिवा पर सवार होकर आए थे और उन्होंने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। जवंदा मंगलवार शाम पीयू परिसर में किसी कार्य से आया हुआ था और बॉटनी विभाग के बाहर खड़ा था। इसी दौरान बैग लिए दो युवक उसके पास पहुंचे। एक युवक ने अचानक बैग से पिस्टल निकाली और जश्न सिंह पर फायर कर दिया। गोली चलते ही जश्न सिंह अपनी जान बचाने के लिए भागा। हमलावर ने उसका पीछा करते हुए एक और राउंड फायर किया। दोनों गोलियां उसे नहीं लगीं और वह सुरक्षित बच गया। घटना के समय हमलावरों के दो अन्य साथी पहले से स्टार्ट एक्टिवा पर इंतजार कर रहे थे। फायरिंग के तुरंत बाद चारों आरोपित उसी एक्टिवा पर सवार होकर मौके से फरार हो गए थे। सिंगर मासूम शर्मा की स्टार नाइट में बवाल इससे पहले बीते वर्ष 28 अप्रैल को हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की स्टार नाइट में कुछ बाहरी लोगों ने कैंपस में घुसकर स्टूडेंट्स पर चाकू से हमला कर दिया था। पीजीआई में इलाज के दौरान आदित्य ठाकुर नाम के एक छात्र की मौत भी हो गई थी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई चाकूबाजी से छात्र की हत्या के बाद पीयू का माहौल पूरी तरह गरमा गया था। इसके साथ बीते वर्ष ही हॉस्टल नंबर में सात में दो दोस्तों ने एक हिमाचल निवासी आउटसाइडर को चरस के धुएं से सीपीआर और कंबल से मुंह दबाकर मौत के घाट उतार दिया था। यूनिवर्सिटी में बाहरी लोगों का प्रवेश जारी इन सबके बावजूद बीती रात हॉस्टल नंबर 6 में दो आउटसाइडर छिपकर बैठे हुए थे, जिनको निकालने के लिए पुलिस को हॉस्टल में आना पड़ा। कैंपस में बाहरी लोगों की बढ़ती आवाजाही के कारण कई अप्रिय घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पीयू प्रशासन की ओर से सुरक्षा के दावे तो बड़े-बड़े किए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हास्टल में बिना किसी रोक-टोक के बाहरी लोग आते-जाते रहे हैं, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

पंजाब यूनिवर्सिटी के स्कॉलर को गणतंत्र दिवस पर मिला मेयर अवॉर्ड

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के सेंटर फॉर दी स्टडी ऑफ सोशल इंक्लूजन में राजनीति विज्ञान विषय के पी.एच.डी रिसर्च स्कॉलर सरताज सिंह को शिक्षा, रिसर्च और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 26 जनवरी 2026 को चंडीगढ़ मेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान गणतंत्र दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ की मेयर हरप्रीत कौर व नगर निगम कमीशनर अमित कुमार, आई.ए.एस के द्वारा प्रदान किया गया। सरताज सिंह इससे पहले भी साहित्य और लेखन के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। उन्हें भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री युवा लेखक पुरुस्कार प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा उन्हें शैक्षणिक उपलब्धियों, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के द्वारा राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है और लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सरताज सिंह को पीयू के द्वारा डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी गोल्ड मेडल से नवाजा जा चुका है। निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में रहे विजेता इसके अतिरिक्त पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ की वाइस चांसलर के द्वारा उन्हें बेस्ट ऑल राउंडर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट अवॉर्ड भी प्रदान किया गया है। अब तक सरताज सिंह भारत के विभिन्न कॉलेजो व विश्वविद्यालयों के द्वारा आयोजित 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में विजेता रह चुके हैं। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए सरताज सिंह ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा, यह अवॉर्ड केवल मेरा नहीं है, बल्कि मेरे शिक्षकों, परिवार और उन सभी लोगों का है जिन्होंने मुझे निरंतर सीखने और समाज के लिए लिखने की प्रेरणा दी। मैं आगे भी शिक्षा, शोध और साहित्य के माध्यम से सामाजिक समावेशन और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने का प्रयास करता रहूंगा। नई पीढ़ी के छात्रों को दी प्रेरणा वहीं, इस मौके पर चंडीगढ़ के पूर्व मेयर एवं पंजाब यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ सीनेट मेंबर देवेश मौदगिल ने सरताज सिंह को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि सरताज जैसे प्रतिभाशाली युवा शोधार्थी विश्वविद्यालय और समाज दोनों के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सरताज सिंह भविष्य में भी शिक्षा, शोध और साहित्य के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते रहेंगे और नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को प्रेरणा देंगे। मेरी शुभकामनाएं उनके साथ है।

छात्र-पुलिस संघर्ष: पंजाब यूनिवर्सिटी में हुई जोरदार झड़प और लाठीचार्ज

चंडीगढ़ चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनावों के ऐलान की मांग कर रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान आज हालात तब बेकाबू हो गए, जब प्रदर्शनकारी छात्रों की पुलिस से हिंसक भिड़ंत हो गई। पुलिस ने यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रवेश को रोकने की कोशिश की तो छात्र हिंसक हो गए और पुलिस से भिड़ गए। छात्रों और पुलिस के बीच देखते ही देखते धक्का मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को काबू में करने के लिए उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया। ये झड़प और लाठीचार्ज ऐसे वक्त पर हुआ, जब प्रदर्शनकारी छात्रों का साथ देने के लिए सिख संगठनों और कृषि यूनियनों के कार्यकर्ताओं समेत अन्य लोग विश्वविद्यालय परिसर में घुसना चाह रहे थे। ये लोग भी काफी विलंब से चल रहे पीयू सीनेट चुनावों की तारीखों की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे। ‘पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले छात्र विश्वविद्यालय के शासी निकाय सीनेट और सिंडिकेट के पुनर्गठन के फैसले को अब केंद्र द्वारा वापस लिए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की इस दौरान विद्यार्थी और पुलिस के बीच बहस भी देखने को मिली। पुलिस के इंतजाम देखकर विद्यार्थियों ने समर्थकों से अपील की है कि पुलिस उन्हें जहां रोके, वहीं बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दें। पुलिस ने एक नंबर द्वार को बंद कर दिया है और दो तथा तीन नंबर के द्वार से भी कड़ी जांच के बाद ही जाने दिया जा रहा है। जब खबर आई कि पुलिस ने दो नंबर द्वार से कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है तो विद्यार्थी और भड़क उठे। वह गेट जबरन खोलकर यूनिवर्सिटी में घुस गये हैं। इस दौरान पुलिस और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। रविवार रात भी इस मुद्दे पर विद्यार्थियों ने हंगामा किया था। देर रात तक छात्र यूनिवर्सिटी के गेट पर धरने पर बैठे रहे। मामला बढ़ता देख वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरपाल कौर को खुद ही स्थिति संभालनी पड़ी थी। विद्यार्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए यूनिवर्सिटी में सोमवार और मंगलवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी में 2000 पुलिस कर्मचारी तैनात सोमवार को सुबह से ही यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों भीड़ जुटनी शुरू हो गयी थी। विद्यार्थियों के आह्वान पर उनके समर्थन में किसान और कई राजनीतिक दल भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। इसे देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और 2000 कर्मचारी तैनात किये हैं। पूरे शहर में 12 जगह नाकाबंदी की गयी है। यूनिवर्सिटी में सिर्फ उन्हीं को जाने की इजाजत है, जिनका कोई काम है। उसके लिए भी उनके पहचान पत्र देखे जा रहे हैं। विवाद सीनेट और सिंडिकेट भंग करने से शुरू हुआ बता दें कि यह विवाद पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट और सिंडिकेट भंग करने से शुरू हुआ। इससे विद्यार्थी भड़क उठे, तो केंद्र सरकार ने यह अधिसूचना वापस ले ली थी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने घटना की निंदा करते हुए कहा, " पंजाब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपने ही परिसर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। सुरक्षाकर्मियों द्वारा लड़कियों को धक्का दिया जा रहा है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। " राजा वडिंग ने कहा, " उनके पास वैध पहचान पत्र हैं – क्या यह लोकतंत्र है या छिपी हुई तानाशाही है? पंजाब विश्वविद्यालय में आज शांतिपूर्ण छात्रों पर पुलिस की बर्बरता की निंदा करने के लिए शब्द कम हैं। छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, क्योंकि उनका केंद्र सरकार पर से भरोसा उठ गया है जो पंजाब से विश्वविद्यालय छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब के युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर केंद्र का बड़ा फैसला जारी, छात्रों और स्टाफ पर पड़ेगा असर

चंडीगढ़ पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत 59 साल पुरानी सीनेट और सिंडिकेट को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। अब यूनिवर्सिटी का संचालन वाइस चांसलर की अध्यक्षता में बने एक “बोर्ड ऑफ गवर्नर्स” द्वारा किया जाएगा। इस बोर्ड में केंद्र सरकार, यूजीसी (UGC) और चंडीगढ़ प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। केंद्र सरकार के आदेशों के बाद अब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव नहीं होंगे और ग्रेजुएट वोटरों को कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा। पहले 91 सदस्यीय सीनेट और 15 सदस्यीय सिंडिकेट यूनिवर्सिटी की नीतियां और बजट तय करते थे, लेकिन अब यह सभी शक्तियां नए गठित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को सौंप दी जाएंगी।