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PV सिंधू का संदेश: खेल नहीं कर सकते पूरी जिंदगी, इसलिए पढ़ाई है जरूरी

गुरुग्राम  दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय बैडमिंटन स्टार पी वी सिंधू ने इस बात पर जोर दिया कि उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए पढ़ाई करना बेहद जरूरी है और पढ़ाई को नजरअंदाज करके सिर्फ खेल पर ध्यान देना बहुत जोखिम भरा है क्योंकि एक ही चोट से खेल करियर खत्म हो सकता है. पूर्व विश्व चैंपियन ने डीपीएस इंटरनेशनल में एक बातचीत के दौरान शिक्षाविद देवयानी जयपुरिया से बात करते हुए ये बातें कहीं. हैदराबाद की इस खिलाड़ी ने अपनी बात को समझाने के लिए अपनी जिंदगी के कई पहलुओं का जिक्र किया. इनमें 2016 के ओलंपिक से पहले का वह दौर भी शामिल है जब वह अपने बाएं पैर में ‘स्ट्रेस फ्रैक्चर’ होने के कारण परेशान थीं और उन्हें खुद पर शक होने लगा था. उन्होंने कहा, ‘‘मैं इतने साल से खेल रही हूं. कभी न कभी तो आपको ‘रिटायर’ होना ही पड़ता है. और यही सच है. आप 45, 50 या 60 साल की उम्र तक शीर्ष स्तर पर नहीं खेल सकते.’’ सिंधू ने राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद की बात का समर्थन किया जिन्होंने उभरते हुए खिलाड़ियों के माता-पिता से शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही थी. इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘आपको इस बात को स्वीकार करना ​​ही होगा कि शिक्षा हमेशा पूरी जिंदगी आपके साथ रहेगी और हमेशा आपके पास रहेगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी सोने की चम्मच लेकर पैदा नहीं होता और आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, चाहे वह पढ़ाई में हो या खेल में. पढ़ाई और खेल दोनों ही अहम हैं. मैंने अपना एमबीए किया है. इसलिए मुझे पता है कि यह आसान नहीं है. आप सुबह ट्रेनिंग के लिए जाते हैं, वापस आते हैं, पढ़ाई करते हैं, फिर शाम के सत्र के लिए जाते हैं.’’ सिंधू ने कहा, ‘‘सच तो यही है कि खेल एक बहुत छोटी सी चीज है. शिक्षा हमेशा आपके साथ रहेगी. खेल भी जरूरी है, लेकिन इतना भी नहीं कि आप अपनी पढ़ाई पूरी तरह से रोक दें.’’ तीस साल की यह खिलाड़ी अभी ब्रेक पर है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर बमबारी के चलते हवाई क्षेत्र बंद करने की वजह से उन्हें कुछ दिनों के लिए दुबई में रुकना पड़ा था. उन्होंने कहा कि खेल के दौरान लगने वाली चोटों से उबरना मुश्किल हो सकता है इसलिए उन्होंने उभरते हुए खिलाड़ियों से पढ़ाई का एक विकल्प अपने पास रखने की बात कही. सिंधू ने कहा, ‘‘हो सकता है मेरी बात थोड़ी कड़वी लगे, शायद अभी उन्हें यह बात समझ नहीं आए, लेकिन जिंदगी के बाद के पड़ाव में उन्हें यह जरूर समझ आएगा कि पढ़ाई भी उतनी ही जरूरी है. खेल कभी-कभी बहुत जोखिम भरा हो सकता है. इसमें कभी भी चोट लग सकती है." उन्होंने कहा, ‘‘चोट से आपका करियर खत्म हो सकता है, आपकी सर्जरी हो सकती है। और चोटें बताकर नहीं आतीं, बस हो जाती हैं। ऐसे समय में, आपको यह पक्का करना होता है कि आप जिंदगी में हर चीज के लिए तैयार हैं.’’ उन्होंने 2015 को याद किया जब उनके बाएं पैर में ‘स्ट्रेस फ्रैक्चर’ हो गया था जिससे उनका करियर खत्म होने का खतरा पैदा हो गया था और उन्हें छह महीने तक खेल से बाहर रहना पड़ा था. इसके चलते 2016 के ओलंपिक से पहले उनके पास तैयारी के लिए बहुत कम समय बचा था। इसके बावजूद रियो डि जिनेरियो में हुए उन खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता. उन्होंने कहा, ‘‘मामला गंभीर था. कई हफ्तों तक दर्द के साथ खेलने के बाद मैं ठीक समय पर डॉक्टर के पास पहुंच पाई. मेरे मन में खुद को लेकर शक पैदा हुआ था कि क्या मैं दोबारा खेल पाऊंगी या नहीं.’’

धमाकों के साए में दुबई से लौटीं पीवी सिंधु, भावुक पोस्ट में किया आभार व्यक्त

 बेंगलुरु दो बार की ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार पीवी स‍िंधु आखिरकार सुरक्षित अपने घर बेंगलुरु लौट आई हैं. मध्य-पूर्व में बढ़ते अमेरिका-ईरान-इजरायल तनाव के कारण एयरस्पेस बंद होने से वह कई दिनों तक दुबई में फंसी रहीं. इस दौरान पास में हुए एक धमाके के बाद दुबई एयरपोर्ट से उड़ानें निलंबित कर दी गई थीं, जिससे हालात और अनिश्चित हो गए |  स्थिति के चलते सिंधु को 3 मार्च 2026 से बर्मिंघम में शुरू हो रहे प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन चैम्प‍ियनश‍िप  (All England Open Championships) से नाम वापस लेना पड़ा. यह टूर्नामेंट बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) का सुपर 1000 इवेंट है और पेरिस ओलंपिक साइकिल की तैयारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा था. ऐसे में उनका बाहर होना बड़ी बाधा के रूप में देखा जा रहा है |  सिंधु अपनी टीम के साथ जिसमें इंडोनेशियाई कोच इरवांस्याह अदी प्रतामा भी शामिल थे, दुबई में फंस गए थे और उनके ठहरने की जगह के पास हुए धमाके के बाद वे बाल-बाल बच गईं. हालांकि उन्हें एक सुरक्षित जगह पर ले जाया गया, लेकिन तनावपूर्ण स्थिति और यात्रा में रुकावटों के कारण ओलंपिक मेडलिस्ट को ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप से हटना पड़ा. बेंगलुरु पहुंचने के बाद सिंधु ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा किया. उन्होंने लिखा कि पिछले कुछ दिन बेहद तनावपूर्ण और अनिश्चित रहे, लेकिन सुरक्षित घर लौटकर आभारी महसूस कर रही हैं. उन्होंने दुबई प्रशासन, एयरपोर्ट स्टाफ, इमिग्रेशन अधिकारियों और ग्राउंड टीमों का विशेष धन्यवाद किया, जिन्होंने मुश्किल समय में सहानुभूति और पेशेवर रवैया दिखाया |  सिंधु ने संकेत दिए कि फिलहाल वह आराम करेंगी, खुद को रीसेट करेंगी और आगे की ट्रेनिंग योजना पर विचार करेंगी. हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए उनके अगले टूर्नामेंट और अभ्यास कार्यक्रम को लेकर तस्वीर साफ नहीं है |  व‍िमल कुमार ने बताया पीवी स‍िंधु न‍िराश थीं इससे पहले भारत के पूर्व कोच विमल कुमार ने PTI को बताया कि सिंधु सड़क के रास्ते ओमान जाने के बारे में सोच रही थीं. उन्होंने कहा कि एक एथलीट के लिए यह मुश्किल होता है क्योंकि वह सच में बहुत अच्छी दिख रही थीं और उनकी पूरी टीम ऑल इंग्लैंड को लेकर उत्साहित थी. उन्होंने सड़क के रास्ते ओमान जाने के बारे में भी सोचा था, लेकिन यह बहुत रिस्की होता, इसलिए उन्होंने प्लान छोड़ दिया |     

दुबई हमले के बीच फंसे पीवी सिंधू के कोच का बयान, कहा- ‘जान बची, लेकिन खतरा टला नहीं’

दुबई दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू को ट्रेनिंग देने वाले इंडोनेशियाई कोच इरवांस्याह आदि प्रतामा उस समय बाल-बाल बच गए जब ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के लिए बर्मिंघम जाते हुए दुबई हवाई अड्डे पर उनके करीब धमाका हुआ। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू को ट्रेनिंग देने वाले इंडोनेशियाई कोच इरवांस्याह आदि प्रतामा उस समय बाल-बाल बच गए जब ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के लिए बर्मिंघम जाते हुए दुबई हवाई अड्डे पर उनके करीब धमाका हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण उड़ाने रद्द होने के बाद सिंधू और इरवांस्याह दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फंस गए हैं। टूर्नामेंट मंगलवार से शुरू होना है। ईरान के मिसाइल हमलों के बाद खाड़ी देशों के कुछ हिस्सों में धमाकों की खबरें आई हैं जिसमें संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबु धाबी और दुबई भी शामिल हैं। इसके बाद दुबई हवाई अड्डे पर सभी उड़ानों को निलंबित कर दिया गया है। इरवांस्याह ने पीटीआई को बताया, ''इस समय दुबई में उड़ानें रद्द हो रही हैं। हवाई अड्डे पर धमाका हुआ है इसलिए हम इस समय यहीं फंसे हुए हैं।'' उन्होंने कहा, ''उन्होंने हमें होटल में रखा है। हम ठीक हैं लेकिन फिर भी थोड़ी चिंता है। हम ऑल इंग्लैंड के लिए जाना चाहते हैं। मुझे उम्मीद है कि हम आज उड़ान ले पाएंगे क्योंकि सिंधू का मैच बुधवार को है।'' सिंधू ने शनिवार रात सोशल मीडिया पर तनावपूर्ण पलों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, ''सिंधू ने 'एक्स' पर लिखा, ''मुश्किल बढ़ती जा रही है और हालात हर घंटे डरावने होते जा रहे हैं। कुछ घंटे पहले हवाई अड्डे पर जहां हम रुके हुए थे उसके पास एक धमाका हुआ।'' सिंधू ने लिखा, ''मेरे कोच को जल्दी से उस जगह से भागना पड़ा क्योंकि वह धुएं और मलबे के सबसे करीब थे। यह हम सभी के लिए बहुत तनावपूर्ण और डरावना पल था।'' भारत के अधिकतर खिलाड़ी पहले ही बर्मिंघम पहुंच चुके हैं। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की शीर्ष पुरुष युगल जोड़ी, पुरुष एकल खिलाड़ी लक्ष्य सेन, युवा आयुष शेट्टी, गायत्री गोपीचंद और त्रीसा जॉली की महिला युगल जोड़ी बर्मिंघम पहुंच चुके हैं। मालविका बंसोड़ भी पहुंच गई हैं लेकिन उन्नति हुड्डा अब भी भारत में हैं क्योंकि नयी दिल्ली से बर्मिंघम के लिए उनकी सीधी उड़ान आखिरी समय में रद्द हो गई थी। उन्नति ने कहा, ''मुझे आज करीब 11 बजे यात्रा करनी थी लेकिन सुबह-सुबह पता चला कि उड़ान रद्द हो गई है। अन्य उड़ानों में सीटें खाली नहीं हैं। मैं बीएआई के संपर्क में हूं और वे बीडब्ल्यूएफ से बात कर रहे हैं कि शायद मेरे मैच देर से कराए जाएं।'' भारत के पूर्व कोच विमल कुमार को भी शनिवार को निकलना था लेकिन बेंगलुरु में विमान में सवार होने से कुछ देर पहले उन्हें उड़ान के रद्द होने के बारे में पता चला। युगल कोच बी सुमीत रेड्डी के साथ रोहन कपूर और रुतविका शिवानी की मिश्रित युगल जोड़ी सिंगापुर के रास्ते यात्रा करेगी। भारतीय बैडमिंटन संघ के सचिव संजय मिश्रा ने कहा, ''कुछ खिलाड़ी हैं जिन्हें हम सिंगापुर के रास्ते भेजने की कोशिश कर रहे हैं, कुछ पहुंच गए हैं। सात्विक और चिराग पहुंच गए हैं।'' अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर बड़ा हमला किया जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से इस्लामिक नेतृत्व को उखाड़ फेंकने की अपील की। सैन्य हमलों की वजह से खाड़ी क्षेत्र में वायु क्षेत्र बंद हो गया है और एमिरेट्स तथा एयर इंडिया सहित कई उड़ानों में रुकावट आई है। एयर इंडिया ने खाड़ी क्षेत्र से आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ाने रद्द कर दी हैं विशेषकर अबु धाबी, दम्मम, दोहा, दुबई, जेद्दा, मस्कट, रियाद और तेल अवीव से जुड़ी। अमेरिका, इजराइल और ईरान पर मिसाइल हमलों के बाद वायु क्षेत्र बंद होने की वजह से दुबई हवाई अड्डे ने सभी तरह का संचालन अनिश्चित काल के लिए रोक दिया है।

मलेशिया ओपन से बाहर हुईं पीवी सिंधु, सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-2 ने हराया

कुआलालंपुर पीवी सिंधु का सपना टूट गया है. सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-2 खिलाड़ी ने भारत की इस स्टार शटलर को मात दे दी है. पीवी सिंधु मलेशिया ओपन से बाहर हो गई हैं. शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में उन्हें दुनिया की नंबर 2 खिलाड़ी चीन की वांग झियी से 16-21, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा. पीवी सिंधु दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट वांग झियी के खिलाफ दबाव नहीं बना सकीं. पैर की चोट से उबरने के बाद अपना पहला टूर्नामेंट खेल रही सिंधु ने दूसरे गेम में 11-6 की बढ़त भी गंवा दी. पीवी सिंधु का सपना टूटा हार के साथ ही टूर्नामेंट में उनके सफर का निराशाजनक अंत हो गया. पीवी सिंधु ने वांग झियी को मुकाबले की शुरुआत में कड़ी टक्कर दी. उन्होंने जोरदार शॉट लगाए और अपने खास क्रॉस-कोर्ट स्मैश लगाकर 5-2 की बढ़त बना ली, लेकिन वांग के हल्के टच ने उन्हें लगातार अंक दिलाकर बराबरी करने में मदद की. पहले गेम में एक समय सिंधु 9-7 से आगे चल रही थीं, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने एक बार फिर वापसी की और इंटरवल पर सिंधु के नेट पर शॉट चूकने पर एक अंक की मामूली बढ़त बना ली. सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-2 खिलाड़ी ने दे दी शिकस्त मैच फिर से शुरू होने के बाद स्कोर एक समय 13-13 से बराबर था. 15-14 पर, वांग ने लगातार आक्रामक शॉट्स से दबाव बढ़ाया. वह 18-14 पर पहुंच गईं, एक जबरदस्त रैली में एक अंक गंवाया, फिर चार गेम अंक हासिल किए और ओपनर खत्म किया क्योंकि सिंधु वाइड चली गईं. दूसरे गेम में सिंधु दो गलतियों के बाद 1-3 पर फिसल गईं, लेकिन उन्होंने वापसी की, और 6-3 से आगे निकलने के लिए जोरदार रैली बनाईं. मलेशिया ओपन से कर दिया बाहर वांग ने अंतर कम किया, फिर भी सिंधु ने बीच के समय में अपनी विरोधी खिलाड़ी को तेज एंगल से कोनों की ओर धकेलकर अपना दबदबा बनाया, जिससे ब्रेक तक 11-6 की बढ़त हो गई. वांग ने दोबारा गेम शुरू होने के बाद जोरदार वापसी की, तेज रैलियों में हिस्सा लिया, लेकिन सिंधु ने लगभग परफेक्ट नेट शॉट्स से जवाब दिया और 13-9 से आगे रहीं. वांग ने फिर वापसी की, जब सिंधु के शॉट्स बाहर और नेट में चले गए, और 13-13 से बराबरी कर ली. इसके बाद 16-13 की बढ़त के साथ वांग झियी ने मैच अपने नाम कर लिया. 

बैडमिंटन स्टार पी.वी. सिंधु का वैश्विक सम्मान, BWF एथलीट्स कमीशन की कमान संभाली

नई दिल्ली दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय शटलर पी.वी. सिंधु को 2026–29 कार्यकाल के लिए बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) की एथलीट्स कमीशन का चेयरपर्सन चुना गया है। इस भूमिका के साथ ही सिंधु बीडब्ल्यूएफ काउंसिल की सदस्य के रूप में भी सेवाएं देंगी, जिससे विश्व बैडमिंटन की नीतियों और प्रशासन में खिलाड़ियों की आवाज और मजबूत होगी। इसके अलावा, हांगकांग चीन के चान हो यूएन डैनियल को पैरा बैडमिंटन एथलीट्स कमीशन का चेयर चुना गया है। सिंधु वर्ष 2017 से बीडब्ल्यूएफ एथलीट्स कमीशन की सदस्य रही हैं और 2020 से बीडब्ल्यूएफ इंटीग्रिटी एंबेसडर की भूमिका भी निभा रही हैं। 2019 की विश्व चैंपियन सिंधु अपने लंबे अनुभव और प्रभावशाली व्यक्तित्व के साथ इस अहम जिम्मेदारी को संभालेंगी। इस मौके पर सिंधु ने कहा, “मैं इस भूमिका को गहरी जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ स्वीकार करती हूं। एथलीट्स कमीशन की चेयर के रूप में मेरा फोकस यह सुनिश्चित करना होगा कि खिलाड़ियों की आवाज हर स्तर पर साफ, निरंतर और सम्मान के साथ सुनी जाए। मैं इस भूमिका को खिलाड़ियों और प्रशासन के बीच एक सेतु के रूप में देखती हूं। साथी खिलाड़ियों द्वारा मुझ पर जताया गया भरोसा मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं पूर्व चेयर ग्रेसिया पोली को उनके शानदार कार्य के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं।” सिंधु की डिप्टी चेयर नीदरलैंड्स की डेबोरा जिले होंगी। दक्षिण कोरिया की एन से यंग, मिस्र की दोहा हानी और चीन की जिया यी फैन भी कमीशन की अन्य खिलाड़ी प्रतिनिधि हैं। पैरा बैडमिंटन में, चान हो यूएन डैनियल ने इस साल की शुरुआत में अंतरिम चेयर के रूप में कार्य किया था और अब वह इस भूमिका को पूर्णकालिक रूप से निभाएंगे। दो बार के पैरालंपियन रह चुके डब्लूएच2 खिलाड़ी चान ने कहा, “बीडब्ल्यूएफ पैरा एथलीट्स कमीशन का चेयर चुना जाना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। यह न केवल मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि दुनिया भर के पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों की मेहनत और प्रगति की पहचान भी है।” डेनमार्क की कैथरीन रोसेनग्रेन उनकी डिप्टी होंगी। अमेरिका की एमी बर्नेट, फ्रांस के गुइयोम गैली, भारत के अबू हुबैदा और मिस्र के तारेक अब्बास घरीब ज़हरी कमीशन के अन्य सदस्य हैं। इस बीच, ईरान की सोराया अगाएई हाजी आगा, जो टोक्यो 2020 ओलंपिक में ईरान का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी थीं, को हाल ही में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की एथलीट्स कमीशन के पांच नए सदस्यों में शामिल किया गया है।  

चोट से जूझ रही पीवी सिंधु, यूरोपियन लेग से पहले 2025 सीजन के टूर्नामेंट से बाहर

बेंगलुरु  दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने फैसला किया है कि वह 2025 के बाकी सभी बीडब्ल्यूएफ टूर टूर्नामेंटों से नाम वापस लेंगी. यह कदम उन्होंने अपने पैर की चोट से पूरी तरह ठीक होने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उठाया है. 30 साल की यह स्टार शटलर यूरोपियन लेग से पहले लगी पैर की चोट से जूझ रही हैं. उन्होंने अपनी सपोर्ट टीम और चिकित्सा विशेषज्ञों, खास तौर पर मशहूर खेल ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दिनशॉ पारदीवाला से सलाह के बाद यह निर्णय लिया है. सिंधु ने सोमवार को जारी बयान में कहा, 'अपनी टीम से गहन चर्चा और डॉ.पारदीवाला के मार्गदर्शन में हमने तय किया कि मेरे लिए बेहतर यही होगा कि मैं 2025 के बाकी बीडब्ल्यूएफ टूर्नामेंटों से हट जाऊं. इससे मुझे पूरी तरह स्वस्थ होकर वापसी का मौका मिलेगा.' सिंधु ने आगे कहा, 'यूरोपियन लेग से पहले लगी पैर की चोट अब तक पूरी तरह ठीक नहीं हुई है. इसे स्वीकार करना आसान नहीं है, लेकिन चोटें हर खिलाड़ी के सफर का अभिन्न हिस्सा होती हैं. वे आपकी धैर्य और जज्बे की परीक्षा लेती हैं, लेकिन साथ ही और मजबूती से लौटने की आग भी जगाती हैं.' 2019 की वर्ल्ड चैम्पियन सिंधु ने बताया कि उनकी रीहैब और ट्रेनिंग पहले से जारी है, जो डॉ. वेन लॉम्बार्ड की देखरेख में हो रही है. इसमें निशा रावत, चेतना, और कोच इरवांस्या अदी प्रतामा लगातार उनका साथ दे रहे हैं. उन्होंने कहा,  'डॉ. वेन लॉम्बार्ड की निरंतर देखभाल, निशा रावत और चेतना के सहयोग और कोच इरवांस्या के मार्गदर्शन में मैं ऐसे लोगों से घिरी हूं जो मुझे हर दिन मजबूत बनाते हैं. उनकी आस्था मुझ में मेरे अपने आत्मविश्वास को बढ़ाती है. मैं पहले से ज्यादा प्रेरित, आभारी और भूखी हूं नई चुनौतियों के लिए.' कॉमनवेल्थ गेम्स की यह चैम्पियन पिछले कुछ समय से फॉर्म और फिटनेस, दोनों से जूझ रही हैं. पेरिस ओलंपिक में शुरुआती दौर से बाहर होने के बाद, 2025 का यह साल भी उनके लिए उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा. वह कई टूर्नामेंटों में पहले या दूसरे दौर में ही बाहर हुईं, जबकि इंडिया ओपन सुपर 750, वर्ल्ड चैम्पियनशिप और चाइना मास्टर्स सुपर 750 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना ही इस सीजन की खास उपलब्धि रही. पिछले साल मलेशिया मास्टर्स में वह खिताब के बेहद करीब पहुंची थीं, जहां उन्हें उपविजेता रहना पड़ा. हालांकि उन्होंने दिसंबर में सैयद मोदी इंटरनेशनल सुपर 300 का खिताब जीतकर अपनी वापसी का संकेत भी दिया था.

इतिहास रचने का सपना टूटा, पीवी सिंधु वर्ल्ड चैम्पियनशिप से बाहर

पेरिस  भारत की अनुभवी शटलर पीवी सिंधु का वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2025 में सफर समाप्त हो गया है. पेरिस में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में 29 अगस्त (शुक्रवार) को पीवी सिंधु वूमेन्स सिंगल्स में अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला हार गईं. 15वीं वरीयता प्रात सिंधु को इंडोनेशिया की कुसुमा वर्दानी के हाथों 14-21, 21-13, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा. 9वीं वरीयता हासिल वर्दानी ने यह मुकाबला 1 घंटा और 8 मिनट में जीता. देखा जाए तो पीवी सिंधु के लिए साल 2025 कुछ खास नहीं रहा है. पीवी सिंधु ने इस साल 13 मैच हारे हैं, जबकि उन्होंने केवल नौ में जीत हासिल की. सिंधु इस साल केवल दो बार किसी टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने में कामयाब रहीं. वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप से पहले सिंधु साल की शुरुआत में इंडिया ओपन के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने में सफल रही थीं. पीवी सिंधु इंडिया ओपन के बाद इंडिनेशिया मास्टर्स में खेलीं, जहां वो राउंड ऑफ 32 में हारकर बाहर हुईं. इसके बाद ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैम्पियनशिप और स्विस ओपन में सिंधु अपने पहले राउंड के मुकाबले गंवा बैठीं. फिर बैडमिंटन एशियन चैम्पियनशिप में सिंधु को राउंड ऑफ 16 में जापान की अकाने यामागुची ने हराया. मलेशिया मास्टर्स में पीवी सिंधु पहले राउंड में हारीं. जबकि सिंगापुर ओपन और इंडोनेशिया ओपन में उन्हें राउंड ऑफ 16 में हार झेलनी पड़ी. पीवी सिंधु ने जापान ओपन में भी भाग लिया, जहां वो पहले ही दौर में हार गईं. जबकि चाइना ओपन में उन्हें हमवतन उन्नति हुड्डा राउंड ऑफ-16 में हरा दिया. … तो इतिहास रच देतीं पीवी सिंधु पीवी सिंधु का विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में दमदार रिकॉर्ड रहा है. सिंधु ने साल 2019 में इस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता था. इसके अलावा सिंधु इस टूर्नामेंट में दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुकी हैं. सिंधु यदि वर्दानी के खिलाफ मुकाबला जीत लेतीं तो वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पिनशिप में उनका ये छठा पदक होता. देखा जाए तो सिंधु वर्ल्ड चैम्पियनशिप में महिला सिंगल्स में छह पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनने चूक गईं. पीवी सिंधु ने इस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर-2 चीनी खिलाड़ी झी यी वांग के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था. तब ऐसा लगा था कि वो फॉर्म में लौट आई हैं, लेकिन इंडोनेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ वो अपना बेस्ट नहीं दे पाईं. सिंधु ने रियो ओलंपिक (2016) में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था. फिर उन्होंने टोक्यो ओलंपिक (2020) में भी ब्रॉन्ज हासिल किया.