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रायगढ़ में हुड़दंगियों पर ड्रोन की नजर, होली के लिए 16 चेकिंग पॉइंट सक्रिय

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में होली शालीनता पूर्वक मनाने के लिए इस बार ड्रोन कैमरों से हुड़दंगियों पर नजर रखी जाएगी। रायगढ़ पुलिस अलर्ट मोड में है। शहर में चार सौ पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। वहीं शहर में 16 चेकिंग पॉइंट भी बनाए गए हैं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। रायगढ़ जिले में पिछले 48 घंटे से पुलिस जवान तैनात हैं। बीती रात होलिका दहन शांतिपूर्ण रूप से सम्पन्न हुआ। होली की चौक-चौबंद व्यवस्था को लेकर एसएसपी रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने आज पुलिस कार्यालय से जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों की वर्चुअल बैठक लेकर होली ड्यूटी की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान पुलिस का रिस्पांस टाइम सबसे महत्वपूर्ण रहेगा और किसी भी सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शहर की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा को सौंपी गई है। सीएसपी मयंक मिश्रा ने बताया कि अगले 48 घंटे लगातार पेट्रोलिंग, चेकिंग पॉइंट्स पर सघन जांच और बाइकर्स गैंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोतवाली, चक्रधरनगर, जूटमिल और कोतरारोड़ क्षेत्रों में बनाए गए 16 चेकिंग पॉइंट्स पर यातायात टीम द्वारा ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। शराब पीकर वाहन चलाते पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। एसएसपी के निर्देश पर इस बार थाना कोतवाली, चक्रधरनगर, जूटमिल, कोतरारोड़ और खरसिया क्षेत्र में 5 ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। पेट्रोलिंग यूनिट्स की लाइव लोकेशन के साथ एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप सक्रिय किया गया है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर निकटतम पेट्रोलिंग टीम तत्काल सहायता प्रदान कर सके। ड्रोन, व्हाट्सएप ग्रुप और शहरभर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए पुलिस कंट्रोल रूम में विशेष मॉनिटरिंग रूम बनाया गया है, जहां एक्सपर्ट टीम रियल टाइम मॉनिटरिंग कर किसी भी घटना या दुर्घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देगी। सुरक्षा प्रबंधन के तहत शहर के चार थाना क्षेत्रों में 27 पेट्रोलिंग, 16 चेकिंग पॉइंट्स तथा कोतवाली क्षेत्र में 24, कोतरारोड़ में 12 और जूटमिल व चक्रधरनगर में 10-10 फिक्स पिकेट पॉइंट स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त एडी स्क्वॉड की टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से सोशल मीडिया की भी निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट पर कार्रवाई की जाएगी। साइबर थाना और महिला थाना की टीम सादी वर्दी में असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखेगी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही अनुविभाग के थानों में एसडीओपी, थानों और पुलिस लाइन के अतिरिक्त बल मुस्तैद रहेंगे। होली के दौरान जिले में पुलिस बल के साथ छठवीं बटालियन और मैनपाट बटालियन से प्राप्त बल सहित लगभग 400 पुलिस अधिकारी और जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। ड्यूटी पर तैनात जवानों के लिए समय पर भोजन और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के वाटर एरिया पर विशेष निगरानी रखने, प्रशिक्षित होमगार्ड गोताखोरों की तैनाती करने तथा फायर ब्रिगेड को विभिन्न स्थानों पर तैयार रखने को कहा गया है। रायगढ़ पुलिस आज शाम सभी थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकालकर आमजन को संदेश देगी कि पुलिस हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। एसएसपी ने आगामी दो दिनों की ड्यूटी के लिए सभी अधिकारियों और जवानों को अनुशासन, समन्वय और सतर्कता बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि होली के दौरान किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, हुड़दंग, छेड़छाड़, शराब पीकर वाहन चलाना या शांति भंग करने की कोशिश बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि त्योहार की आड़ में कानून तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

रायगढ़ में महिला के पेट पर बिना चीरा सफल ऑपरेशन

रायगढ़. कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार गुणवत्ता और सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इसी कड़ी में मातृ एवं शिशु 100 बिस्तर अस्पताल रायगढ़ में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी एक जटिल समस्या का सफल उपचार कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में निवास करने वाली 55 वर्षीय महिला लंबे समय से गर्भाशय में दर्द एवं गर्भाशय बाहर आ जाने की गंभीर समस्या से पीड़ित थीं। आर्थिक एवं भौगोलिक कारणों से महिला बड़े शहरों में उपचार नहीं करा पा रही थीं। मातृ एवं शिशु रोग अस्पताल रायगढ़ पहुंचने पर महिला की जांच सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल के नेतृत्व में तथा डॉ. अभिषेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में की गई। वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. दिशा ठाकुर क्षत्रिय एवं डॉ. उपमा पटेल द्वारा मरीज की पहले विस्तृत काउंसलिंग की गई। आवश्यक जांचों के पश्चात महिला का वैजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। यह शल्य प्रक्रिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें पेट पर किसी प्रकार का चीरा नहीं लगाया जाता और मरीज को शीघ्र आराम मिलता है। चिकित्सकों के अनुसार 45 वर्ष की आयु के बाद एवं मेनोपॉज के पश्चात कई महिलाएं भय के कारण इस समस्या का उपचार नहीं करातीं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। समय पर किए गए इस ऑपरेशन से महिला को राहत मिली है और वह अब सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं। इस सफल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ.पी.एल.पटेल, सिस्टर इंचार्ज लता मेहर एवं जैसिंता सिस्टर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिला कार्यक्रम प्रबंधक रंजना पैकरा ने बताया कि अब जिले की महिलाओं को जटिल स्त्री रोग संबंधी उपचार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह उपलब्धि जिले में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है।

पी.एम. सूर्य घर योजना: रायगढ़ का एक गांव अब पूरी तरह सोलर एनर्जी से रोशन

जिला स्तरीय चयन समिति ने शुरू की चयन प्रक्रिया, 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों में अगले छह माह चलेगी प्रतिस्पर्धा रायुपर,  केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले में एक ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित सोलर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में जिला स्तरीय चयन समिति ने औपचारिक रूप से चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। कलेक्टर  की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले के उन्हीं ग्रामों को प्रतिस्पर्धा में शामिल किया जाएगा, जिनकी जनसंख्या 5 हजार  से अधिक है। चूंकि जिले में इस श्रेणी के ग्राम सीमित संख्या में हैं, इसलिए प्रशासन ने सर्वाधिक जनसंख्या वाले 10 ग्रामों का चयन कर उन्हें छह माह की प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया है।          उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर  राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति देने के लिए जिलों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा लक्ष्य को धरातल पर साकार किया जा सके।        रायगढ़ जिले में केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में प्रतियोगिता के लिए चयनित 10 ग्राम ग्राम पंचायतों में घरघोड़ा विकासखंड का ग्राम कुडुमकेला, तमनार विकासखंड का ग्राम तमनार, रायगढ़ विकासखंड का ग्राम खैरपुर, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम विजयनगर, तमनार विकासखंड का ग्राम तराईमाल, लैलूंगा विकासखंड का ग्राम गहनाझरिया, पुसौर विकासखंड का ग्राम गढ़मरिया, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम छाल, पुसौर विकासखंड का ग्राम सिसरिंगा, और पुसौर विकासखंड का ग्राम कोडातराई। इन्हीं ग्रामों में से एक ग्राम जिले का पहला सोलर मॉडल विलेज बनेगा।           जिले के सभी विकासखंड से ग्राम  पंचायतों का चयन किया गया है। इन ग्रामों में अब अगले छह माह तक सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, जनजागरूकता अभियान चलाने, घरेलू एवं सामुदायिक सौर संयंत्रों की स्थापना, तथा योजनाओं के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों की सतत समीक्षा की जाएगी।           इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए  प्रत्येक चयनित ग्राम में आदर्श ग्राम समिति गठित की जा रही है, जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, डॉक्टर, कृषि विस्तार अधिकारी तथा संबंधित शासकीय अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह समिति डोर-टू-डोर संपर्क कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पी.एम. कुसुम योजना, जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप, सोलर हाईमास्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रदान करेगी।          क्रेडा के सहायक अभियंता विक्रम वर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक ग्राम अपनी जरूरतों के अनुसार सामुदायिक सौर संयंत्रों के प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।  छह माह की अवधि पूर्ण होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन ग्रामीणों द्वारा स्थापित सौर संयंत्रों की संख्या, योजनाओं के लिए किए गए आवेदनों, सामुदायिक सहभागिता, उपलब्ध ऊर्जा सुविधाओं और सौर संसाधनों के उपयोग की आधारशिला पर किया जाएगा। इसी मूल्यांकन के आधार पर जिले के पहले सोलर मॉडल विलेज का चयन किया जाएगा और चयनित ग्राम का विस्तृत डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2025 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा, ताकि उस ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।

रायगढ़ में बड़ी कार्रवाई: 30 प्रकरणों से 3,266 क्विंटल अवैध धान जब्त, कीमत एक करोड़ पार

सभी अंतरराज्यीय एवं आंतरिक चेक पोस्टों पर 24×7 रखी जा रही कड़ी निगरानी        रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर सभी अंतरराज्यीय सीमाओं पर पर बसे ज़िलों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। साथ ही इस कार्य में संलिप्त पाए जाने वालों पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में समर्थन मूल्य पर पारदर्शी एवं निष्पक्ष धान खरीदी नीति के तहत प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान में  रायगढ़ में विगत 15 दिनों में 30 प्रकरणों के द्वारा कुल 3,266 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है, जिसकी कीमत 3100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 1 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है।            कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले की सीमाओं पर स्थित सभी अंतरराज्यीय एवं आंतरिक चेक पोस्टों पर 24×7 कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है, वहीं अनुविभागीय स्तर पर विशेष निगरानी दल सक्रिय हैं। अवैध धान भंडारण एवं परिवहन में शामिल हर व्यक्ति पर कार्रवाई करते हुए मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने आम नागरिकों एवं किसानों से अपील की है कि अवैध धान परिवहन या भंडारण की कोई भी जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस थाना, तहसील कार्यालय या चेक पोस्ट पर दें। कार्रवाई में सहयोग करना खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता को मजबूत करेगा। उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से सुचारु रुप से संचालित हो रहा धान खरीदी कार्य          जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 105 उपार्जन केन्द्र बनाए गए है। शासन के निर्देशानुसार सभी उपार्जन केन्द्रों में चेक लिस्ट के अनुरुप मूलभुत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। 105 उपार्जन केन्द्रों में से 15 केंद्रों को संवेदनशील और 4 केंद्रों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अवैध धान की आवाजाही रोकने के लिए 24 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, इनमें भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, एकताल, जमुना, तोलमा, हाड़ीपानी, लमडांड, हमीरपुर, मेनरोड हाटी, गोलाबुड़ा, फतेपुर, केशरचुंवा, टांगरघाट, बिजना, बरकछार, उर्दना बेरियर, बोईरदादर, बेरियर, पलगड़ा, भालूनारा, बाकारुमा बेरियर, ऐडू बेरियर एवं रीलो बेरियर सहित 24 अंतराज्यीय एवं आंतरिक चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन चेकपोस्टों पर 24 घंटे निगरानी के लिए तीन-तीन पालियों में चार टीमें तैनात की गई हैं। तुहर टोकन मोबाइल एप के जरिए ऑनलाईन टोकन एवं माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध           धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने और किसानों को पारदर्शी सुविधा प्रदान करने के लिए “तुंहर टोकन” मोबाइल ऐप के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा है और सोसायटी संचालक सुबह 9.30 बजे से टोकन जारी कर कर रहे है। टोकन सात दिनों तक वैध रहेंगे और आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे बिना किसान की सहमति कोई टोकन जारी नहीं हो सकेगा। सेवा सहकारी समितियों में कृषकों को लिए नगद लेनदेन हेतु माइक्रो एटीएम की भी सुविधा उपलब्ध है। जिसके माध्यम से कृषक एटीएम कार्ड के माध्यम से प्रतिदिन 10 हजार रुपए तक की राशि आहरण कर सकते है। सुगम एवं पारदर्शी धान खरीदी के लिए जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित           शासन के नीति के अनुरूप जिले में सुगम एवं पारदर्शी धान खरीदी के लिए कलेक्टर द्वारा जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई हैं। जांच कमेटी में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश कुमार गोलछा, खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह, जिला विपणन अधिकारी कु.जान्हवी जिलहरे, उप आयुक्  सहकारिता श्री व्यास नारायण साहू, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम श्री सी आदि नारायण एवं विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री एस.पी.सिंह शामिल है।