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बेतिया में नई रेललाइन का ट्रैक टूटने से बाल-बाल बची बगहा-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस

बेतिया. बिहार में बेतिया में बड़ा रेल हादसा टल गया। यहां बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची। नरकटियागंज-बेतिया रेलखंड पर कुमारबाग रेलवे स्टेशन से करीब तीन सौ मीटर की दूरी पर शनिवार की सुबह डाउन लाइन की रेल पटरी फ्रैक्चर हो गयी। इस दौरान टूटी रेल पटरी से ही पाटलिपुत्र जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस की दो बोगियां भी निकल गयी। इसी बीच चालक को रेल ट्रैक धंसने का एहसास हो गया और चालक ने ट्रेन को रोक दिया। जब चालक व ट्रेन के गार्ड ने उतरकर देखा तो ट्रैक टूटकर थोड़ी धंस गयी थी। चालक की सूज-बूझ से टला हादसा चालक एवं ट्रेन मैनेजर की सूझबूझ से सभी यात्री दुर्घटना के शिकार होते बाल-बाल बच गये। रेल यात्रियों के बीच भी अफरा तफरी मच गयी। जानकारी मिलते ही रेलवे के कई वरीय अधिकारी व निर्माण कार्य से जुड़े कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। आरपीएफ के जवान ने भी मौके पर पहुंच छानबीन की। अन्य ट्रेनों के परिचालन को भी थोड़ी देर के लिए रोककर टूटी रेल पटरी को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। जिसके बाद डाउन रेलवे लाइन पर परिचालन शुरू किया गया। हालांकि रेल पटरी टूटने का कारण घटनास्थल पर मौजूद किसी अधिकारी एवं कर्मी ने नहीं बता पाया। दो बोगियों के गुजरने के बाद हुआ एहसास रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 15202 इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन कुमारबाग रेलवे स्टेशन से सुबह 5:48 बजे खुली। करीब 300 मीटर दूर जाने पर इंजन एवं दो बोगियां गुजरने के दौरान चालक को ट्रेक धंसने का एहसास हुआ, तब जाकर रेल दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गयी। रेल पटरी को कैसे भी ठीक करा ट्रेन का परिचालन शुरू हुआ। इस दौरान कुमारबाग में करीब दो घंटे तक इंटरसिटी एक्सप्रेस रुकी रह गयी। चनपटिया में सप्तक्रांति एक्सप्रेस को भी रोक दिया गया था। बताया जा रहा है हाल में ही इसी रेल लाइन का सीआरएस भी हुआ था।

दिल्ली-अंबाला सेक्शन पर दो नई रेल लाइनों का काम शुरू

अंबाला. दिल्ली-अंबाला सेक्शन पर दो नई रेल लाइनों (अप-डाउन) का सर्वे शुरू हो गया है। करीब 194 किलोमीटर रेल लाइनों से प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर लाभान्वित होंगे। इस पर करीब 5,983 करोड़ रुपये निर्धारित कर दिए गए हैं। रेलवे के लिए यह परियोजना रेलवे के लिए अहम है। इससे रेलयात्रियों और रेलवे को तो फायदा होगा, रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे। यात्रियों को नो-रूम जैसी स्थिति से छुटकारा मिल जाएगा। नई रेल लाइनों के लिए कई स्थानों पर जमीन का अधिग्रहण भी होगा। चार साल में पूरा होगा लक्ष्य यह परियोजना अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत के यात्रियों के लिए सबसे बड़ा फायदा देगा। चार वर्षों में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पानीपत जंक्शन से अंबाला तक डाउन लाइन की तरफ और दिल्ली की तरफ अपलाइन के साथ नई लाइनें बिछेंगी। दिल्ली से आई टीम ने अंबाला की ओर सर्वे शुरू कर दिया है। ट्रेनों के क्रॉसिंग में लगने वाला समय कम होगा वर्तमान में ट्रेनों को क्रास करने में समय लगता है। यदि किसी ट्रेन को क्रास करवाना है, तो उसके लिए एक ट्रेन को रोका जाता है। कई बार तो एक से ज्यादा ट्रेनों को क्रास कराया जाता है। ऐसे में जिस ट्रेन को रोका जाता है, उसके यात्री परेशान होते हैं और ट्रेन अपने समय पर भी गंतव्य तक नहीं पहुंच पाती। नई रेल लाइनें बिछने के बाद ट्रेनों की क्रासिंग का समय भी कम होगा। ट्रेनों का संचालन बढ़ेगा : दो नई लाइनों के बिछने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। अभी स्थिति ऐसी हो जाती है कि ट्रेनों में नो रूम बन जाता है। यानी टिकट ही नहीं मिल पाते। ट्रेनें बढ़ने से यात्रियों को ट्रेनों में सीट मिल जाएगी और रेलवे को राजस्व मिल सकेगा। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे दिल्ली-अंबाला नई रेल का यह प्रोजेक्ट रोजगार के मौके भी बढ़ाएगा। ट्रेनों के लिए जहां प्लेटफार्मों का विस्तार होगा, वहीं स्टालों की संख्या भी बढ़ जाएगी। इसी तरह यात्रियों के लिए टिकट लेना और आरामदायक करने के लिए रेलवे द्वारा स्टेशन परिसर से बाहर भी टिकट घर दिए जा सकेंगे। इसके लिए रेलवे द्वारा निर्धारित फीस ली जाएगी, यात्रियों को सुविधा होगी कि वे स्टेशन की बजाए बाहर से टिकट खरीद सकेंगे। जंक्शन पर ठहरती है 114 ट्रेनें रेलवे जंक्शन पर रोजाना 170 करीब ट्रेनें गुजरती है, इसमें मालगाड़ी के साथ यात्री ट्रेन शामिल है। प्रतिदिन 114 से अधिक ट्रेनों का ठहराव पानीपत में होता है। इसमें वंदे भारत, शताब्दी, जन शताब्दी, सुपरफास्ट, मेल एक्सप्रेस के अलावा पैसेंजर ट्रेन शामिल है। अंबाला से जालंधर तीसरी रेल लाइन बिछेगी रेलवे की ओर से अंबाला से जालंधर तक तीसरी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस योजना पर लगभग 3200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस मार्ग पर लगातार बढ़ रही ट्रेनों की संख्या को देखते हुए रेलवे ने यह फैसला किया है। इस योजना के तहत सर्वे पूरा करवा लिया है। रेलवे के निर्माण विभाग ने भी प्रस्ताव तैयार करके रेलवे बोर्ड के पास मान्यता के लिए भेज दिया है। नई लाइन के लिए हरियाणा और पंजाब में 20 से 30 फीट तक जालंधर से अंबाला की तरफ आने वाली पुरानी लाइन के साथ ही भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। दिल्ली से अंबाला और फिर अंबाला से लुधियाना-जालंधर तक लगभग 153 किमी का सर्वे किया गया। यह है प्रोजेक्ट  रेलवे अधिकारियों की ओर से दिल्ली-अंबाला रेल लाइन को बिछाने से पहले सर्वे किया गया, जिसके बाद यह पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसमें रेलवे द्वारा जमीन अधिग्रहण को भी ध्यान में रखा गया है। पांच जिलों से यह रेल लाइन निकलेगी, वहां के कुल 32 स्टेशनों पर सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा। इस नई रेल लाइन पर 29 पुल बनाए जाएंगे, जबकि पुराने पुलों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। दावा है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद करीब 43 करोड़ किलो कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन रुकेगा। नई रेल लाइनों से ट्रेनें बढ़ेंगी दो लाइनों के विस्तार किया जाएगा। सर्वे के लिए दिल्ली और अंबाला की टीमें कार्य कर रही हैं। नई रेल लाइनों से ट्रेनें बढ़ेंगी और ट्रेनों की गति भी बढ़ेगी। – रमेश चंद्र, स्टेशन अधीक्षक, पानीपत।

पंजाब में रेलवे लाइन पर धमाके से मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त

फतेहगढ़/सरहिंद. सरहिंद क्षेत्र में रेलवे लाइन पर देर रात एक बड़ा धमाका होने की खबर सामने आई है। यह ब्लास्ट फतेहगढ़ सहिब-सरहद रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर दूर फ्रेट कॉरिडोर रेलवे लाइन पर हुआ। यह घटना रात करीब 11 बजे उस दौरान घटी जब जब एक मालगाड़ी फ्रंट कोरिडोर रेल लाइन से गुजर रही थी। जानकारी के मुताबिक, यह नई रेलवे लाइन विशेष रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए बनाई गई है। जैसे ही मालगाड़ी का इंजन खानपुर फाटकों के पास पहुंचा, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के कारण रेलवे लाइन का करीब 12 फीट हिस्सा पूरी तरह उड़ गया। लोको पायलट हुआ घायल इस धमाके में मालगाड़ी के लोको पायलट को भी चोटें आई हैं। घायल चालक को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और इस बाबत रेलवे अधिकारियों को जानकारी दी गई। वहीं, इसे लेकर डीजीपी लॉ ऑर्डर ने बताया की अलग अलग टीम मामले की जांच कर रही। धमाके में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया या नहीं। यह अभी कहना मुश्किल है। मामले की जांच के लिए अलग-अलग टीम जुट गई हैं। धमाके में घायल लोको पायलट को चंडीगढ़ ले जाया गया है, क्षतिग्रस्त इंजनको अंबाला ले जाया गया है। आतंकी साजिश की ओर इशारा घटनास्थल पर पहुंचे डीआईजी रोपड़ डॉक्टर नानक सिंह ने बताया किइस घटना के पीछे आतंकवादी गतिविधि से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि फोरेंसिक सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रेलवे लाइन पर हुए ब्लास्ट के बाद डॉग स्क्वाडड और बम स्क्वाड ने रेलवे लाइन तथा आसपास के क्षेत्र में सघन जांच शुरू कर दी है। डीआईजी ने बताया की सभी जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। आपसी तालमेल के साथ इस घटना की यह तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। डीआईजी ने बताया कि रेलवे लाइन पर हुआ ब्लास्ट ज्यादा घातक नहीं था। क्षतिग्रस्त इंजन में सवार एक रेल कर्मचारी मामूली रूप से घायल हुआ है। ब्लास्ट से रेल इंजन के शीशे टूट गए। क्षतिग्रस्त रेल इंजन को अंबाला भेज दिया गया है। देर रात चले सर्च अभियान के बाद अब दिन के उजाले में पंजाब पुलिस व एजेंसियां जांच में जुटी हैं।