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इतिहास रचा जम्मू-कश्मीर ने, 67 साल बाद रणजी ट्रॉफी जीती; कर्नाटक को फाइनल में दी शिकस्त

नई दिल्ली रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताब जम्मू-कश्मीर ने जीत लिया है। जेएंडके की टीम को कर्नाटक की पहली पारी पर विशाल बढ़त के आधार पर विजेता घोषित किया गया। रणजी ट्रॉफी फाइनल के पांचवें दिन जम्मू-कश्मीर ने अपनी दूसरी पारी 342/4 के स्कोर पर घोषित की, जिसमें कामरान इकबाल (160) और साहिल लोतरा (101) ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने-अपने शतक पूरे किए। दोपहर लगभग 2:10 बजे कप्तान पारस डोगरा द्वारा पारी घोषित किए जाने के बाद दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाया और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। चूंकि जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रनों की विशाल बढ़त हासिल की थी, इसलिए उन्हें विजेता घोषित किया गया और इस तरह उन्होंने 67 वर्षों के इतिहास में अपना पहला रणजी खिताब जीतकर नया इतिहास रचा। इस मैच में जम्मू एंड कश्मीर के लिए 121 रनों की पारी शुभम पुंडीर ने खेली थी, जबकि 88 रन यावर हसन ने बनाए थे। 72 रन साहिल लोत्रा ने और 70-70 रनों की पारी कप्तान पारस डोगरा और कन्हैया वधवान ने खेली थी। 61 रन अब्दुल समद ने भी बनाए थे। प्रसिद्ध कृष्ण को पांच विकेट मिले थे। कर्नाटक के लिए 160 रनों की पारी मयंक अग्रवाल ने खेली। उनके अलावा कोई अर्धशतक भी नहीं जड़ सका। आकिब नबी डार ने 5 विकेट निकाले। दूसरी पारी में कामरान इकबाल ने शतक पूरा कर लिया है।

चिन्नास्वामी नहीं, हुबली में होगा रणजी फाइनल मुकाबला

चेन्नई कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) इस बार मंगलवार को कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच होने वाले रणजी ट्रॉफी का फाइनल की मेजबानी करेगा और यह मुकाबला चिन्नास्वामी स्टेडियम की जगह हुबली में खेला जाएगा। केएससीए के पास इस मैच को बेंगलुरू या हुबली में से एक जगह कराने का विकल्प था। हालांकि, गृह मंत्रालय की एक्सपर्ट कमिटी द्वारा सुझाए गए बदलावों के निर्माण कार्य अभी जारी होने के कारण ही मैच को हुबली स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। केएससीए के एक प्रवक्ता ने कहा, “दर्शकों के प्रवेश और कई जरूरी जगहों पर काम जारी है और उन रास्तों को चौड़ा किया जा रहा है। इसके अलावा भी कई अहम कार्य हो रहे हैं। इन निर्माणों के बीच रणजी फाइनल को जिस तरह की सुविधा मिलनी चाहिए वो दे पाना संभव नहीं था।” उत्तराखंड को पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर मात देने वाली आठ बार की चैंपियन कर्नाटक 2014-15 सीजन के बाद पहली बार खिताब जीतने मैदान में उतरेगी। फाइनल में कर्नाटक का सामना 67 सालों में पहली बार फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर की टीम से होगा। आंकड़ों की बात की जाये तो इससे पहले दोनों टीमें चार बार भिड़ंत कर चुकी है और हर बार कर्नाटक को जीत मिली है।  

इतिहास रचा J&K ने! 67 साल बाद पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में जगह, बंगाल को दी मात

  कल्याणी भारतीय घरेलू क्रिकेट में बड़ा उलटफेर करते हुए जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रच दिया. 1959-60 में पहली बार रणजी खेलने वाली इस टीम ने 67 साल में पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली. सेमीफाइनल में दो बार की पूर्व चैम्पियन बंगाल को 6 विकेट से हराकर जम्मू-कश्मीर ने अपने सफर का सबसे सुनहरा अध्याय लिख दिया. आकिब नबी का कहर, बंगाल 99 पर ढेर मैच की असली पटकथा तेज गेंदबाज आकिब नबी ने लिखी. उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर 9 विकेट झटके और बंगाल की दूसरी पारी को 25.1 ओवरों में 99 रन पर समेट दिया. पहली पारी में 328 रन बनाने वाली बंगाल टीम दूसरी पारी में पूरी तरह बिखर गई. जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 302 रन बनाए थे, जिससे मुकाबला संतुलन में था. लेकिन नबी की घातक गेंदबाज़ी ने लक्ष्य को 126 तक सीमित कर दिया. 126 रनों का लक्ष्य, चौथे दिन संयमित पीछा तीसरे दिन के खेल समाप्ति तक जम्मू-कश्मीर 43/2 था. चौथे दिन सुबह शुभम पुंडीर (27) और कप्तान परस डोगरा (9) जल्दी आउट हो गए, जिससे थोड़ी घबराहट जरूर हुई. लेकिन इसके बाद वंशज शर्मा और अब्दुल समद ने मोर्चा संभाला. दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 55 रन की अहम साझेदारी की. वंशज शर्मा (43*) ने धैर्य और तकनीक का बेहतरीन मिश्रण दिखाया. अब्दुल समद (30*) ने आक्रामक अंदाज में मैच खत्म किया. जम्मू-कश्मीर ने 34.4 ओवरों में 126/4 बनाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. लंबा सफर, अब फाइनल की दहलीज जम्मू-कश्मीर 2013-14 सीजन में एक दशक बाद पहली बार नॉकआउट में पहुंचा था, लेकिन तब भी खिताबी रेस दूर थी. इस बार टीम ने न सिर्फ नॉकआउट पार किया, बल्कि फाइनल में प्रवेश कर यह साबित कर दिया कि अब उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता. संक्षिप्त स्कोर: बंगाल: 328 और 99 जम्मू-कश्मीर: 302 और 126/4 जम्मू-कश्मीर की यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, धैर्य और विश्वास की जीत है. अब सबकी नज़रें फाइनल पर टिकी हैं, जहां टीम इतिहास को और भी यादगार बनाने उतरेगी.

रणजी ट्रॉफी में संकट: मध्य प्रदेश की आधी टीम ढेर, दिल्ली की खराब शुरुआत

नई दिल्ली विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के आखिरी दो क्वार्टर फाइनल मुकाबले आज यानी मंगलवार 13 जनवरी को खेले जा रहे हैं। तीसरे क्वार्टर फाइनल में पंजाब की टीम ने एमपी को 346 रनों का टारगेट दिया है, जबकि चौथे क्वार्टर फाइनल में दिल्ली के सामने विदर्भ की टीम ने 301 रनों का लक्ष्य रखा है। दोनों मुकाबले बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी सीओई के मैदानों पर खेले दा रहे हैं। दो टीमें पहले ही टूर्नामेंट के सेमीफाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। मुंबई को हराकर कर्नाटक और यूपी को हराकर सौराष्ट्र ने सेमीफाइनल का टिकट कटाया हुआ है। मध्य प्रदेश और दिल्ली की हालत खस्ता मध्य प्रदेश और दिल्ली की हालत खस्ता है। पंजाब के खिलाफ मध्य प्रदेश की आधी टीम 66 रन पर ढेर हो गई है। वेंकटेस अय्यर का खाता नहीं खुला। अक्षत रघुवंशी ने चार रन बनाए। वहीं, दिल्ली ने विदर्भ के सामने 301 का टारगेट चेज करते हुए 80 पर चार विकेट गंवा दिए हैं। ओनपर वैभव कंडपाल और प्रियांश आर्य ने 28-28 जबकि तेजस्वी दहिया ने 15 रन बनाए। नितीश राणा का खाता नहीं खुला। मध्य प्रदेश के ओपनर्स लौटे 346 के लक्ष्य का पीछा करते हुए मध्य प्रदेश की शुरुआत खराब रही। 14 ओवर में मध्य प्रदेश का स्कोर तीन विकेट पर 57 रन है। गुरनूर बरार ने पांचवें ओवर में ओपनर यश दुबे (3) और नौवें ओवर में हिमांशु मंत्री (18) का शिकार किया। सनवीर सिंह ने 14 ओवर में शुभम शर्मा (24) को पवेलियन भेजा। पंजाब की अच्छी शुरुआत 6 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर मध्य प्रदेश का स्कोर 21 रन है। पंजाब को शुरुआत में ही गुरनूर बराड ने सफलता दिलाई,. जिन्होंने यश दुबे को 3 रन पर चलता किया।   दिल्ली की दमदार शुरुआत दिल्ली की टीम को अच्छी शुरुआत मिली है। 4 ओवर में बिना कोई विकेट खोए दिल्ली की टीम ने 31 रन बना लिए हैं। लक्ष्य 301 रनों का दिल्ली के सामने विदर्भ ने रखा है। ओपनर प्रियांश आर्या और वैभव कंडपाल हैं।

6,6,6,6… आकाश कुमार चौधरी की तूफ़ानी बल्लेबाज़ी, फर्स्ट क्लास में सबसे तेज फिफ्टी

 सूरत मेघालय के क्रिकेटर आकाश कुमार चौधरी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है. अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी प्लेट-ग्रुप मैच के दौरान आकाश ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट और रणजी ट्रॉफी के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक जड़ा. सूरत के पिठवाला स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में आकाश ने सिर्फ 11 गेंदों पर फिफ्टी पूरी कर ली. आकाश की तूफानी पारी की बदौलत मेघालय ने अपनी पहली पारी 628/6 के स्कोर पर घोषित की. आकाश कुमार चौधरी ने वेन व्हाइट का पिछला रिकॉर्ड तोड़ा. व्हाइट ने साल 2012 में एसेक्स के खिलाफ लीसेस्टरशायर की ओर से खेलते हुए 12 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की थी. आकाश ने 14 गेंदों पर नाबाद 50 रन बनाए, जिसमें 8 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे. आकाश ने इस दौरान 126वें ओवर में लिमर डाबी की सभी 6 गेंदों पर छक्के लगाए. इसके बाद आकाश ने जो अगली दो गेंदें खेलीं, उसे भी छक्के के लिए भेजा. आकाश ऐसे पहले क्रिकेटर हैं, जिन्होंने फर्स्ट क्लास मैच में लगातार आठ गेंदों पर छक्के लगाए. रणजी ट्रॉफी के इतिहास में ऐसा दूसरा मौका है, जब किसी खिलाड़ी ने एक ओवर लगातार छह छक्के लगाए. इससे पहले 1984-85 में रवि शास्त्री ने तिलक राज के खिलाफ ऐसा किया था. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कुल मिलाकर यह तीसरा मौका है, जब एक ओवर में किसी बैटर ने लगातार छह छक्के जड़े. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी (गेंदों के हिसाब से) 11- आकाश कुमार चौधरी, मेघालय अरूणाचल प्रदेश, सूरत, 2025 12- वेन व्हाइट, लीसेस्टरशायर vs एसेक्स, लीसेस्टर, 2012 13- वैन वुरेन, ईस्टर्न प्रोविंस B vs ग्रिक्वालैंड वेस्ट, क्रैडॉक, 1984/85 14- नेड एकर्सली, लीसेस्टरशायर vs एसेक्स, लीसेस्टर, 2012 15- खालिद महमूद, गुजरांवाला vs सरगोधा, गुजरांवाला, 2000/01 15- बंदीप सिंह, जम्मू एवं कश्मीर vs त्रिपुरा, अगरतला, 2015/16 मेघालय के लिए पहली पारी में अर्पित भटेवरा ने सबसे ज्यादा 273 गेंदों पर 207 रन बनाए, जिसमें 23 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. राहुल दलाल और कप्तान किशन लिंगदोह ने भी शतकीय योगदान दिया. राहुल ने 12 चौके और 9 छक्के की सहायता से 102 बॉल पर 144 रन बनाए. वहीं लिंगदोह ने 187 बॉल पर 119 रन बनाए. लिंगदोह की इनिंग्स में 14 चौके के अलावा एक सिक्स शामिल रहा. अरुणाचल के लिए टीएनआर मोहित ने सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके. आकाश चौधरी का कैसा है करियर? आकाश कुमार चौधरी ने अब तक 31 फर्स्ट क्लास, 28 लिस्ट-ए और 30 टी20 मुकाबले खेले हैं. दाएं हाथ के ऑलराउंडर आकाश ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 553 रन बनाए हैं, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल रहे. वहीं उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए 87 विकेट भी झटके हैं. 25 साल के आकाश कुमार चौधरी के नाम पर लिस्ट ए क्रिकेट में 203 रन (15.61 औसत, 1 फिफ्टी) और 37 विकेट (29.24 एवरेज) दर्ज हैं. टी20 मैचों में आकाश ने 107 रन (10.70 एवरेज) बनाए और 28 विकेट (26.25 औसत) अपने नाम किए हैं.

दिल्ली क्रिकेट में बड़े बदलाव: बडोनी बने कप्तान, नीतीश राणा लौटे टीम में

नई दिल्ली  दिल्ली ने हैदराबाद के खिलाफ 15 अक्टूबर से शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी क्रिकेट मैच के लिए शुक्रवार को 24 सदस्यीय टीम की घोषणा की जिसमें आयुष बडोनी को कप्तान और यश ढुल को उपकप्तान नियुक्त किया गया है। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) की चयन समिति ने नीतीश राणा को भी टीम में शामिल किया है। राणा उत्तर प्रदेश के साथ कुछ समय तक खेलने के बाद दिल्ली की टीम में वापस आ गए हैं। डीडीसीए सचिव अशोक शर्मा ने पीटीआई को बताया, ‘‘चयनकर्ताओं ने 24 खिलाड़ियों को इसलिए चुना है क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे प्रत्येक मैच में चयन के लिए एक बड़ा पूल हमेशा उपलब्ध रहता है। जब हम दिल्ली में घरेलू मैच खेलेंगे, तो हम इसे घटाकर 15 कर देंगे।’’ राणा की वापसी पर शर्मा ने कहा, ‘‘वह एक अनुभवी खिलाड़ी हैं और चयनकर्ता उन्हें परखना चाहते थे। अगले मैच में हम ऋषभ पंत के खेलने की उम्मीद कर रहे हैं।" बैठक में चयनकर्ता यशपाल सिंह, के. भास्कर पिल्लई और मनु नायर के साथ-साथ मुख्य कोच सरनदीप सिंह, सीएसी सदस्य सुरिंदर खन्ना और डीडीसीए के अधिकारी अशोक शर्मा (सचिव) और अमित ग्रोवर (संयुक्त सचिव) भी शामिल हुए। दिल्ली टीम: आयुष बडोनी (कप्तान), यश ढुल (उप-कप्तान), अर्पित राणा, सनत सांगवान, अनुज रावत (विकेटकीपर), सुमित माथुर, शिवम शर्मा, रौनक वाघेला, नवदीप सैनी, सिमरजीत सिंह, मनी ग्रेवाल, सिद्धांत शर्मा, ध्रुव कौशिक, प्रणव राजवंशी (विकेटकीपर), नीतीश राणा, हिम्मत सिंह, आयुष दोसेजा, राहुल डागर, रितिक शौकीन, प्रियांश आर्य, तेजस्वी (विकेटकीपर), वैभव कांडपाल, रोहन राणा, आर्यन राणा (फिटनेस हासिल करने पर)।