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कप्तानी को लेकर ऋषभ पंत का रिएक्शन वायरल: ‘बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं…’

नई दिल्ली आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि एकमात्र टेस्ट में कप्तानी करना सर्वश्रेष्ठ स्थिति नहीं है लेकिन वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं। पंत का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शनिवार से गुवाहाटी में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच की कड़ी चुनौतियों के के बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। गुवाहाटी टेस्ट में नियमित कप्तान शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में ऋषभ पंत कप्तानी करेंगे। वह महेंद्र सिंह धोनी के बाद टेस्ट में भारत की कप्तानी संभालने वाले दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज होंगे। इस मैच से पहले नियमित कप्तान शुभमन गिल को चोटिल होने के कारण टीम से रिलीज कर दिया गया था, जिसके बाद पंत को कप्तानी सौंपी गई। पंत ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘एक कप्तान के लिए एकमात्र मैच सबसे अच्छा विकल्प नहीं होता, लेकिन मैं बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) का मुझे यह सम्मान देने के लिए आभार व्यक्त करता हूं। कभी-कभी अगर आप किसी बड़े मौके के बारे में बहुत ज़्यादा सोचते हैं, तो इससे कोई फ़ायदा नहीं होता।’ उन्होंने कहा, ‘मैं ज्यादा सोचना नहीं चाहता। पहला टेस्ट मैच हमारे लिए कठिन था और हमें टेस्ट जीतने के लिए जो भी करना होगा हम वह करेंगे।’ ईडन गार्डन्स में जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका दो मैचों की श्रृंखला में 1-0 से आगे है, जहां पहली पारी में बल्लेबाजी करते समय गिल की गर्दन में अकड़न आ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। पंत ने कहा कि टीम प्रबंधन ने पहले ही मैच के लिए गिल के स्थान पर खेलने वाले खिलाड़ी के बारे में फैसला कर लिया है, लेकिन उन्होंने नाम का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘हमने फैसला कर लिया है कि शुभमन की जगह कौन खेलेगा। जो खिलाड़ी खेलेगा उसे इसके बारे में बता दिया गया है।’ पंत ने कहा, ‘मैं पारंपरिक बने रहना चाहता हूं और साथ ही लीक से हटकर सोचना भी चाहता हूं। मैं अच्छा संतुलन बनाना चाहता हूं। हमें चीजों को सरल रखना होगा और जो टीम बेहतर क्रिकेट खेलेगी, वही जीतेगी।’ पंत ने महत्वपूर्ण मैच के लिए उपलब्ध रहने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए गिल की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘शुभमन मैच खेलने के लिए उत्सुक थे। उन्होंने तब भी लचीलापन दिखाया जब शरीर साथ नहीं दे रहा था और खिलाड़ियों से इसी तरह का रवैया आप देखना चाहते हैं। मैं गिल से रोज़ बात करता हूं। मुझे कल शाम को ही पता चला कि मैं इस मैच में कप्तानी करूंगा।’  

लंबी चोट के बाद कमबैक पर बोले पंत— किस्मत ने साथ दिया

नई दिल्ली  ऋषभ पंत चार महीने के अंतराल के बाद शुक्रवार को कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से भारतीय टीम में वापसी करेंगे। स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज चोट से उबरने के बाद फिर से क्रिकेट खेलने पर काफी खुश हैं।  जुलाई में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट के दौरान पंत के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। उन्होंने बेंगलुरु में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ भारत ए के दो अनौपचारिक टेस्ट मैचों से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की। पंत ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ‘चोट लगने के बाद वापसी करना कभी आसान नहीं होता। लेकिन मुझ पर हमेशा भगवान की कृपा रही है। उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहा है और इस बार भी उनकी कृपा से ही मैं वापसी करने में सफल रहा। मैं वापसी करके बहुत खुश हूं।’ उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं मैदान पर उतरता हूं तो आभार जरूर व्यस्त करता हूं। मैं हमेशा ऊपर देखता हूं और भगवान, अपने माता-पिता, अपने परिवार, सभी का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने चोट से उबरने के दौरान मेरा साथ दिया।’ पंत ने कहा कि रिहैबिलिटेशन के दौरान उनका ध्यान अपने दिमाग को अच्छी स्थिति में रखने पर था, न कि अपने भविष्य के बारे में बाहरी अटकलों के बारे में चिंता करने पर। उन्होंने कहा, ‘मैं केवल उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करता हूं जो मेरे नियंत्रण में हैं। किस्मत ऐसी चीज़ है जिसे आप नियंत्रित नहीं कर सकते। इसलिए मैं इसके बारे में सोचने की कोशिश नहीं करता। आप केवल उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करें जो आपके लिए मायने रखती हैं। आपको खुशी मिलेगी यदि आप उन चीजों को करते रहें जो आपको अच्छा महसूस कराती हैं। जब आप चोटिल हो तब ऐसा करना जरूरी हो जाता है।’ इस 28 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘आप जो भी कर रहे हैं, आपको उस पल का आनंद लेना चाहिए, अपना 100 प्रतिशत देना चाहिए और उसमें आनंद और खुशी ढूंढनी चाहिए।’