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गोरखपुर की अनिता मद्धेशिया ने शुरू किया प्ले स्कूल, बनीं आत्मनिर्भर

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ महिलाओं को घर की चारदीवारी से निकालकर उद्योग-व्यापार जगत में मुख्यधारा से जोड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाएं महिलाओं को उनके सपने पूरे करने में अहम योगदान निभा रही हैं। गोरखपुर की अनिता मद्धेशिया की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो समाज की बेड़ियों को तोड़कर अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। इनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा और समर्थन से महिलाएं अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं।  प्ले स्कूल खोलने का सपना किया साकार मुख्यमंत्री युवा योजना को लेकर अनिता मद्धेशिया ने बताया कि उन्होंने जिला उद्योग केंद्र (DIC) में संपर्क किया और योजना की जानकारी ली। आवेदन के बाद मुख्यमंत्री युवा योजना के माध्यम से उनको 5 लाख रुपये का ब्याज-गारंटी मुक्त लोन मिला। अनिता ने इस योजना का लाभ लेते हुए एएस प्लेवे क्लासेज 'A.S. Playway Classes' नाम से प्ले-स्कूल शुरू किया। आज वह स्वयं एक सफल उद्यमी बनकर अपने साथ 4 अन्य युवाओं को रोजगार प्रदान कर रही हैं और समाज को एक बेहतर भविष्य देने का प्रयास कर रही हैं। मुख्यमंत्री युवा योजना से सशक्त, आत्मनिर्भर हो रहीं महिलाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के सहयोग और महिलाओं के लिए चलाई गई महत्वाकांक्षी योजनाओं से अनिता मद्धेशिया जैसी हजारों महिलाएं आज सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के माध्यम से प्रदेश की जीडीपी में अपना योगदान दे रही हैं। मुख्यमंत्री युवा योजना सरकार की एक पहल है, जिससे राज्य के युवा उद्यमिता का सपना पूरा कर रहे हैं। योगी सरकार इस योजना के माध्यम से शिक्षित और कुशल युवाओं को अपने स्वयं के उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके सशक्त बनाना चाहती है, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा। इस योजना के तहत प्रदेश के शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ब्याज व गारंटी मुक्त 5 लाख रूपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इच्छुक युवा अपने जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर योजना की पूर्ण जानकारी लेकर उद्यमी बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।

हौसले ने बदली तकदीर : मुर्गी पालन से आत्मनिर्भर बनीं ग्राम जमथान की सकून मौर्या

रायपुर मजबूत इरादे, मेहनत और सही अवसर मिलने पर साधारण परिस्थितियों में रहने वाला व्यक्ति भी सफलता की नई कहानी लिख सकता है। मनेन्द्रगढ-भरतपुर-चिरमिरी जिले के ग्राम जमथान की निवासी  सकून मौर्या ने अपने आत्मविश्वास, मेहनत और स्व-सहायता समूह के सहयोग से यही कर दिखाया है। आज वे मुर्गी पालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़कर मिला नया आत्मविश्वास       साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली सकून मौर्या पहले अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंतित रहती थीं। इसी दौरान वे महामाया महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, बैंकिंग और स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने कुछ नया करने का निर्णय लिया। बैंक सहायता से शुरू किया मुर्गी पालन        समूह के सहयोग और मार्गदर्शन से उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के माध्यम से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग करते हुए उन्होंने मुर्गी पालन का कार्य शुरू किया। शुरुआत में यह एक छोटा प्रयास था, लेकिन अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने इस कार्य को धीरे-धीरे एक सफल व्यवसाय में बदल दिया। मुर्गी पालन से मिली आर्थिक मजबूती आज मुर्गी पालन उनके परिवार की आय का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 93 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पहले से बेहतर तरीके से पूरा कर पा रही हैं। अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा सकून मौर्या की सफलता को देखकर गांव की कई महिलाएं भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित हो रही हैं। उनका कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहायता मिली, बल्कि आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिली। सकून मौर्या की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, अवसर और सहयोग मिले तो वे अपनी मेहनत और संकल्प से जीवन की दिशा बदल सकती हैं और आत्मनिर्भर बनकर समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती हैं।

आत्मनिर्भर बन कम करें पेरेंट्स का बोझ

अगर आप समझदारी दिखाएं और कोई पार्टटाइम जॉब कर कुछ हद तक आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करें, तो एजुकेशन पर होने वाले भारी खर्च से पेरेंट्स को काफी राहत दिला सकते हैं। अब भारत में भी इसके लिए कई तरह के अवसर मौजूद हैं। महंगाई के इस जमाने में पेरेंट्स के लिए अपने बच्चों की स्टडी का खर्च अफोर्ड करना काफी मुश्किल हो गया है। एजुकेशन काफी प्रोफेशनल स्वरूप अख्तियार कर चुका है और खासकर निजी क्षेत्र के कॉलेजों, यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा बेहद महंगी होती है। भारतीय मां-बाप के पास अपने बच्चों की परवरिश से लेकर एजुकेशन, शादी आदि की तमाम जिम्मेदारियां होती हैं और वे किसी भी तरह से इसे पूरा करते ही हैं। लेकिन आजकल के भारी खर्च को देखते हुए अगर बच्चे भी कुछ समझदारी दिखाएं और कुछ हद तक आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करें, तो पेरेंट्स को काफी राहत मिल सकती है। पार्टटाइम जॉब या ट्यूशन:- पढ़ाई के साथ अपना खर्च निकालने का सबसे परंपरागत और लोकप्रिय सदाबहार काम है-ट्यूशन पढ़ाना। ट्यूशन पढ़ाना स्टूडेंट के लिए सबसे बेहतर पार्टटाइम जॉब होता है। इसकी वजह यह है कि इसमें किसी तरह की पूंजी नहीं लगती है, समय कम लगता है और स्टूडेंट के अपने सब्जेक्ट का भी रिवीजन होता रहता है। आप अपने से जूनियर क्लास के स्टूडेंट्स को होम ट्यूशन दे सकते हैं। इसके अलावा, किसी कोचिंग क्लास में जाकर पढ़ाना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कोचिंग क्लास में पढ़ाने पर आपको ज्यादा पैसा मिल सकता है। भारत में अब पार्टटाइम जॉब के भी कई विकल्प मौजूद हैं, जिसे आप अपना सकते हैं। यह किसी ऑफिस में काम से लेकर किसी कॉफी रिटेल शॉप या रेस्टोरेंट में सेल्समैन तक का हो सकता है। एजुकेशन लोन एक विकल्प:- हायर एजुकेशन अब काफी महंगा हो गया है और आपको कोई अच्छा प्रोफेशनल कोर्स करने में 5 से 10 लाख रुपये तक की जरूरत होती है। इतना पैसा जुटाने में आपके पेरेंट्स को काफी मुश्किल आती है। इसका एक अच्छा विकल्प यह है कि आप अपनी स्टडी के लिए एजुकेशन लोन ले लें। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी मिलने पर आप अपना एजुकेशन लोन चुका सकते हैं। एजुकेशन लोन की री-पेमेंट आपको हर महीने ईएमआई के रूप में चुकानी होती है, इसलिए ज्यादा बोझ नहीं पड़ता। घरेलू खर्चों में योगदान दें:- आपने इनकम के लिए कोई पार्टटाइम काम हासिल कर लिया, यह अच्छी बात है। यदि आप अपने पेरेंट्स के साथ रहते हैं, तो अब आपको भी घरेलू खर्चों में कुछ योगदान करना चाहिए। आपकी थोड़ी-सी भागीदारी आपके पेरेंट्स के लिए लिए बड़ी राहत बन सकती है। यदि पेरेंट्स रिटायर हो चुके हैं या होने वाले हैं तो आपका यह कदम उनके कंधे का सहारा साबित हो सकता है। समझदारी का रास्ता:- -आत्मनिर्भर बनने के लिए आपके पास सबसे अच्छा विकल्प ट्यूशन पढ़ाने का होता है? ट्यूशन पढ़ाना स्टूडेंट के लिए सबसे बेहतर पार्टटाइम जॉब होता है। इसके अलावा, किसी कोचिंग क्लास में जाकर पढ़ाना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। -पार्टटाइम जॉब के भी कई विकल्प मौजूद हैं, जिसे आप अपना सकते हैं। यह किसी ऑफिस में काम से लेकर किसी कॉफी रिटेल शॉप में सेल्समैन तक का हो सकता है। मॉल कल्चर के विस्तार से अब तमाम फूड चेन और कॉफी चेन में पार्टटाइम जॉब की अच्छी संभावना बन गई है। -प्रोफेशनल कोर्स पर होने वाले लाखों रुपये के खर्च के लिए आप एजुकेशन लोन ले सकते हैं। आप पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी मिलने पर अपना एजुकेशन लोन चुका सकते हैं। यह आपको हर महीने ईएमआई के रूप में चुकानी होती है, इसलिए ज्यादा बोझ नहीं पड़ता। -अपनी स्टडी के लिए आप भी कुछ पैसों की बचत कर सकते हैं, ताकि अभिभावकों का बोझ हल्का हो। हायर एजुकेशन से कुछ साल पहले अच्छी योजना के साथ आप अपनी पॉकेट मनी या अपने पार्टटाइम जॉब से मिलने वाले पैसे को बचाना शुरू करें। -आप यदि अपने पेरेंट्स के साथ रहते हैं तो अब आपको भी घरेलू खर्चों में कुछ योगदान करना चाहिए। आपकी थोड़ी-सी भागीदारी आपके पेरेंट्स के लिए बड़ी राहत बन सकती है।