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शिबू सोरेन की कॉफी टेबल बुक देख भावुक हुईं रूपी सोरेन

रांची. शिबू सोरेन पर प्रकाशित कॉफी टेबल बुक के विमोचन के साथ ही झामुमो के सीनियर नेता कॉफी टेबल बुक लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के पास पहुंचे। वहां एक-एक पन्ना पलटकर झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने रूपी सोरेन को पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन से जुड़ी पुरानी तस्वीरें दिखाईं। झामुमो नेता मनोज पांडेय भी इस दौरान उनके साथ मौजूद रहे। सामूहिक तस्वीरों में रूपी सोरेन ने शैलेंद्र महतो, सूरज मंडल, निर्मल महतो आदि की तस्वीरों को पहचाना और इस क्रम में उनके अधरों पर मुस्कान की हल्की लकीर भी दिखी। तस्वीरों को देखने के क्रम में उन्हें अपने ज्येष्ठ पुत्र दुर्गा सोरेन की याद आ गई और इस याद के साथ ही उनकी आंखें डबडबा गईं। कंपकंपाते होठों से उन्होंने दुर्गा सोरेन का नाम भी लिया और पार्टी नेताओं की ओर देखा। तस्वीर में शिबू भाषण देते दिख रहे थे और दुर्गा सोरेन खड़े थे। झामुमो नेताओं को यह बात समझते देर नहीं लगी कि मामला अब गमगीन हो सकता है सो उन्होंने दूसरी तस्वीरें दिखानी शुरू कर दीं। रूपी अपने परिवार के अन्य सदस्यों को कॉफी टेबल बुक में देखकर प्रसन्न भी हुईं। कॉफी कौतूहल के साथ सभी तस्वीरों को देखा। एक-एक पन्ना पलटा। इसके बाद वे मौके पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ चर्चा करने में जुट गईं।

श्रद्धांजलि सभा में भावुक हुए CM हेमंत, पिता शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन को किया याद

  रांची आज यानी रविवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जन्मदिन है। वहीं, सीएम हेमंत सोरेन ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री हेमंत ने कहा कि बाबा दिशोम शिबू सोरेन का संघर्ष, जीवन और उनके आदर्श सदियों तक लोगों को न्याय, स्वाभिमान और अधिकारों के लिए प्रेरित करते रहेंगे। उनका जीवन झारखंड के इतिहास का प्रेरणास्रोत है। सीएम हेमंत ने आज गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की भी शुरुआत की। इस योजना से राज्य के छात्रों को उच्च शिक्षा में मदद मिलेगी। वहीं, इससे पहले सीएम हेमंत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए अपने पिता के संघर्षों को याद किया। सीएम हेमंत ने लिखा, "आज, मेरे बाबा, दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की जन्म जयंती है। यह मेरे लिए महज एक महान नेता का जन्मदिन नहीं है, बल्कि उस पिता की याद है जिन्होंने मुझे जीवन जीने की कला सिखाई, संघर्ष करना सिखाया और सबसे महत्वपूर्ण, बिना झुके अपनी गरिमा, मूल्यों और सच्चाई पर अडिग रहना सिखाया।" सीएम हेमंत सोरेन ने आगे कहा, "बाबा ने पूरे जीवन अन्याय के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। उन्होंने जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। मैंने उन्हें कई बार थका हुआ देखा, लेकिन टूटते कभी नहीं देखा। उनकी वो अटूट इच्छाशक्ति और दृढ़ता आज भी मेरे