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“सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस: SC ने पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को जमानत दी”

चंडीगढ़  पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्या मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को राहत दी है. कोर्ट ने पवन बिश्नोई और जगतार सिंह दोनों को जमानत दे दी है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने दोनों आरोपियों को राहत देते हुए जमानत दे दी है. दोनों पर 2022 में हुई सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश और उससे जुड़े मामलों में आरोप लगाए गए थे. पवन बिश्नोई और जगतार सिंह पर हत्याकांड में शूटरों को बोलेरो गाड़ी मुहैया कराने का आरोप लगा था और चार्जशीट में दोनों के तार बिश्नोई गैंग और गोल्डी बराड़ से जोड़े गए थे. सुनवाई में क्या-क्या हुआ? जांच अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य इस हत्या में शामिल थे. कनाडा के गैंगस्टर गोल्डी बरार ने हत्या की ज़िम्मेदारी ली थी और कहा जाता है कि वह लॉरेंस बिश्नोई का करीबी साथी है. आज सुनवाई के दौरान, पवन बिश्नोई के वकील ने दलील दी कि उनके क्लाइंट के खिलाफ आरोप सिर्फ़ जुर्म में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी का इंतज़ाम करने तक ही सीमित था. वकील ने कहा, आरोप यह है कि मैंने (पवन बिश्नोई) वह बोलेरो दी थी जिसका इस्तेमाल क्राइम में हुआ. बेंच ने कहा कि बिश्नोई जेल में ज़्यादा सुरक्षित रहेगा. यह आपकी अपनी सुरक्षा के लिए है कि आपको जेल में रहना चाहिए. बिश्नोई के वकील ने कहा कि उनके क्लाइंट का गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से कोई कनेक्शन नहीं है. सिर्फ़ टाइटल मैच करता है. मेरा लॉरेंस बिश्नोई से कोई और रिश्ता नहीं है. राज्य ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि पिटीशनर को मर्डर में इस्तेमाल की गई गाड़ी का इंतज़ाम करने के लिए सह-आरोपियों से 41 कॉल आए थे. बिश्नोई के वकील ने क्या कहा? आरोप का जवाब देते हुए, बिश्नोई के वकील ने कहा कि दूसरों ने कथित तौर पर हथियार सप्लाई किए थे लेकिन उनके खिलाफ़ चार्जशीट नहीं की गई थी और इस बात पर ज़ोर दिया कि उनके क्लाइंट से कोई रिकवरी नहीं हुई है. वकील ने कहा, मेरे क्लाइंट का रोल लिमिटेड है. उन्हें अंदर आए हुए तीन साल और दस महीने हो गए हैं. मैं रेगुलर बेल मांग रहा हूं. कोर्ट ने प्रॉसिक्यूशन से यह भी पूछा कि जेल के अंदर से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा था. यह तब हुआ जब स्टेट ने कहा कि क्राइम की प्लानिंग के दौरान आरोपी और को-आरोपी के बीच कई कॉल हुई थीं. बेंच ने पूछा, जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कैसे किया गया? आपके जेल अधिकारी भी साज़िश में शामिल हैं? ट्रायल किस स्टेज पर है? स्टेट ने जवाब दिया कि केस अभी सबूत रिकॉर्ड करने के स्टेज पर है और प्रोटेक्टेड गवाहों ने पहले ही आरोपी के खिलाफ गवाही दे दी है. इससे पहले, साल 2023 में आरोपी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह ने मनसा की स्थानीय अदालत में जमानत की अर्जी लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था. वहीं पवन बिश्नोई ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए खुद को निर्दोष बताया था और दावा किया था कि मामले की जांच कर रही पुलिस उन्हें जबरन फंसाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने किसी को भी कार मुहैया नहीं कराई थी. हालांकि सरकारी पक्ष ने गैंगस्टर की मदद और हत्याकांड को अंजाम देने में मदद करने को घिनौना कृत्य बताते हुए जमानत देने का विरोध किया था और कोर्ट ने भी दोनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट से दोनों को जमानत मिल चुकी है. बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई, 2022 को हुई थी. सिंगर गाड़ी से घर से कुछ ही दूरी पर निकले थे और तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने सिंगर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और मौके पर ही सिंगर की मौत हो गई थी. हमले की जिम्मेदारी खुद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर फेसबुक पेज के जरिए ली थी. उन्होंने सिद्धू की हत्या को अपने भाई विक्की मिड्डखेड़ा की मौत का बदला कहा था. विक्की मिड्डखेड़ा की हत्या के बाद पुलिस की जांच में सामने आया था कि जिन शूटर्स ने विक्की की हत्या की थी, उन्हें गायक सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत सिंह ने किसी फ्लैट में ठहरने की जगह दी थी, जिसके बाद ही सिंगर बिश्नोई गैंग के निशाने पर थे.

सिद्धू मूसेवाला के बदले की आग में कबड्डी प्लेयर की हत्या, मोहाली में घटी खौफनाक वारदात

मोहाली  मोहाली के गांव सोहाना में कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान प्रमोटर व खिलाड़ी दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की सिर में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। पंजाब के कुख्यात बंबीहा गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लेने के लिए यह मर्डर किया गया है। राणा बलाचौरिया मूलरूप से वह पंजाब के बलाचौर के रहने वाले थे, लेकिन कुछ समय से मोहाली में ही रह रहे थे। दस दिन पहले ही उनकी शादी हुई थी। आज उनके शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। सेल्फी लेने के बहाने आए और सिर में गोलियां मार दीं सोमवार शाम को सोहाना में सेक्टर-82 के मैदान में कबड्डी टूर्नामेंट चल रहा था। राणा बलाचौरिया जालंधर के शकरपुर की टीम के मैनेजर थे। वह टूर्नामेंट में दो टीमें लेकर आए थे। वह ग्राउंड में सेमीफाइनल मैच की टाई डलवाने के बाद बाहर आ रहे थे। इसी दौरान हमलावर ने उनके साथ सेल्फी लेने के बहाने नजदीक आए और सिर में गोलियां मार दीं। हमलावर 3 से 4 थे। हमले के बाद बाइक से कुछ लोगों को फरार होते देखा गया वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि हमलावर बोलेरो गाड़ी से आए थे। मोहाली के एसपी हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि इसकी बंबीहा गैंग के साथ रंजिश थी। इसकी बंबीहा गैंग के लक्की पटियाल से कोई झगड़ा था। हालांकि, अभी सारे एंगल से पूरे मामले की जांच की जा रही है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, सीआईए की टीमें और मोहाली पुलिस की टीमें जांच कर रही हैं। पुलिस सोहाना के आसपास के एरिया में सीसीटीवी कैमरे चेक कर रही है। साइबर सेल इंटरनेट पर डाली गई पोस्ट के जरिए आईपी एड्रेस ट्रेस करने के प्रयास में है। हमने अपने भाई सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लिया बंबीहा गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में लिखा है कि आज जो मोहाली में कबड्डी कप में राणा बलाचौरिया का कत्ल हुआ है, उसकी जिम्मेदारी मैं डोनीबल, शगनप्रीत, मोहब्बत रंधावा, अमर खब्बे, प्रभदासुवाल और कौशल चौधरी लेते हैं। राणा हमारे एंटी जग्गू और लॉरेंस के साथ दोस्ती रखता था। इसने सिद्धू मूसेवाला के कातिल को रहने के लिए जगह दिलवाई थी और खुद उन्हें संभाला था। आज राणा को मारकर हमने अपने भाई सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लिया। यह काम हमारे भाई मक्खन अमृतसर और डिफॉल्टर करण ने किया है। बाकी आज से सभी प्लेयरों और उनके माता-पिता को एक विनती है कि कोई भी जग्गू और हैरी की टीम में न खेले। वर्ना रिजल्ट ऐसे ही मिलेगा। हमें कबड्‌डी से कोई एलर्जी नहीं। बस जग्गू और हैरी की कबड्‌डी में कोई दखल अंदाजी नहीं चाहिए। वेट एंड वॉच। पोस्ट के लास्ट में गोपी घनश्यामपुरिया ग्रुप, मंघनश्यामपुर, दविंदर बंबीहा ग्रुप, पवन शकील, राणा बाई, आफरीदी तूत, मनजोत सिद्धू एचआर और राणा कंदोवाल के नाम लिखे हैं।

26 सितंबर को सुनाई जाएगी अहम तारीख, सिद्धू मूसेवाला मामले में कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश

मानसा पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में अदालत ने जेल प्रशासन को आरोपियों को फिजिकल तौर पर पेश करने के आदेश जारी किए हैं। अदालत ने 26 सितंबर को मामले के 6 आरोपियों को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, आज मानसा की सेशन कोर्ट में इस केस की सुनवाई हुई, जिसमें सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह की गवाही शुरू हुई। इस दौरान वे थोड़े भावुक भी हो गए। हत्याकांड के आरोपियों की पहचान के बारे में बात करते हुए बलकौर सिंह ने कहा कि उनकी नजर कमजोर है और वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आरोपियों की पहचान नहीं कर सकते। उन्होंने आरोपियों को अदालत में सामने पेश करने की अपील की। इस अपील को स्वीकार करते हुए अदालत ने आदेश दिया कि आरोपियों को फिजिकली पेश किया जाए। इसके लिए 26 सितंबर की तारीख तय की गई है। इस दौरान संदीप केकड़ा, अंकित सिरसा और दीपक मुंडी समेत 6 आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।