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चुनावी नियम सख्त: दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवार होंगे अयोग्य

रांची झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग के अनुसार नगर निकाय चुनाव में दो से अधिक बच्चे वाले उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन के समय शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा, जिसमें यह घोषणा करनी होगी कि निर्धारित कट-ऑफ तिथि तक उनके दो से अधिक बच्चे नहीं हैं। इस प्रावधान का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि इस संबंध में नगर विकास विभाग द्वारा पूर्व में जारी पत्र को आधार मानते हुए जिलों को कारर्वाई करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांकन के दौरान शपथ पत्र की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है। चुनावी तैयारियों की जानकारी देते हुए आयोग के सचिव ने बताया कि सभी जिलों में वाडरं के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस संबंध में आयोग को लगातार रिपोर्ट प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही चुनाव की अद्यतन तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी जिलों के उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए। इस बीच वाडर् आरक्षण को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद आयोग ने एक अहम स्पष्टीकरण भी जारी किया है। यदि किसी प्रत्याशी को आरक्षण के कारण अपने वाडर् से चुनाव लड़ने का अवसर नहीं मिल पा रहा है, तो उसे घबराने की आवश्यकता नहीं है। वह नगर निकाय के किसी अन्य वाडर् से भी चुनाव लड़ सकता है, बशर्ते उस वाडर् में लागू आरक्षण नियमों का पालन किया जाए। प्रसाद ने बताया कि महापौर, नगर परिषद अध्यक्ष और वाडर् सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए योग्यता संबंधी दिशा-निर्देश तय कर दिए गए हैं। इसके तहत प्रत्याशी का संबंधित नगर निकाय का मतदाता होना अनिवार्य होगा। हालांकि, नगर निकाय की मतदाता सूची में शामिल कोई भी व्यक्ति उस निकाय के किसी भी वाडर् से चुनाव लड़ सकता है, लेकिन आरक्षण नियमों का अनुपालन जरूरी होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार नगर निकाय चुनाव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और लक्ष्य फरवरी महीने में शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराना है। आयोग ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा भी की जा सकती है।  

म.प्र. राज्य निर्वाचन आयोग सिक्किम राज्य निर्वाचन आयोग को देगा 400 ईव्हीएम

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री श्रीवास्तव की उपस्थिति में हुआ एमओयू भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ईव्हीएम शेयरिंग पॉलिसी के तहत किराये पर सिक्किम राज्य निर्वाचन आयोग को 400 ईव्हीएम उपलब्ध करायेगा। इस संबंध में गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव की उपस्थिति में सचिव मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग श्री दीपक सिंह और सचिव सिक्किम राज्य निर्वाचन आयोग सुश्री ग्लोरिया नामचू ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री श्रीवास्तव ने कहा कि ईव्हीएम शेयरिंग के मामले में मध्यप्रदेश पॉयनियर स्टेट है। उन्होंने बताया कि ईव्हीएम शेयरिंग पॉलिसी के तहत छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग को ईव्हीएम किराये पर दी जा चुकी हैं। इसी तरह जम्मू-कश्मीर एवं महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन को भी ईव्हीएम किराये पर देने के लिये एमओयू हो चुका है। अन्य राज्यों के साथ भी एमओयू की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि यह पॉलिसी को-ऑपरेटिव फेडरेलिजम का बेहतर उदाहरण है। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यप्रदेश में स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज के एमओयू से सिक्किम और मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के बीच संबंध और सुदृढ़ होंगे। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री दीपक सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2014-15 में स्थानीय निर्वाचन में ईव्हीएम का उपयोग शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि ईव्हीएम के माध्यम से चुनाव कराने में सहूलियत होने के साथ ही पारदर्शिता भी बनी रहती है। श्री सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ को 2 हजार ईव्हीएम और महाराष्ट्र को 25 हजार कंट्रोल यूनिट और एक लाख बेलेट यूनिट किराये पर दी गयी हैं। सचिव सिक्किम राज्य निर्वाचन आयोग सुश्री नामचू ने इस एमओयू पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए ईव्हीएम शेयरिंग पॉलिसी की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पॉलिसी सिक्किम जैसे छोटे राज्यों के लिये बहुत उपयोगी है। सुश्री नामचू ने कहा कि इससे राज्यों का आर्थिक बोझ कम होगा और सरलता से स्थानीय चुनाव कराये जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उपयोग की जा रहीं निर्वाचन की अन्य नवीनतम तकनीकों के बारे में भी जानकारी मिलेगी, जिसका उपयोग सिक्किम राज्य निर्वाचन आयोग करेगा। ईव्हीएम को किराये पर देने के लिये प्रति कंट्रोल यूनिट 400 एवं प्रति बीयू 200 रुपये की दर निर्धारित है। किराये की राशि अग्रिम रूप से ली जाती है। ईव्हीएम के परिवहन का पूरा व्यय राज्य निर्वाचन आयोग सिक्किम वहन करेगा। ईव्हीएम मशीन आवश्यक सुरक्षा के साथ ले जानी होगी एवं निर्वाचन के बाद स्वयं ही मध्यप्रदेश के संबंधित जिलों में जमा करानी होगी। इस दौरान सिक्किम राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव श्री राजेन राय और उप संचालक श्री टी.टी. लेपचा, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव श्री मनोज मालवीय, श्री सुतेश शाक्य, सुश्री संजू कुमारी, श्री मुकुल गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।