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क्रोध नहीं, संयम है ताकत: हर मेहनती इंसान के लिए 5 जीवन मंत्र

अगर आपको छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता है और आप लोगों पर गुस्सा उतारने के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगते हैं तो जरा रुकिए, यह किसी सफल व्यक्ति के गुण बिल्कुल नहीं हैं। दुनिया को जीतने का हौसला रखने वाला एक सफल व्यक्ति अपनी कुछ आदतों में एक आम व्यक्ति से बिल्कुल अलग होता है। यही वो खासियत होती हैं, जो उसे आम से खास बनाकर सफलता की सीढ़ी चढ़ने में मदद करती हैं। याद रखें, शांत रहना कोई कमजोरी नहीं, बल्कि खुद पर काबू पाने का वो आसान तरीका है, जो बिना लड़े ही आधी जंग जीत लेता है। अगर आप भी जीवन में खामोश कदमों से बड़ी सफलता हासिल करना चाहते हैं तो ये 5 टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं। प्रतिक्रिया देने में जल्दबाजी न करें जब कोई आपको उकसाए या अपमान करे, तो तुरंत जवाब देने की जगह 2 सेकंड रुकें। आपकी चुप्पी सामने वाले के गुस्से को बेअसर कर देती है और आपको स्थिति जीतने का मौका देती है। कम बोलने और ज्यादा सुनने की आदत डालें जीतने वाले व्यक्ति हमेशा कम बोलते हैं और ज्यादा सुनते का गुण रखते हैं। जब आप किसी दूसरे व्यक्ति को सुन रहे होते हैं, तो आप उससे मिली जानकारी इकट्ठा कर रहे होते हैं। जितना कम आप अपने पत्ते खोलेंगे, याद रखें लोग आपकी अगली चाल को लेकर उतने ही उत्सुक और सतर्क बने रहेंगे। अपनी एनर्जी को बचाए रखें हर बहस जीतने के लिए नहीं होती। मूर्खों से उलझना अपनी मानसिक शांति को खराब करना होता है। 'आप सही कह रहे हैं' कहकर आगे बढ़ जाना सबसे बड़ी कूटनीति है, जो सफलता का रास्ता जल्दी तय करने में मदद करती है। दिन में कम से कम 15 मिनट पूरी तरह मौन रहें। यह अभ्यास आपके दिमाग के 'शोर' को कम करता है और आपकी निर्णय लेने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है। परिणाम पर नहीं, प्रक्रिया पर ध्यान दें दुनिया को जीतने का हौसला वही रखते हैं, जिनका मन भविष्य की चिंता या अतीत के पछतावे में नहीं उलझा रहता है। अपने आज में जीने से आपको असली मानसिक शांति मिलेगी। अपनी कमियों को स्वीकारें एक सफल व्यक्ति को ना तो अपनी तारीफ से और ना ही बुराई से कोई फर्क पड़ता है। जब आप खुद को पूरी तरह स्वीकार कर लेते हैं, तो दूसरो की कोई भी दिल दुखाने वाली बात, आपको चोट नहीं पहुंचा सकती है। अहंकार हमेशा अशांति पैदा करता है। विनम्र व्यक्ति पानी की तरह सरल होने के साथ अपना रास्ता खुद बनाने का हुनर भी जानता है। इसलिए हमेशा विनम्रता का गुण बनाए रखें।  

सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचना है, तो स्टीव जॉब्स की इन 5 बातों को कभी न भूलें

एप्पल कंपनी के मुख्य संस्थापक स्टीव पॉल जॉब्स किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। स्टीव ने iPhone, iPad, Mac के जरिए टेक्नोलॉजी की दुनिया को पूरी तरह से बदलकर रख दिया। सिंपल लेकिन क्रिएटिव होने में वह ज्यादा विश्वास रखते थे और काम को दिल से करने वाले लोगों को पसंद करते थे। स्टीव ने फुल फोकस के साथ काम किया और दुनिया एप्पल जैसी टेक्नोलॉजी से मिलवाया जो काफी तेज और बेहतरीन है। आज हर हाथ में एप्पल के मोबाइल दिखते हैं और इसका श्रेय स्टीव जॉब्स को ही जाता है। वह करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है और उनकी कुछ आदतों को हर किसी को अपनाना चाहिए। अगर आप दुनिया में अपना नाम कमाना चाहते हैं, तो स्टीव की इन बातों को गांठ बांध लें। स्टीव जॉब्स की खास आदतें- सिंपल बट क्रिएटिव स्टीव जॉब्स का कहना था कि सादगी से क्रिएटिविटी बढ़ती है। वह खुद हमेशा काफी सिंपल रहें और उन्हें हमेशा सिर्फ ब्लैक टर्टलनेक टी-शर्ट और जींस में देखा गया। उनका कहना था कि किसी भी चीज पर काम करो, तो तब तक लगे रहो जब तक वो परफेक्ट न हो जाए। हर काम की बारीकी मैटर करती है, फिर चाहे उसके लिए कितना भी इंतजार करना पड़े। फोकस हटना नहीं चाहिए स्टीव जॉब्स का कहना था कि आप किसी भी काम को फुल फोकस के साथ करते हैं, तभी उसमें पारंगत हो सकते हैं। इसी वजह से आपको सफलता मिलेगी। स्टीव ने एप्पल के कई सारे प्रोडक्ट्स को हटाकर सिर्फ 10 चीजों को लिया था, जिससे वह उन्हें बेहतर ढंग से बना सकें। ना कहना सीख लें उनका मानना था कि ना कहना भी एक कला है, जो हर व्यक्ति की सीख लेनी चाहिए। वरना आप लोगों की हां में हां मिलाते हुए पीछे खड़े रह जाएंगे। स्टीव का कहना था कि जब आप 1000 चीजों को ना कहेंगे तब जाकर आप खुद की किसी 1 चीज पर फोकस बढ़ा सकेंगे। फोकस करने से ही आपको सफलता मिलेगी। रिस्क लेना जरूरी है स्टीव जॉब्स को कुछ कारणों से एप्पल कंपनी से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी बल्कि NeXT और Pixar जैसे सॉफ्टवेयर बनाकर ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। ये उनके रिस्क लेने की मिसाल है। वह फेल हो सकते थे लेकिन उन्होंने बिना डरे रिस्क लेने का फैसला किया। लक्ष्य तय करो स्टीव जॉब्स का कहना था छोटे और बड़े अलग-अलग गोल्स सेट करो और उसे पूरा करने के लिए स्ट्रैटजी बनाओ। जब आप गोल्स बनाकर चलते हैं, तो सफलता मिलती है। ऐसे में आप सही डिसीजन मेकर भी बनकर उभरते हो। स्टीव जॉब्स रोजाना एक जैसे कपड़े इसलिए पहनते थे, क्योंकि वह इन कपड़ा चुनने जैसे छोटे फैसलों में अपना वक्त बर्बाद नहीं करना चाहते थे।

अगर रात को अपनाईं ये 5 आदतें, तो लक्ष्मी खुद चलकर आएंगी घर

जीवन में सफल होना हर कोई चाहता है। और हर कोई यह भी जानता है कि सफलता पानी है तो मेहनत से नहीं बचा जा सकता। लेकिन कई बार सिर्फ मेहनत करने से भी कुछ हाथ नहीं लगता। आप खुद भी अपने आस-पास कई लोगों को पाएंगे जो मेहनत तो खूब करते हैं लेकिन उन्हें सफल दूर-दूर तक नहीं कहा जा सकता। दरअसल जीवन में कुछ करना है तो प्रॉपर प्लानिंग की भी जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इसी सफलता के सूत्र का जिक्र किया है। उन्होंने कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में लिखा, जिन्हें आज भी यदि जीवन में उतार लिया जाए तो सफलता और धन दोनों आपके हिस्से आ सकते हैं। आचार्य की बताई इन बातों को रात में सोने से पहले फॉलो करें और अपने जीवन में पॉजिटिव बदलाव देखें। दिन कैसा गया, इसपर विचार करें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कर्मों का हिसाब रखता है, वो जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता। इसलिए रोजाना आपने दिन भर में क्या किया, इसका ब्यौरा आपके पास जरूर होना चाहिए। रात में जब भी सोने जाएं, तो कुछ देर जरूर सोचें कि आपका दिन कैसा रहा। क्या कुछ गलतियां आपने की, उनसे क्या सीखा और दिन को बेहतर बनाने के लिए आप क्या कर सकते थे। ऐसे आप आने वाले दिन की बेहतर प्लानिंग कर पाएंगे। अपने ज्ञान का विस्तार करें सोने से पहले कुछ देर अपना समय किताबों के साथ बिताएं। आधा घंटा या कम से कम बीस मिनट भी मिनट भी, कोई अच्छी किताब पढ़ें। कुछ ऐसा जो आपके ज्ञान में वृद्धि करे। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन होता है। ऐसे में अगर सफल और धनवान बनना है तो ज्ञान के विस्तार की ओर ध्यान दें। अगले दिन की योजना बनाएं अगला दिन बेहतर और प्रोडक्टिव हो, इसके लिए पहले से ही प्रॉपर प्लानिंग करना जरूरी है। इसलिए रात में सोने से पहले ही एक मोटा-मोटा खाका अपने मन में तैयार कर लें कि आने वाला दिन आप कैसे बिताने वाले हैं। दिन के कुछ खास एजेंडा सेट करें। खासतौर से सुबह क्या करना है; पहले से ही डिसाइड कर लें। इस तरह आपका अगला दिन प्रोडक्टिव होगा और अपने गोल समय पर अचीव कर पाएंगे। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें आजकल जिसे विजुलाइजेशन कहा जाता है, वो आचार्य चाणक्य ने सालों पहले अपनी नीति में बता दिया था। आचार्य कहते हैं कि व्यक्ति का मन हमेशा इसके लक्ष्य पर सधा हुआ होना चाहिए। जिसके आगे अपना लक्ष्य एकदम तय है, वो भविष्य में कभी भटकता नहीं और सफलता भी उसे जरूर मिलती है। इसलिए रात में सोने से पहले कुछ देर अपने लक्ष्य के बारे में सोचें। सोचकर देखें कि आपने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है तो उस वक्त आप कैसा महसूस करेंगे। ये बातें आपको और मेहनत के मोटिवेट करेंगे और आपके ब्रेन को भी सफलता के लिए रिप्रोग्राम करेंगी। सकारात्मक सोच से करें दिन समाप्त रात में सोते हुए कभी भी नेगेटिव विचार अपने मन में ना लाने दें। रात में जब आप कुछ नेगेटिव सोचते हैं, तो चीजें और भी ज्यादा नकारात्मक होने लगती हैं। इसलिए दिन की एंडिंग हमेशा हैप्पी रखें। सोने से पहले कुछ पॉजिटिव सोचें। आपकी लाइफ में जो भी कुछ अच्छा है, उसे याद करें और हर चीज के लिए शुक्रिया की भावना रखें। इस तरह आपको नींद भी अच्छी आएगी और जीवन को ले कर आपका नजरिया भी सकारात्मक होगा।

हर मुश्किल में शांत रहना सीख लिया तो कामयाबी आपसे दूर नहीं

किसी भी परिस्थिति में कंट्रोल करना जरूरी है। पर ये कंट्रोल दूसरों पर ना होकर खुद पर होना जरूरी है। अपने आप को और दिमाग को इस तरह से ट्रेनिंग दे कि मुश्किल, विपरीत और बिल्कुल अलग तरह की सिचुएशन में कैसे खुद को शांत रखें। क्योंकि ज्यादातर गलतियां हम तभी करते हैं जब हमारी सोच, फिजिकल एक्टीविटी और हमारे शब्द जल्दी से रिएक्ट कर देते हैं। जब अपने दिमाग पर हमारा कंट्रोल होगा तो इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना आसान होगा। जानें कैसे विपरीत सिचुएशन में खुद को कूल रखें। खुद पर कंट्रोल खोने से बचाना जब भी सामने वाला आपको प्रोवोक करे, नीचा दिखाए तो खुद से यहीं कहना है कि मेरा रिएक्शन मेरी ताकत है और मैं इसे ऐसे ही नहीं दूंगा। क्योंकि गुस्से में खुद पर कंट्रोल खो देने से पावर भी चली जाती है। धीरे से रिएक्ट करें जब भी बहुत ही गंभीर, डिप्रेशन और स्ट्रेसफुल सिचुएशन आए तो तीन बार गहरी सांस लें और सोचें क्या मेरा इस जगह पर रिस्पांड करना जरूरी है। जो इंसान शांत रहते हैं वो अपनी प्रतिक्रिया देने के मामले में जल्दीबाजी नहीं दिखाते। और, जो लोग जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं अक्सर वो कमजोर ही होती है। सिचुएशन नहीं माइंड पर कंट्रोल करें अक्सर लोग सिचुएशन को कंट्रोल करने में लग जाते हैं लेकिन सिचुएशन नहीं खुद के माइंड पर कंट्रोल करने की जरूरत होती है। मेंटली स्ट्रांग लोगों से इन बातों को सीखें। जैसे ही कोई निगेटिव सिचुएशन आए तो सोचें कि हर समस्या का समाधान होता है। इससे पहले भी कई मुश्किल परिस्थितियां संभाली हैं। इसे भी संभाल लेंगे और ज्यादा सोचने से नहीं बल्कि अपने ऐक्शन में क्लियरिटी लाएं। जिससे प्रॉब्लम सॉल्व की जा सके। बॉडी लैंग्वेज पर कंट्रोल जब भी निगेटिव सिचुएशन आती है तो अपने बॉडी लैंग्वेज पर भी कंट्रोल करें। स्पाइन को सीधा करें, चेस्ट को ओपन करें और सांसों को धीरे से लें। ऐसा करने से बॉडी लैंग्वेज कंट्रोल में दिखेगी। निगेटिव विचारों को रोकें मन में जैसे ही निगेटिव विचार आएं तो खुद से बात करें कि क्या जो मैं सोच रहा हूं वो सही है या केवल मन का भ्रम। अपने विचारों को लिखें, ऐसा करने से ज्यादा क्लियर होगा माइंड।  

कामयाबी की राह: भगवद् गीता के 5 श्लोक जो हर किसी को याद रखने चाहिए

कुछ लोगों के लिए सक्सेज पाना सपने के जैसा होता है। क्योंकि वो लाइफ में ज्यादातर कामों में फेलियर का सामना करते हैं और निराश रहते हैं। ऐसे निराश और हताश लोगों को अपनी आदतों में सुधार के साथ ही भगवद्गीता के इन श्लोकों को पढ़ने की जरूरत है। क्योंकि यहीं वो श्लोक हैं जो लाइफ में सक्सेज पाने और उसे बरकरार रखने में मदद करते हैं। कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन कर्म करो फल की चिंता ना करो। ये श्लोक उन लोगों के लिए बेहद जरूरी है जो हर वक्त रिजल्ट की चिंता करते हैं। जिसकी वजह से ठीक तरीके से परफार्मेंस पर फोकस नहीं कर पाते। भगवान श्री कृष्ण ने कहा था कि हमेशा अपनी परफार्मेंस को अच्छा करने की चिंता करनी चाहिए। फल की चिंता में परफार्मेंस को बिल्कुल नहीं खराब होने देना चाहिए। बदलाव प्रकृति का नियम है गीता में कहा गया है कि इस दुनिया में कुछ भी परमानेंट नही है। जो आज है वो कल नहीं होगा। आप हमेशा सफल बने रहो ऐसा जरूरी नहीं। कई बार सफल होने के बाद आपको फेलियर का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए मन में किसी तरह के तनाव को लेना नहीं चाहिए बल्कि अपने काम पर फोकस करना चाहिए। डर का त्याग जरूरी है गीता में कहा गया है कि हमेशा निडर होकर अपने काम को करना चाहिए। किसी सपने को पूरा करने के लिए आगे बढ़कर कोशिश करनी चाहिए। फेलियर के डर से पीछे नहीं हटना चाहिए। किसी काम को शुरू करने के लिए पहली जरूर हिम्मत की भी होती है। फिर चाहे वो करियर में हो या फिर लाइफ में। फेल होने, नयी चीजों को सीखने और फिर आगे बढ़ने के लिए साहस जरूरी है। जिस दिन फेलियर का डर छोड़कर आगे बढ़ेंगे उसी दिन सक्सेज मिलेगी। सक्सेज केवल पर्सनल नहीं होती कई बार खुद के बारे में सोचने से ऊपर उठकर सोसायटी और फैमिली के बारे में सोचने की जरूरत होती है। जब आप दूसरों के लिए कुछ करते हैं तो मन में गर्व के साथ संतुष्टि की फीलिंग आती है और ये भी एक सक्सेज ही है। जो आपको पावरफुल बनाती है। मन को जीतने वाले के लिए मन ही मित्र है जिस इंसान में मन को कंट्रोल नहीं किया उसके लिए मन किसी दुश्मन की तरह है। वहीं जो मन को अपने वश में कर लेता है, मन उसका फ्रेंड बन जाता है। जिसकी मदद से वो हर सफलता पा सकता है। खुद पर शंका करना, डरना और आलस जैसी बाधाओं को दूर भगा लेता है वहीं सक्सेज पाता है।  

बहुत लकी लोग होते हैं ये! जिन्हें मिल जाएं जीवन की ये चीजें, तरक्की तय है

अक्सर हम किसी इंसान से मिलते हैं और हमारे मन में यही आता है कि ये इंसान वाकई कितना भाग्यशाली है। दरअसल हम सभी की भाग्यशाली होने की परिभाषा बड़ी अलग-अलग होती है। किसी को एक अच्छी नौकरी होना भाग्यशाली होने की निशानी लगता है तो किसी को पुश्तैनी धन-दौलत होना या शानदार लव लाइफ होना। खैर, ये लोगों के अपने-अपने पैमाने हैं। हालांकि महान विद्वान और कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीति में कुछ ऐसे व्यक्तियों का जिक्र किया था, जो उनकी नजरों में वाकई बेहद भाग्यशाली होते हैं। आचार्य कहते हैं कि जिन लोगों के पास ये कुछ चीजें मौजूद हैं उन्हें तो खुद को किस्मत वाला ही समझना चाहिए क्योंकि हर इंसान के नसीब में यह नहीं होता। तो चलिए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को भाग्यवान बनाने वाली ये चीजें कौन सी हैं। जिसके पास हो दान-पुण्य करने का सामर्थ्य आचार्य चाणक्य अपने एक श्लोक में इस बात का जिक्र करते हैं कि जिस व्यक्ति में दान-पुण्य करने का सामर्थ्य है, वो भी बहुत किस्मतवाला ही होता है। दरअसल कोई भी व्यक्ति दान-पुण्य करने में सामर्थ्य तब होता है, जब उसके पास पर्याप्त धन होता है और उसे खर्च करते हुए, व्यक्ति को ज्यादा सोचना नहीं पड़ता। आचार्य कहते हैं कि पिछले कई जन्मों के पुण्य के कारण ही मनुष्य को ये सौभाग्य प्राप्त होता है। जिसका साथ दे उसकी सेहत आचार्य चाणक्य के अनुसार जिन लोगों की सेहत उनका साथ देती है, उनसे ज्यादा भाग्यशाली भी दूसरा कोई नहीं। इस दुनिया में सबसे बड़ी दौलत इंसान की सेहत ही होती है। यदि व्यक्ति स्वास्थ्य ना हो और कोई ना कोई रोग उसे घेरे रहे, तो लाखों की धन संपदा भी बेकार ही जान पड़ती है। आचार्य कहते हैं कि अगर आप भरपेट भोजन कर पा रहे हैं और उसे पचाने में आपको कोई परेशानी भी हो रही है; तो आपको खुद को किस्मतवाला ही समझना चाहिए। अच्छे जीवनसाथी का होना है सौभाग्य की निशानी आचार्य चाणक्य के अनुसार एक अच्छे जीवनसाथी का मिलना भी सौभाग्य की निशानी है, जो हर किसी की किस्मत में नहीं होता। एक अच्छा जीवनसाथी आपके हर सुख-दुख में साथ खड़ा मिलता है और उसके साथ जीवनयात्रा थोड़ी आसान हो जाती है। अगर किसी व्यक्ति के जीवन में एक अच्छा पार्टनर है और उसका दांपत्य जीवन सुखी है, तो वो इंसान यकीनन ही बेहद भाग्यशाली हैं। मेहनत से बना सकते हैं अपना भाग्य इन सभी बातों के साथ ही आचार्य चाणक्य का कहना यह भी है कि अगर किसी इंसान को किस्मत का साथ ना भी मिले, तो वो अपनी मेहनत के बल पर खुद को भाग्यवान बना सकते है। अपनी नीति में आचार्य कहते हैं कि मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं है और जो व्यक्ति मेहनत करने से पीछे नहीं हटता, वो अपनी किस्मत खुद चमका देता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में कुछ बहुत बड़ा करते हैं, जो शायद सिर्फ भगवशाली लोगों के बस की भी बात नहीं।  

अगर सफलता पानी है तो आज से अपनाएं ये ज़रूरी आदतें

लाइफ में सफल होने के लिए बहुत सारे काम करने होते हैं। और, सफल इंसान वो है जो ना केवल पैसे से रिच हो बल्कि फैमिली और रिलेशनशिप के साथ ही अपनी हेल्थ से भी रिच हो। तो अगर आप लाइफ में सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो 30 की उम्र आते-आते इन चीजों को जरूर कर लें। एक प्रॉपर्टी जरूर खरीदें सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो अपने शहर में एक प्रॉपर्टी जरूर खरीदें। ये आपको शहर में पहचान देने और एक स्थायी ठिकाना देती है। फैमिली जरूर बनाएं अगर सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो ऐसे प्यार और रिस्पेक्टफुल फैमिली बनाएं। जहां आप अपने पैरेंट्स के साथ ही अपने लाइफपार्टनर और बच्चों के साथ सुकून से रह सकें। इन्वेस्ट करें कम उम्र में अर्निंग शुरू कर दी है तो इन्वेस्ट जरूर करें। जिससे कि फ्यूचर के लिए आपके पास पर्याप्त मनी हो। जितने भी इनवेस्टमेंट प्लान हैं वो आपको कम उम्र में इन्वेस्ट करने पर ही अच्छा रिटर्न देते हैं। मल्टीटास्किंग बने सक्सेजफुल होने के लिए आपको एक साथ कई कामों में निपुण होना जरूरी है। सोशल स्किल के साथ ही ऐसी करियर से जुड़ी स्किल भी जरूर होनी चाहिए। जिससे करियर और फैमिली आगे बढ़े। हेल्थ पर ध्यान दें सक्सेजफुल होने के लिए खुद की सेहत पर भी ध्यान दें। मेंटल और फिजिकल हेल्थ होगी तभी आप करियर पर फोकस कर पाएंगे।  

अगर व्यक्ति में हों ये 5 गुण, तो हर दिल में बनती है खास जगह और मिलती है बड़ी कामयाबी

सफलता की कुंजी हमेशा कड़ी मेहनत को माना जाता है। लेकिन कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी कुछ लोगों को सफलता नहीं मिल पाती है। क्या आप जानते हैं मेहनत करने के बावजूद भी क्यों कुछ लोग अपने लक्ष्य को हासिल करने में असफल बने रहते हैं? इस सवाल का जवाब सफल लोगों की 5 ऐसी आदतें हैं, जो अकसर कॉमन लोग नजरअंदाज कर देते हैं। आइए जानते हैं सफल लोगों की 5 ऐसी आदतों के बारे में, जो उन्हें आम से खास बनाकर सफलता का रास्ता तय करने में मदद करती हैं। मीठा बोलने का गुण व्यक्ति की सफलता के पीछे उसके व्यवहार की बड़ी भूमिका होती है। मधुरभाषी यानी मीठे बोल बोलने वाला व्यक्ति हमेशा लोगों के बीच पसंद किया जाता है। ऐसे लोगों की मदद करने के लिए सभी लोग हमेशा तैयार रहते हैं। ऐसे लोग अपनी भाषा से सबका दिल जीतने में कामयाब रहते हैं। जो भविष्य में उनके लिए सफलता का रास्ता तय करने में आसानी पैदा करते हैं। याद रखें, आपके शब्द आपके व्यक्तित्व की ताकत हैं। इन्हें अनमोल बनाएं और देखें कैसे ये आपकी जिंदगी को एक नई ऊंचाई पर ले जाते हैं। सुलझा स्वभाव वाणी में मिठास और अपने व्यवहार में सौम्यता रखने वाला मनुष्य अपने सुलझे हुए स्वभाव से लोगों को हमेशा प्रभावित कर लेता है। उनकी यह खासियत उसे हर क्षेत्र में तरक्की दिलाती है। अनुशासन अनुशासन से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता, सफलता, और आत्मविश्वास का विकास होता है। जिस व्यक्ति के पास ये गुण मौजूद होता है, उसे जीवन में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। समय का सदुपयोग करने वाला व्यक्ति सफल व्यक्ति हमेशा अपने समय का सदुपयोग करते हुए नए कामों की योजनाएं बनाते हैं। इससे उनके भविष्य के लिए उन्हें एक रास्ता मिलता है, जिस पर काम करके वे सफलता की ऊंचाईयों को चूमते हैं। मेहनती जो लोग ईमानदारी से कड़ी मेहनत करते हैं, उन्हें देर से ही सही, लेकिन सफलता जरूर मिलती है। इसीलिए सफलता मिलने में देरी होने पर व्यक्ति को निराश नहीं होना चाहिए बल्कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।

आचार्य चाणक्य की सीख: ये गलतियाँ कर देती हैं सफलता से दूर

भारत के इतिहास में एक से बढ़कर एक ज्ञानी पुरुष हुए इन्हीं में से एक थे आचार्य चाणक्य, जिनकी नीतियां इतनी प्रसिद्ध हैं कि आज भी लोग अपने जीवन को सुंदर और सरल बनाने के लिए इनका पालन करते हैं। जीवन का ऐसा कोई भी पहलू नहीं है जिसके बारे में आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में जिक्र ना किया हो। युद्ध के मैदान से लेकर गृहस्थ जीवन की बारीकियों को समझाने के लिए, आचार्य ने कई नीतियां गढ़ीं। अपनी इन्हीं नीतियों में उन्होंने कुछ ऐसी आदतों का भी जिक्र किया है, जो किसी भी व्यक्ति की तरक्की में बाधा बन सकती है। आचार्य की मानें तो अपनी इन्हीं आदतों की वजह से एक व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी सफल नहीं हो पाता। तो चलिए आज उन्हीं आदतों के बारे में जानते हैं। अपने मन पर नियंत्रण ना रख पाना जिस व्यक्ति का अपने मन पर कंट्रोल नहीं होता है, उसे जीवन में कभी भी सफलता नहीं मिल सकती। आचार्य चाणक्य की नीति में इससे जुड़ा एक श्लोक भी है – "अनवस्थित यस्य न जने न वने सुखम्, जनो दहति संसर्गात् वनं संगविवर्जनात।" जिसका मतलब है कि जिसका मन अशांत है उसे कहीं भी सुख नहीं मिलता, ऐसे में वो दर बदर भटकता ही रहता है। चाणक्य नीति के अनुसार जो व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण नहीं कर पाता है, उसका किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है। ऐसे में सफलता उससे कोसों दूर भागती है। नकारात्मक सोच भी है तरक्की में बाधा किसी भी व्यक्ति की सोच का प्रभाव उसके कार्य और जीवन पर भी पड़ता है। जो व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है, उसके जीवन में भी पॉजिटिविटी ही रहती है। लेकिन जिस व्यक्ति की सोच नकारात्मक होती है, उसे अपने जीवन में भी नकारात्मकता का ही सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों को कभी भी सफलता नहीं मिलती और उनके बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं। हमेशा पास्ट में अटके रहना भी है नेगेटिव जीवन में सफल होने के लिए बीती बातों को भुलाकर आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। जो लोग अपने पास्ट में ही अटके रहकर खुद को कोसते रहते हैं, वो जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते। आचार्य चाणक्य के अनुसार बीती बातों या असफलताओं से सबक लेकर, जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और नए सिरे से नई शुरुआत करनी चाहिए। सफलता का यही मूल मंत्र है। पास्ट की नेगेटिव बातों को सोचने से प्रेजेंट पर भी नेगेटिव असर पड़ता है। जिनमें होती है आत्मविश्वास की कमी जीवन में सफलता तभी मिलेगी, जब आपको खुद पर यकीन होगा। जिस व्यक्ति को खुद पर ही विश्वास नहीं होगा, वो जीवन में कभी भी सफल नहीं हो सकता। ये कहना गलत नहीं होगा कि सफल होने के लिए आत्मविश्वास का होना जरूरी है। आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होती है, उसे सफलता तो दूर समाज में मान-सम्मान भी नहीं मिलता है।  

सफलता पाने का आसान तरीका: हर सोमवार पढ़ें यह चालीसा

   हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव जी शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं, क्योंकि वे मात्र एक लोटा जल चढ़ाने से प्रसन्न हो जाते हैं. देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए सोमवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है. ऐसे में अगर आप सोमवार के दिन शिवजी की कृपा पाना चाहते हैं, तो इस दिन शिव चालीसा का पाठ जरूर करें. आइए पढ़ते हैं शिव चालीसा. शिव चालीसा का पाठ दोहा ॥ श्री गणेश गिरिजा सुवन , मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥भाल चन्द्रमा सोहत नीके । कानन कुण्डल नागफनी के ॥ अंग गौर शिर गंग बहाये । मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥ वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे । छवि को देखि नाग मन मोहे ॥ मैना मातु की हवे दुलारी । बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥ कर त्रिशूल सोहत छवि भारी । करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥ नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे । सागर मध्य कमल हैं जैसे ॥ कार्तिक श्याम और गणराऊ । या छवि को कहि जात न काऊ ॥ देवन जबहीं जाय पुकारा । तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥ किया उपद्रव तारक भारी । देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ॥ तुरत षडानन आप पठायउ । लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ॥ आप जलंधर असुर संहारा । सुयश तुम्हार विदित संसारा ॥ त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई । सबहिं कृपा कर लीन बचाई ॥ किया तपहिं भागीरथ भारी । पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ॥ दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं । सेवक स्तुति करत सदाहीं ॥ वेद नाम महिमा तव गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई ॥ प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला । जरत सुरासुर भए विहाला ॥ कीन्ही दया तहं करी सहाई । नीलकण्ठ तब नाम कहाई ॥ पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा । जीत के लंक विभीषण दीन्हा ॥ सहस कमल में हो रहे धारी । कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी ॥ एक कमल प्रभु राखेउ जोई । कमल नयन पूजन चहं सोई ॥ कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर । भए प्रसन्न दिए इच्छित वर ॥ जय जय जय अनन्त अविनाशी । करत कृपा सब के घटवासी ॥ दुष्ट सकल नित मोहि सतावै । भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै ॥ त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो । येहि अवसर मोहि आन उबारो ॥ लै त्रिशूल शत्रुन को मारो । संकट से मोहि आन उबारो ॥ मात-पिता भ्राता सब होई । संकट में पूछत नहिं कोई ॥ स्वामी एक है आस तुम्हारी । आय हरहु मम संकट भारी ॥ धन निर्धन को देत सदा हीं । जो कोई जांचे सो फल पाहीं ॥ अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी । क्षमहु नाथ अब चूक हमारी ॥ शंकर हो संकट के नाशन । मंगल कारण विघ्न विनाशन ॥ योगी यति मुनि ध्यान लगावैं । शारद नारद शीश नवावैं ॥ नमो नमो जय नमः शिवाय । सुर ब्रह्मादिक पार न पाय ॥ जो यह पाठ करे मन लाई । ता पर होत है शम्भु सहाई ॥ ॠनियां जो कोई हो अधिकारी । पाठ करे सो पावन हारी ॥ पुत्र हीन कर इच्छा जोई । निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई ॥ पण्डित त्रयोदशी को लावे । ध्यान पूर्वक होम करावे ॥ त्रयोदशी व्रत करै हमेशा । ताके तन नहीं रहै कलेशा ॥ धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे । शंकर सम्मुख पाठ सुनावे ॥ जन्म जन्म के पाप नसावे । अन्त धाम शिवपुर में पावे ॥ कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी । जानि सकल दुःख हरहु हमारी ॥ ॥ दोहा ॥ नित नेम कर प्रातः ही, पाठ करौ चालीसा। तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥ मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान । अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण ॥ शिव चालीसा के फायदे धार्मिक मान्यता के अनुसार, शिव चालीसा का पाठ करने से कई लाभ मिलते हैं जैसे तनाव और भय से मुक्ति, बाधाओं का दूर होना और मनोकामनाओं की पूर्ति आदि. शिव चालीसा को सोमवार के दिन पढ़ने से आर्थिक समृद्धि भी प्राप्त होती है, विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, मनचाहा जीवनसाथी मिलता है और घर में सुख-समृद्धि आती है.