विश्वरंग मुख्य सत्र: सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे, हंसध्वनि सभागार, रवींद्र भवन
भोपाल विश्वरंग : मुख्य सत्र : सुबह 10 बजे से दोपहर 2.00 बजे हंसध्वनि सभागार, रवीन्द्र भवन 10.00-10.30 मंगला चरण -ध्रुपद वृंद, ध्रुपद संस्थान, भोपाल एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी द्वारा उद्घाटन वैचारिक सत्र 10.30-11.15 21वीं सदी के सवाल : संदर्भ – साहित्य, संस्कृति, समाज : डॉ. नंदकिशोर आचार्य, संतोष चौबे 11.15-12.00 – नयी सदी में नये कौशल : अंकुर वारीकू, सिद्धार्थ चतुर्वेदी 12.30-01.15-खेल कहानियाँ और कॉमेंट्री आकाश चोपड़ा से सिद्धार्थ चतुर्वेदी की बातचीत 01.15-2.00- स्वानंद किरकिरे : शब्दों की दुनिया – जिंदगी का संगीत समानांतर सत्र (विभिन्न दस सभागारों में) 3.00-3.45 बजे – कौटिल्य से कॉर्पोरेट तक ( राधाकृष्णन पिल्लई) – कविता में सदी के सरोकार – 1 – विश्व कवियों के पाठ में सदी – नाटक एवं फिल्मों में सदी के सवाल ( राजेंद्र गुप्ता, वामन केन्द्रे) – जीवन स्पर्शी कथेतर साहित्य – लेखक / कृति से मिलिये ( दिव्य प्रकाश दुबे) – कविता में सदी के सरोकार – 2 – युद्ध और युद्ध विरोधी चित्र 3.45 – 4.30 बजे – आभासी संचार के बदलते आयाम ( एक्टर फैसल मलिक) – कहानी में सदी के सरोकार ( ममता कालिया) – विश्व कवियों के पाठ में सदी – चटखारों की चौपाल ( पुष्पेश पंत) – प्रवासी साहित्य बदलता चिंतन – लेखक / कृति से मिलिये – कहानी में सदी के सरोकार 2 – युद्ध और युद्ध विरोधी चित्र 5.00 – 5.45 बजे – सिनेमा-कल, आज और कल ( दिव्य दत्ता) – साहित्य की नई भाषा और युवा ( नीलोत्पल मृणाल, दिव्य प्रकाश दुबे) – साहित्य बहुभाषी कविता का अनुवाद पाठ – बाल एवं किशोर साहित्य : परिदृश्य एवं भविष्य दृष्टि – प्रवासी साहित्य रचना पाठ (कविता) – लेखक/कृति से – मिलिये कला लेखन : सम्भावना और चुनौतियाँ – 7वें टैगोर राष्ट्रीय कला सेमीनार 2025 का प्रेजेंटेशन 5.45 – 6.30 बजे – नयी वाली कविता ( प्रिय मलिक ) – नये भारत का साहित्यिक मानचित्र और युवा – बहुभाषी कविता का अनुवाद पाठ – हिंदी साहित्य में सभ्यता विमर्श – प्रवासी रचना पाठ (गद्य) – लेखक/कृति से मिलिये – प्रौद्योगिकी की अतिशय गति और सोशल मीडिया का दिग्भ्रमित यथार्थ – कला गुरु संवाद 6.00 – 7.00, हबीब तनवीर प्रांगण पूर्वरंग – देशराग : उमेश तरकसवार 7.00 से 9.00 बजे तक, मुक्ताकाश मंच सांस्कृतिक सत्र : कलेक्टिव क्वायर की प्रस्तुति