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महिलाओं ने मुक्त कंठ से की सीएम योगी की प्रशंसा, महिला पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री योगी को बताया बहन-बेटियों का रक्षक

लखनऊ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 और राज्यस्तरीय महिला सम्मान समारोह में नारी सम्मान, सशक्तीकरण और रोजगार का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने मुक्त कंठ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी यूपी की शान हैं। सीएम योगी ने जिस तरह महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी, अत्यंत सराहनीय: आनंदी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के हाथों नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित हुईं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की आनंदी अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। वर्ष 2017 के बाद से मुख्यमंत्री ने जिस तरह महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी प्रदेश सरकार मातृशक्ति की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी। महिला पुलिसकर्मियों ने कहा, अब प्रदेश की महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद पुलिस निरीक्षक नीलम राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण और सुरक्षा के क्षेत्र में ऐसी मिसाल कायम की है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। आज प्रदेश की महिलाएं अधिक सुरक्षित और सशक्त महसूस कर रही हैं। मुख्य आरक्षी वेदवती ने मुख्यमंत्री को बहन-बेटियों का रक्षक बताते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम अत्यंत सराहनीय हैं। मुख्य आरक्षी शिमला सिंह ने कहा कि योगी सरकार में महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित महसूस करती हैं और उन्हें समाज में सम्मान भी मिल रहा है। महिलाओं की भागीदारी से ही समाज का समग्र विकास संभव कार्यक्रम में सीएम योगी ने नवचयनित मुख्य सेविकाओं को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नियुक्ति पत्र पाने वाली महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं। कानपुर की गुंजा गुप्ता ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि हमें योगी आदित्यनाथ जैसे मुख्यमंत्री मिले हैं। हम भी प्रदेश के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाना चाहते हैं। कानपुर की ही स्मृति कपूर ने कहा कि महिला दिवस के अवसर पर इससे बड़ा उपहार क्या हो सकता है कि हमें मुख्यमंत्री के साथ यह दिन मनाने का अवसर मिला। लखनऊ की सुनयना कुमारी ने कहा कि योगी सरकार में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। यहां जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता और पात्रता के आधार पर अवसर दिए जाते हैं। कन्नौज की रीता वर्मा बोलीं कि अब समय बदल गया है। आम जनता की सुनवाई होती है और हमें ऐसे मुख्यमंत्री मिले हैं जो जनहित के मुद्दों को गंभीरता से लेते हैं। लखनऊ की अंजुम फातिमा ने कहा कि योगी सरकार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जिसकी जितनी योग्यता है, उसे उतना ही महत्व दिया जाता है। यही वजह है कि आज महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं और समाज में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की सफल महिला उद्यमियों की सराहना, अन्य महिलाओं के लिए बताया प्रेरणास्रोत

लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की राजधानी में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मान कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के वाराणसी मंडल की महिलाओं के सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियां सामने आईं। इस अवसर पर वाराणसी मंडल के वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जनपदों की 600 से अधिक महिलाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ीं। इनमें से कई लाभार्थी महिलाओं ने राज्य सरकार की विभिन्न महिला स्वावलंबन की योजनाओं से मिले लाभ के बारे में मुख्यमंत्री को बताया और उनका आभार व्यक्त किया। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के साहस, प्रयासों और स्वावलंबन की मिसाल बनने के लिए उनकी सराहना की और प्रदेश की अन्य महिलाओं को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री से संवाद कार्यक्रम के दौरान वाराणसी की सीता देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से उन्होंने स्वयं भी ई-रिक्शा चलाकर और क्षेत्र की लगभग ढाई सौ महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग दिया है। सीता देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि शुरुआत में लोगों के ताने सुनने पड़ते थे और डर भी लगता था, लेकिन अब उनका डर दूर हो चुका है। अब वे न केवल स्वावलंबी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी इस दिशा में मदद करतीं हैं। मुख्यमंत्री ने उनके साहस की सराहना की और अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबी बनाने के उनके प्रयासों के लिए आभार जताया। इसी क्रम में गाजीपुर की प्रमिला देवी ने बताया कि वे प्राथमिक विद्यालय में रसोइया का कार्य करती हैं और योगी सरकार की कई योजनाओं से लाभान्वित हैं। इनमें विधवा पेंशन योजना, पारिवारिक लाभ, कन्या सुमंगला योजना, उज्ज्वला योजना और राशन कार्ड योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से उनके स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान कार्ड योजना के बारे में पूछा और उसका लाभ लेने के लिए कहा। उन्होंने प्रमिला देवी को अपने पैरों पर खड़े होकर स्वावलंबन का उदाहरण पेश करने के लिए बधाई दी। चंदौली जिले की सोनी कुमारी ने मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बताया कि वे फूलों की खेती करती हैं और महिला समूहों के माध्यम से क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी इस कार्य से जोड़कर स्वावलंबन की ओर प्रेरित करती हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे फूलों की खेती के लाभों के बारे में विस्तार से पूछा और मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों का उपयोग कर धूपबत्ती और अगरबत्ती बनाने के प्रशिक्षण के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री योगी ने सोनी देवी को अपने उद्यम का विस्तार कर अन्य महिलाओं को भी सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में जौनपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ी दुर्गा मौर्य ने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं के तहत एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) बनाकर किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग, कम लागत में अधिक उत्पादन की तकनीकों का लाभ लेने के बारे में सहयोग प्रदान किया है। दुर्गा मौर्य ने बताया कि वे ड्रोन दीदी के रूप में भी कार्य करती हैं और इसके साथ ही उद्योग विभाग से ऋण लेकर नमकीन बनाने की फैक्ट्री स्थापित की है, जिससे अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने एफपीओ बनाकर महिलाओं और किसानों के उत्थान के लिए किए जा रहे उनके कार्यों की सराहना की तथा अन्य योजनाओं में प्रशिक्षण लेने और महिलाओं को प्रशिक्षित करने के लिए प्रेरित किया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र योगी सरकार की नारी सशक्तीकरण की योजनाओं के प्रभाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री से संवाद कार्यक्रम के माध्यम से पता चला कि प्रदेश की महिलाएं न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रहीं हैं, बल्कि दूसरों को भी इस दिशा में प्रेरित कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह आयोजन नारी शक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला साबित हुआ।