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कम उम्र में ही बूढ़ा दिखने लगते हैं लोग, जिम्मेदार होती हैं ये रोज़मर्रा की आदतें

महान कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने जीवन के लगभग हर एक पहलू पर अपने विचार दिए। आज भी उनकी नीतियां लोगों का मार्गदर्शन करने का काम कर रही हैं। उनकी नीतियां पढ़कर ऐसा लगता है मानों ये आज के समय को ध्यान में रखकर ही लिखी गई हों। आचार्य ने अपने नीतिशास्त्र में स्वस्थ जीवन से जुड़ी कुछ जरूरी बातें भी कही हैं। उन्होंने लोगों की कुछ ऐसी आदतों का जिक्र किया है जो उन्हें समय से पहले ही बूढ़ा बनाने का काम करती हैं। आइए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसी कौन सी आदतें हैं, जिनसे दूरी बना लेने में ही लोगों को फायदा है क्योंकि ये उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से पहले ही कमजोर और बूढ़ा बना सकती हैं। खुलकर ना जी पाना व्यक्ति जिस माहौल में रहता है, उसकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर उसका भी असर पड़ता है। महान कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति बहुत ज्यादा बंधन में रहता है वो भी समय से पहले ही बूढ़ा दिखाई देने लगता है। दरअसल जब कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा बाउंडेशन में रहता है, तो वह कहीं भी किसी भी सिचुएशन में अपने विचार खुलकर नहीं रख पाता है। जिसकी वजह से वो अंदर ही अंदर घुटता रहता है, और इस घुटन का असर उसकी हेल्थ पर साफ दिखाई देता है। शारीरिक सुख में कमी आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी इंसान को जीवन में सुखी रहना है तो इसके लिए उसका शारीरिक रूप से खुश रहना भी बहुत जरूरी है। गृहस्थ जीवन से जुड़ा हुआ कोई भी व्यक्ति जब शारीरिक रूप से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसका पूरा जीवन नीरस हो जाता है। इस नीरसता की वजह से इस व्यक्ति पर उम्र का पहरा भी साफ नजर आने लगते हैं। आचार्य चाणक्य के मुताबिक जो इंसान अपने जीवन में शारीरिक रूप से सुखी नहीं रहता है, वो समय से पहले बूढ़ा लगने लगता है। जरूरत से ज्यादा यात्रा करना आचार्य चाणक्य के मुताबिक जो व्यक्ति बहुत ज्यादा यात्रा करता है, उसकी उम्र भी बहुत जल्दी ढलने लगती है। दरअसल किसी भी इंसान को फिट रहने के लिए, उसका रूटीन मेंटेन होना बहुत जरूरी है। समय से खाना, रूटीन में रहना और सोने और उठने का निश्चित समय होना, हेल्थी शरीर के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। लेकिन जब कोई व्यक्ति अधिकतर समय यात्रा पर ही रहता है, तो इस दौरान उसके रूटीन पर भी गहरा असर पड़ता है, जो उसकी हेल्थ पर भी असर डालता है। नेगेटिविटी भी डालती है स्वास्थ्य पर बुरा असर आचार्य चाणक्य के अनुसार जो इंसान हर समय नेगेटिविटी से घिरा रहता है, उसे भी बुढ़ापा जल्दी घेर लेता है। दरअसल जब किसी इंसान के अंदर नेगेटिव विचार ज्यादा होते हैं, तो वो हर चीज में बस कमी की ही तलाश में लगा रहता है। ऐसा इंसान ना तो कभी खुलकर जी पाता है और ना ही कभी खुश रहता है, बस हर समय चिंता में ही डूबा रहता है। वो कहते हैं न 'चिंता चिता के समान', नेगेटिविटी से घिरे इंसान की चिंता ही उसे समय से पहले बूढ़ा बना देती है।  

पीएम मोदी का युवाओं से वर्चुअल संवाद: राजद के कुशासन में बिगाड़ी बिहार की स्थिति

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ देर में बिहार के युवाओं के साथ ऑनलाइन संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले एक कार्यक्रम होना था। लेकिन, सोने पर सुहागा हो गया कि भारत सरकार के आईटीआई के कार्यक्रम के साथ बिहार सरकार के भी कई कार्यक्रम हो गए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार नेतृत्व में बिहार का काफी विकास हुआ है। युवा आयोग, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड समेत कई योजना बिहार के युवाओं के बेहतर भविष्य की गारंटी है। आज बिहार के युवाओं के सशक्तिकरण का यह मेगा प्रोग्राम है। यह दिखाता है कि एनडीए सरकार बिहार के नौजवानों और महिलाओं को कितनी प्राथमिकता देती है। आज 21वीं सदी की मांग है कि हम देश की जड़ों को ध्यान में रखें। लोकल टेलेंट, लोकल स्किल, लोकल नॉलेज को तेजी से आगे बढ़ाना हमारा कर्तव्य है। यह काम देश के आईटीआई कर रहा है। बीते 11 साल में डेढ़ करोड़ से ज्यादा नौजवान अलग-अलग ट्रेडों में प्रशिक्षित हो चुकी है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन युवाओं को उनकी स्थानीय भाषाओं में उनकी स्किल सिखाई गई है। पीएम मोदी ने कहा कि इस साल भी 10 लाख से ज्यादा छात्र ऑल इंडिया ट्रेड में शामिल हुए। इनमें से 45 टॉपर्स साथियों को मुझे सम्मानित करते का अवसर मिला। इसमें बड़ी संख्या में वो नौजवान शामिल हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। इन्हें देखकर मुझे इनमें लघु भारत नजर आता है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत की वर्कशॉप है। साल 2014 तक हमारे देश में 10 हजार आईटीआई बने थे। लेकिन, बीते एक दशक में करीब पांच हजार नए आईटीआई बने। यानी देश आजाद होने के बाद 2014 तक 10 हजार और मोदी के आने के बाद नई पांच हजार आईटीआई बने। आज पीएम सेतु योजना का भी शुभारंभ हुआ। यह योजना दुनिया की स्किल डिमांड से भारत के युवा साथियों को जोड़ेगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने लालू-राबड़ी राज को याद करते हुए कहा कि दो दशक पहले राजद के कुशासन ने बिहार की हालत खराब कर दी थी। शिक्षा व्यवस्था का हाल ऐसा हो गया था कि मां-बाप को अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए बाहर भेजना पड़ता था। लेकिन, जनता ने नीतीश जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार को चुना। आज बिहार के बच्चे अपने राज्य में बेहतर शिक्षा हासिल कर रहे हैं। 'आजकल लोग जननायक शब्द की भी चोरी कह रहे हैं' पीएम मोदी ने कहा कि आज सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने युवाओं के कौशल विकास के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की है। यह विवि बिहार के युवाओं के भविष्य के मील का पत्थर साबित होगा। वहीं पिछले कुछ दिनों में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को जननायक कहने पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के लोगों को मैं कहन चाहता हूं कि आप चौकन्ने रहिए आजकल लोग जननायक शब्द की भी चोरी कह रहे हैं। मैं बिहार के लोगों से कहूंगा कि हमारे कर्पूरी ठाकुर जी के लिए जिस जननायक शब्द का उपयोग किया गया उसकी चोरी न हो। कर्पूरी ठाकुर ने समाज में अतुलनीय योगदान दिया। पीएम मोदी ने कहा कि बिहार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को ब्याज मुक्त कर दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के युवाओं का सामर्थ बढ़ाने के लिए एनडीए सरकार काम कर रही है। राजद-कांग्रेस की सरकार की तुलना में एनडीए सरकार ने शिक्षा का बजट कई गुना बढ़ा दिए हैं। 'कौशल और परिश्रम का कोई विकल्प नहीं हो सकता है' पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत में ग्रोथ कम थे। रोजगार भी बहुत कम थे। लेकिन, आज भारत दुनिया के टॉप तीन अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। बड़े उद्योग से लेकर हमारे एमएसएमई में अभूतपूर्व बदलाव हुआ। मुद्रा योजना ने करोड़ों युवाओं को अपना रोजगार शुरू करने में मदद की। पीएम मोदी ने कहा कि हर चीज का विकल्प हो चुका है लेकिन कौशल और परिश्रम का कोई विकल्प नहीं हो सकता है। आप सभी युवाओं की शक्ति देश की शक्ति बनेगी।   युवाओं से संवाद करने से पहले पीएम मोदी ने देश भर के चुनिंदा टॉपर्स को सम्मानित किया। इस दौरान वह युवाओं को 62 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की योजनाओं की सौगात दी। वहीं देशभर के एक हजार सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के विकास के लिए पीएम-सेतु योजना का शुभारंभ भी किया। पीएम मोदी के कार्यक्रम में 200 से अधिक आईटीआई जुड़े। इसमें 50 से अधिक बिहार से हैं। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री बिहार के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना की भी शुरुआत की। इस योजना के तहत युवाओं को दो साल तक हर महीने एक हजार रुपए की मदद दी जाएगी। इससे प्रदेश के करीब पांच लाख युवाओं को फायदा मिलेगा। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और कौशल विकास के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। आज सुबह करीब 11 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में कई योजनाओं की शुरुआत के साथ ही एक ऐतिहासिक पहल ‘पीएम-सेतु’ के शुभारंभ का सौभाग्य मिला। इससे राज्य के मेरे युवा साथियों के लिए अवसरों के कई नए द्वार खुलने वाले हैं। छात्र-छात्राओं ने दिया सरकार को धन्यवाद पीएम मोदी के संवाद कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समेत बिहार के कई वरिष्ठ मंत्री और सांसद इस कार्यक्रम में जुड़े। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने नीतीश सरकार की उपलब्धियां गिनाई। कहा कि आने समय में एक करोड़ लोगों को बिहार सरकार सरकारी नौकरी और रोजगार देगी। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ लेने वाली कुमारी संजना ने कहा कि इस योजना के तहत हजार रुपये प्रतिमाह मिलने से काफी लाभ मिला। इसके लिए मैं पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार को धन्यवाद देता हूं। वैशाली निवासी अतुल राज ने कहा कि मैंने पटना सायंस कॉलेज से स्नातक किया है। वर्तमान में मैं सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी कर रहा हूं।मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ मुझे मिल रहा है। इसके लिए मैं सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी को धन्यवाद दे रहा हूं। सहरसा निवासी शाकिब अहमद ने कहा कि मेरी आर्थिक … Read more