samacharsecretary.com

व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में हुए गड़बड़ी की होगी पुलिस से जांच- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

रायपुर : शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने मंत्रालय में ली समग्र शिक्षा विभाग की अधिकारियों की समीक्षा बैठक

व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में हुए गड़बड़ी की होगी पुलिस से जांच- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव 

भ्रष्टाचार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

शिक्षा की गुणवत्ता सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: शिक्षा मंत्री यादव

रायपुर

 

स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य में संचालित शैक्षणिक योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की समीक्षा की गई। मंत्री यादव ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को गंभीरता और जिम्मेदारी से कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि तथा आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।मंत्री यादव ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें ढिलाई, भ्रष्टाचार और गैर-जिम्मेदारी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी पर नाराजगी व्यक्त की

व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में सबसे अधिक शिकायतें आने पर मंत्री ने नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में किसी भी प्रकार का लेन-देन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्यवाही होगी। गड़बड़ी की पुलिस से जांच कराने के निर्देश दिए। 

भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त रुख

मंत्री यादव ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता सर्वाेच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घटिया या निकृष्ट सामग्री देने वाले आपूर्तिकर्ताओं को काली सूची में डाला जाए। उन्होंने वित्तीय अनुशासन पर बल देते हुए कहा कि बजट का समुचित एवं समय पर उपयोग किया जाए और उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को समय पर भेजा जाए, ताकि अनुदान की आगामी किश्त समय पर राज्य को प्राप्त हो सके।

बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी एवं समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजय झा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं व गतिविधियों की जानकारी दी। मंत्री यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नवाचार और तकनीकी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कक्षाएँ, डिजिटल अधिगम, विज्ञान प्रयोगशालाएँ और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा पद्धति से लाभान्वित हो सकें। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन पाठ्यक्रम, डिजिटल अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक अनुप्रयोगों के उपयोग से शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करने के निर्देश दिए।

बैठक में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ व्यावसायिक कौशलों के विकास, उन्हें रोजगार उन्मुख बनाने, समावेशी शिक्षा, बलवाड़ी, खेल एवं शारीरिक शिक्षा, वार्षिक शाला अनुदान, निपुण भारत मिशन, शाला त्यागी बच्चों की पुनर्वापसी, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, प्रधानमंत्री विद्यालय, विद्या समीक्षा केंद्र, मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान और रजत जयंती समारोह से जुड़ी गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

मंत्री यादव ने छात्रावासों, कन्या छात्रावासों और पोटा केबिनों में सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। हाल ही में पाकेला (छिंदगढ़ विकासखण्ड) के पोटा केबिन में भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिलाने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ शासन की छवि को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाती हैं। अतः जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here