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अंडरकवर मिशन का किस्सा: पाकिस्तानी की पहचान पर अजीत डोभाल को मिली प्लास्टिक सर्जरी की सलाह

नई दिल्ली
आज भारत के जेम्स बॉन्ड अजीत डोभाल का जन्मदिवस है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल केवल रणनीति और खुफिया मामलों में माहिर नहीं हैं, उनके जीवन से जुड़े किस्से साहस, चतुराई और रोमांचक अनुभवों से भरी हुई हैं। ऐसे ही एक रोमांचक किस्सों में डोभाल ने एक बार कार्यक्रम में खुद खुलासा किया था कि पाकिस्तान में एक मजार के पास बैठे शख्स ने उनसे कहा था- मुझे पता है कि तुम हिंदू हो।
 
अजित डोभाल का जन्म 1945 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में एक गढ़वाली परिवार में हुआ था। उनके पिता भारतीय सेना के एक अधिकारी थे। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हेमवती नन्दन बहुगुणा उनकी मां के चचेरे भाई थे। 1968 में केरल कैडर से आईपीएस बने डोभाल 2005 तक इंटेलिजेंस ब्यूरो के मुख्य के पद पर रहे। वे सक्रिय रूप से मिजोरम, पंजाब और कश्मीर में उग्रवाद विरोधी अभियानों में शामिल रहे हैं।

पाकिस्तान में सात साल बिताए
डोभाल खुद बता चुके हैं कि उन्होंने सात साल पाकिस्तान में बिताए, हालांकि उनके एक जमाने के बॉस और आईबी एवं रॉ के पूर्व प्रमुख एएस.दुलत का कहना है कि कि वह वहां भारतीय उच्चायोग में नियुक्त थे, अंडर कवर एजेंट के तौर पर नहीं। फिर भी उनके अनुभव कुछ ऐसे थे, जो किसी जासूसी कहानी से कम नहीं।

एक बार विदर्भ मैनेजमेंट एसोसिएशन के एक समारोह में डोभाल ने पाकिस्तान में उनके साथ हुई एक घटना का जिक्र किया था। डोभाल बताते हैं कि लाहौर में औलिया की एक मजार थी, जहां बहुत से लोग आते थे। मैं एक मुस्लिम शख्स के साथ रहता था। एक दिन मैं उस मजार से गुजर रहा था और मैं भी वहां चला गया। कोने में एक शख्स बैठा था जिसकी लंबी सफेद दाढ़ी थी। उसने मुझसे सवाल किया, 'क्या तुम हिंदू हो?' मैंने जवाब दिया, नहीं।"

प्लास्टिक सर्जरी करवा लो, वरना…
इसके बाद डोभाल ने बताया कि वह शख्स उन्हें पीछे एक छोटे कमरे में ले गया, दरवाज़ा बंद किया और कहा कि देखो, तुम हिंदू हो, मुझे पता है। डोभाल ने पूछा कि यह कैसे संभव है, तो शख़्स ने कहा कि तुम्हारे कान छिदे हुए हैं। डोभाल ने मुस्कुराते हुए कहा कि हां, बचपन में उनके कान छेद गए थे, लेकिन वह कन्वर्ट हो गए थे। जवाब में शख्स ने कहा कि मुझे पता है कि तुम कंवर्ट नहीं हुए हो, तुन्हें प्लास्टिक सर्जरी करवा लेनी चाहिए, नहीं तो बाहर लोग शक कर सकते हैं।

फिर डोभाल ने बताया कि जिस शख्स ने उन्हें पहचाना, उसने कहा कि क्योंकि मैं भी हिंदू हूं, इसलिए मुझे पता है। फिर उस शख़्स ने एक अलमारी खोली, जिसमें शिव और दुर्गा की मूर्तियां रखी थीं और कहा कि मैं इनकी पूजा करता हूं, लेकिन बाहर लोग मुझे एक मुस्लिम धार्मिक व्यक्ति के रूप में जानते हैं।

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