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तख़्त या ताबूत? इमरान खान के करीबी जनरल फैज़ हमीद को पाक आर्मी कोर्ट से 14 साल की सज़ा

इस्लामाबाद 
मुगल साम्राज्य के जमाने से चली आ रही ‘तख्त या ताबूत’ वाली कहावत पाकिस्तान के वर्तमान हालात पर सटीक बैठ रही है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान इस समय जेल में हैं और उनके करीबी सैन्य जनरल फैज हमीद को पाकिस्तान आर्मी की कोर्ट ने 14 साल कैद की सजा सुनाई है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के प्रमुख रहे फैज हमीद किसी वक्त पाकिस्तानी सेना के चीफ बनाए जाने के संभावित नामों में शामिल थे, लेकिन फिर हालात बदले और इमरान खान समेत वह जेल में पहुंच गए।
 
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरलन (रिटायर) फैज हमीद को 14 साल की कड़ी सजा सुनाई गई है। पाकिस्तानी सेना की सार्वजनिक मामलों की शाखा, आईएसपीआर ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि एक सैन्य अदालत ने फैज हमीद पर कदाचार, सैन्य सेवा नियमों में उल्लंघन राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने, अधिकारों और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग, व्यक्तियों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सजा सुनाई है।

आईएसपीआर ने बताया कि लंबी और कठिन सुनवाई के बाद सैन्य अदालत ने फैज हमीद को सभी आरोपों में दोषी पाया गया है। इसी के तहत 11 दिसंबर को आधिकारिक रूप से फैज को 14 साल की कड़ी सजा सुनाई गई है। पाकिस्तानी सेना की गुरिल्ला अदालत की वकालत करते हुए आईएसपीआर ने जोर देकर कहा कि इस मुकदमे के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। हमीद को अपनी पसंद का वकील नियुक्त करने का अधिकार दिया या था और उन्हें इस फैसले के खिलाफ सही मंच पर अपील करने का अधिकार भी प्राप्त है।

गौरतलब है कि हमीद उस वक्त वैश्विक हेडलाइन में आए थे, जब आईएसआई चीफ के रूप में वह 2021 में अमेरिका के अफगानिस्तान से जाने के बाद तालिबान के साथ बैठक करने काबुल जा पहुंचे थे। यहां पर उनकी चाय पीते हुए एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसकी चर्चा बाद में पूरी दुनिया में हुई थी। इमरान खान की सरकार के दौरान उन्हें पाकिस्तानी सेना और सरकार के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता था। इसके अलावा जब तत्कालीन जनरल बाजवा के रिटायर होने की खबरें सामने आई तो सेना प्रमुख के लिए भी फैज हमीद का नाम आगे था।

 

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