samacharsecretary.com

पसीने की बदबू से छुटकारा दिलाएगा मोगरे का देसी इत्र, बिना किसी खर्च के घर पर इस जादुई तरीके से करें तैयार

गर्मियों के बढ़ते तापमान में लोगों को बहुत पसीना आता है. पसीने की चिपचिपाहट और उससे आने वाली बदबू से लोग बहुत परेशान रहते हैं. इस बदबू से बचने के लिए लोग महंगे से महंगे ब्रांडेड सेंट, परफ्यूम और डियो खरीदते हैं. यही चीजें खरीदने में कुछ लोग तो हजारों रुपए खर्च कर देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि ये तेज खुशबू वाले डियो पसीने की बदबू को दबाने के बजाय कई बार और भी अजीब महक देने लगते हैं? ऊपर से इनमें मौजूद केमिकल्स स्किन को नुकसान भी पहुंचाते हैं.

इतना ही नहीं इनकी महक बहुत जल्दी उड़ भी जाती है. ऐसे में अगर हम आपसे कहें कि इस चिलचिलाती गर्मी में आप 100% नेचुरल इत्र अपने घर पर बना सकते हैं, वो भी बिना किसी खर्च और केमिकल के. तो क्या आप यकीन करेंगे? आज हम आपको एक ऐसा जादुई तरीका बताने वाले हैं जिससे आप मोगरे के फूलों से देसी इत्र बना सकते हैं. ये न सिर्फ आपको दिनभर तरोताजा रखेगा, बल्कि पसीने की बदबू की छुट्टी भी कर देगा.

इंग्रेडिएंट्स
मोगरा का इत्र बनाने के लिए आपको  
    ताजे मोगरे (जैस्मिन) के फूल
    सुई-धागा
    कांच की ढक्कन वाली साफ और सूखी बोतल  
    थोड़ा सा सेलो टेप

कैसे बनाएं मोगरे का इत्र?
1. मोगरे का इत्र बनाने के लिए सबसे पहले मोगरे के फूलों को सुई-धागे में पिरोकर एक लंबा गजरा बना लें. लेकिन आपको ध्यान देना रखना है कि फूल बिल्कुल ताजे हों, तभी खुशबू अच्छी आएगी.

2. अब एक कांच की बोतल लें और इस गजरे को उसके अंदर लटकाएं. गजरा इस तरह लटकाएं कि फूल बोतल की दीवार से न छुएं और नीचे भी न टिके. इसका मतलब साफ है कि गजरा बिल्कुल बीच में हवा में लटका होना चाहिए.

3. गजरे के धागे वाले हिस्से को बोतल के ढक्कन के बीच में सेलो टेप से चिपका दें. इससे फूल अपनी जगह पर टिके रहेंगे.

4. अब बोतल को अच्छी तरह बंद करके 2 दिन के लिए तेज धूप में रख दें. ये स्टेप बहुत जरूरी है क्योंकि धूप की गर्मी से फूलों की खुशबू बाहर निकलती है.

5. दो दिन बाद आप देखेंगे कि फूल सूखकर हल्के नारंगी हो गए हैं. बोतल के अंदर पानी जैसी बूंदें जमा हो गई हैं. यही बूंदें असली मोगरे का इत्र है. बस आपका इत्र तैयार है.

कैसे करें स्टोर?
इस इत्र को आप छोटी रोल-ऑन बोतल या स्प्रे वाली बोतल में भरकर रख सकते हैं. इस इत्र को थोड़ी सी मात्रा में लगाना भी काफी होता है, क्योंकि इसकी खुशबू लंबे समय तक बनी रहती है.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here