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दो दशक की ईमानदारी बनी ढाल और एक झटके में दर्जनों ज्वेलर्स को लगा करोड़ों का चूना

हरियाणा

किसी बड़ी वारदात या चोरी को अंजाम देने के लिए कोई कितने साल तक प्लानिंग कर सकता है? एक-दो साल? जी नहीं, हरियाणा के पानीपत से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बंगाली कारीगर ने शहर के सर्राफा व्यापारियों (ज्वेलर्स) का विश्वास जीतने के लिए पूरे 25 साल लगा दिए.

साल 2001 से शहर में काम कर रहे इस कारीगर ने जैसे ही व्यापारियों का पूरा भरोसा जीता, वह दर्जनों ज्वेलर्स के करोड़ों रुपये के गहने लेकर रातों-रात फरार हो गया.

25 साल से बना रहा था मास्टरप्लान
पानीपत के ज्वेलर्स कभी सपने में भी नहीं सोच सकते थे कि जो व्यक्ति उनके बीच 25 साल (साल 2001 से) से रह रहा है, वह असल में विश्वास नहीं जीत रहा था, बल्कि एक बहुत बड़ी डकैती की प्लानिंग कर रहा था. आरोपी कारीगर का नाम मोहिदुल मलिक है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. वह पिछले 25 साल से पानीपत में रहकर ज्वेलरी रिपेयरिंग (गहने सुधारने) का काम कर रहा था. इतने लंबे समय तक ईमानदारी से काम करने के कारण बाजार के दर्जनों ज्वेलर्स उस पर आंख मूंदकर भरोसा करने लगे थे.
 
रिपेयरिंग के नाम पर इकट्ठा किए करोड़ों के जेवर
ठगी का शिकार हुए पीड़ित ज्वेलर सचिन वर्मा ने बताया कि मोहिदुल मलिक ने हाल ही के दिनों में एक सोची-समझी साजिश के तहत काम किया. पिछले कुछ दिनों से मोहिदुल अलग-अलग ज्वेलर्स से रिपेयरिंग के लिए आने वाले गहनों को सिर्फ इकट्ठा कर रहा था और वापस नहीं लौटा रहा था. जब उसके पास करोड़ों रुपये का गोल्ड (सोना) जमा हो गया, तो वह एक दिन अचानक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ शहर छोड़कर फरार हो गया. व्यापारियों को अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि 25 साल पुराना कारीगर उनके साथ इतनी बड़ी धोखाधड़ी कर सकता है.

पुलिस जांच में जुटी, आरोपी की तलाश तेज
ठगी का अहसास होने के बाद ज्वेलर्स ने तुरंत पुलिस का दरवाजा खटखटाया है. डीएसपी सतीश वत्स ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बाजार के कई सर्राफा व्यापारियों ने कारीगर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस के मुताबिक, अभी तक यह स्पष्ट रूप से कन्फर्म नहीं हो पाया है कि आरोपी कुल कितनी कीमत के गहने लेकर फरार हुआ है, लेकिन अनुमान करोड़ों में है. पुलिस ने आरोपी बंगाली कारीगर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें तलाश में जुट गई हैं.

 

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