samacharsecretary.com

अनोखी विदाई: पालकी में सवार होकर साजन के द्वार पहुंचीं पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन

सिवनी
जबलपुर रोड स्थित लूघरवाड़ा के निजी लान में आयोजित विदाई समारोह में पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन को पालकी में दोनों बेटियों के साथ बैठाकर कर्मचारियों ने वाहन तक पहुंचाकर विदाई दी। हाल ही में राज्य सरकार ने सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन का ट्रांसफर भोपाल किया है, जिसके चलते 3 अक्टूबर को विदाई समारोह व नवागत कलेक्टर के आगमन का कार्यक्रम रखा गया था। विदाई समारोह के बाद जब कलेक्टर संस्कृति जैन भोपाल जाने लगी तो उत्साहित कर्मचारियों उन्हें पालकी में बिठाकर अपने कंधों पर उठा लिया। इस दौरान पूर्व कलेक्टर के सम्मान में कर्मचारियों की अलग ही तस्वीर देखने को मिली। कलेक्टर के साथ उनकी दोनों बेटियां ध्वनि व तरंग जैन भी पालकी में बैठी।
 
सरल स्वभाव ने प्रभावित किया
पूर्व कलेक्टर जैन के हंस मुख व सरल स्वभाव से सभी कर्मचारी प्रभावित थे। कर्मचारियों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर पूर्व कलेक्टर जैन आगे बढ़कर विभागीय अमले का नेतृत्व करती थी, गलतियों के बारे में बताती थी। वहीं जिले के सरकारी स्कूलों की दिशा व दशा सुधारने कलेक्टर जैन द्वारा प्रारंभ किए गए ''गिफ्ट ए डेस्क'' अभियान को काफी लोकप्रियता मिली, जिसे सभी वर्गो ने काफी सराहा। इस अभियान में दानदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विदाई के दौरान गाना बज रहा था… "पालकी में होके सवार चली रे, मैं तो अपने साजन के द्वार चली रे"। इस गाने ने माहौल को और भावपूर्ण बना दिया। पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन ने नगर पालिक निगम भोपाल आयुक्त का प्रभार संभाल लिया है।
 
अभियान से जुड़े 4 हजार दानदाता
विदाई समारोह से पहले ट्रांसफर आदेश मिलने पर कलेक्टर जैन ने गिफ्ट ए डेस्क अभियान की प्रगति पर वीडियो संदेश जारी कर बताया था कि 13200 डेस्क व बैंच जिले के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पहुंच चुकी हैं। 800 डेस्क-बैंकच की प्रक्रिया चल रही है। अभियान के प्रथम चरण को पूरा करने अभी 7146 से अधिक की डेस्क-बैंच की आवश्यकता है, जिसकी पूर्ति करना हम सभी की जिम्मेदारी है। बताया कि अभियान के लिए बनी बेवसाइड को एक लाख से अधिक लोगों ने सर्च किया। 4 हजार से अधिक दानदाताओं ने इस अभियान में सहयोग किया। उन्होंने भविष्य में अभियान को इसी तरह सहयोग कर शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाने का आव्हान करते हुए सभी से मिले सहयोग पर धन्यवाद ज्ञापित किया था।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here