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मध्य प्रदेश में आदिवासी छात्रों के लिए UPPSC और PSC तैयारी, 2 नए छात्रावास बनाने की योजना

जबलपुर
 अपने अटपटे बयानों के लिए पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री आजकल बहुत नापतौल कर बयान दे रहे हैं. जनजातीय मंत्री विजय शाह ने जबलपुर में अपने विभाग के अलावा किसी दूसरे सवाल का कोई जवाब नहीं दिया. उन्होंने बताया कि आदिवासी छात्र-छात्राओं को यूपीएससी और पीएसी की तैयारी के लिए जबलपुर में एक पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा. जिसमें छात्र-छात्राओं को सरकारी खर्च पर विशेष कोचिंग करवाई जाएगी.

जबलपुर में बनेंगे 2 नए छात्रावास

मध्य प्रदेश सरकार के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह जबलपुर पहुंचे. जहां उन्होंने दो नए छात्रावासों के निर्माण की घोषणा की है. जिन्हें 8 करोड़ 18 लख रुपए की लागत से बनाया जाएगा. एक छात्रावास जबलपुर के महाकाल में और दूसरा कुडम में बनेगा. मंत्री कुंवर विजय शाह का कहना है कि "आदिवासी जनजाति के छात्रों को लेकर जबलपुर में एक नया प्रयोग किया जा रहा है, जो अगले शिक्षा सत्र से शुरू होगा.

आदिवासी छात्रों को सरकार कराएगी कोचिंग

इसके तहत 100 लड़के और 100 लड़कियों को यूपीएससी और पीएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग करवाई जाएगी. इस प्रोजेक्ट के लिए विभाग की ओर से 18 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है. उन्होंने बताया इसी तरह अनुसूचित जाति जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए नीट, आईआईटी, जेईई और करंट अफेयर्स की तैयारी के लिए भी जबलपुर में व्यवस्था की जा रही है. इन छात्रों के लिए हॉस्टल बनाया जा रहा है. यह हॉस्टल सुरक्षा के नजरिए से अत्यधिक व्यवस्थाओं से लैस होगा.

राज्यसभा सीट और इंदौर मामले पर जवाब देने से बचे विजय शाह

मंत्री विजय शाह का कहना है कि मध्य प्रदेश में 5000 अनुसूचित जाति जनजाति छात्रावास हैं. इनमें स्थाइ वार्डन नहीं है और वार्डन का चार्ज किसी शिक्षक को दिया गया है. ऐसी स्थिति में शिक्षक छात्रावास को 100% समय नहीं दे पाता. इसलिए इन सभी छात्रावास में स्थाइ वार्डन की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है." इसके बाद कांग्रेस दिग्विजय सिंह के स्थान पर राज्यसभा में आदिवासी नेता को राज्यसभा सदस्य बनना चाहती है. इस सवाल पर मंत्री ने कहा कि वे इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलेंगे. इंदौर में गंदे पानी के मुद्दे पर भी कुंवर विजय शाह ने कुछ नहीं कहा.

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