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सप्लाई ठप होने से भोपाल में सब्जियों की महंगाई चरम पर, टमाटर और मटर की कीमतें भारी

भोपाल
 मौसम में बदलाव के साथ ही इसका असर सब्जियों व फलों पर देखने को मिल रहा है. राजधानी भोपाल की अलग-अलग सब्जी मंडी में सब्जियों के दाम में इजाफा देखा गया है. मध्यप्रदेश में बेमौसम बारिश ने सब्जी उत्पादक किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है, जिसका सीधा असर प्रदेश भर को मंडियों में दिखाई दे रहा है. भोपाल की मंडी से सब्जियों के ताजा भाव.

थोक व्यापारियों का कहना है कि टमाटर, मटर, धनिया, पालक, मेथी और लौकी जैसी हरी व मौसमी सब्जियों के दाम एक सप्ताह में दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं. शहर की मंडी में पहुंच रही ज्यादातर सब्जियां दूसरे जिलों से मंगवानी पड़ रही है. सप्लाई कम और मांग स्थिर रहने से दामों में और उछाल बना हुआ है. व्यापारी अनुमान लगा रहे हैं कि कीमतें अगले 15-20 दिन तक इसी स्तर पर रह सकती हैं.

 बिट्टन मार्केट सब्जी बाजार में सब्जी की दुकान लगाने वाले पप्पू कुरैशी ने बताया कि बीते दिनों हुई बारिश के चलते मंडी में सब्जियों की आवक कम हो रही है. ऐसे में बारिश का असर दाम में उछाल के रूप में देखने को मिला है. पिछले तीन दिनों के अंदर ही टमाटर के दाम करीब ₹300 कैरेट तक बढ़ गए. पहले जो टमाटर 1,000-1,200 रुपए में बिक रहा था. वहीं अब ₹1,400 कैरेट पहुंच चुका है.

बता दें, इन दिनों करोद मंडी में नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, नरसिंहपुर, रायसेन, विदिशा और सीहोर से आने वाली सब्जियों की आवक कम है. पंजाब में बाढ़ से आलू की फसल खराब होने से आवक बेहद कम है. मटर की अभी लोकल आवक नहीं है, जो भी मटर आ रहा है वह दूसरे राज्यों से आ रहा है. आवक कमजोर होने से सब्जियों के दाम बढ़े है.

इन सब्जियों के दाम बढ़े
सब्जी दाम
मुनगा ₹200/किलो
मटर ₹150/किलो
धनिया ₹125/किलो
ग्वारफली ₹70/किलो
भिंडी ₹70/किलो
गिलकी ₹60/किलो

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