samacharsecretary.com

वोटों की हार और पार्टी की तकरार! AAP विधायक खुलकर बागी, केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ीं

नई दिल्ली
दिल्ली की सत्ता जाने के बाद अपने सबसे बड़े गढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पूर्व विधायक राजेश गुप्ता ने पार्टी छोड़ी, पटपड़गंज से चुनाव हारे अवध ओझा साथ छोड़ गए और अब एक मुस्लिम विधायक ने बागी तेवर अपना लिए हैं। मटियामहल से 'आप' विधायक आले मोहम्मद इकबाल ने पार्टी को एमसीडी चुनाव में मिले जख्म पर नमक रगड़ दिया है। ये वही आले मोहम्मद हैं जिन्हें अरविंद केजरीवाल ने डिप्टी मेयर का पद दिया था और फिर विधानसभा का टिकट दिया।
 
आले के पिता और दिग्गज नेता शोएब इकबाल ने पिछले महीने ही 'आप' छोड़ने का ऐलान कर दिया था और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार मोहम्मद इमरान के समर्थन में खुलकर काम करते हुए उनकी जीत में अहम भूमिका निभाई। अब आले ने इस पर खुशी जाहिर करके बड़ा संकेत दे दिया है। आले इकबाल के एक्स प्रोफाइल पर उनकी तस्वीर अब पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के संग नहीं बल्कि पिता शोएब इकबाल के साथ दिखती है। जिस पर लिखा है, 'हमारा काम ही हमारी पहचान।' पहले की तरह अब वह ना तो वह तस्वीरों में पार्टी सिंबल का इस्तेमाल कर रहे हैं और ना ही 'आप' की नीतियों, कामकाज और नेताओं के भाषणों को शेयर करते हैं।

चादंनी महल में आप की हार और मोहम्मद इमरान की जीत के बाद आले मोहम्मद इकबाल ने जो प्रतिक्रिया दी उससे उनके बागी तेवर साफ हो गए हैं। उन्होंने लिखा, ‘यह जीत मेरे इलाके के शेरों की है। साजिश करने वाले हार गए। हक की जीत हुई, बातिल की हार हुई। जो काम करने वाले थे, वही जीतकर आए। शोएब इकबाल की मोहब्बत को सलाम- अहंकारी, पैसे वाले, शोहरत वाले, ताकतवर- सबके मुंह काले हो गए। शेर आ गया- अल्हमदुल्लिलाह!’ एक तरफ आले ने पिता शोएब इकबाल की मोहब्बत को सलाम लिखा तो दूसरी तरफ पूर्व विधायक शोएब इकबाल विजेता उम्मीदवार मोहम्मद इमरान के साथ जश्न मनाते, उन्हें गले लगाते दिखे। आम आदमी पार्टी की ओर से अभी इस प्रतिक्रिया नहीं आई है। माना जा रहा है कि पार्टी आले पर ऐक्शन ले सकती है।

आले मोहम्मद इकबाल ने कहा- साजिश करने वाले हार गए।
पूर्व विधायक शोएब इकबाल ने 9 नवंबर को 'आप' छोड़ने की घोषणा की थी। चांदनी महल वार्ड में पसंद के उम्मीदवार को टिकट नहीं दिए जाने से वह नाराज थे। शोएब इकबाल ने तब कहा था, ‘मैं आम आदमी पार्टी की नीतियों से नाखुश हूं। पार्टी एक आंदोलन से उपजी थी, लेकिन अब यह अपनी राह से भटक गई है। मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और अब कभी वापस नहीं लौटूंगा।’ उन्होंने चांदनी महल वार्ड के लिए पार्टी द्वारा चुने गए उम्मीदवार पर भी नाखुशी जताई। पार्टी ने इस क्षेत्र से मुद्दसिर उस्मान कुरैशी को मैदान में उतारा था। शोएब ने कहा, ‘मैं इस इलाके से छह बार विधायक रहा हूं। मेरा बेटा पार्षद था और सबसे ज्यादा मतों के अंतर से जीता था। जब उसने विधानसभा चुनाव लड़ा, तो सबसे ज्यादा अंतर से जीता। पार्टी ने (एमसीडी उपचुनाव के लिए) जिस उम्मीदवार को टिकट दिया है, उसे कोई नहीं जानता।’ शोएब इकबाल ने तब संकेत दिया था कि और लोग पार्टी छोड़ सकते हैं।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here