samacharsecretary.com

‘हमें भारत की जरूरत’—अमेरिका के रवैये को लेकर इस देश की अपील, राजदूत का बड़ा बयान

ढाका
बांग्लादेश में एक के बाद एक हिंदू मौत के घाट उतारे जा रहे हैं। इस बीच एक बांग्लादेशी नेता का चौंकाने वाला बयान है। यह नेता हैं बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के मिर्जा फखरुल इस्लाम। फखरुल इस्लाम ने कहा है कि हिंदुओं की हत्याएं छोटी और मामूली घटना है। गौरतलब है कि बांग्लादेश में सोमवार को भी दो हिंदू व्यक्तियों को मौत के घाट उतार दिया गया। इससे पहले चार अन्य हिंदूओं की भी हत्या हो चुकी है। इन घटनाओं ने बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं में काफी डर है।

‘मुसलमानों के साथ भी हो रहा’
फखरुल इस्लाम ने यहां तक कह डाला कि यह सब मीडिया का पैदा किया है। सीएनएन-न्यूज18 के मुताबिक उन्होंने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और हिंदुओं की हत्याओं की घटनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। फखरुल ने कहा कि यह सिर्फ छोटी-मोटी घटनाएं हैं। बीएनपी नेता ने आगे कहा कि हिंसा की घटनाएं किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में मुस्लिम भी सुरक्षित नहीं हैं। मुसलमानों को भी मारा जा रहा है और उनके साथ भी रेप की घटनाएं हो रही हैं।

फखरुल ने भारत की विदेश नीति पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत को अवामी लीग के अलावा अन्य राजनीतिक पार्टियों से भी संपर्क करना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि असल मुद्दा क्रिकेट या अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि विदेश मामलों के मंत्री एस जयशंकर द्वारा दिया गया संदेश है।
 
एक के बाद एक हत्याएं
फखरुल इस्लाम की यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है जब बांग्लादेश में एक के बाद एक हिंदुओं को मौत के घाट उतारा जा रहा है। सोमवार रात 40 वर्षीय किराना दुकानदार सारथ मणि चक्रवर्ती पर तेज हथियारों से हमला किया गया। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पिछले करीब 18 दिनों में यह छठवीं घटना है, जिसमें किसी हिंदू को मौत के घाट उतारा गया है। कुछ दिन पहले ही चक्रवर्ती ने बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा पर फेसबुक पर लिखा था और अपने जन्मस्थान को मौत की घाटी बताया था। सोमवार को ही राणा प्रताप बैरागी को भी मार डाला गया।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here