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क्रांति गौड़ की गेंदबाज़ी में बुमराह जैसी धार, टीम में धमाकेदार एंट्री

साउथैम्पटन  क्रांति गौड़ ने  साउथैम्पटन के रोज बाउल में खेले गए पहले एकदिवसीय मैच में शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान कर दिया। अपने सिर्फ दूसरे ODI मैच में खेलते हुए, 21 वर्षीय क्रांति ने एमी जोन्स और खतरनाक टैमी ब्यूमोंट को आउट किया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। क्रांति ने शुरुआती स्पेल में 5 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट लिए। क्रांति गौड़ को 2025 में WPL में यूपी वॉरियर्ज ने 10 लाख में खरीदा था। क्रांति गौड़ का कमाल टीम इंडिया के लिए अमनजोत कौर के बाद क्रांति गौड़ ने दूसरे छोर से नई गेंद संभाली। उन्हें शुरुआत में लय में आने में थोड़ा समय लगा। उन्होंने लगातार तीन वाइड गेंदें फेंकी। लेकिन उन्होंने जल्दी ही लय पकड़ ली। उन्होंने एमी जोन्स को बोल्ड कर दिया। एमी जोन्स आठ गेंदों में सिर्फ एक रन बना पाईं। उनका स्टंप उखड़ गया। यह क्रांति का वनडे में पहला विकेट था। क्रांति की ये गेंद इतनी खतरनाक थी कि जोन्स को हवा तक नहीं लगी। अमनजीत की ये गेंद टप्पा खाने के बाद काफी अंदर आई थी। अगले ओवर में भी कमाल अपने दूसरे ओवर में क्रांति ने टैमी ब्यूमोंट को आउट किया। टैमी ब्यूमोंट महिला वनडे में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं। उनसे आगे सिर्फ मेग लैनिंग (15) और सूजी बेट्स (13) हैं। चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर, क्रांति की गेंद ब्यूमोंट के पैड पर लगी। अंपायर ने अपील को ठुकरा दिया। भारत ने रिव्यू लेने का फैसला किया। डीआरएस से पता चला कि गेंद लाइन में पिच हुई थी और स्टंप्स पर लगती। इसलिए अंपायर का फैसला बदल दिया गया। ब्यूमोंट सिर्फ पांच रन बनाकर आउट हो गईं। महिला प्रीमियर लीग में किया था कमाल क्रांति गौड़ 2025 महिला प्रीमियर लीग (WPL) के दौरान चर्चा में आईं। उन्हें यूपी वॉरियर्ज ने नीलामी में 10 लाख रुपये में खरीदा था। इस युवा तेज गेंदबाज ने अपनी गति और आक्रामकता से सबको प्रभावित किया। उन्होंने 8 मैचों में 9.45 की इकोनॉमी रेट से 6 विकेट लिए। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम बेंगलुरु में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने चार ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट लिए। बाद में उन्होंने श्रीलंका में त्रिकोणीय वनडे सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया।  

सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: होटल जाने की बात पर महिला की मंशा पर उठाए सवाल

नई दिल्ली  शादी के झूठा वादा कर बलात्कार से जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। एक ओर जहां सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की की अग्रिम जमानत बरकरार रखी है। वहीं, आरोप लगाने वाली महिला को लताड़ लगाई है। शीर्ष न्यायालय ने महिला के विवाहेतर संबंध पर सवाल उठाए हैं। महिला ने याचिका दाखिल कर आरोपी की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, याचिका पर जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने महिला को चेताया है कि विवाहित होते हुए पति के अलावा किसी और शख्स से संबंध बनाए जाने के चलते उसपर भी मुकदमा चलाया जा सकता है। साथ ही कहा है कि उसने विवाह के बाहर रिश्ता बनाकर अपराध किया है। महिला की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वकील ने कहा कि शख्स महिला के साथ शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाता रहा। इसपर कोर्ट ने महिला से कहा, 'आप एक शादीशुदा महिला हैं और आपके दो बच्चे हैं। आप मेच्योर हैं और आप समझते हैं कि जो रिश्ता आप बनाने जा रहे हैं वह शादी के बाहर बना रहे हैं।' वकील ने यह भी कहा कि शख्स ने महिला को शारीरिक संबंध बनाने के लिए कई बार होटल बुलाया था। कोर्ट ने कहा, 'आप उसके अनुरोध पर बार-बार होटल क्यों गए थे? आप अच्छी तरह से जानते हैं कि आपने भी शादी के बाहर शारीरिक संबंध रखकर अपराध किया है।' पूरा केस समझें महिला और आरोपी शख्स की मुलाकात साल 2016 में सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। तब से ही दोनों रिलेशन में हैं। महिला के आरोप थे कि उसने साथी के दबाव में आकर पति से तलाक लिया था, जिसपर फैमिली कोर्ट ने भी 6 मार्च को मुहर लगा दी थी। तलाक के तुरंत बाद महिला ने उससे शादी करने के लिए कहा, तो उसने मना कर दिया। इस बात से खफा होकर महिला ने बिहार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाए कि शख्स ने उसके साथ शादी का झूठा वादा कर यौन उत्पीड़न किया है। बाद में जब मामला कोर्ट पहुंचा, तो पटना हाईकोर्ट ने शख्स को जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने पाया था कि महिला के तलाक के बाद से ही दोनों किसी शारीरिक गतिविधियों में नहीं रहे हैं।  

अंधेरे से उजाले की ओर: पूवर्ती गांव के अर्जुन की उड़ान

रायपुर नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर अंचल का एक नाम जो आज उम्मीद और बदलाव की मिसाल बनकर उभरा है – वह है माडवी अर्जुन। सुकमा जिले के अति-दुर्गम और माओवादी हिंसा से वर्षों त्रस्त रहे पूवर्ती गांव के इस बालक ने जवाहर नवोदय विद्यालय, पेंटा (दोरनापाल) में छठवीं कक्षा में चयन पाकर इतिहास रच दिया है। यह केवल एक छात्र की जीत नहीं, बल्कि उस उम्मीद का संकेत है जो अब बस्तर के कोने-कोने में अंकुरित हो रही है।  माडवी अर्जुन जिस पूवर्ती गांव का रहने वाला है , दरअसल वह नक्सलियों के कमांडर हिड़मा का पैतृक गांव है। एक दौर था, जब  पूवर्ती नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। यहाँ माओवादी जन अदालत लगाकर आतंक और ग्रामीणों भाग्य का फैसला सुनाते थे। अब वही पूवर्ती गांव,  शिक्षा और विकास के नए सूरज की किरणें देख रहा है। अर्जुन की इस उपलब्धि ने यह दिखा दिया है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, अगर अवसर और मार्गदर्शन मिले तो सफलता जरूर मिलती है। अर्जुन वर्तमान में बालक आश्रम सिलगेर में पढ़ाई कर रहा था। उसके घर में न बिजली है, न पक्की छत। उसके माता-पिता खेती और मजदूरी कर किसी तरह घर चलाते हैं। फिर भी, अर्जुन ने कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए अपनी मेहनत और आश्रम शिक्षकों के समर्पण से यह उपलब्धि अर्जित की। बीते डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान ने बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में परिवर्तन की नींव रखी है। पूवर्ती जैसे क्षेत्र जहां पहले सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं, अब वहां सड़क निर्माण, सुरक्षा बलों के कैंप, गुरुकुल विद्यालय, स्वास्थ्य सेवाएं और उचित मूल्य दुकानें शुरू हो चुकी हैं। पूवर्ती में अब बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षा बलों की देखरेख में चल रहे  गुरुकुल ने एक प्रेरणादायी माहौल देना शुरू किया है। अर्जुन की सफलता इसी सतत प्रयास की पहली बड़ी उपलब्धि है। जिला कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने कहा कि पूवर्ती जैसे दुर्गम और माओवाद प्रभावित गांव से नवोदय विद्यालय में चयन, न केवल अर्जुन की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह जिले की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का भी संकेत है। हम हर बच्चे को आगे बढ़ाने का मौका देना चाहते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि माडवी अर्जुन की सफलता छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। यह उस नव-छत्तीसगढ़ की झलक है, जहाँ अंधेरे की जगह अब उजाले की बातें हो रही हैं। पूवर्ती जैसे गांव से राष्ट्रीय स्तर के नवोदय स्कूल  तक का सफर दर्शाता है कि हमने जो बीज शिक्षा, सुरक्षा और विकास का बोया है, वह अब फल देने लगा है। अर्जुन को मेरी ओर से ढेरों बधाई और शुभकामनाएं। अब पूवर्ती क्षेत्र से केवल एक अर्जुन नहीं, हजारों अर्जुन निकलेंगे और छत्तीसगढ़ के भविष्य को संवारेंगे। राज्य सरकार हर बच्चे के सपनों को पंख देने के लिए कटिबद्ध है। माडवी अर्जुन की यह यात्रा केवल एक छात्र की कहानी नहीं, बल्कि यह उस बदलाव की दास्तान है, जिसे बस्तर जी रहा है। नक्सलवाद की दीवारें अब दरक रही हैं और शिक्षा की रोशनी बस्तर के घर-आंगनों में फैल रही है।बदलते बस्तर की यह शुरुआत है। अब अर्जुनों की कतार लगेगी और पूवर्ती जैसे गांव विकास की नई इबारत लिखेंगे।

अंधेरे से उजाले की ओर: पूवर्ती गांव के अर्जुन की उड़ान

रायपुर नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर अंचल का एक नाम जो आज उम्मीद और बदलाव की मिसाल बनकर उभरा है – वह है माडवी अर्जुन। सुकमा जिले के अति-दुर्गम और माओवादी हिंसा से वर्षों त्रस्त रहे पूवर्ती गांव के इस बालक ने जवाहर नवोदय विद्यालय, पेंटा (दोरनापाल) में छठवीं कक्षा में चयन पाकर इतिहास रच दिया है। यह केवल एक छात्र की जीत नहीं, बल्कि उस उम्मीद का संकेत है जो अब बस्तर के कोने-कोने में अंकुरित हो रही है।  माडवी अर्जुन जिस पूवर्ती गांव का रहने वाला है , दरअसल वह नक्सलियों के कमांडर हिड़मा का पैतृक गांव है। एक दौर था, जब  पूवर्ती नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। यहाँ माओवादी जन अदालत लगाकर आतंक और ग्रामीणों भाग्य का फैसला सुनाते थे। अब वही पूवर्ती गांव,  शिक्षा और विकास के नए सूरज की किरणें देख रहा है। अर्जुन की इस उपलब्धि ने यह दिखा दिया है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, अगर अवसर और मार्गदर्शन मिले तो सफलता जरूर मिलती है। अर्जुन वर्तमान में बालक आश्रम सिलगेर में पढ़ाई कर रहा था। उसके घर में न बिजली है, न पक्की छत। उसके माता-पिता खेती और मजदूरी कर किसी तरह घर चलाते हैं। फिर भी, अर्जुन ने कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए अपनी मेहनत और आश्रम शिक्षकों के समर्पण से यह उपलब्धि अर्जित की। बीते डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान ने बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में परिवर्तन की नींव रखी है। पूवर्ती जैसे क्षेत्र जहां पहले सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं, अब वहां सड़क निर्माण, सुरक्षा बलों के कैंप, गुरुकुल विद्यालय, स्वास्थ्य सेवाएं और उचित मूल्य दुकानें शुरू हो चुकी हैं। पूवर्ती में अब बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षा बलों की देखरेख में चल रहे  गुरुकुल ने एक प्रेरणादायी माहौल देना शुरू किया है। अर्जुन की सफलता इसी सतत प्रयास की पहली बड़ी उपलब्धि है। जिला कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने कहा कि पूवर्ती जैसे दुर्गम और माओवाद प्रभावित गांव से नवोदय विद्यालय में चयन, न केवल अर्जुन की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह जिले की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का भी संकेत है। हम हर बच्चे को आगे बढ़ाने का मौका देना चाहते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि माडवी अर्जुन की सफलता छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। यह उस नव-छत्तीसगढ़ की झलक है, जहाँ अंधेरे की जगह अब उजाले की बातें हो रही हैं। पूवर्ती जैसे गांव से राष्ट्रीय स्तर के नवोदय स्कूल  तक का सफर दर्शाता है कि हमने जो बीज शिक्षा, सुरक्षा और विकास का बोया है, वह अब फल देने लगा है। अर्जुन को मेरी ओर से ढेरों बधाई और शुभकामनाएं। अब पूवर्ती क्षेत्र से केवल एक अर्जुन नहीं, हजारों अर्जुन निकलेंगे और छत्तीसगढ़ के भविष्य को संवारेंगे। राज्य सरकार हर बच्चे के सपनों को पंख देने के लिए कटिबद्ध है। माडवी अर्जुन की यह यात्रा केवल एक छात्र की कहानी नहीं, बल्कि यह उस बदलाव की दास्तान है, जिसे बस्तर जी रहा है। नक्सलवाद की दीवारें अब दरक रही हैं और शिक्षा की रोशनी बस्तर के घर-आंगनों में फैल रही है।बदलते बस्तर की यह शुरुआत है। अब अर्जुनों की कतार लगेगी और पूवर्ती जैसे गांव विकास की नई इबारत लिखेंगे।

सरकारी स्कूल में शिक्षक पर धर्मांतरण का आरोप, धार्मिक भावना आहत करने को लेकर FIR दर्ज

 उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के झारडा थाना क्षेत्र के ग्राम नागपुरा स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक शकील मोहम्मद पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर भारत माता की तस्वीर जलाने, देवी-देवताओं की तस्वीरें तोड़ने और छात्रों पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप है।  कुरान पढ़ने और नमाज सीखने के लिए डाला दबाव  छात्र अनुराग राठौर और अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि 11 जुलाई को छुट्टी के बाद शकील मोहम्मद ने कक्षा में धार्मिक प्रतीकों का अपमान किया। उन्होंने भारत माता और अन्य देवी-देवताओं की तस्वीरों को जलाया और तोड़ा। छात्रों का कहना है कि शिक्षक ने उन्हें कुरान पढ़ने और नमाज सीखने के लिए दबाव डाला। साथ ही, उन्होंने धमकी दी कि यदि किसी ने इस बारे में बताया तो उनकी जान ले लेंगे। ग्रामवासी रोहित राठौर की शिकायत के आधार पर झारडा थाना पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने) और 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।  हिंदू संगठनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश  एसडीओपी सुनील कुमार वरकडे ने बताया कि मामला संवेदनशील है, और सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। घटना की जानकारी मिलने के बाद हिंदू संगठनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने थाने का घेराव कर शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  

382 दिन बाद कोहली के बिना भारत T20 रैंकिंग में टॉप पर, रिटायरमेंट को हुए एक साल से अधिक

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउसिंल ने बुधवार यानी 16 जुलाई को अपनी साप्ताहिक रैंकिंग चार्ट को अपडेट किया। लॉर्ड्स में शतक लगाने के बाद जो रूट ने नंबर 1 टेस्ट बल्लेबाज का स्थान फिर से हासिल कर लिया, जबकि भारतीय खिलाड़ियों की रैंकिंग में गिरावट आई। इस बीच एक दिलचस्प बात यह है कि विराट कोहली टी20 इंटरनेशनल रेटिंग में बदलाव देखा गया, जो 897 से बढ़कर 909 हो गई। 2024 टी20 विश्व कप के फाइनल में शानदार खिताबी जीत के बाद विराट कोहली ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था। रिटायरमेंट के 382 दिन बाद नंबर वन बनते देख प्रशंसक चौंक गए। विराट कोहली की रेटिंग 897 से 909 तक कैसे उछली? इस तरह वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज बन गए हैं, जिसने अपने करियर में 900 या इससे अधिक रेटिंग पॉइंट हर फॉर्मेट में हासिल की। खास बात यह है कि विराट ने एक साल से अधिक समय से कोई टी20 मैच नहीं खेला है, जिससे प्रशंसकों ने सवाल उठाया कि यह बदलाव कैसे हुआ। अब बात करते हैं कि यह सब कैसे हुआ तो प्रशंसकों को आश्वस्त होना चाहिए कि न तो कोई तकनीकी गलती हुई है और न ही विराट के हालिया किसी ऑनफील्ड प्रदर्शन ने उनकी टी20 इंटरनेशनल रेटिंग को प्रभावित किया है। ICC ने रैंकिंग कार्यप्रणाली को संशोधित किया दरअसल, ऐतिहासिक संशोधन (Historical Revision) आईसीसी की एक नियमित प्रक्रिया है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ऐतिहासिक मैच डेटा की समीक्षा करने और व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए दिए गए रेटिंग अंकों की पुनर्गणना के बाद सभी प्रारूपों में अपने आधिकारिक रिकॉर्ड को अपडेट करती है। ऐसे समायोजन आमतौर पर तब होते हैं जब ICC अपनी रैंकिंग कार्यप्रणाली में बदलाव करता है, स्कोरकार्ड डेटा को सही करता है, या नई रैंकिंग नीतियां लाता है, जिसके परिणामस्वरूप क्रिकेटरों के रेटिंग अंकों में बदलाव होता है। इस प्रकार हाल ही में भी ऐसी ही एक प्रक्रिया होने की उम्मीद है, जहां जय शाह की अगुवाई वाली ICC ने अपनी हालिया नीतियों में संशोधन किया होगा। यह एक नियमित प्रक्रिया है और केवल विराट कोहली ही नहीं, बल्कि कई अन्य खिलाड़ी भी अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग में बढ़ौतरी या गिरावट का सामना करते हैं। हालांकि, विराट की रेटिंग में हालिया बदलाव के परिणामस्वरूप एक बड़ा मील का पत्थर हासिल हुआ, जिससे वह सभी प्रारूपों में 900+ रेटिंग वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। आईसीसी टी20 रैंकिंग में टॉप-10 बल्लेबाज कौन-कौन हैं? क्रम टीम खिलाड़ी रेटिंग पॉइंट करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग 1 ऑस्ट्रेलिया ट्रैविस हेड 856 885 बनाम स्कॉटलैंड एडिनबर्ग 2024 में 2 भारत अभिषेक शर्मा 829 829 बनाम इंग्लैंड मुंबई 2025 में 3 भारत तिलक वर्मा 804 845 बनाम इंग्लैंड चेन्नई 2025 में 4 इंग्लैंड फिल साल्ट 791 881 बनाम वेस्टइंडीज बारबाडोस 2024 में 5 इंग्लैंड जोस बटलर 772 774 बनाम वेस्टइंडीज ब्रिस्टल 2025 में 6 भारत सूर्यकुमार यादव 739 912 बनाम न्यूजीलैंड रांची 2023 में 7 श्रीलंका पथुम निसंका 727 728 बनाम बांग्लादेश पालेकेले 2025 में 8 न्यूजीलैंड टिम सीफर्ट 708 708 बनाम पाकिस्तान वेलिंगटन 2025 में 9 श्रीलंका कुसल परेरा 677 786 बनाम वेस्टइंडीज मीरपुर 2014 में 10 भारत यशस्वी जायसवाल 673 781 बनाम श्रीलंका पालेकेले 2024 में

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लंबित कार्यों और सत्र तैयारियों की समीक्षा

भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में विधानसभा के आगामी सत्र की तैयारी और लंबित कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में शून्यकाल, अपूर्ण उत्तर, आश्वासन, लोकलेखा समिति की सिफारिशें, विधानसभा में विभागों के प्रशासनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर चर्चा की गयी। मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि सभी विभाग प्रमुख अपने काम समय-सीमा में करें। कार्य की साप्ताहिक समीक्षा भी की जाये। मुख्य सचिव जैन ने बैठक में 5 वीं राष्ट्रीय मुख्य सचिव कांफ्रेंस की तैयारियों के भी निर्देश दिये। उन्होंने अतिरिक्त कोर्ट केस, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति/ जनजाति आयोग के प्रकरणों में राज्य शासन की ओर से समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, जे.एन. कंसोटिया, अशोक वर्णवाल, संजय शुक्ल, मनु श्रीवास्तव, श्रीमती रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल, संदीप यादव सहित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं उप सचिव उपस्थित थे।  

‘देश की डेमोग्राफी बदलना चाहती है विपक्ष’ — डिप्टी सीएम शर्मा का आरोप, ममता ने बीजेपी पर उठाए सवाल

रायपुर प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार छत्तीसगढ़ में पहचान छुपाकर या बदलकर रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापिस भेजने की कार्रवाई कर रही है. लेकिन पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर बांग्लाभाषियों पर उत्पीड़न नहीं रुका, तो गंभीर नतीजा भुगतना होगा. उनके इस बयान पर अब डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पलटवार किया है. डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि विपक्षी पार्टियां देश की डेमोग्राफी बदलना चाहती हैं. फर्जी आधार बनवाकर लोग बंगाल से छत्तीसगढ़ आ रहे हैं. बोलने के लहजे और एक्सेंट से सब साफ पता चल जाता है. पूछने पर गांव, जन्म स्थान तक नहीं बता पाते हैं. बता दें, पश्चिम बंगाल में चुनाव होने हैं. PM मोदी के बंगाल दौरे से ठीक पहले कोलकाता में आयोजित एक रैली में CM ममता बनर्जी ने BJP सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश भर में पश्चिम बंगाल के मजदूरों को बांग्लादेशी बताकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है. CM ममता ने कहा- “मैं बंगालियों के प्रति केंद्र और भाजपा के रवैए से निराश और शर्मिंदा हूं.” उन्होंने सवाल किया कि आखिर उनको बंगालियों से इतनी नाराज़गी क्यों है? “आगे से मैं और ज़्यादा बांग्ला बोलूंगी. CM ममता बनर्जी ने चेतावनी देते हुए आगे कहा कि “बीजेपी में हिम्मत है तो मुझे डिटेंशन शिविर में बंद कर दिखाए. बंगाल के लोगों को डिटेंशन शिविरों में रखने की स्थिति में राज्य के लोग BJP को चुनाव के जरिए राजनीतिक डिटेंशन शिविर में भेज देंगे. अगर बांग्लाभाषियों का उत्पीड़न नहीं रुका तो भाजपा को इसका गंभीर राजनीतिक नतीजा भुगतना होगा.” छत्तीसगढ़ को स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार मिलने पर डिप्टी सीएम शर्मा ने दी बधाई छत्तीसगढ़ के निकायों को स्वच्छता के लिए आज राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसपर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को स्वच्छता में आज राष्ट्रीय सम्मान मिला है. दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं रायपुर नगर निगम की टीम को सम्मानित किया है. उन्होंने आगे कहा कि निकायों ने अच्छा काम किया है, इसलिए स्वच्छता में इनाम मिला, लेकिन अभी और काम बाकी है. इसके साथ ही उन्होंने डिप्टी सीएम अरुण साव और टीम को बधाई दी है.    विधानसभा में भारतमाला प्रोजेक्ट पर हंगामा भारतमाला प्रोजेक्ट पर विधानसभा में संभावित हंगामे को लेकर डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस खुद घोटालेबाज है. “यह तो वही बात हो गई, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे. मुख्यमंत्री ने कार्रवाई की है. जो दोषी हैं वो जेल जाएंगे. स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल डिप्टी सीएम शर्मा ने स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सभी की चिंता है. आपके (मीडिया) माध्यम से ध्यान खींचा जा रहा है, जरूर देखा जाएगा. आने वाले समय में सब ठीक होगा.

इंग्लैंड की चाल उलटी पड़ी, गिल की आक्रामक बल्लेबाज़ी पर पूर्व ऑलराउंडर की खुलकर तारीफ

नई दिल्ली लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने फील्ड पर जिस तरह आक्रामकता दिखाई, इंग्लैंड के खिलाड़ियों से उलझे, उसकी तुलना विराट कोहली की आक्रामकता से की जा रही है। हालांकि, तमाम पूर्व क्रिकेटर गिल की आक्रामकता को गैरजरूरी बता रहे। लॉर्ड्स में टीम की हार के बाद गिल अपनी आक्रामकता के लिए भारत और इंग्लैंड के आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। इस बीच इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली ने गिल का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान की आक्रामकता में कोई बुराई नहीं है। हालांकि, साथ में उन्होंने यह भी दावा किया कि संभवतः भारतीय कप्तान की आक्रामकता से ही लॉर्ड्स में इंग्लैंड के भीतर का सोया शेर जाग गया। लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन गिल इंग्लैंड के ओपनर्स जैक क्रॉली और बेन डकेट से मैदान में ही उलझ गए थे। दिन का खेल खत्म होने तक भारत को ज्यादा ओवर डालने का मौका न मिले, इसके लिए इंग्लैंड की टीम ने जानबूझकर देरी की रणनीति अपनाई। उनकी इस पैंतरेबाजी से गिल का सब्र जवाब दे गया और वह मैदान में ही अंग्रेज खिलाड़ियों से उलझ पड़े। इस दौरान गुस्से में उनके मुंह से शायद कुछ अपशब्द भी निकल गए थे। उसका नुकसान ये हुआ कि बल्लेबाजी के दौरान उनकी एकाग्रता भंग हुई और वह दूसरी पारी में 9 गेंद पर 6 रन बनाकर आउट हो गए। लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को आखिरी पारी में जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला था लेकिन पूरी टीम 170 रन पर आउट हो गई। फिलहाल ग्लोबल सुपर लीग में हिस्सा ले रहे मोईन अली ने गिल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान तो बस प्रतिस्पर्धी बनने की कोशिश कर रहे थे। गिल का समर्थन करने के साथ-साथ मोईन ने एक अहम बात भी कही। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान की आक्रामकता से इंग्लैंड के भीतर की जुझारू प्रवृत्ति जाग गई। मोईन अली ने कहा, 'यह ठीक है। मुझे लगता है कि वह सिर्फ प्रतिस्पर्धी बनने और लड़ने की कोशिश कर रहे थे, बिल्कुल वैसे ही जैसे विराट कोहली करते थे। मुझे लगता है कि ये ठीक है। लेकिन आपने जो किया, उससे इंग्लैंड का बेस्ट बाहर निकल आया। सोया शेर जगा गया। मुझे लगता है कि यह इंग्लैंड का एक अलग तरह का पहलू है जिसे खिलाड़ियों ने दिखाया। यह सीरीज के लिए बहुत अच्छा है, मुझे नहीं पता उनकी (गिल) की आलोचना क्यों हो रही है।'  

विपरीत मौसम में भी पहुंचा प्रशासन: गृह मंत्री ने दादिया में 12 करोड़ के लोन किए वितरित

जयपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज गुरुवार को जयपुर दौरे पर पहुंचे। उनका दादिया में आयोजित सहकार एवं रोजगार उत्सव में शामिल होने का कार्यक्रम था। शाह दोपहर करीब 12:15 बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से उन्हें हेलिकॉप्टर द्वारा सभास्थल दादिया जाना था लेकिन खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, जिस कारण वे सड़क मार्ग से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित दादिया पहुंचे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शाह ने राजस्थान पुलिस के 100 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद उन्होंने सहकारी उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसके साथ ही गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 1400 गोपालकों को 12 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए। इसके साथ ही शाह ने वर्चुअली 500 मीट्रिक टन क्षमता के 24 अनाज गोदामों और 64 मिलेट्स (मोटा अनाज) केंद्रों का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान मंच की साज-सज्जा और बैठने की व्यवस्था ने भी राजनीतिक संकेत दिए। मंच पर अमित शाह के बाएं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और दाएं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को स्थान दिया गया। इसके अतिरिक्त उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक, पशुपालन व डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत और मुख्य सचिव सुधांश पंत भी मंच पर मौजूद रहे।