samacharsecretary.com

मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ की बैठक

भोपाल  26.7.25 को भोपाल में आयोजित की गई। बैठक में अधिकारी संघ  के संरक्षक सेवानिवृत्त अपर आयुक्त श्री अरुण माथुर, श्री ब्रजेश शरण शुक्ल, एवं श्री पी एस तिवारी की उपस्थिति में सर्वसम्मति से नवीनकार्यकारिणी का गठन किया गया। अध्यक्ष- श्री मनोज कुमार गुप्ता, संयुक्त आयुक्त उपाध्यक्ष- श्रीमती अरुणां दुबे, संयुक्त आयुक्त एवं महेंद्र दीक्षित, संयुक्त आयुक्त जनरल सेक्रेटरी- श्री केके द्विवेदी, संयुक्त आयुक्त कोषाध्यक्ष- श्री आरएस विश्वकर्मा, उपायुक्त  संयुक्त सचिव-श्रीमती श्वेता रावत, उपायुक्त एवं अरविंद बौद्ध सहायक आयुक्त  को सर्वसम्मिति से मनोनीत किया गया।

मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ की बैठक

भोपाल  26.7.25 को भोपाल में आयोजित की गई। बैठक में अधिकारी संघ  के संरक्षक सेवानिवृत्त अपर आयुक्त श्री अरुण माथुर, श्री ब्रजेश शरण शुक्ल, एवं श्री पी एस तिवारी की उपस्थिति में सर्वसम्मति से नवीनकार्यकारिणी का गठन किया गया। अध्यक्ष- श्री मनोज कुमार गुप्ता, संयुक्त आयुक्त उपाध्यक्ष- श्रीमती अरुणां दुबे, संयुक्त आयुक्त एवं महेंद्र दीक्षित, संयुक्त आयुक्त जनरल सेक्रेटरी- श्री केके द्विवेदी, संयुक्त आयुक्त कोषाध्यक्ष- श्री आरएस विश्वकर्मा, उपायुक्त  संयुक्त सचिव-श्रीमती श्वेता रावत, उपायुक्त एवं अरविंद बौद्ध सहायक आयुक्त  को सर्वसम्मिति से मनोनीत किया गया।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – कारगिल विजय दिवस राष्ट्रभक्ति का अमिट प्रतीक

कारगिल विजय दिवस वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल कारगिल विजय दिवस हमें शौर्य और बलिदान की याद दिलाता है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – कारगिल विजय दिवस राष्ट्रभक्ति का अमिट प्रतीक शहीदों के पराक्रम को किया नमन भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य, बलिदान और राष्ट्रप्रेम का अमिट प्रतीक है। यह दिन हमें यह स्मरण कराता है कि भारत की ओर आँख उठाने वाले को हमारी सेना मुंहतोड़ जवाब देती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा के मानस भवन में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा आयोजित कारगिल विजय दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हमारे सैनिकों की वीरता और शहादत चिरकाल तक राष्ट्र की स्मृति में बनी रहेगी। उनकी बहादुरी, अदम्य साहस और देशभक्ति का गुणगान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक युद्ध नहीं था, बल्कि हमारी मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया एक पवित्र बलिदान था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वीर नारियों का शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। उन्होंने कहा कि देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों का संबल बनना सरकार का कर्तव्य है। कार्यक्रम में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा, मनगवां विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति, वीर सैनिकों के परिजन, भूतपूर्व सैनिक और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने मिलकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की रक्षा में समर्पित जवानों के प्रति आभार प्रकट किया। विंध्य के सैनिक सपूत देश की धरोहर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि देश की आन-बान-शान को बनाए रखने में विंध्य के सैनिकों ने अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है। विंध्य के हमारे सैनिक सपूत देश की धरोहर हैं। उन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए पूरे जोश के साथ अदम्य साहस से देश की रक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिक कल्याण संगठन द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि एवं शौर्य सम्मान समारोह में भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में आयोजित कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर उप मुख्यमंत्री ने विंध्य के शहीद सैनिकों को नमन किया और कहा कि उनकी शहादत हमें आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करती रहेगी। इस अवसर पर पूर्व सैनिक तथा बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।  

नेचुरोपैथी : करियर की संजीवनी, कर सकते हैं ये कोर्स

एक नेचुरोपैथ यानी प्राकृतिक चिकित्सक का वेतन काफी हद तक उसकी लोकेशन, विशेषज्ञता, योग्यता और अनुभव पर निर्भर करता है। वैसे शुरूआती तौर पर एक नेचुरोपैथ दस हजार से बीस हजार रूपए आसानी से कमा सकता है। एक बार अनुभव प्राप्त करने के बाद आपको आकर्षक वेतन मिल सकता है। आज के समय में लोगों का लाइफस्टाइल जिस तरह का है, उसके कारण हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से ग्रस्त रहता ही है। लेकिन हर समस्या के लिए दवाइयों का इस्तेमाल करना उचित नहीं माना जाता। अगर आप भी लोगों का इलाज प्राकृतिक तरीके से करने में विश्वास रखते हैं तो नेचुरोपैथी में अपना भविष्य बना सकते हैं। यह एक ऐसी वैकल्पिक चिकित्सा है, जिसमें प्रकृति के पांच तत्वों की सहायता से व्यक्ति का इलाज किया जाता है। यह इलाज की एक बेहद पुरानी पद्धति है। स्किल्स इस क्षेत्र में कॅरियर देख रहे व्यक्ति को सामान्य चिकित्सा व मानव शरीर रचना विज्ञान के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त एक सफल नेचुरोपैथ बनने के लिए आपके भीतर धैर्य, कम्युनिकेशन और लिसनिंग स्किल्स, आत्मविश्वास, मरीज की जरूरतों को समझना, मोटिवेशनल्स स्किल्स व रोगियों के भीतर विश्वास पैदा करने का भी कौशल होना चाहिए।   क्या होता है काम एक नेचुरोपैथ का मुख्य काम सिर्फ रोगी का इलाज करना ही नहीं होता, बल्कि वह अपने पेशेंट के खानपान और उसके लाइफस्टाइल में भी बदलाव करता है, ताकि व्यक्ति जल्द से जल्द ठीक हो सके। इतना ही नहीं, एक नेचुरोपैथ को मनोविज्ञान का भी ज्ञान होना चाहिए ताकि वह रोगी की स्थित किो समझकर उसे बेहतर उपचार दे सके। योग्यता इस क्षेत्र में कॅरियर देख रहे छात्रों का भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान में कम से कम 45 प्रतिशत अंक होने चाहिए। इसके बाद आप बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी और यौगिक साइंस कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त इसमें डिप्लोमा कोर्स भी अवेलेबल हैं। संभावनाएं एक नेचुरोपैथ वेलनेस सेंटर्स, न्यूटिशन सेंटर, हॉस्पिटल, हेल्थ केयर सेंटर आदि में जॉब तलाश सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप एकेडमिक्स, कम्युनिटी हेल्थ सर्विस केयर, सोशल वेलफेयर, मैन्युफैक्चरिंग और नेचुरल प्रॉडक्ट्स कंपनी आदि में भी काम कर सकते हैं। भारत में प्राकृतिक चिकित्सक सरकारी और निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त किए जाते हैं। वैसे लग्जरी होटल व हेल्थ रिसॉर्ट में भी नेचुरोपैथ सर्विसेज दी जाती हैं, वहां पर भी जॉब की जा सकती है। इसके अतिरिक्त आप विभिन्न अखबार, मैगजीन में लिख सकते हैं या फिर खुद का यूट्यूब चैनल चलाकर भी अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। एक अनुभवी प्राकृतिक चिकित्सक खुद का सेंटर भी खोल सकता है।   आमदनी एक नेचुरोपैथ यानी प्राकृतिक चिकित्सक का वेतन काफी हद तक उसकी लोकेशन, विशेषज्ञता, योग्यता और अनुभव पर निर्भर करता है। वैसे शुरूआती तौर पर एक नेचुरोपैथ दस हजार से बीस हजार रूपए आसानी से कमा सकता है। एक बार अनुभव प्राप्त करने के बाद आपको आकर्षक वेतन मिल सकता है। प्रमुख संस्थान इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ योगा एंड नेचुरोपैथी, नई दिल्ली। महर्षि पतंजलि इंस्टीटयूट फॉर योगा नेचुरोपैथी एजुकेशन एंड रिसर्च, गुजरात। बोर्ड ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगा सिस्टम ऑफ मेडिसिन, मेरठ। सीएमजे यूनिवर्सिटी, मेघालय। प्रज्ञान इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, रांची। एसडीएम कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगा सांइस, कर्नाटक। हिमालयन यूनिवर्सिटी, ईटानगर। महावीर कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योग, छत्तीसगढ़।  

CM यादव ने पीएमपर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल की आईआरसीटीसी पोर्टल पर हुई लांचिंग, होम-स्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल किया लाँच

पर्यटन को मिली नई उड़ान, टूरिज्म कॉन्क्लेव में मिले 3000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर पर्यटन क्षेत्र में काम कर रही है राज्य सरकार विरासतों को सहेजकर बढ़ायेंगे विंध्याचल का वैभव पर्यटन, संस्कृति, विरासत और ऊर्जा क्षेत्र का समन्वित विकास है हमारा लक्ष्य पर्यटन के क्षेत्र में 12 करोड़ का निवेश करने वाली चार कम्पनियों को वितरित किये लेटर ऑफ अलॉटमेंट पीएमपर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल की आईआरसीटीसी पोर्टल पर हुई लांचिंग होम-स्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल किया लाँच मण्डला, डिण्डोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला और शिल्प केन्द्रों के निर्माण और रीवा के वेंकट भवन के संरक्षण कार्य के लिए हुआ एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा में किया दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ रीवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रीवा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में पर्यटन क्षेत्र के लिए एक नई सुबह का आगाज़ हुआ है। आज पर्यटन श्रेत्र में प्रमुख निवेशकों ने रीवा और शहडोल संभाग में 3 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की इच्छा जताकर इन क्षेत्रों में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया है। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। कॉन्क्लेव में निवेशकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के शुभारंभ कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र के निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर इस दो दिवसीय रीजनल कान्क्लेव का विधिवत शुभारंभ किया। यह कान्क्लेव 27 जुलाई को भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विकास के मायने तभी हैं, जब हम अपनी जड़ों से, अपनी संस्कृति और अपनी विरासतों से भी आत्मीयता से जुड़े रहें। हम विरासत से विकास की ओर मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। विंध्य क्षेत्र हमेशा से ही मध्यप्रदेश का गौरव रहा है। इस क्षेत्र के विकास में अब कोई भी बाधा नहीं रही। हम यहां की हेरिटेज साइट्स को समुचित तरीके से सहेजकर पूरे विंध्याचल को उसका पुरा वैभव लौटायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपनी मीठी बोली, कला, संस्कृति, खान-पान में अपनत्व समेटे और सघन वनों की हरियाली से आच्छादित इस हरित क्षेत्र में आइडियल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने की पूरी संभावना है। हमारी सरकार पर्यटन सेक्टर को भी इंडस्ट्रियल सेक्टर की सारी सुविधाएं दे रही है। हमारी इन्वेस्टर फ्रेंडली पर्यटन नीति का भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 100 करोड़ रुपए लागत का कोई टूरिस्ट होटल, मोटल या रिसार्ट खोलने पर 30 करोड़ रुपए की सब्सिडी देगी। हेल्थ टूरिज्म के लिए 100 करोड़ रुपए लागत का कोई वेलनेस सेंटर खोलने पर 40 करोड़ रुपए तक की सब्सिडी देगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई निवेशक रोजगार आधारित उद्योग लगाते हैं तो हमारी सरकार उस उद्योग से रोजगार पा रहे पुरूष श्रमिक को 5 हजार रुपए और महिला श्रमिक को 6 हजार रुपए दस साल तक प्रदान करेगी। उद्योग स्थापना में सरकार निवेशकों को सभी जरूरी मदद मुहैया करायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है और विंध्याचल प्रदेश का हर दिल अजीज हिस्सा है। यहां की माटी ने देश को नेतृत्व दिया है। यहां के वनों में सफेद शेर खुले में विचरण करते हैं। यह क्षेत्र खनिजों और लौह अयस्क से भरा हुआ है। देश की ऊर्जाधानी (रीवा और सिंगरौली) भी इसी क्षेत्र में है। दिल्ली की मेट्रो ट्रेन यहीं से उत्पादित बिजली से ही चलती है। पूरे देश और प्रदेश को रौशन करने वाले इस क्षेत्र में हम विकास की नई रौशनी लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि रीवा में एयरपोर्ट बनने से इस क्षेत्र के विकास को नए पंख लग गए हैं। अब रीवा आना-जाना कठिन नहीं रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र प्रदेश की संस्कृति को वैचारिक और आध्यात्मिक रूप से भी पोषित करता है। रीवा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन यह संकेत है कि हम इस क्षेत्र को पर्यटन के क्षेत्र में आगे लाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा और संपूर्ण विंध्यांचल न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध है, बल्कि यह कई अनोखे प्राकृतिक चमत्कारों से भी धनी क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि रीवा हवाई अड्डे की स्थापना के बाद अब यह क्षेत्र देश के अन्य हिस्सों से जुड़ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार विंध्य क्षेत्र के बहुआयामी विकास के लिए प्रयासरत है। समृद्ध प्राचीन विरासतों से भरपूर इस क्षेत्र की सभी संभावनाओं की पहचान कर पर्यटन विकास को और गति दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में जीवंत जंगल हैं। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य इसे सुंदरतम बनाता है। वसुधैव कुटुंबकम के तहत हम सबको जोड़ना चाहते हैं। इस क्षेत्र के विकास का कारवां अब निर्बाध गति से प्रवाहमान है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ यहां हेल्थ टूरिज्म की भी व्यापक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि विंध्य क्षेत्र में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए हम निजी निवेशकों के साथ मिलकर नई संभावनाओं पर काम करना चाहते हैं। उन्होंने निवेशकों से आव्हान किया कि वे मध्यप्रदेश की धरा पर विशेषकर विंध्य अंचल में निवेश के लिए खुले दिल से आगे आएं, सरकार निवेशकों को हर जरूरी सुविधा और सहयोग उपलब्ध कराऐगी। लेटर ऑफ अलॉटमेंट क्रं. स्थान भूमि (हेक्टेयर में ) परियोजना न्यूनतम नेवेश राशि निवेशक 1 ढकना चपना जिला रायसेन 4.653 होटल/ रिसोर्ट 5.00 करोड़ श्री सिद्धार्थ सिंह तोमर, भोपाल 2 नेहरयाई जिला विदिशा 2 होटल/ रिसोर्ट 3.00 करोड़ मे प्रयास पावर, भोपाल 3 नन्हाखेडा जिला जबलपुर 0.405 होटल/ रिसोर्ट 1.00 करोड़ में अफोर्ड मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, जबलपुर 4 ग्राम कुम्हरोड़ा नरसिंहपुर 3.805 होटल/रिसॉर्ट 3.00 करोड़ मेसर्स सिद्धिविनायक कंस्ट्रक्शन, जबलपुर   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा की। फ्लाईओला के मैनेजिंग डायरेक्टर राम ओला ने ₹700 करोड़ के सबसे बड़े निवेश की मंशा जताई, जो इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पर्यटन परियोजनाओं की शुरुआत का संकेत है। आरसीआरसीपीएल और विंध्य प्राइड के दिव्यांश सिंह बघेल ने 500 करोड़ के निवेश की इच्छा जताई।, इसी क्रम में अमित दिग्विजय सिंह ने ₹500 करोड़ और संदड़िया बिल्डर्स … Read more

उत्तराखंड में धार्मिक स्थल पर हादसा: मनसा देवी मंदिर में भगदड़ से 6 की जान गई

 हरिद्वार  उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह भीड़ के कारण भगदड़ मचने की खबर सामने आ रही है. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं. प्रशासन का कहना है कि मंदिर में काफी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके कारण भगदड़ मच गई. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है. गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भारी भीड़ जमा होने के बाद भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में 6 लोगों की मौत हो गई है. उन्होंने कहा कि मैं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं. शुरुआती जानकारी के अनुसार, सीढ़ियों वाले रास्ते पर ये घटना हुई है. बताया जा रहा है कि कि बिजली का करंट लगने की वजह से भगदड़ मचने की आशंका है.  स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ये भगदड़ उस समय हुई जब मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए एकत्र हुए थे. रविवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक थी और अचानक हुई अफरा-तफरी के कारण स्थिति बेकाबू हो गई. हादसे के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन हुआ है. हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाने में जुटी हैं. अभी तक हताहतों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं.

उत्तराखंड में धार्मिक स्थल पर हादसा: मनसा देवी मंदिर में भगदड़ से 6 की जान गई

 हरिद्वार  उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह भीड़ के कारण भगदड़ मचने की खबर सामने आ रही है. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं. प्रशासन का कहना है कि मंदिर में काफी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके कारण भगदड़ मच गई. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है. गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भारी भीड़ जमा होने के बाद भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में 6 लोगों की मौत हो गई है. उन्होंने कहा कि मैं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं. शुरुआती जानकारी के अनुसार, सीढ़ियों वाले रास्ते पर ये घटना हुई है. बताया जा रहा है कि कि बिजली का करंट लगने की वजह से भगदड़ मचने की आशंका है.  स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ये भगदड़ उस समय हुई जब मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए एकत्र हुए थे. रविवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक थी और अचानक हुई अफरा-तफरी के कारण स्थिति बेकाबू हो गई. हादसे के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन हुआ है. हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाने में जुटी हैं. अभी तक हताहतों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं.

सर्जिकल स्ट्राइक, आपरेशन सिंदूर ने हर देशवासी को किया गौरवान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हमारे वीर सैनिक देश की आन-बान-शान के हैं सच्चे प्रहरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारी सेना मर्यादा में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सदैव तत्पर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सर्जिकल स्ट्राइक, आपरेशन सिंदूर ने हर देशवासी को किया गौरवान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कारगिल विजय दिवस पर दी वीर शहीदों को श्रृद्धांजलि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे वीर सैनिक देश की आन-बान-शान के सच्चे प्रहरी हैं। हमारी तीनों सेनाएँ मर्यादा में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। वर्ष 1999 का कारगिल युद्ध अब तक का सबसे चुनौती पूर्ण युद्ध रहा है। दुश्मन ने छल से देश की सीमा के अंदर घुसपैठ कर ऊंचे स्थानों पर छिपकर हमला किया था। लेकिन 60 से अधिक दिनों तक चले इस चुनौती पूर्ण युद्ध में हमारी सेना ने अपने पुरूषार्थ और पराक्रम से असंभव से लगने वाले कार्य को भी संभव कर दिखाया। कारगिल युद्ध के दौरान हमें रोज नई वीर गाथाएँ सुनने को मिल रही थी। प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में वीर सैनिकों ने हर कठिन चुनौती का सामना कर दुश्मन को मार भगाने का काम किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सैनिक स्कूल रीवा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद स्मारक में पुष्पचक्र अर्पित कर देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों की शहादत को नमन किया। साथ ही कारगिल युद्ध में शहीद सैनिकों के चित्र पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कारगिल युद्ध में शहादत देने वाले गनर श्री छोटे लाल सिंह की पत्नी श्रीमती विद्या देवी तथा नायक श्री कालू प्रसाद की पत्नी श्रीमती श्यामकली देवी को शाल और श्रीफल कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश सशक्त हुआ है। यह देश का स्वर्णिम काल है। आज हमारी सेना अमेरिका और इजराइल की तरह अपने देश की सीमा के बाहर भी दुश्मनों को मारने में सक्षम है। सर्जिकल स्ट्राइक, विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी और आपरेशन सिंदूर के माध्यम से देश ने बता दिया है कि यदि आतंकवाद की घटनाएं नहीं रूकी तो उन्हें घर में घुसकर मारेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेना के शौर्य और पराक्रम ने प्रत्येक देशवासी को गौरवान्वित किया है। सैनिक स्कूल के योगदान की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि आज देश की थल सेना और नौ सेना का नेतृत्व करने वाले दोनों अध्यक्ष विन्ध्य के सपूत हैं और उनकी नींव सैनिक स्कूल में रखी गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के लिए शहादत देने वाले लोग बहुत ही पुण्यशाली होते हैं। पूरी निष्ठा से देश के लिये समर्पित होकर अपना योगदान देना ही इन वीर शहीदों को सच्ची श्रृद्धांजलि होगी। इस अवसर पर भारतीय सेना की डेयर डेविल टीम द्वारा अपने साहसिक कारनामों से अतिथियों में ऊर्जा का संचार किया तथा सभी को देश प्रेम की भावना से ओतप्रोत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के मोटर साइकिल अभियान ''वीरता के पहिये'' को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री और रीवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद श्री जनार्दन मिश्र, विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी, विधायक मनगवां श्री नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, पूर्व महापौर श्री वीरेन्द्र गुप्ता सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिकों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर सैनिकों की शहादत को नमन किया।  

यात्रियों को बड़ी सौगात: 3 अगस्त से कानपुर से झारखंड और राजस्थान के लिए नई ट्रेन

कानपुर रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अब कानपुर से झारखंड और राजस्थान का सफर पहले से ज्यादा सुगम होगा। रेलवे ने एक नई साप्ताहिक ट्रेन सेवा शुरू करने का फैसला लिया है, जो गोविंदपुरी, फतेहपुर और इटावा जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। यह ट्रेन 3 अगस्त से नियमित रूप से दौड़ेगी, जबकि 26 जुलाई को इसका उद्घाटन होगा। भारतीय रेलवे ने उत्तर प्रदेश, झारखंड और राजस्थान के यात्रियों को बड़ी सौगात दी है। कानपुर से झारखंड और राजस्थान के बीच अब एक नई साप्ताहिक ट्रेन सेवा शुरू की जा रही है। यह ट्रेन गोड्डा (झारखंड) से दौराई (राजस्थान) तक चलाई जाएगी और गोविंदपुरी, फतेहपुर व इटावा जैसे प्रमुख स्टेशनों पर इसका ठहराव रहेगा। इस ट्रेन का उद्घाटन 26 जुलाई को किया जाएगा, जब यह एक विशेष उद्घाटन रेलगाड़ी के रूप में गोड्डा से दौराई की ओर चलेगी। इसके बाद इसका नियमित संचालन 3 अगस्त से शुरू होगा। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, इस साप्ताहिक गाड़ी का नंबर 19603/19604 होगा और इसका नाम गोड्डा-दौराई साप्ताहिक एक्सप्रेस रहेगा। ट्रेन में कुल 22 डिब्बे होंगे, जिनमें-     2 द्वितीय एसी कोच     3 तृतीय एसी कोच     3 इकोनॉमी कोच     1 पैंट्रीकार     7 स्लीपर कोच     4 सामान्य कोच     1 एसएलआर और 1 एसएलआरडी कोच शामिल हैं। यह ट्रेन झारखंड और राजस्थान को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए बीच के यात्रियों के लिए भी एक नया विकल्प बनेगी। इससे खासकर उन यात्रियों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से इस रूट पर सीधी ट्रेनों की कमी का सामना कर रहे थे। साथ ही, रेलवे ने एक और खुशखबरी दी है। अहमदाबाद-पटना-अहमदाबाद अजीमाबाद एक्सप्रेस, जो सप्ताह में दो दिन सेंट्रल स्टेशन के रास्ते गुजरती है, अब राजगीर स्टेशन तक चलेगी। यह विस्तार 25 जुलाई (राजगीर से) और 28 जुलाई (अहमदाबाद से) लागू होगा।

आज आधार से जुड़े कामों पर लगेगा ब्रेक, UIDAI ने बताई वजह

नई दिल्ली अगर आपको भी अपने आधार कार्ड में कोई अपडेट ऑनलाइन कराना है और उसके लिए माई आधार पोर्टल या एमआधार ऐप पर जाने वाले हैं तो जरा ध्‍यान दीजिए। यूआईडीएआई की ओर से एक अहम जानकारी शेयर की गई है। इसमें बताया गया है कि आज दोपहर 12 बजे से 28 जुलाई की सुबह 8 बजे तक माईआधार पोर्टल और एमआधार ऐप पर मेंटनेंस एक्टिविटी का काम किया जाना है। इस वजह से सर्विसेज में रुकावट आ सकती है। यूआईडीएआई ने कहा है कि इस दौरान होने वाली असुविधा के लिए उसे खेद होगा। आसान भाषा में समझाएं तो रविवार दोपहर 12 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक आधार कार्ड से संबंधित ऑनलाइन काम कराने में रुकावट आ सकती है। क्‍या होती है मेंटनेंस एक्‍ट‍िविटी शेड्यूल मेंटनेंस एक्टिविटी, पहले से तय एक्‍ट‍िविटी होती है, जिसे एक तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाता है। इस दौरान किसी सर्विस से संबंधित तकनीकी काम निपटाए जाते हैं, ताकि सर्विस पहले से स्‍मूद और फास्‍ट काम करे और ग्राहकों को आम दिनों में कोई परेशानी ना हो। हालांकि शेड्यूल मेंटनेंस जितनी देर तक किया जाता है, उतनी देर उस सर्विस में रुकावट आ सकती है। वेबसाइट और ऐप दोनों का मेंटनेंस सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर यूआईडीएआई की तरफ से शेयर जानकारी से पता चलता है कि आधार कार्ड के पोर्टल और एमआधार ऐप दोनों को शेड्यूल मेंटनेंस में ले जाया जाएगा, जिससे सर्विसेज में रुकावट आ सकती है। अगर आप सोचकर बैठे थे कि रविवार के दिन आधार कार्ड से संबंधित कोई पेंडिंग काम निपटाएंगे तो ध्‍यान रहे कि सर्विस मेंटनेंस की वजह से आपका काम डिले हाे सकता है। आपको फ‍िर से याद दिला दें कि रविवार दोपहर 12 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक शेड्यूल मेंटनेंस किया जाना है। ये सेवाएं मिलती हैं ऑनलाइन आधार कार्ड से संबंधित पोर्टल और एमआधार ऐप के जरिए कई ऑनलाइन सेवाओं को एक्‍सेस क‍िया जाता है। इनमें ई-आधार डाउनलोड, पीवीसी आधार कार्ड ऑर्डर, आधार लॉक/अनलॉक, बायोमेट्रिक्स लॉक/अनलॉक करना, ऑनलाइन अड्रेस अपडेट और वर्चुअल आईडी (VID) जेनरेट करना जैसी सर्विसेज प्रमुख हैं। शेड्यूल मेंटनेंस के दौरान इन सर्विसेज पर असर हो सकता है।