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5 लाख का इनामी माओवादी कमांडर चढ़ा पुलिस के हत्थे, छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई

राजनांदगांव/मोहला माओवाद प्रभावित मानपुर इलाके में संयुक्तबल ने मुठभेड़ के बाद एक माओवादी को गिरफ्तार किया है। बुधवार की शाम मदनवाड़ा क्षेत्र में माओवादियों से संघर्ष के दौरान जवानों ने औंधी-मोहला संयुक्त एरिया कमेटी कमांडर श्रीकांत पुनेम को दबोच लिया। आधी रात को सुरक्षाबल की पार्टी उसे लेकर मोहला पहुंची। जानकारी के मुताबिक पूरी रात उससे पूछताछ की गई। दोपहर को पुलिस महकमे ने उसे सामने लाया और गिरफ्तारी की पुष्टि की। आठ लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर श्रीकांत पुनेम उर्फ सुकनाम पुनेम के कब्जे से आर्डिनेंस फैक्ट्री निर्मित 9एमएम की पिस्टल, कारतूस, माओवादी दस्तावेज, नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया है।   पुलिस अधीक्षक वायपी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार माओवादी श्रीकांत पुनेम 2010 से संगठन में काम कर रहा है। 2023 में वह माड़ क्षेत्र से आरकेबी डिविजन में आया। इसके बाद से वह यहीं छिपता घूम रहा था। कई दिनों से खुफिया एजेंसियां उसके मूवमेंट की इनपुट दे रही थी। बुधवार की सुबह पुलिस को उसकी खुर्सेकला क्षेत्र में मौजूदगी की ठोस जानकारी मिली। मदनवाड़ा के बसेली कैंप के करीब इस हिस्से के लिए सुबह खुर्सेखुर्द जंगल में डीआरजी और आइटीबीपी के संयुक्त बल ने एरिया डोमिनेशन अभियान शुरू किया। जैसे ही सुरक्षाबल आमाटोला की ओर से खुर्सेकला होकर खुर्सेखुर्द की ओर बढ़ रहे थे, तभी शाम करीब चार बजे माओवादियों ने घात लगाकर सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला और जंगल में घेराबंदी की। घने जंगल का फायदा उठाकर अधिकांश माओवादी फरार हो गए, लेकिन मौके से एक माओवादी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान श्रीकांत पुनेम उर्फ सुकनाम पुनेम, निवासी ग्राम सावनार, थाना गंगलूर, जिला बीजापुर के रूप में बताई। औंधी-मोहला संयुक्त एरिया कमेटी का कमांडर पकड़ा गया आरोपित माओवादी संगठन का डीवीसी सदस्य व औंधी-मोहला संयुक्त एरिया कमेटी का सक्रिय कमांडर है। उसके विरुद्ध थाना मदनवाड़ा में बीएनएस की धारा 109(1), आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 और विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 10, 13, 38(2), 39(2) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। आरोपित के कब्जे से 9एमएम पिस्टल मय मैगजीन (चार जिंदा कारतूस सहित), दो खाली खोखे (9 एमएम), तीन खाली खोखे (एके-47), एक स्मार्टफोन, एक पावर बैंक, नकदी 11 हजार रुपये और माओवाद साहित्य बरामद हुए हैं। डीआरजी, आइटीबीपी ने पूरा किया आपरेशन इस ऑपरेशन में थाना मानपुर से डीआरजी के 27 जवान, थाना मदनवाड़ा से आईटीबीपी 27वीं वाहिनी की डी कंपनी के सहायक कमांडेंट बलवीर सिंह के नेतृत्व में 30 जवान और कैंप बसेली से आईटीबीपी 44वीं वाहिनी के जवान शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि माओवादी संगठन को इस कार्रवाई से बड़ा झटका लगा है। कमांडर की गिरफ्तारी से संगठनात्मक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा। पुलिस का कहना है कि फरार माओवादियों की तलाश के लिए जंगल में सघन सर्चिंग अभियान जारी है। आगे की जांच जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, श्रीकांत किन-किन मामलों में शामिल रहा है इसकी जांच की जा रही है। पुलिस इस गिरफ्तारी को काफी महत्वपूर्ण बता रही है। दरअसल, क्षेत्र में लंबे समय से कुछ माओवादी छिपते फिर रहे हैं। इनकी खोजबीन लगातार जारी है। श्रीकांत से इनके इनपुटस जुटाने में पुलिस को बड़ी मदद मिल सकती है।  

इजरायल ने थामा भारत का हाथ, नेतन्याहू बोले– भरोसा है हमें भारत पर

नई दिल्ली  अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ को लेकर चल रहे विवाद के बीच इजरायल ने खुलकर भारत का समर्थन किया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अमेरिका में भी एक बुनियादी समझ है कि भारत एशिया में एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार है। नेतन्याहू ने उम्मीद जताई कि अमेरिका और भारत के बीच जो भी मौजूदा मतभेद हैं, वे जल्द ही सुलझ जाएंगे। नेतन्याहू ने गुरुवार को यरुशलम स्थित अपने कार्यालय में इजरायल में भारत के राजदूत जेपी सिंह से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, बैठक में सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर भी विस्तार से बातचीत हुई। अमेरिका-भारत टैरिफ विवाद पर नेतन्याहू एक इंटरव्यू के दौरान नेतन्याहू ने कहा, "भारत और अमेरिका दो बेहतरीन दोस्त हैं। दोनों देशों के बीच इतनी गहरी दोस्ती है कि किसी भी समस्या का हल आसानी से निकाला जा सकता है।" ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में दिखी भारत-इजरायल की दोस्ती नेतन्याहू ने भारत के साथ अपने देश के मजबूत रक्षा संबंधों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इजरायली हथियारों का इस्तेमाल किया और इनकी प्रदर्शन क्षमता साबित हो चुकी है। बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद भारत ने एक जवाबी सैन्य अभियान चलाया, जिसका नाम था – ऑपरेशन सिंदूर। इस ऑपरेशन में भारत ने इजरायल द्वारा निर्मित ‘Harpy’ और ‘SkyStriker’ जैसे आत्मघाती ड्रोन का उपयोग किया। इन ड्रोन ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को सटीक तरीके से निशाना बनाया। इनमें अमेरिकी निगरानी रडार और चीन के HQ-9 मिसाइल सिस्टम भी शामिल थे। इजरायल बोला- भारत से रक्षा सहयोग और बढ़ेगा इजरायली पीएम ने कहा कि इस ऑपरेशन में जो सफलता मिली, वह यह दिखाती है कि इजरायल के हथियार भरोसेमंद हैं और युद्ध की स्थिति में बेहद प्रभावी साबित होते हैं। इससे भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग और भी मजबूत हुआ है। नेतन्याहू ने कहा, “यह साझेदारी सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि रणनीतिक सुरक्षा का मामला है।”  

एक बगिया मां के नाम: 15 अगस्त से शुरू होगा पौधे लगाने का कार्य

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएगी मध्यप्रदेश सरकार स्वयं सहायता समूह की 16 हजार से अधिक महिलाओं ने बगिया लगाने का पंजीयन भोपाल स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत प्रदेश में "एक बगिया मां के नाम" परियोजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत स्वसहायता समूह की महिलाओं की निजी भूमि पर फलोद्यान की बगिया विकसित की जाएगी। अब तक स्वयं सहायता समूह की 16 हजार 752 से अधिक महिलाओं ने परियोजना का लाभ पाने के लिए पंजीयन कराया है। पंजीयन "एक बगिया मां के नाम" ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत हितग्राहियों को पौधे, खाद, गड्‌ढे खोदने के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए कटीले तार की फेंसिंग और सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर का जल कुंड बनाने के लिए राशि प्रदान की जाएगी। इलेक्ट्रानिक डवलपमेंट कार्पोरेशन ने किया ऐप का निर्माण "एक बगिया मां के नाम" परियोजना का लाभ लेने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का चयन एक बगिया मां के नाम ऐप से किया जा रहा है। ऐप का निर्माण मनरेगा परिषद द्वारा MPSEDC के माध्यम से कराया गया है। हितग्राही का चयन ऐप के माध्यम से किया जाएगा। चयनित महिला हितग्राही के नाम पर भूमि नहीं होने की दशा में उस महिला के पति-पिता-ससुर-पुत्र की भूमि पर उनकी सहमति के आधार पर पौधरोपण किया जाएगा। पहली बार अत्याधुनिक तकनीक से होगा पौधरोपण प्रदेश में पहली बार अत्याधुनिक तरीके पौधरोपण का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद ली जा रही है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से पौधरोपण के लिए जमीन का चयन वैज्ञानिक पद्धति के माध्यम से किया गया है। जमीन चिन्हित होने के बाद सॉफ्टवेयर की मदद से ही भूमि का परीक्षण किया गया है। जलवायु के साथ ही किस जमीन पर कौन सा फलदार पौधा उपयोगी है, पौधा कब और किस समय लगाया जाएगा, पौधों की सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी कहा पर उपलब्ध है, यह सब वैज्ञानिक पद्धति (सिपरी सॉफ्टवेयर) के माध्यम से पता लगाया जा रहा है। साथ ही, जमीन के उपयोगी नहीं पाए जाने पर पौधरोपण का कार्य नहीं होगा। पौधरोपण का कार्य बेहतर ढंग से हो इसके लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। 31 हजार 300 महिलाओं को मिलेगा लाभ “एक बगिया माँ के नाम’’ परियोजना अंतर्गत प्रदेश की 31 हजार से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं को लाभ मिलेगा। इनकी निजी जमीन पर 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाएं जाएंगे, जो समूह की महिलाओं की आर्थिक समृद्धि का आधार बनेंगे। हर ब्लॉक में 100 हितग्राहियों का किया जाएगा चयन "एक बगिया मां के नाम" परियोजना अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक में न्यूनतम 100 हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। चयनित हुई समूह की पात्र महिलाओं को बकायदा प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण महिलाओं को वर्ष में दो बार दिया जाएगा। न्यूनतम 0.5, अधिकतम 1 एकड़ जमीन होगी अनिवार्य "एक बगिया मां के नाम" परियोजना का लाभ लेने के लिए चयनित हुई समूह की महिला के पास बगिया लगाने के लिए भूमि भी निर्धारित की गई है। चयनित महिला के पास न्यूनतम 0.5 या अधिकतम एक एकड़ जमीन होना अनिवार्य है। प्रति 25 एकड़ पर एक कृषि सखी की होगी तैनाती फलोद्यान की बगिया लगाने के लिए चयनित हितग्राहियों की सहायता के लिए कृषि सखी की तैनाती की जाएगी। कृषि सखी हितग्राहियों को खाद, पानी, कीटों की रोकथाम, जैविक खाद, जैविक कीटनाशक तैयार कराने और अंतरवर्तीय फसलों की खेती के बारे में जानकारी प्रदान करेंगी। ड्रोन-सैटेलाइट इमेज और डैशबोर्ड से निगरानी पौधरोपण का कार्य सही ढंग से हो रहा है या नहीं, पौधे कहा लगे हैं, कहा नहीं लगे हैं, इसकी ड्रोन-सैटेलाइट इमेज से बकायदा निगरानी भी की जाएगी। साथ ही पर्यवेक्षण के लिए अलग से एक डैशबोर्ड भी बनाया गया है। प्रदर्शन के आधार पर प्रथम 3 जिले, 10 जनपद पंचायत एवं 25 ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। हितग्राहियों के चयन में टॉप 10 जिले "एक बगिया मां के नाम" परियोजना के लिए हितग्राहियों के चयन में 6 अगस्त की स्थिति में 10 जिले अग्रणी हैं। इनमें देवास,खंडवा, बैतूल, सिंगरौली, शिवपुरी, झाबुआ, रायसेन, अशोकनगर, धार, विदिशा जिला शामिल है। जल्‍द पूरी कर ली जायेगी महिला हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया एसआरएलएम सीईओ एवं प्रभारी आयुक्‍त मनरेगा श्रीमती हर्षिका सिंह ने बताया कि "एक बगिया मां के नाम" परियोजना अन्‍तर्गत पात्र महिला हितग्राहियों का चयन किया जा रहा है। अब तक 16 हजार से अधिक महिला हितग्राहियों का चयन एक बगिया मां के नाम ऐप से किया जा चुका है। जल्‍द ही हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी। 15 अगस्‍त से पौधे लगाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।  

संघर्ष पर विराम: कंबोडिया-थाईलैंड के बीच ऐतिहासिक समझौता

कुआलालंपुर  कंबोडिया और थाईलैंड ने गुरुवार को संघर्षविराम की व्यवस्था को औपचारिक रूप देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय मलेशिया की राजधानी में आयोजित एक विशेष जनरल बॉर्डर कमेटी (जीबीसी) बैठक के बाद लिया गया। कंबोडियाई पक्ष के अनुसार, दोनों देशों ने संघर्षविराम को लेकर विस्तृत चर्चा की और एक क्षेत्रीय निगरानी तंत्र स्थापित करने, आपसी विश्वास बहाली और पकड़े गए सैनिकों के साथ अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत व्यवहार करने पर सहमति जताई। वहीं, थाई पक्ष ने बताया कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय तंत्र के माध्यम से संवाद बनाए रखने और विवाद सुलझाने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, आसियान सदस्य देशों को संघर्षविराम की निगरानी की अनुमति दी जाएगी। दोनों देशों ने यह भी तय किया कि अगली विशेष जीबीसी बैठक एक महीने के भीतर आयोजित की जाएगी। इस बीच, 6 अगस्त को कंबोडियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने थाईलैंड द्वारा कंबोडिया पर सैन्य बल और हथियारों के जरिए उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करने को लेकर की गई कानूनी कार्रवाई को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। विदेश मंत्रालय के सचिव और प्रवक्ता चुम सौनरी ने कहा कि यह कानूनी कदम पूर्णतः आधारहीन है और थाईलैंड की कंबोडिया-विरोधी नीतियों से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ध्यान भटकाने का प्रयास है। उन्होंने कहा, “आरोप बेबुनियाद, राजनीतिक रूप से प्रेरित और किसी ठोस प्रमाण पर आधारित नहीं हैं।” सौनरी ने स्पष्ट किया कि कंबोडिया ने झड़प की शुरुआत नहीं की थी और वह शांति के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लगातार उकसावे के बावजूद कंबोडिया संघर्षविराम समझौते के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता ने कहा, “कंबोडिया थाईलैंड से अपील करता है कि वह झूठे प्रचार और शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को रोके और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व तथा आसियान एकता की भावना के साथ रचनात्मक संवाद में लौटे।” गौरतलब है कि 24 जुलाई को कंबोडिया और थाईलैंड के सैनिकों के बीच उनके विवादित सीमा क्षेत्र में झड़पें हुई थीं। इसके बाद 28 जुलाई को दोपहर में दोनों देशों ने संघर्षविराम पर सहमति जताई, जो उसी दिन मध्यरात्रि से प्रभावी हो गया।

8 अगस्त को भद्रा मुक्त रक्षाबंधन: सौ साल बाद बना दुर्लभ योग, देखें शुभ चौघड़िया मुहूर्त

इंदौर इस बार 100 साल बाद भद्रा रहित निर्विघ्न राखी 9 अगस्त को मनाई जाएगी। इसके चलते पूरे दिन बहन-भाई की कलाई पर रेशम की डोर बांध सकेगी। भ्रदा में राखी बांधना और होलिका दहन निषेध बताया गया है।भाई-बहन के स्नेह के पर्व पर दुर्लभ नवपंचम योग भी रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग भी दोपहर 2.24 बजे तक रहेगा।साथ इस दिन सूर्य व बुध कर्क, चंद्र मकर, मंगल कन्या, गुरु एवं शुक्र मिथुन, राहु कुंभ व केतु सिंह राशि में रहेगा। 9 अगस्त को बन रहे दुर्लभ महासंयोग में मनेगा रक्षाबंधन, आखिरी बार 1930 में बना था     ज्योतिर्विद् विनायक त्रिवेदी के अनुसार रक्षा बंधन श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को भद्रा रहित तीन मुहूर्त या उससे अधिक व्यापिनी पूर्णिमा तिथि को अपरान्ह व व प्रदोष काल में मनाया जाता है।     पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2.12 बजे से 9 अगस्त को दोपहर 1.24 बजे तक रहेगी।     भद्रा भी पूर्णिमा के साथ 8 अगस्त को शुरू होकर रात 1.49 बजे तक रहेगी।     सूर्योदय से पहले भद्रा के समाप्त होने से पर्व इस बार निर्विघ्न रूप से मनाया जाएगा।     9 अगस्त को श्रवण नक्षत्र और चंद्रमा मकर राशि में रहेगा।     इसके स्वामी शनि है और इस दिन शनिवार है।     शास्त्रों के अनुसार श्रवण नक्षत्र के अधिपति विष्णु एवं सौभाग्य योग के अधिपति ब्रह्मा हैं।     इसके चलते यह पर्व सृष्टि के निर्माता ब्रह्मा एवं जगत के पालनहार भगवान विष्णु के साक्षी में मनेगा।   इस बार Raksha Bandhan पर भाई की कलाई पर बांधे शुद्ध वैदिक राखी, जानें इसका महत्व चौघड़िया अनुसार राखी बांधने का समय शुभ : सुबह 07.39 से 09.16 बजे तक। चर : दोपहर 12.29 से 02.06 बजे तक। लाभ : दोपहर 2.07 से 03.43 एवं शाम 6.56 से 8.20 बजे तक। अमृत : दोपहर 3.44 से शाम 05.20 बजे तक।

पुलिस महानिदेशक मकवाना से वन बल प्रमुख अम्बाडे़ ने की भेंट

भोपाल पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना से प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अम्बाड़े ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात में प्रदेश स्तर पर विभिन्न टाईगर स्ट्राइक फोर्स की बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी। इससे प्रदेश में जानवरों के अवैध शिकार को नियंत्रित किया जा सकेगा। पुलिस विभाग के सहयोग से अवैध अतिक्रमणों को हटाने एवं संगठित रूप से हो रही लकड़ी चोरी को रोकने में सहयोग भी मिलेगा। इसके अतिरिक्त अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।  

‘जनता का अपमान कर रहे राहुल गांधी’ — भाजपा ने किया पलटवार

नई दिल्ली  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धांधली हुई है। राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा नेताओं ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने हर बार संवैधानिक संस्था पर हमला किया है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, "ऐसा पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने संवैधानिक संस्था पर हमला किया है। मगर, सवाल यह उठता है कि जब तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और झारखंड में उनकी जीत होती है तो वह वोटर लिस्ट लेकर क्यों नहीं सबको दिखाते हैं? एक बार भी उन्होंने ऐसा काम नहीं किया है। मैं उनको बताना चाहता हूं कि लोगों में उनकी पैठ नहीं है और उनकी बजाय पीएम मोदी के प्रति प्यार का स्वाभाव है और इसलिए जनता उन्हें चुनती है।" उन्होंने कहा, "राहुल गांधी को अपने सहयोगी तेजस्वी यादव के दोनों वोटर आईडी कार्ड भी दिखाने चाहिए थे और बताना चाहिए था कि उनके दो वोटर आईडी कार्ड में से एक को लिस्ट से हटा दिया गया है, लेकिन उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।" भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "वह एक संवैधानिक संस्था पर एक गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी कर रहे हैं और इसकी हम निंदा करते हैं। मैं इतना ही कहूंगा कि राहुल गांधी के इस चाल-चरित्र को देखते हुए जनता उन्हें और भी वोट नहीं देगी। वह देश की जनता का अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने बार-बार पीएम मोदी को चुना है। राहुल गांधी को रोज गाली पड़ती है और सुप्रीम कोर्ट ने भी उन पर तीन बार टिप्पणियां की हैं। मैं राहुल गांधी के आरोपों की निंदा करता हूं। " शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "राहुल गांधी बचकानी हरकत कर रहे हैं और इसलिए उनके आरोपों पर ध्यान देने की कोई जरूरत नहीं है।"

दिल्ली में म.प्र. के सरकारी भवनों के सोलराइजेशन के लिए हुई प्री-बिड मीटिंग

मीटिंग में रेस्को मॉडल पर सोलराइजेशन को लेकर वेंडर्स की शंकाओं का हुआ समाधान भोपाल  अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के सरकारी भवनों के सौर ऊर्जीकरण के लिये गुरूवार को प्री-बिड मीटिंग हुई। इसमें एमडी मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के श्री अमनबीर सिंह बैंस ने वेंडर्स को प्रेजेंटेशन देकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। बैठक में मध्यप्रदेश के विभिन्न सरकारी भवनों के RESCO मॉडल पर आधारित सोलराइजेशन को लेकर वेंडर्स की शंकाओं का समाधान किया गया। इसमें 70 से अधिक प्रतिभागियों ने सोलराइजेशन के संबंध में अपने विचार रखे। एसीएस श्री मनु श्रीवास्तव ने बताया कि सौर ऊर्जीकरण के लिये की जा रही यह प्री-बिड मध्यप्रदेश के सरकारी भवनों को शत-प्रतिशत सौर ऊर्जीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकारी भवनों पर बिना किसी अग्रिम निवेश के सोलर प्लांट लगाए जाएँगे, इससे बिजली के बिल में भी बचत होगी। 

चोरी का खुलासा: जेवर और नकदी पर किया हाथ साफ, पुलिस के सामने कुबूलनामा

बेमेतरा बेमेतरा जिले में पुलिस ने सोने-चांदी के जेवर व नगदी रकम चोरी करने वाले आरोपी को पकड़ा है। आरोपी ने घर में घुसकर 2.15 लाख रुपये और 50 हजार के आभूषण की चोरी की थी। मामला नांदघाट थाना क्षेत्र का है। थाना प्रभारी भुनेश्वर यादव ने बताया कि प्रार्थिया कलिन्द्री साहू पति स्व. गौकरण साहू उम्र 60, निवासी मेहना थाना नांदघाट जिला बेमेतरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके अपने आवेदन में बताया कि 3-4 अगस्त की दरमियानी रात में कोई अज्ञात चोर घर का दरवाजा तोड़कर घर अंदर रखे पेटी से दो लाख 15 हजार रुपये नगद और 50 हजार रुपये कीमत के आभूषण की चोरी की है। मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 331(4), 305(A) BNS के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। विवेचना के दौरान आरोपी राकेश साहू ऊर्फ लल्लू उम्र 32 वर्ष, निवासी मेहना थाना नांदघाट को घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म करना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने दो लाख 43 हजार 900 रुपये का सामान जब्त किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे रिमांड पर भेजा गया है।

‘योगी राज’ में नहीं बचेगा अपराध! पत्रकार हत्याकांड के दोषी एनकाउंटर में ढेर

सीतापुर उत्तर प्रदेश की योगी एंव उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों पर काल बनकर टूट रही है इसी कड़ी में सीतापुर जिले में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हत्या के मामले में वांछित एक-एक लाख रुपये के इनामी दो अभियुक्त राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम से मुठभेड़ में मारे गये। घायल अवस्था में एसटीएफ ने बदमाशों को पहुंचाया अस्पताल  अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि छह और सात अगस्त की मध्यरात्रि को एसटीएफ की नोएडा इकाई और सीतापुर पुलिस की संयुक्त टीम की पिसावां थाना क्षेत्र में बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें दो बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां से उन्हें सीतापुर जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृत बदमाशों की पहचान राजू तिवारी उर्फ रिजवान तथा संजय तिवारी उर्फ शिब्बू के रूप में हुई है। दोनों बदमाश सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई के हत्या के मामले में वांछित थे। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।  पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई हत्याकांड बदमाश चल रहे थे फरार  सीतापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकुर अग्रवाल ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई हत्याकांड मामले के वांछित दो अभियुक्त हरदोई-सीतापुर की सीमा से होकर गुजरने वाले हैं। इस पर पुलिस और एसअीएफ की संयुक्त टीम रवाना की गई। उन्होंने बताया कि पिसावां थाना क्षेत्र में जब पुलिस जांच और घेराबंदी कर रही थी तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध जाते दिखाई दिये। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो रुकने के बजाय उन्होंने पुलिस पर गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में राजू तिवारी और संजय तिवारी को गोली लगी। बीते इसी मार्च में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हुई थी हत्या  सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के विकासनगर निवासी पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई (36) की इसी साल आठ मार्च को मोटरसाइकिल से सीतापुर जाते हुए रास्ते में लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज हेमपुर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। मारे गए दोनों बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास है। दोनों पर हत्या, लूट और डकैती सहित 24 से अधिक मामले दर्ज थे। राजू उर्फ रिजवान ने साल 2006 में लखीमपुर खीरी जिले में उप निरीक्षक परवेज अली की धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी और उनके सरकारी रिवॉल्वर को लूट लिया था। इसी तरह संजय तिवारी ने वर्ष 2011 में सीतापुर के मछरेहटा में देवी सहाय शुक्ल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।