samacharsecretary.com

तिलक वर्मा ने हैम्पशायर की जीत में निभाई अहम भूमिका

साउथम्पटन भारत के टी 20 स्पेशलिस्ट तिलक वर्मा ने गुरुवार को साउथंप्टन में खेले गए वनडे कप के ग्रुप-ए मुकाबले में अपनी टीम हैम्पशायर के लिए एसेक्स के खिलाफ 54 रन की पारी खेली। तिलक ने जो वीदरली के साथ 98 रन की अहम साझेदारी भी निभाई, वीदरली ने इस मैच में नाबाद शतक जड़ा। एसेक्स के खिलाफ इस जीत के बाद अंक तालिका में हैम्पशायर टॉप पर पहुंच गई है, जबकि दो मैचों में दो हार के साथ एसेक्स फिलहाल आठवें स्थान पर है। इससे पहले हैम्पशायर के कप्तान निक गबिन्स ने टॉस जीतकर एसेक्स को बल्लेबाजी का न्योता दिया था। एसेक्स ने चार्ली एलिसन, टॉम वेस्ले और रॉबिन दास के अर्धशतकों की बदौलत स्कोर बोर्ड पर 285 रन बना दिए थे। एलिसन ने 80, वेस्ले ने 61 जबकि दास ने 50 रन बनाए थे। हैम्पशायर की ओर से काइल एबॉट, एडी जैक, डॉमिनिक केली और एंड्र्यू नील को दो-दो सफलता हाथ लगी थी। 286 रनों का पीछा करते हुए हैम्पशायर को कप्तान गबिन्स और अली ओर ने अच्छा आग़ाज़ दिलाया था। पहले विकेट के लिए दोनों ने 58 रन की साझेदारी निभाई, अली के रूप में हैम्पशायर को पहला झटका लगा। अली के आउट होने के बाद नंबर-3 पर तिलक बल्लेबाज़ी करने आए, उन्होंने आते ही कुछ अच्छे शॉट्स लगाए लेकिन 80 रन के योग पर हैम्पशायर को गबिन्स के तौर पर दूसरा झटका लग गया था। तिलक ने यहां से सूझ-बूझ की पारी खेलते हुए वीदरली के सााथ अच्छी साझेदारी निभाई। तिलक ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था और अच्छी लय में नज़र आ रहे थे लेकिन 54 रन के निजी योग पर वह वेस्ले की गेंद पर बोल्ड हो गए। तिलक ने अपनी पारी में पांच चौके और दो छक्के भी लगाए। तिलक और वीदरली के बीच हुई 98 रनों की साझेदारी ने एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म सेट कर दिया था। तिलक के आउट होने के बाद वीदरली ने ज़िम्मेदारी उठाई और अंत तक नाबाद शतकीय पारी खेलते हुए हैम्पशायर को जीत की मंज़िल तक पहुंचा दिया। हैम्पशायर ने ये मुक़ाबला 22 गेंद शेष रहते हुए पांच विकेट से अपने नाम किया। तिलक के लिए वनडे कप में शानदार वापसी रही, क्योंकि पिछले मुक़ाबले में वह ग्लमॉर्गन के ख़िलाफ़ बिना खाता खोले ही आउट हो गए थे। हालांकि इससे पहले लाल गेंद से उन्होंने हैम्पशायर के लिए चार मैचों में दो शतक और एक अर्धशतक भी जड़ा था। तिलक इसी महीने दलीप ट्रॉफ़ी में खेलते नज़र आएंगे. जहां उनके कंधों पर साउथ ज़ोन की कमान भी होगी।  

कन्हैयालाल हत्या मामला: गहलोत का BJP पर सीधा निशाना, NIA जांच पर उठाए सवाल

 जयपुर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह हत्याकांड पूरे देश को झकझोर देने वाला था लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी आरोपियों को सजा नहीं मिलना बेहद चिंताजनक है। गहलोत ने स्पष्ट किया कि वे फिल्म से जोड़कर बात नहीं कर रहे, बल्कि वास्तविक न्याय प्रक्रिया की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन यह हत्याकांड हुआ था, हमारी सरकार ने कुछ ही घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन उसी रात को केस एनआईए को सौंप दिया गया। एनआईए को यह केस दिए तीन साल हो चुके हैं लेकिन न कोई सजा हुई और न कोई ठोस प्रगति दिखाई दी। गहलोत ने जोर देकर कहा कि अगर यह केस राजस्थान पुलिस के पास रहता तो मात्र 6 से 8 महीने में आरोपियों को सजा हो जाती। इतना ही नहीं गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी भाजपा से जुड़े हुए हैं। मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि आरोपी भाजपा के कार्यकर्ता हैं। यही वजह है कि भाजपा इस केस में निर्णय नहीं चाहती। उन्हें डर है कि अगर सजा हो गई तो यह बात सार्वजनिक हो जाएगी कि उनके कार्यकर्ता दोषी हैं।

प्रयागराज: बदमाशों का आतंक जारी, पूर्व पार्षद पर जानलेवा हमला

प्रयागराज उत्तर प्रदेश क प्रयागराज जिले में पूर्व पार्षद अशोक सोनकर को सरेआम गोली मारी दी गई। अज्ञात हमलावरों ने मार्निंग वॉक पर गए पूर्व पार्षद अशोक सोनकर को परेड मैदान में गोली मारी। गोली अशोक सोनकर के हाथ और पैर में लगी है। उन्हें आनन फानन में SRN हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है। मॉर्निंग वॉक पर निकले थे पूर्व पार्षद यह पूरा मामला जिले के दारागंज थाना क्षेत्र का है। जहां, मॉर्निंग वॉक पर निकले पूर्व पार्षद अशोक कुमार सोनकर को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। बदमाश कई दिनों तक उनकी रेकी कर रहे थे। घटना के बाद बाइक सवार बदमाश भाग निकले। आस-पास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। इलाके में दहशत फैल गई बताया जा रहा है कि दिन दहाड़े हुई घटना से इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस ने किसी प्रकारी की लूट की बात को इंकार कर दिया है। डीसीपी अभिषेक भारती का कहना है कि प्रथम दृष्टया रंजिश में वारदात को अंजाम देने बात सामने आ रही है। फिलहाल मामले की जांच पड़ताल चल रही है। आस-पास लगे सारे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है।

क्या भारत एशिया कप में पाकिस्तान से खेलने से करेगा इनकार? रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली इंग्लैंड के शानदार दौरे के बाद अब बारी है एशिया कप की। टीम इंडिया अगले महीने इस टूर्नामेंट के लिए यूएई जाने वाली है। वैसे तो औपचारिक तौर पर एशिया कप की मेजबानी भारत कर रहा है लेकिन पाकिस्तान के साथ तनाव की वजह से न्यूट्रल वेन्यू में मैच कराए जा रहे हैं। सवाल यह है कि क्या भारत एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलेगा या जिस तरह इंडिया चैंपियंस ने WCL में पाकिस्तान के साथ न सिर्फ लीग स्टेज बल्कि सेमीफाइनल तक का बहिष्कार किया था, वैसा कुछ देखने को मिलेगा?   एशिया कप में भारत 10 सितंबर को दुबई में यूएई के खिलाफ मैच से अपने अभियान की शुरुआत करेगा। उसके बाद अगला मैच 14 सितंबर को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के साथ है। अगर दोनों टीमें फाइनल में पहुंचती हैं तो टूर्नामेंट में 3 बार उनका आमना-सामना होगा। इस बीच 'द नेशनल' की एक रिपोर्ट में एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के सीईओ शुभान अहमद के हवाले से दावा किया गया है कि एशिया कप में WCL जैसी स्थिति पैदा नहीं होगी। यानी पाकिस्तान के खिलाफ मैच का भारत बहिष्कार नहीं करेगा। रिपोर्ट में शुभान को कोट करते हुए कहा गया है, 'हम कोई गारंटी तो नहीं दे सकते, लेकिन एशिया कप की तुलना WCL जैसे किसी प्राइवेट इवेंट से करना ठीक नहीं है। जब एशिया कप में खेलने का फैसला हुआ तो उससे पहले ही सरकार की इजाजत ले ली गई थी। देशों के लिए शेड्यूल के ऐलान से पहले ही निश्चित तौर पर यह कर लिया गया। इसलिए हम WCL जैसी स्थिति में नहीं होंगे।' इस साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों ने निर्दोष पर्यटकों का धर्म पूछकर उनकी पत्नी और बच्चों के सामने ही बर्बरता से मार डाला था। उसके बाद भारत ने मई में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों को सटीक हमलों से नेस्तनाबूद कर दिया था। आतंकियों के मारे जाने और आतंकी अड्डे तबाह होने से बौखलाए पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों और यहां तक कि कुछ धर्मस्थलों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले की नाकाम कोशिश की थी। भारत ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को न सिर्फ हवा में ही मार गिराया, जवाबी हमले में पाकिस्तान के तमाम एयरबेस और सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया। इससे पाकिस्तानी सेना घुटनों पर आ गई और वहां के डीजीएमओ भारतीय समकक्ष से सीजफायर की गुहार लगाने लगे। भारत ने आखिरकार सीजफायर स्वीकार तो कर लिया लेकिन दो टूक चेतावनी दे रखी है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी सिर्फ स्थगित हुआ है, खत्म नहीं। तब से लेकर दोनों देशों में तनाव बना हुआ है।  

इंग्लैंड में हैदर अली के खिलाफ आपराधिक केस, पाकिस्तानी बल्लेबाज फंसे विवाद में

मैनचेस्टर/लाहौर पाकिस्‍तान क्रिकेट एक नए विवाद के कारण शर्मसार हुआ है। युवा बल्‍लेबाज हैदर अली बलात्‍कार के आरोप में इंग्‍लैंड में गिरफ्तार हो गए हैं। यह घटना पाकिस्‍तान शाहीन के हाल ही में संपन्‍न इंग्‍लैंड दौरे के दौरान की है। 24 साल के हैदर अली पाकिस्‍तान ए टीम का हिस्‍सा हैं, जिन्‍हें पाकिस्‍तान क्रिकेट बोर्ड ने जांच पूरी होने तक अनंतिम रूप से निलंबित कर दिया है। ग्रेटर मैनचेस्‍टर पुलिस ने सोमवार को बलात्‍कार की रिपोर्ट प्राप्‍त करने की पुष्टि की है। पुलिस ने की पुष्टि ग्रेटर मैनचेस्‍टर पुलिस ने अपने बयान में कहा, 'हमने 24 साल के शख्‍स को गिरफ्तार किया है। यह आरोप है कि मैनचेस्‍टर के परिसर में 23 जुलाई 2025 को घटना हुई थी। शख्‍स इस समय जमानत पर है और आगे की कार्रवाई के लिए जांच होगी।' इंग्‍लैंड में पुलिस ने जांच के इस चरण में संदेह के घेरे के कारण क्रिकेटर का नाम नहीं लिया। किसके खिलाफ लगा आरोप? टेलीकॉम एशिया स्‍पोर्ट्स के मुताबिक, 'हैदर को बेकेनहम ग्राउंड से गिरफ्तार किया गया, जहां शाहीन एमसीएसएसी के खिलाफ मुकाबला खेल रहे थे।' एक सूत्र ने बताया कि यह पाकिस्‍तानी मूल की लड़की के खिलाफ बलात्‍कार का मामला है। जानकारी मिली है कि हैदर को जमानत पर रिहा करने से पहले उनका पासपोर्ट जब्‍त कर लिया गया है। पीसीबी ने किया सस्‍पेंड पीसीबी प्रवक्‍ता ने कहा, 'हमें इस मामले और जांच के बारे में बताया गया। हमने हैदर को जांच पूरी होने तक निलंबित किया और इंग्‍लैंड में अपनी खुद की कार्यवाही करेंगे।' पीसीबी प्रवक्‍ता ने ध्‍यान दिलाया कि बोर्ड कानूनी प्रक्रिया में पूरा समर्थन करेगा और हैदर को कानूनी समर्थन भी देगा। शाहीन का इंग्‍लैंड दौरा पता हो कि शाहीन का इंग्‍लैंड दौरा 17 जुलाई से शुरू होकर 6 अगस्‍त को समाप्‍त हुआ। इस दौरान दोनों टीमों के बीच तीन दिवसीय दो मुकाबले खेले गए, जो कि ड्रॉ रहे। शाहीन ने इसके बाद वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की। कप्‍तान सउद शकील और हैदर के अलावा अधिकांश खिलाड़ी घर लौट चुके हैं। हैदर अली का करियर बता दें कि हैदर अली ने 2020 में अपने अंतरराष्‍ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उन्‍होंने दो वनडे और 35 टी20 इंटरनेशनल मैचों में पाकिस्‍तान का प्रतिनिधित्‍व किया। वह पहले भी विवादों से घिरे रहे हैं। इसमें 2021 पाकिस्‍तान सुपर लीग के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल के उल्‍लंघन के कारण निलंबन शामिल है। कौन है ये खिलाड़ी? पाकिस्तान के जिस खिलाड़ी पर ये आरोप लगे हैं उसका नाम हैदर अली है। हैदर पाकिस्तान के लिए पांच वनडे औऱ 35 टी20 मैच खेल चुके हैं। साल 2020 में उन्होंने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। दो वनडे मैच में उन्होंने बनाए हैं 42 रन जबकि 35 टी20 मैचों में उनके बल्ले से निकले हैं 505 रन जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं। जहां तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट की बात तो हैदर ने 27 मैच खेले हैं और 47.28 की औसत से 1797 रन बनाए हैं। फर्स्ट क्लास में उनके बल्ले से पांच शतक और आठ अर्धशतक निकले हैं। लिस्ट-ए में उनके नाम 58 मैचों में 37.66 की औसत से 1996 रन हैं जिसमें दो शतक और 17 अर्धशतक शामिल हैं। हैदर ने अभी तक कुल 164 टी20 मैच खेले हैं और 23.62 की औसत, 139.35 की स्ट्राइक रेट से 3141 रन बनाए हैं। इस फॉर्मेट में उनके बल्ले से 17 अर्धशतक निकले हैं। पीसीबी ने किया सस्पेंड इस मामले में पीसीबी ने भी दखल दिया है और बयान जारी कर बताया है कि उन्होंने हैदर क सस्पेंड कर दिया है। पीसीबी ने बयान में कहा, "जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक हमने हैदर को सस्पेंड कर दिया है। हम इंग्लैंड में अपनी खुद की कार्यवाही करेंगे।" पीसीबी ने साथ ही कहा है कि वह इस मामले की जांच में पूरा सपोर्ट करेगी और हैदर को भी जरूरी कानूनी मदद मुहैया कराएगी।  

हर स्त्री और व्यक्ति बुरा नहीं – धीरेंद्र शास्त्री का संत प्रेमानंद विवाद पर बयान

छतरपुर स्त्री और पुरुषों को चरित्रवान बनने का उपदेश देने के बाद वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ट्रोलर्स के निशाने पर हैं। कई लोग उनके विरोध में सोशल मीडिया पर कैंपेन चला रहे हैं। बागेश्वर धाम पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उनका समर्थन कर ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने यह तक कह दिया कि इस देश में सत्य बोलना बहुत कठिन है। ‘कुछ लोग डर-डर कर हिंदू-हिंदू चिल्लाते हैं’ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, ‘कुछ लोगों को उनसे समस्या थी। जिससे उन्हें लगा कि वे उपद्रवी व्यक्ति हैं। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोग अब तक डर-डर कर हिंदू-हिंदू चिल्लाते हैं। जबकि वे मंचों से खुलकर बोलते हैं। कुछ राजनेता जातियों के नाम पर राजनीति करते हैं। जबकि वे जातिवाद के खिलाफ और राष्ट्रवाद के पक्ष में हैं। इसलिए लोगों को बुरा लगता है।’ ‘माला के साथ भाला रखें’ पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा, ‘इस देश में हवस के पुजारी हैं तो हमने कहा हवस का मौलवी या पास्टर भी तो हो सकता। शायद इसलिए लोगों को बुरा लगता है। उन्होंने देश में माला के साथ भाला रखने की बात भी की जबकि लोग मंचों से गंगा-जमुनी की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी क्यों नहीं हो सकती? शायद इसी वजह से उनका विरोध होता है और उन्हें गालियां मिलती हैं।’ ‘प्रेमानंद महाराज के विरोध से समझ आ गया, देश में सत्य बोलना कठिन है’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर कुछ लोग हमारे विरुद्ध षडयंत्र रचते हैं तो हमें लगा कि हममें ही दोष हैं। लेकिन जब लोगों ने बाबा प्रेमानंद जी का विरोध किया, तो यह स्पष्ट हो गया कि कुछ लोगों के पेट में समस्या है। महात्मा प्रेमानंद जी, जो उपदेशक और भजन प्रेमी हैं, उनका विरोध करना इस बात का प्रमाण है कि कई लोगों के पेट में आंतरिक समस्याएँ हैं। उस दिन के बाद मुझे यह भी लगा कि इस देश में सत्य बोलना बहुत कठिन है। यह भी सत्य है कि हर स्त्री और व्यक्ति बुरा नहीं होता और हर किसी का अपने समाज को देखने का तरीका होता है। हर मज़हब में सभी व्यक्ति बुरे नहीं होते, लेकिन कुछ तो होते हैं। भले ही बुरे लोगों की भीड़ हो, यदि उसमें एक भी सत्यवादी व्यक्ति पहुंच जाता है तो सबकी नज़र उसी पर जाएगी।’

नियमों की अनदेखी पर गिरी गाज: निगम आयुक्त ने सहायक ग्रेड-3 को निलंबित किया

दुर्ग नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति के मामले में दुर्ग निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल की कार्रवाई जारी है. ताजा घटनाक्रम में सहायक ग्रेड 3 भूपेंद्र गोइर को निलंबित कर दिया है. एक्शन मोड में नजर आ रहे दुर्ग निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने भूपेंद्र गोइर को निलंबित करने से पहले सम्पत्ति कर वसूली में लापरवाही करने वाले राजस्व विभाग के 16 कर्मचारी-अधिकारी की सैलरी रोकने का आदेश दिया था. दरअसल, नगर निगम दुर्ग में वर्ष 2020 में हुई अनुकंपा नियुक्ति में फर्जीवाड़े की शिकायत पर जांच उपरांत कार्रवाई की जा रही है. इस कड़ी में दुर्ग निगम आयुक्त ने तत्कालीन निगम आयुक्त एसके सुंदरानी के खिलाफ कार्रवाई के लिए संचालक संचालनालय नगरीय प्रशासन व विकास विभाग को पत्र लिखा है. सुंदरानी वर्तमान में संयुक्त संचालक क्षेत्रीय कार्यालय नगरीय प्रशासन व विकास रायपुर में पदस्थ हैं. नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति वहीं नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति पाने के मामले में भृत्य नम्रता रक्सेल, सहायक राजस्व निरीक्षक प्रीति उज्जैनवार की एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश के साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. इसमें सहायक ग्रेड 3 भूपेंद्र गोइर को नोटिस भेजा गया था, जिसमें संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई है.

राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर अपर संचालक रवीन्द्र कुमार सिंह को अपने वर्तमान दायित्व के साथ संचालक राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड और निदेशक महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान का प्रभार सौंपा है। सिंह वर्तमान में सांदिपनी विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं का भी कार्य देख रहे हैं।  

कक्षा में टूटा प्लास्टर: एक छात्रा का सिर फटा, दूसरी को आई चोटें

मुंगेली मुंगेली विकासखण्ड में बरदुली स्थित प्राथमिक शाला भवन में बड़ा हादसा हो गया. पढ़ाई के दौरान छत का प्लास्टर गिरने से एक छात्रा का सिर का सिर फट गया, वहीं दूसरी छात्रा को चोट आई है. जिले में स्कूल शिक्षा विभाग के स्कूलों के मरम्मत व जतन के दावों की खुली पोल खुल गई, जब बरदुली स्थित प्राथमिक शाला में छत का प्लास्टर गिर गया. घटना में तीसरी कक्षा की हिमांचुका दिवाकर का जहां सिर फट गया, वहीं हंसिका दिवाकर को चोट आई है. दोनों को उपचार के लिए स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उपचार जारी है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 28 हजार से अधिक प्रभावितों को 30 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित

संकट की घड़ी में सरकार आपके साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाढ़ प्रभावितों से चर्चा कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया आश्वस्त 28 हजार से अधिक प्रभावितों को 30 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित शिवपुरी, गुना, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा के बाढ़ प्रभावितों से की वर्चुअली चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार संकट की घड़ी में बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से प्रदेश के 28 हजार से अधिक बाढ़ प्रभावितों को 30 करोड़ की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण कर प्रभावितों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवपुरी, गुना, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा के बाढ़ प्रभावितों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने प्रभावितों से बाढ़ के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की जानकारी ली। शिवपुरी के भागचंद, मऊगंज के राधेश्याम साकेत, दमोह के हेमराज, रायसेन के गोविंद सिंह सेन, छिंदवाड़ा के चंद्रमोहन सहित गुना और अन्य जिले के बाढ़ प्रभावितों ने बताया कि इस वर्षाकाल में जैसी बाढ़ आयी, वैसी पहले कभी नहीं आयी थी। प्रशासन के द्वारा बाढ़ के दौरान हम प्रभावित परिवारों को कैम्प लगाकर रहने की व्यवस्था के साथ भोजन आदि की व्यवस्था भी की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे संस्कार ही हैं कि कष्ट की इस घड़ी में भी ग्रामीणजन अपनी बात विनम्रता के साथ कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून काल में अब तक 37 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है, जिससे प्रदेश के कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी। उन्होंने स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर प्रभावितों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने वर्षाकाल में बाढ़ से निपटने के पहले से इंतजाम कर रखे थे। राज्य के मंत्रीगण और केन्द्रीय मंत्रीगण सभी से सम्पर्क बनाकर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के प्रबंधन की व्यवस्था की थी। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ के संकट से निपटने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना के जवानों की जहां आवश्यकता पड़ी, वहां सक्रिय किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावितों को मदद करने में सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने इन संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान मिले अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि शिवपुरी में दो व्यक्ति बाढ़ में 36 घंटे घिरे रहे और उन्हें प्रशासन ने बाढ़ से बाहर निकाला। इन व्यक्तियों का कहना था कि वे प्रशासन के प्रयासों से ही से बाढ़ से बाहर निकल सकें। इसी प्रकार गुना में बाढ़ प्रभावित महिलाओं से मिलने के दौरान सबसे पहले बहनों ने उन्हें राखी भेंट की। इसके बाद उन्होंने बाढ़ की बात कही। उन्होंने कहा कि बहनों ने अपने कष्ट की बात कहने से पहले राखी भेंट की, यह हमारी संस्कृति है। अतिवृष्टि और बाढ़ के दृष्टिगत हमें रहना है सावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्षा ऋतु अभी समाप्त नहीं हुई है। हमें अतिवृष्टि और बाढ़ के दृष्टिगत सावधान रहना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावितों को 28 करोड़ रूपए की राशि पहले दी जा चुकी है, 30 करोड़ की राशि आज दी गई है। उन्होंने कहा कि यह राशि फसल की क्षति को छोड़कर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वे किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025-26 में राहत के विभिन्न मदों में अब तक 123 करोड़ की राहत राशि प्रभावितों को वितरित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए सभी जिलों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उपस्थित थे। बाढ़ की स्थिति में सहायता के लिए टोल फ्री नं-1079 पर सम्पर्क करें उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अब तक 729.1 एमएम वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 37 प्रतिशत ज्यादा है, जो बहुत कम समय में तेजी से हुई। गुना, निवाड़ी, टीकमगढ़, मंडला एवं अशोकनगर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज हुई। इस मानसून में अभी तक कुल 296 जनहानि तथा लगभग 1685 पशुहानि हुई है। साथ ही 299 मकानों पूर्ण रूप से क्षति होने की सूचना प्राप्त हुई है। लगभग 4114 मकानों में आंशिक क्षति भी हुई है। प्रदेश में अब तक 61 राहत कैम्प चलाये गये है, जिनमें 7345 लोगों को रखा गया। वर्तमान में मऊगंज में 02 राहत शिविर चालू है, जिसमें 175 लोग रह रहे हैं। प्रदेश में ज्यादातर सिंचाई डेम अभी 40 से 90 प्रतिशत के आस-पास भरे हैं एवं 04 डेम 100 प्रतिशत भरे हैं। साथ ही शासन द्वारा जनसामान्य को बाढ़ की स्थिति में 24X7 सहायता प्रदान की जाने के लिये टोल फ्री नं-1079 की व्यवस्था की गई है।