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सिनसिनाटी ओपन के पहले दौर में हारीं पूर्व नंबर-1 टेनिस स्टार वीनस विलियम्स

सिनसिनाटी करीब एक साल से अधिक समय बाद पिछले महीने कोर्ट पर लौटी पूर्व नंबर-1 टेनिस स्टार वीनस विलियम्स सिनसिनाटी ओपन के पहले दौर में स्पेन की जेसिका बोजास मानेइरो से 6-4, 6-4 से हार गईं। यह मुकाबला गुरुवार (भारतीय समयानुसार शुक्रवार) को खेला गया। सात बार की ग्रैंड स्लैम सिंगल्स चैंपियन वीनस अब अगले टूर्नामेंट यूएस ओपन की तैयारी करेंगी, जहां उन्हें रायली ओपेल्का के साथ मिक्स्ड डबल्स के लिए वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली है। यह मुकाबले 19 अगस्त से शुरू होंगे। वीनस 14 ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब अपनी बहन सेरेना विलियम्स के साथ और दो मिक्स्ड डबल्स खिताब जीत चुकी हैं। विश्व रैंकिंग में 51वीं पायदान पर काबिज 22 वर्षीय बोजास मानेइरो ने पिछले हफ्ते मॉन्ट्रियल में अपना पहला डब्ल्यूटीए 1000 क्वार्टरफाइनल खेला था। दिलचस्प बात यह है कि जब वीनस ने अपने पहले चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीते थे, तब मानेइरो का जन्म भी नहीं हुआ था। घरेलू दर्शकों के समर्थन के बावजूद वीनस को सर्विस गेम में संघर्ष करना पड़ा। वीनस ने पिछले महीने डीसी ओपन में पेटन स्टर्न्स को हराकर दो दशक से अधिक समय में WTA मैच जीतने वाली सबसे उम्रदराज महिला का रिकॉर्ड बनाया था। यह उनका 16 महीने बाद पहला टूर्नामेंट और 2023 सिनसिनाटी ओपन के बाद पहली जीत थी। सिनसिनाटी ओपन में यह वीनस की 11वीं उपस्थिति थी, जहां वह 2012 में सेमीफाइनल और 2019 में क्वार्टरफाइनल तक पहुंची थीं। अपने करियर में वह कुल 11 हफ्ते विश्व नंबर-1 की रैंकिंग पर रह चुकी हैं।  

‘द हंड्रेड’ में क्रॉली-ब्रूक का T20 जलवा, गेंदबाजों की कर दी छुट्टी

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस इंग्लैंड टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने तुरंद अपनी देसी द हंड्रेड क्रिकेट लीग में हिस्सा लेना शुरू कर दिया है। जैक क्रॉली और हैरी ब्रूक ने तो तुरंत टी20 अवतार भी अपना लिया है। भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी इन दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए कमाल की बल्लेबाजी की थी। वेल्श फायर के खिलाफ हुए मुकाबले में जैक क्रॉली और हैरी ब्रूक की शानदार बल्लेबाजी के दम पर नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स ने 8 विकेट से मैच जीता और सीजन का आगाज जीत के साथ किया।   टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी वेल्श फायर की टीम ने निर्धारित 100 गेंदों पर 9 विकेट के नुकसान पर 143 रन बोर्ड पर लगाए। जॉनी बेयरस्टो 42 रनों के साथ टीम के हाईएस्ट स्कोरर रहे। इस पारी के दौरान हैरी ब्रूक ने सुपरमैन अंदाज में हवा में डाइव लगाते हुए सैफ जैब का एक शानदार कैच भी पकड़ा। 144 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स को जैक क्रॉली ने तूफानी शुरुआत दी। उनका बखूबी साथ साथी सलामी बल्लेबाज डेविड मलान ने 41 रनों की पारी खेलकर दिया। जैक क्रॉली 38 गेंदों पर 5 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के लगाकर 67 रन पर नाबाद रहे। वहीं चौथे नंबर पर उतरे हैरी ब्रूक ने 15 गेंदों पर 1 चौका और 2 छक्के लगाकर 25 रनों के साथ पारी का अंत किया। नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स ने यह मैच 11 गेंदें शेष रहते ही जीत लिया।  

आधी रात माल रोकने के आदेश, ऐमजॉन-वॉलमार्ट ने रोकी सप्लाई

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ का असर दिखने लगा है। एक झटके में ही अमेरिका की कई दिग्गज कंपनियों ने भारत से सामानों का आयात फिलहाल रोक लिया है। इसका पहला असर कपड़ा उद्योग पर दिखा है। दुनिया भर में किफायती दामों पर कपड़ों की सेल के लिए मशहूर भारतीय कंपनी पर्ल ग्लोबल का कहना है कि ऐमजॉन, वॉलमार्ट जैसी कंपनियों ने उसके साथ डील को रोक दिया है। पर्ल ग्लोबल की ओर से Gap और Kohl’s जैसे नामी ब्रांड्स के लिए कपड़े तैयार किए जाते हैं। कंपनी का कहना है कि उनके पास आधी रात को (अमेरिकी समयानुसार सुबह) ही कॉल आए कि माल सप्लाई फिलहाल रोक दी जाए। कुछ कंपनियों ने ईमेल करके अपने फैसले की जानकारी दी है। अमेरिकी खरीददारों का साफ कहना है कि बढ़े हुए टैरिफ को माल की कीमत में एडजस्ट किया जाए वरना वे सप्लाई नहीं लेंगे। इसकी वजह यह है कि बढ़े हुए टैरिफ को जोड़ने के बाद भारत से खरीदे सामान की कीमत अमेरिका में कहीं अधिक हो जाएगी। ऐसे में उनकी बिक्री की संभावना कम होगी। इसलिए कंपनियां फिलहाल भारतीय सामान के आयात से बच रही हैं। पर्ल ग्लोबल के मैनेजिंग डायरेक्टर पल्लब बनर्जी का कहना है कि हमारे पास कस्टमर कॉल कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम भारत की बजाय दूसरे देशों में अपना बेस शिफ्ट करें। अमेरिकी खरीददार बोले- टैरिफ का बोझ आप उठाएं, वरना बिजनेस नहीं रॉयटर्स से बाचतीत में बनर्जी ने कहा कि हमने अमेरिकी साझीदारों से कहा है कि हमें कुछ वक्त दिया जाए। हम बांग्लादेश, इंडोनेशिया, वियतनाम और ग्वातेमाला आदि में अपनी फैक्ट्रियां शिफ्ट करने पर विचार करेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि इन देशों पर अमेरिका की ओर से लगाया गया टैरिफ काफी कम है। दरअसल अप्रैल से अब तक बाजी पूरी तरह से पलट चुकी है। तब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने बांग्लादेश, वियतनाम और चीन के मुकाबले भारत पर कम टैरिफ लगाया था। तब भारतीय इंडस्ट्री को फायदे की उम्मीद थी और कहा जा रहा था कि भारतीय माल कम दाम पर बिकेगा तो अमेरिका में डिमांड बढ़ेगी। अप्रैल में आई थी बहार, पर अब पलट गई तस्वीर लेकिन अब तस्वीर पलट गई है। भारत पर अमेरिका ने 50 फीसदी तक टैरिफ लगा दिया है, जबकि बांग्लादेश और वियतनाम पर 20 पर्सेंट ही है। चीन पर 30 पर्सेंट ही टैक्स लग रहा है। पर्ल इंडिया का आधा कारोबार अमेरिका से ही आता है। बनर्जी का कहना है कि कुछ ग्राहक कह रहे हैं कि वे भारत से सामान लेते रहेंगे, लेकिन बढ़ा हुआ टैरिफ कंपनी को ही एडजस्ट करना होगा। लेकिन ऐसा कर पाना संभव ही नहीं है। दरअसल भारत पर लगाए गए 50 पर्सेंट टैरिफ में से 25 फीसदी गुरुवार से लागू हो गया है। अब 28 अगस्त से अगला 25 फीसदी टैरिफ लागू हो सकता है। अमेरिका का कहना है कि भारत से रूसी तेल की खरीद के बदले में यह फैसला लिया गया है।

विजयवर्गीय का बयान – बेटियों पर विधर्मियों की बुरी नजर, सावधान रहने की जरूरत

 इंदौर इंदौर में हिन्दू त्यौहारों पर बन रही आपत्तिजनक रील को लेकर संतो ने चेतावनी दी है। महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने हिंदू बहन बेटियों को सिर्फ हिंदुओं को ही राखी बांधने की अपील की है।  हिंदू त्योहारों पर बन रही आपत्तिजनक रील को लेकर साधु संतों ने चेतावनी दी है। महामंडलेश्वर संत रामदास महाराज ने कहा कि- संत समाज इस तरह की रील को लेकर रोष में है। हिंदू बहन बेटियों को कहना चाहूंगा कि सिर्फ हिंदुओं को ही राखी बांधे। मूला मौलवी या मुसलमान के घर जाकर या उन्हें अपने घर बुलाकर राखी मत बांधना। यह आपसे राखी बंधवाते हैं और फिर घात लगाकर आपसे और आपके परिवार से लव जिहाद करते हैं। दंड नहीं मिलेगा तो ये उदण्ड होकर काम करेंगे कहा- हर पवित्र त्यौहार पर इस तरह की रील बनाकर सनातन को बदनाम किया जा रहा है। पूजा की थाली में मदिरा की बोतल रख कर रील बनाने वालो का समाज से बहिष्कार होना चाहिए। सरकार को ऐसे लोगों की रील पर प्रतिबंधित लगाकर केस दर्ज किया जाना चाहिए। किसी को दंड नहीं मिलेगा तो ये उदण्ड होकर काम करेंगे। सरकार को चिन्हित कर कार्रवाई करना चाहिए महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने हिन्दू त्यौहारों पर बन रही आपत्तिजनक रील को लेकर कहा कि हर पवित्र त्योहार पर इस तरह की रील बनाकर सनातन को बदनाम किया जा रहा है। पूजा की थाली में मदिरा की बोतल रख कर रील बनाने वालों का समाज से बहिष्कार होना चाहिए। सरकार को ऐसे लोगों की रील पर प्रतिबंधित लगाकर केस दर्ज करना चाहिए। किसी को दंड नहीं मिलेगा तो ये उदण्ड होकर काम करेंगे। ईद पर जब भूमि रक्त रंजीत किया जाता है, तब इस प्रकार के कोई सपेले बाहर आकर ज्ञान नहीं देते है। सनातन को बदनाम करने के लिए मौलवियों के द्वारा इस तरह देश विदेश में फंडिंग की जाती है ताकि सनातन को बदनाम किया जा सके। केंद्र सरकार को इन्हे चिह्नित करके सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट पर नजर रख इन्हे दण्डित किया जाए। राखी पर बहन ने भाई को दी शराब, वीडियो वायरल इंदौर में सोशल मीडिया पर रक्षाबंधन त्यौहार का मजाक उड़ाए जाने का मामला गुरुवार को सामने आया था। इंदौर के युवक-युवती की एक रील सोशल मीडिया पर सामने आई थी। जिसमें बहन भाई को राखी बांधने के बाद शराब की बोतल देते दिखाई दे रही है। इस रील को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था और पुलिस से मांग की थी कि रील बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बजरंग दल का कहना है कि भारतीय त्यौहारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जो रील वायरल हुई है उसमें बहन अपने भाई को राखी बांधने के लिए आती दिखती है जिसके हाथ में पूजा की थाली होती है और उसमें शराब की बोतल रखी है। वो भाई को टीका लगाती है और शराब की बोतल रखी थाली से आरती उतारती है और इसके बाद राखी बांधती है और फिर भाई को शराब पिलाती है। हिंदू संगठनों ने दी चेतावनी वायरल वीडियो को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था। बजरंग दल का कहना था कि अगर हिंदू संस्कृति के साथ छेड़छाड़ की तो जवाब देंगे। वहीं हिंदू जागरण मंच के समरसता विभाग के संयोजक तन्नू शर्मा ने कहा कि हिंदू समाज के त्यौहार आते ही कुछ विशेष लोग कई त्यौहारों को लेकर गलत जानकारी वायरल करने लगते हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सपेले बाहर आकर ज्ञान नहीं देते ईद पर जब भूमि रक्त रंजीत किया जाता है, तब इस प्रकार के कोई सपेले बाहर आकर ज्ञान नहीं देते है। सनातन को बदनाम करने के लिए मौलवियों के द्वारा इस तरह देश विदेश में फंडिंग की जाती है ताकि सनातन को बदनाम किया जा सके। केंद्र सरकारों को इन्हे चिन्हित करके सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट पर नजर रख इन्हे दण्डित किया जाए। धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंड आ रहा केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का भी बड़ा बयान सामने आया है। कहा- हिंदू बेटियों पर विधर्मियों की बुरी नजर है। धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंड आ रहा है। रक्षाबंधन कार्यक्रम में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि- बच्चों को अच्छे संस्कार देने की जरूरत है। इंदौर में भी धर्मांतरण का बड़ा गिरोह पकड़ाया है। गिरोह को हिंदू लड़कियों से शादी के लिए लाखों रुपए मिल रहे है। ऐसे गिरोह पर हमारी सरकार शिकंजा कस रही है। हम तो मुस्लिम बेटियों को भी देवी ही मानते हैं।

उज्जैन की सड़कों पर ‘लव जिहाद’ के खिलाफ जबरदस्त हल्ला बोल

उज्जैन मध्य प्रदेश में 'लव जिहाद' की बढ़ती घटनाओं को लेकर हिंदू पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें हजारों हिंदू परिवार शामिल हुए। ऐसी घटनाओं के खिलाफ पूरे शहर में रैली निकाली गई। पंचायत द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिहादी समर्थक समाज का आर्थिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान भारी संख्या में महिलाएं भी सड़क पर उतरीं। हिंदू समाज द्वारा खाचरोद नगर बंद का आह्वान किया गया। उज्जैन जिले के खाचरोद नागदा ओर आसपास के ग्रामीण क्षेत्र सहित मध्य प्रदेश में 'लव जिहाद'के बढ़ते मामले को देखते हुए गुरुवार को हिंदू पंचायत का आयोजन हुआ। इसमें हज़ारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष सहित हिंदू जागरण मंच के लोगों के साथ साधु संत और हिंदू संगठनों के लोग शामिल हुए। इस दौरान सकल हिंदू समाज के लोगों ने एकत्रित होकर रैली निकाली। रैली उज्जैन गेट से शुक्रवारिया बाजार तक निकाली गई। इस दौरान खाचरोद का पूरा मार्केट बंद रहा। पंचायत द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिहादी समर्थक समाज का आर्थिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ उज्जैन जिले के कई ग्रामीण क्षेत्र तराना,घटिया ओर खाचरोद में हाल ही में 'लव जिहाद' की घटनाएं बढ़ी हैं। खाचरोद में आयोजित पंचायत में साधु संत, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के साथ संपूर्ण हिंदू समाज के लोग एकत्र हुए थे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आनंद गिरि महाराज, नरेंद्र गिरी महाराज, हिंदू जागरण मंच के प्रांत संगठक मोहित सेंगर, हिंदू जागरण मंच के प्राण संयोजक नेपाल सिंह डोडिया थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में हिंदू जागरण वंश के प्रांत संयोजक भेरुलाल जी टाक, विश्व हिंदू परिषद के मोहन सिंह जी राठौड़ थे। हिंदू जागरण मंच मालवा प्रांत के संगठन मंत्री मोहित सेंगर ने बताया कि बताया कि देशभर में हिंदू लड़कियों को झूठे जाल में फंसाकर अपनी जनसंख्या बढ़ाकर जनसख्या असंतुलित करने वाले विधर्मी खाचरोद में लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इसमें शादीशुदा लड़कियों को भी जाल में फंसाया गया। इसके बाद थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया गया था। हिन्दुओं को जाग्रत करने के लिए रैली का आयोजन किया गया। लड़कियों की सुरक्षित कर घर-घर सन्देश देने देने के लिए विशाल संख्या में लोग जुटे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भेजकर महिला केन्द्रित योजनाओं के लिए बहनों ने माना आभार

बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री निवास पहुंची राखियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राखी बंधवाकर की बहनों के सुखद-स्वस्थ जीवन की कामना बहनों के हर सुख-दु:ख में साथ है राज्य सरकार- मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भेजकर महिला केन्द्रित योजनाओं के लिए बहनों ने माना आभार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की बहनों ने बड़ी संख्या में डाक से राखियां और स्नेहिल पत्र भेजे। लगभग पांच हजार पत्रों व राखियों में से प्रतीक स्वरूप राखियां सुयशा पटेल, सुशिवा बाथरी, सुदीपल रघुवंशी और सुप्राची पंवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तिलक कर उनकी कलाई पर बांधी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को नेग प्रदान कर उनके सुखद-स्वस्थ जीवन की कामना की। इस अवसर पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे। यह आत्मीय आयोजन मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुआ। इस अवसर पर प्राप्त पत्रों में बहनों ने लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना है। पत्रों में बहनों ने अपने स्नेहिल भाव को अभिव्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को दिए संदेश में कहा कि राज्य सरकार परिवार की तरह बहनों के हर सुख-दुख में उनके साथ है। प्रदेश की बहनों को प्रगति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पर्व और त्यौहार संस्कृति और संस्कार का आधार हैं, रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनों की ओर से आए आत्मीयता से परिपूर्ण पत्र प्राप्त कर मैं अभिभूत हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राखियां भेजने के लिए बहनों का आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने हर घर तिरंगा अभियान 2025 को व्यापक जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश अपनी स्वतंत्रता के 'अमृत काल' में प्रवेश कर रहा है। अमृत काल में 'हर घर तिरंगा' अभियान 2025, राष्ट्रीय ध्वज को हर भारतीय के घर तक पहुंचाने वाला एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन है। यह हमारी साझा पहचान, स्वतंत्रता और एकता का एक भव्य उत्सव है, जो तिरंगे की भावना से ओत-प्रोत है। यह केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र के सामूहिक गौरव और आकांक्षाओं का जीवंत प्रतिनिधित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से 'हर घर तिरंगा' अभियान 2025 में पूरे उत्साह, गर्व और देशभक्ति की भावना के साथ बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। यह अभियान 2 अगस्त से शुरू हुआ है जो 15 अगस्त 2025 तक चलेगा। यह देश की स्वतंत्रता और एकता का एक राष्ट्रव्यापी उत्सव है, जो हमारे गौरवशाली राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगे की भावना से ओत-प्रोत है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अहम भाग के रूप में शुरू हुआ। यह अभियान अब एक शक्तिशाली जन आंदोलन बन चुका है, जिसमें पूरे भारत और दुनिया भर के भारतीय ले रहे हैं। इसका लक्ष्य प्रत्येक नागरिक में देशभक्ति की भावना को जागृत करना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को प्रगाढ़ करना है। तिरंगा, एक अद्वितीय और सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में, एक शक्तिशाली एकीकृत शक्ति के रूप में कार्य करता है। यह अभियान प्रभावी ढंग से देशवासियों में अपनेपन की सामूहिक भावना को बढ़ावा देगा। 'हर घर तिरंगा' अभियान के इस वर्ष के 3 शक्तिशाली चरण इस वर्ष 'हर घर तिरंगा' अभियान 2 अगस्त से शुरू होकर तीन शक्तिशाली चरणों में चलेगा, जिसमें जागरूकता निर्माण और जन जुड़ाव पर जोर दिया जाएगा। इस वर्ष के अभियान का विषय स्वैच्छिक कार्यों, नागरिक गौरव, स्वच्छता अभियान और हमारे सशस्त्र बलों तथा पुलिस कर्मियों के प्रति कृतज्ञता पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। यह झंडा फहराने से आगे बढ़कर सक्रिय नागरिकता को बढ़ावा देता है। अभियान में तिरंगा-प्रेरित कला, संगीत समारोह, प्रदर्शनियाँ, रैलियाँ, पुलिस कर्मियों और सैनिकों को राखियाँ और पत्र भेजना, क्विज़ और देशभक्ति फिल्मों की स्क्रीनिंग सहित कई प्रेरक कार्यक्रम और गतिविधियाँ शामिल हैं। अभियान के चरण और प्रमुख गतिविधियाँ अभियान में पहले चरण 8 अगस्त तक जागरूकता बढ़ाने और तिरंगे की भावना को जन-जन तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा पर केंद्रित रंगोली निर्माण, प्रमुख स्थानों पर तिरंगे के इतिहास और महत्व पर आधारित प्रदर्शनी, पुलिस कर्मियों और सैनिकों को राखियाँ और पत्र भेजना, शासकीय भवनों पर तिरंगा रौशनी से प्रकाशित करना आदि गतिविधियां हुईं। दूसरे चरण में 9 अगस्त से 12 अगस्त तक लोगों के बीच सामुदायिक जुड़ाव और सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें तिरंगा महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और तिरंगा रैलियाँ प्रमुख रूप से आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तिरंगा क्विज का आयोजन किया जाएगा। अंतिम और तीसरा चरण, 13 से 15 अगस्त तक, व्यक्तिगत स्तर पर देशभक्ति के प्रदर्शन पर केंद्रित रहेगा। इसमें घरों पर झंडा फहराना और तिरंगे के साथ सैल्फी अपलोड करना शामिल है। अभियान में भाग लेने के सरल तरीके 'हर घर तिरंगा' अभियान में भाग लेना सरल और सभी के लिए खुला है। प्रदेशवासी तीन मुख्य तरीकों से इस राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा बन सकते हैं :      स्वयंसेवक बनें: harghartiranga.com पर पंजीकरण करें और तिरंगे का संदेश अपने परिवार, दोस्तों और समुदाय तक पहुंचाएं। दूसरों को सही ढंग से झंडा फहराने में मदद करें और तिरंगा सैल्फी साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें।      राष्ट्रीय ध्वज फहराएं: अपने घर, दुकान, कार्यालय और अन्य स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज खरीदें और प्रदर्शित करें। ध्वज संहिता का पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।      तिरंगे के साथ सेल्फी अपलोड करें: राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपनी सेल्फी क्लिक करें और इसे harghartiranga.com पर अपलोड करें। अपने पलों को ऑनलाइन #HarGharTiranga और #HarGharTiranga2025 का उपयोग करके साझा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, हमारे देश की आत्मा, हमारे बलिदानों का प्रतीक और हमारी साझा आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय पर्व में पूरे उत्साह और गौरव के साथ शामिल हों, अपने घरों पर तिरंगा फहराएं, स्वयंसेवक बनें, और तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी साझा कर इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बनें। हर तिरंगा, हर हाथ जो इसे उठाएगा, भारत के विचार को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी सामूहिक देशभक्ति का प्रतीक है। आइए, हम सब मिलकर 'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाएं।  

बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के सत्यापन के लिए निविदाएं आमंत्रित कीं

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने खिलाड़ियों के पंजीकरण की सत्यापन सेवाओं के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं और दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि 22 अगस्त तय की है। बोर्ड ने मीडिया विज्ञप्ति में कहा, ''बीसीसीआई निविदा प्रक्रिया के माध्यम से खिलाड़ियों के पंजीकरण के लिए सत्यापन सेवाओं के प्रावधान सहित सेवाएं प्रदान करने के अधिकार और दायित्व हासिल करने के लिए प्रतिष्ठित संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करता है।'' बीसीसीआई ने निविदा के लिए अनुरोध (आरएफपी) जारी किया है जिसमें इससे संबंधित विस्तृत नियम और शर्तें दी गई हैं। बोर्ड ने कहा, ''एक लाख रुपये की गैर-वापसी योग्य फीस और लागू वस्तु एवं सेवा कर का भुगतान प्राप्त होने पर आरएफपी उपलब्ध कराया जाएगा।''   

रेस्टोरेंट में सूट-सलवार पहनने वाली महिला को नहीं दी एंट्री, मामला सरकार तक पहुंचा

नई दिल्ली सूट-सलवार में हैं तो रेस्टोरेंट में एंट्री नहीं मिलेगी! दिल्ली में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक कपल का आरोप है कि सूट-सलवार और पैंट टीशर्ट में होने की वजह से उन्हें पीतमपुरा के एक रेस्टोरेंट में घुसने से रोक दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद दिल्ली सरकार ने घटना का संज्ञान लिया और जांच का आदेश दिया है। दिल्ली के कानून और संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने एक्स पर कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने घटना की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा, 'दिल्ली में यह अस्वीकार्य है। पीतमपुरा के एक रेस्टोरेंट में भारतीय परिधानों पर रोक का वीडियो सामने आया है। यह अस्वीकार्य है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी ने घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया है। अधिकारियों को इस घटना की जांच और तुरंत कार्यवाही का निर्देश दिया गया है।' एक्स पर वायरल हो रहे वीडियो में एक कपल रेस्टोरेंट के बाहर खड़े होकर बता रहा है कि 3 अगस्त को उनके साथ यह घटना हुई थी। कपल का कहना है कि उनके कपड़ों की वजह से उन्हें रेस्टोरेंट में जाने नहीं दिया गया और अपमानित किया गया। उन्होंने दावा किया कि रेस्टोरेंट में सिर्फ छोटे कपड़े पहने लोगों को प्रवेश दिया जा रहा था और उनसे कहा गया कि एथनिक ड्रेस में जाने की अनुमति नहीं है। रेस्टोरेंट के बाहर जब कपल यह आरोप लगा रहा था तो कोई शख्स इसका वीडियो बनाते हुए कहता है इस तरह के रेस्टोरेंट पर रोक लगनी चाहिए जहां सिर्फ छोटे कपड़ों में जाने की अनुमति दी जाती है। वीडियो में सवाल उठाया गया है कि राष्ट्रपति और दिल्ली की मुख्यमंत्री अभी महिला हैं, क्या वो आएंगी तो उन्हें एंट्री नहीं दी जाएगी।

कन्हैयालाल की याद में थिएटर में खाली सीट, बेटे की अपील ने छू लिया दिल

उदयपुर कन्हैयालाल टेलर हत्याकांड पर आधारित फिल्म उदयपुर फाइल्स आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म की रिलीज के मौके पर कन्हैयालाल के बेटे यश साहू ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि देश के लोगों के लिए एक संदेश है कि 28 जून को उनके पिता के साथ क्या हुआ और किस तरह देश में आतंकवाद की जड़ें किस तरह फैल रही हैं। यश साहू ने कहा कि मैं देश के लोगों से अपील करता हूं कि वे यह फिल्म जरूर देखें और सच्चाई जानें। यह फिल्म किसी भी धर्म का विरोध करने या किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं बनाई गई है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और आतंकवाद के खतरनाक चेहरे को उजागर करना है। उन्होंने बताया कि फिल्म के विशेष प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और फिल्म को भरपूर समर्थन दिया। मेरी मां यह फिल्म नहीं देख पाएंगी लेकिन थिएटर में मेरे पिता की आत्मा के लिए एक सीट खाली रखी गई और उस पर उनका फोटो लगाया गया है ताकि उनकी मौजूदगी का अहसास बना रहे। यश ने आगे बताया कि इस फिल्म को बनाने और रिलीज करने में कई हिंदू संगठनों ने सहयोग दिया है। गौरतलब है कि कन्हैयालाल हत्याकांड 28 जून 2022 को उदयपुर में हुआ था, जब दो हमलावरों ने उनके दुकान में घुसकर बेरहमी से उनकी हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और इसके बाद पूरे देशभर में कड़ी निंदा हुई थी। जांच एजेंसियों ने इस मामले को आतंकी साजिश से जुड़ा मानते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उदयपुर फाइल्स फिल्म इसी घटना की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे कट्टरपंथी सोच के चलते निर्दोष लोगों की जानें जाती हैं और समाज में भय का माहौल फैलता है। फिल्म का उद्देश्य न केवल घटना की सच्चाई सामने लाना है, बल्कि लोगों को यह समझाना भी है कि आतंकवाद की जड़ें किस तरह पनपती हैं और उन्हें खत्म करने के लिए समाज को एकजुट होना कितना जरूरी है। थिएटर में कई लोगों ने उनके पिता की तस्वीर के सामने श्रद्धांजलि दी और उनके साहस को सलाम किया। यश ने कहा कि यह फिल्म मेरे पिता के न्याय की लड़ाई का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि उनके पिता की कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी और इस फिल्म के जरिए उनका संदेश दूर-दूर तक पहुंचेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग नफरत फैलाने वाली ताकतों को पहचानेंगे और देश में शांति और एकता को मजबूत करेंगे।