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मुख्यमंत्री डॉ. यादव तामोट, रायसेन में रक्षाबंधन महोत्सव में हुए शामिल, बोले – स्वदेशी अपनाने के संकल्प के साथ हैं प्रदेशवासी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योग हमारे लिए मंदिर और देवालय के समान हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश का परिदृश्य बदला है, भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ते हुए 15वें से चौथे स्थान पर पहुंच चुकी है। मध्यप्रदेश का जैविक कपास, चीन, जापान और वियतनाम से लेकर स्पेन तक एक्सपोर्ट हो रहा है। राज्य सरकार कृषि के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश प्रोत्साहित करने के लिए भी हरसंभव प्रयास कर रही है। दस अगस्त को रायसेन में ही रेल कोच बनाने के लिए कारखाने का भूमिपूजन होने जा रहा है। धार में प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को टेक्सटाइल उद्योग के लिए पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन करेंगे। इससे मालवा और आसपास के जनजातीय अंचल के एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में जारी औद्योगिक विकास की गतिविधियां प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी के भाव को चरितार्थ करने का माध्यम हैं। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल को जल्द ही मेट्रो ट्रेन की सौगात भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र तामोट, जिला रायसेन में सागर मैन्युफैक्चरर्स प्राइवेट लिमिटेड की इकाई में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टैक्सटाइल यूनिट का भ्रमण कर यहां टैक्सटाइल प्रोडक्शन का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में सागर ग्रुप की महिला कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधकर पवित्र रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में उपस्थित बहनों के बीच जाकर पुष्प वर्षा की और बहनों को उपहार भेंटकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत सरकार की लड़ाई किसानों की मेहनत के लिए है। किसान कपास, सब्जी और फसलें उगाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी देश के किसान, गरीब, मजदूरों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने स्वदेशी अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है, सभी प्रदेशवासी उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों की खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 1500 रुपए का विशेष तोहफा दिया गया है। रोजगार परक उद्योगों में कार्य करने वाली बहनों को प्रतिमाह 6000 रुपए की वेतन सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों की समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर ग्रुप ने आसपास के गांवों के लोगों को रोजगार से जोड़ा है। इकाई में काम करने वाले लोगों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था करने पर उन्होंने सागर ग्रुप को बधाई दी। सागर ग्रुप में कुल 8000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 5000 महिलाकर्मी हैं।  

रक्षाबंधन 2025: 297 साल बाद अद्भुत संयोग, सबसे पहले महाकालेश्वर को अर्पित होगी राखी

वैदिक ज्योतिष अनुसार त्योहारों और पर्वों पर ग्रहों के विशेष संयोग बनते हैं, जिसका प्रभाव मानव जीवन और देश- दुनिया पर देखने को मिलता है। आपको बता दें कि इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व पर 297 वर्ष बाद दुर्लभ ग्रहों का संयोग बनेगा। इस साल सूर्य कर्क राशि में, चंद्रमा मकर में, मंगल कन्या में, बुध कर्क में, गुरु और शुक्र मिथुन में, राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे। ऐसा संयोग 1728 में बना था। उस समय भी भद्रा पृथ्वी पर नहीं थी और ग्रहों की स्थिति ऐसी ही थी। इस बार भी भद्रा रहित वैसा ही योग बन रहा है। जिससे कुछ राशियों की किस्मत चमक सकती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य ने कहा- ग्रहों की वर्तमान स्थिति 1728 में बने दुर्लभ संयोग को दोहरा रही है। रक्षाबंधन पर 8 ग्रह उन्हीं राशियों में रहेंगे, जिनमें 1728 में थे। इनमें सूर्य कर्क, चंद्र मकर, मंगल कन्या, बुध कर्क, गुरु और शुक्र मिथुन, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में रहेंगे। ऐसे अद्भुत योग शताब्दियों में एक बार ही बनते हैं। जिससे इस बार का रक्षाबंधन और भी पुण्य फलदायी माना जा रहा है। वहीं, देशभर में सबसे पहले शनिवार तड़के 3 बजे बाबा महाकाल को राखी अर्पित की जाएगी। यह खास राखी हर वर्ष पुजारी परिवार की महिलाएं ही तैयार करती हैं। वे बाबा महाकाल को अपना भाई मानकर ये राखी बनाती हैं। सवा लाख लड्‌डुओं का भोग लगेगा महाकाल को अर्पित की जाने वाली राखी इस बार मंदिर समिति के अमर पुजारी के परिवार की महिलाएं बना रही हैं। वे तीन दिन से इसमें जुटी हैं। मखमल का कपड़ा, रेशमी धागा और मोती का उपयोग कर राखी पर भगवान गणेश को विराजित किया गया है। मान्यता है कि हिंदू रीति-रिवाज से मनाए जाने वाले सभी पर्वों की शुरुआत महाकाल मंदिर से ही होती है। भगवान महाकाल को राखी बांधने के बाद सवा लाख लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया जाएगा। ये लड्डू शुद्ध देसी घी, बेसन, शक्कर और ड्रायफ्रूट्स से तैयार किए जा रहे हैं। पूरे दिन बांधी जा सकेगी राखी पंडित अमर डिब्बेवाला ने बताया कि रक्षाबंधन पर शनिवार को दोपहर 2:43 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। यह किसी भी काम को सफल बनाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस बार ये भी खास है कि रक्षाबंधन भद्रा काल से मुक्त रहेगा। मुहूर्त और चौघड़िए के अनुसार रक्षा सूत्र या राखी बांधी जा सकेगी। इस दृष्टि से सुबह से दोपहर 2:40 तक शुभ मुहूर्त में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग भी इसी दिन शनिवार को श्रवण नक्षत्र होने से सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा। इस योग का समय मध्याह्न 2:40 तक रहेगा। इस दौरान पर्व काल तो मनेगा ही इसके बाद भी सायं काल में शुभ योग रहेंगे, जिनमें रक्षा सूत्र बांधा जा सकेगा। इसके अलावा कुल परंपरा के अनुसार समय के निर्धारण से रक्षा सूत्र बांधना उचित होगा।  297 वर्षों बाद का अद्भुत ग्रह संयोग ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इस दिन सूर्य और बुध 'कर्क राशि' में होंगे, वहीं चंद्रमा 'मकर राशि' में स्थित होंगे, मंगल 'कन्या राशि' में स्थित होंगे, गुरु और शुक्र 'मिथुन राशि' में स्थित होंगे, राहु 'कुंभ राशि' में होंगे और केतु 'सिंह राशि' में स्थित होंगे। यह योग इस बात का संकेत है कि इसी प्रकार का ज्योतिषीय योग अंतिम बार 1728 में बना था। साथ ही, भाग्य की बात यह है कि उस समय भी रक्षाबंधन पर भद्राकाल का प्रभाव नहीं था, और 2025 में भी वैसी ही स्थिति दोहराई जा रही है।इसके अलावा, सुबह 5:47 से दोपहर 2:23 तक 'सर्वार्थ सिद्धि योग' रहेगा, जो इस पर्व को और भी मंगलकारी बना देता है। मान्यता है कि इस विशेष योग में बहनों द्वारा राखी बांधने से भाइयों के जीवन में सौभाग्य, सफलता और समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही इन राशियों की आय में वृद्धि और नौकरी में पदोन्नति के योग बन रहे हैं। वहीं देश- विदेश की यात्रा कर सकते हैं। वहीं शुभ समाचार मिल सकता है। आइए जानते हैं ये लकी राशियां कौन सी हैं… मकर राशि  आप लोगों के लिए 6 ग्रहों का दुर्लभ संयोग लाभप्रद सिद्ध हो सकता है। इस समय आपको आकस्मिक धनलाभ के योग बनेंगे। साथ ही आपकी फाइनेंशियल कंडीशन अच्छी हो जाएगी। इंवेस्टमेंट से आपको लाभ होगा। से लाभ होने के साथ ही संतान से शुभ समाचार मिल सकते हैं। वहीं इस समय नौकरीपेशा लोगों की पदोन्नति और इंक्रीमेंटो हो सकता है। वहीं इस दौरान साझेदारी के व्यवसाय में बड़ा मुनाफा हो सकता है। कानूनी मामलों में फैसला आपके पक्ष में आएगा और करियर में नई उपलब्धियां मिलेंगी। वहीं धन की सेविंग करने में सफल रहेंगे।  कुंभ राशि छह ग्रहों का दुर्लभ संयोग कुंभ राशि के जातकों को अनुकूल सिद्ध हो सकता है। इस समय आपको मान- सम्मान की प्राप्ति होगी। साथ ही इस अवधि में आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है। वहीं आप कोई वाहन या प्रापर्टी खरीद सकते हैं। साथ ही इस अवधि में आपको नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। वहीं विदेश यात्राएं आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं। जॉब करने वाले लोगों को कार्यस्थल पर मान-सम्मान और तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही इस समय आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। तुला राशि  आप लोगों के लिए 6 ग्रहो का दुर्लभ संयोग लाभप्रद सिद्ध हो सकता है। इस समय आपके जिन कार्यों में रुकावट आ रही थी अब वह दूर होंगी और अब आपका काम तेजी से गति पकड़ेगा। वहीं इस दौरान आपको रुका हुआ पैसा मिलेगा। वहीं आप कोई लग्जरी आयटम खरीद सकते हैं। साथ ही इस समय बेरोजगार लोगों को नौकरी मिल सकती है। वहीं व्यापारियों को नए ऑर्डर मिल सकते हैं, जिससे अच्छा धनलाभ हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए यह समय पढ़ाई में सफलता और नए कौशल सीखने के लिए अनुकूल रहेगा। नहीं रहेगा भद्रा का साया ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन के दौरान भद्रा काल पूर्णिमा तिथि के साथ शुरू होगा, यानी 08 अगस्त 2025 को दोपहर 02:12 बजे से। यह समय रक्षाबंधन से एक दिन पहले है। भद्रा काल की समाप्ति 08 अगस्त 2025 को मध्य रात्रि … Read more

सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं में शामिल करने पर मंत्री सिंह का जोर

लोक निर्माण से लोक कल्याण: पर्यावरण से समन्वय विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला 11 अगस्त को भोपाल लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा है कि विभाग अपने ध्येय वाक्य “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को केवल सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण तक सीमित न रखते हुए अब पर्यावरण-संरक्षण और सतत विकास को भी विभागीय कार्यों का अभिन्न हिस्सा बना रहा है। इसी सोच को साकार करने और अभियंताओं में पर्यावरणीय जागरूकता को और गहरा करने के उद्देश्य से 11 अगस्त को रवींद्र भवन भोपाल में “पर्यावरण से समन्वय” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक आयोजन प्रदेश के लगभग 1500 अभियंताओं को एक ही मंच पर एकत्र करेगा, जिसमें वे न केवल पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों का अध्ययन करेंगे बल्कि टिकाऊ विकास के नए आयाम भी सीखेंगे। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि कार्यशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पर्यावरणविद् श्री गोपाल आर्य, भास्करायचार्य संस्थान के महानिदेशक श्री टी.पी. सिंह शामिल होंगे और अभियंताओं को प्रेरक संदेश देंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा में उद्घाटन-सत्र, मुख्य अतिथियों के संबोधन, तकनीकी-सत्र और विशेष प्रशिक्षण-सत्र शामिल हैं। इस अवसर पर पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाली नवीनतम और टिकाऊ तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि वास्तविक लोक कल्याण तभी संभव है जब हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण छोड़कर जाएं। उन्होंने कहा कि अभियंताओं की जिम्मेदारी केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके हर प्रोजेक्ट में पर्यावरणीय दृष्टिकोण को सम्मिलित करना भी आवश्यक है। कार्यशाला में अभियंताओं को आधुनिक हरित निर्माण सामग्री, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने वाली तकनीक, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संतुलन से जुड़ी पद्धतियों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा। तकनीकी सत्र में भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष उपयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान गांधीनगर, गुजरात के विशेषज्ञ पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की विधि पर विशेष प्रस्तुतीकरण देंगे। साथ ही जीआईएस पोर्टल पर सड़कों एवं पुलों की भौगोलिक मैपिंग की प्रक्रिया और उसके लाभों पर भी अभियंताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर विभागीय परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ा सकें। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला न केवल अभियंताओं के तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल में वृद्धि करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं के केंद्र में लाने का भी एक ठोस प्रयास है। इससे प्रदेश में हरित, टिकाऊ और जिम्मेदार बुनियादी ढांचे के निर्माण को नई दिशा मिलेगी और “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की परिकल्पना साकार रूप ले सकेगी। पर्यावरण-संरक्षण के लिये लोक निर्माण विभाग द्वारा उठाये गये कदम     ट्री शिफ्टिंग – पर्यावरण हितैषी तकनीकों के तहत पेड़ काटने के बजाय उन्हें स्थानांतरित करने की व्यवस्था लागू, पौधरोपण एवं ट्री-शिफ्टिंग के लिए निविदा दस्तावेज में प्रावधान।     वॉटर रिचार्ज बोर – वर्षा जल को जमीन में समाहित करने के लिये सड़क किनारे प्रत्येक किलोमीटर पर ग्राउंड वाटर रिचार्ज बोर की स्थापना। वर्तमान में 850 किमी सड़कों पर लगभग 1000 रिचार्ज बोर के लिए प्रावधान। वर्ष 2025-26 में 10 हजार रिचार्ज बोर निर्माण का लक्ष्य।     लोक कल्याण सरोवर – सड़क निर्माण में मुरम/कोपरा खुदाई को व्यवस्थित कर छोटे-छोटे तालाबों का निर्माण कर इन तालाबों को “लोक कल्याण सरोवर” नाम दिया गया।इस वर्ष 500 लोक कल्याण सरोवर निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।     पौधरोपण अभियान – सड़क किनारे पौधरोपण को एसओआर में शामिल कर मुख्यधारा में लाया गया। जुलाई माह में विशेष अभियान के तहत 2 लाख 50 हजार पौधों का रोपण किया गया। विभागीय इंजीनियर्स और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी। भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से पौधरोपण स्थलों की जियो मैपिंग और सैटेलाइट मॉनिटरिंग की व्यवस्था।  

एक हफ्ते में बेमिसाल सफलता, ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ ने मचाई धूम

मुंबई  कहते हैं कि रिकॉर्ड्स टूटने के लिए ही बनते हैं. ये कहावत इस समय 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' सीरियल पर एकदम फिट बैठती नजर आ रही है. शो के नए सीजन ने लॉन्च होने के एक ही हफ्ते में टेलीविजन के सभी रिकॉर्ड्स अपने नाम कर लिए हैं. टीआरपी में नंबर 1 होने के बाद, एकता कपूर के सीरियल को एक हफ्ते के अंदर सबसे ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं. अब कौनसा इतिहास रच गईं स्मृति ईरानी? स्मृति ईरानी स्टारर 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' ने 29 जुलाई से टीवी पर दस्तक दी थी. जबसे इसकी अनाउंसमेंट हुई, तभी से ऐसा माना जा रहा था कि शो व्यूअरशिप के मामले में कुछ बड़ा धमाका करेगा. शो की रिलीज के बाद इसे फैंस का भरपूर प्यार मिला. जिसने इसे इस हफ्ते टीआरपी चार्ट में नंबर 1 बनाया. स्मृति ईरानी के शो ने सालों से सुपरहिट चल रहा शो 'अनुपमा' को भी सिर्फ एक हफ्ते के अंदर पीछे छोड़ा.  अब खबर है कि 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' ने एक और इतिहास रच दिया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, एकता कपूर के सीरियल को लॉन्च के एक हफ्ते बाद करीब 1.659 बिलियन मिनट व्यूज मिले हैं. जो किसी भी फिक्शन (काल्पनिक) शो के मुकाबले सबसे ज्यादा मिनट व्यूज हैं. वहीं सीरियल ने रिलीज के चार दिनों में करीब 31.1 मिलियन टीवी व्यूअर्स कमाए. सीरियल की सक्सेस पर क्या बोलीं स्मृति ईरानी? 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' टीवी पर आते ही छा चुका है. एकता कपूर के सीरियल ने महज एक हफ्ते के अंदर वो कर दिखाया है. जो आज से पहले किसी भी टीवी सीरियल नहीं कर पाया. अब अपने शो को ऑडियंस से मिल रहे प्यार से स्मृति ईरानी भी खुश हैं. हाल ही में उन्होंने टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में शो के इतिहास रचने पर बात की. स्मृति ने कहा, 'हमारे शो ने टीवी के लिए इतिहास रचा. लोग कहते हैं इतिहास खुद को दोहराता नहीं है. खैर, मुझे लगता है कि हमने उसे हरा दिया है. हमने इतिहास दोहराया. आज अगर आप कहें कि कोई ऐसा शो है जो आज चल रहा है और 25 साल बाद दोबारा लौटकर भी चल सकता है? तो मुझे नहीं लगता. ये अपने आप में टेलीविजन में इस उपलब्धि को पाना छोटी बात नहीं है.' 

उत्तरकाशी धराली आपदा: 367 लोगों को बचाने में जुटी राहत टीमें, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन तेज

उत्तरकाशी उत्तराखंड के धराली इलाके में अब तक 367 लोगों का रेस्क्यू हो चुका है। पिछले दिनों धराली में बादल फटने के बाद पहाड़ों से आए सैलाब ने तबाही मचाई थी। कई घर ध्वस्त हो गए और इस दौरान सैकड़ों लोग इस इलाके में फंसे थे। फिलहाल, युद्धस्तर पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए 367 लोगों को निकाला गया है। उत्तराखंड में मौसम साफ होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन ने रफ्तार पकड़ी है। चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाई जा रही है। भारी मशीनरी व रसद सामग्री वहां भेजी जा रही है। एमआई 17 समेत 8 निजी हेलीकॉप्टर भी रेस्क्यू में जुटे हैं। इनकी मदद से 112 लोगों को एयरलिफ्ट कर देहरादून पहुंचाया गया। 5 अगस्त को आई प्राकृतिक आपदा के बाद से धराली इलाके में अभी भी कुछ लोगों के लापता होने की आशंकाएं हैं। उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि आपदा स्थल पर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, फायर और राजस्व की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं। आपदाग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों को सुबह से हेली के माध्यम से आईटीबीपी मातली पहुंचाने का सिलसिला निरंतर जारी है। उत्तराखंड पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “उत्तरकाशी आपदा राहत अभियान के तहत एक ओर उत्तराखंड पुलिस के जवान प्रभावितों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित पहुंचाने में सहयोग कर रहे हैं, घायलों को प्राथमिक उपचार व सहायता दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राहत सामग्री को दुर्गम इलाकों तक पहुंचाने का संकल्प भी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।” पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि गंगनानी से 3 किमी आगे पुल ध्वस्त होने से रास्ता बंद हो गया था। बीआरओ की टीम ने नया पुल निर्माण शुरू किया है। एसडीआरएफ ने स्टील वायर से एलाइनमेंट तय किया।  

पश्चिम बंगाल में आरजी कर बलात्कार-हत्या बरसी पर प्रदर्शन का आह्वान, आज से एक सप्ताह तक चलेगा संघर्ष

कोलकाता पिछले साल कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की एक महिला जूनियर डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या की पहली बरसी पर शुक्रवार से पश्चिम बंगाल में फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू होने वाले हैं। विभिन्न समूहों द्वारा आयोजित ये विरोध प्रदर्शन 15 अगस्त तक चलेंगे। बलात्कार-हत्या की शिकार हुई जूनियर डॉक्टर का शव 9 अगस्त की सुबह अस्पताल के सेमिनार हॉल में मिला था। मुख्य आरोपी संजय रॉय को निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, लेकिन इस अपराध में एक बड़ी साजिश के आरोप लगाए गए। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस पहलू से भी जांच कर रही थी। हालांकि, केंद्रीय एजेंसी अपराध के पीछे कथित ‘बड़ी साजिश’ की अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई। बलात्कार और हत्या की पहली बरसी पर होने वाला यह प्रदर्शन, प्रदेश सरकार और सीबीआई की जांच पूरी न होने को लेकर है। पीड़िता के माता-पिता ने 9 अगस्त को ‘नबन्ना अभिजन (राज्य सचिवालय तक मार्च)’ का आह्वान किया है और सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपनी बेटी की पुण्यतिथि पर न्याय की मांग करते हुए बिना झंडे के इस जुलूस में शामिल हों। दंपति इस मामले में केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जा रही जांच की प्रगति पर अपनी शिकायतें व्यक्त करने के लिए सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद से मिलने नई दिल्ली पहुंचे। राष्ट्रीय राजधानी रवाना होने से पहले पीड़िता के पिता ने कहा, “हम सीबीआई निदेशक और सर्वोच्च न्यायालय में हमारी वकील करुणा नंदी से मिलने नई दिल्ली जा रहे हैं। इस बात की प्रबल संभावना है कि हमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का मौका मिले। हमने पहले ही समय मांगा है। हम सीबीआई निदेशक से अनुरोध करेंगे कि केंद्रीय एजेंसी हमारी बेटी के दुखद अंत के पीछे की बड़ी साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत एक पूरक आरोप पत्र दाखिल करे।” हालांकि, उन्होंने पुष्टि की कि वे 9 अगस्त की सुबह ‘नबन्ना अभिजन’ में भाग लेने के लिए कोलकाता लौट आएंगे।  

दिल्ली प्रीमियर लीग में प्रियांश आर्या का आया तूफान, 52 गेंदों में ठोका शतक, तीन मैचों में रहे थे फ्लॉप

नई दिल्ली  आउटर दिल्ली वॉरियर्स ने दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) टी20 मैच में शुक्रवार को ईस्ट दिल्ली राइडर्स के खिलाफ 20 ओवर में सात विकेट खोकर 231 रन बनाए। प्रियांश आर्या ने अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दमदार शतक ठोका। पिछले तीन मैचों में आउटर दिल्ली वॉरियर्स के सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्या का बल्ला नहीं चला था और उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने पर उनकी जमकर आलोचना हो रही थी। लेकिन शुक्रवार को प्रियांश ने ईस्ट दिल्ली के खिलाफ मुकाबले में 52 गेंदों में शतक जड़कर आलोचकों को करारा जवाब दिया।   प्रियांश आर्या के शतक की बदौलत आउटर दिल्ली वॉरियर्स ने शुक्रवार को दिल्ली प्रीमियर लीग के 12वें मैच में 20 ओवर में 231 रनों का विशाल स्कोर बनाया। प्रियांश आर्या ने 56 गेंदों में 9 छक्के और सात चौकों की मदद से 111 रन बनाए। उन्हें 18वें ओवर में आखिल चौधरी ने पवेलियन का रास्ता दिखाया। प्रियांश दिल्ली प्रीमियर लीग 2025 में शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। जारी टूर्नामेंट में उनसे पहले आयुष दसोजा और यश धुल शतक लगा चुके हैं। प्रियांश शुरुआती तीन मैचों में 50 रन ही बना पाए थे। हालांकि उन्होंने इससे पहले आईपीएल में अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा था। प्रियांश ने बतौर अनकैप्ड बल्लेबाज पंजाब किंग्स के लिए 17 मैचों में 475 रन बनाए थे। उन्होंने एक शतक भी लगाया था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी आउटर दिल्ली वॉरियर्स की शुरुआत खराब रही। टीम ने पहले ही ओवर में सलामी बल्लेबाज सनत का विकेट गंवाया। उन्होंने 5 गेंद में 10 रन बनाए। इसके बाद करन गर्ग और प्रियांश के बीच दूसरे विकेट के लिए 92 रन की साझेदारी हुई। करन 24 गेंद में 43 रन बनाकर आउट हुए। मोहित दो रन ही बना सके। केशव ने 13 गेंद में 17 रन बनाए। विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव सिंह बिना खाता खोले रन आउट हुए। इसके बाद प्रियांश 111 रन बनाकर पवेलियन लौटे। अंतिम ओवर में हर्ष त्यागी 8 गेंद में 16 के स्कोर पर रन आउट हुए।  

झारखंड में IED विस्फोट, CRPF के 2 जवान गंभीर हालत में रांची रेफर

चाईबासा झारखंड के चाईबासा में संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आईईडी) में विस्फोट से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कम से कम दो जवान घायल हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना एशिया के सबसे घने जंगलों में से एक सारंडा जंगल में जराइकेला के पास मानके इलाके में दोपहर के समय तब हुई जब सीआरपीएफ के जवान तलाश अभियान संचालित कर रहे थे। दोनों जवान सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन से हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्हें बेहतर इलाज के लिए हवाई मार्ग से रांची ले जाया जा रहा है।'' तलाश अभियान अब भी जारी है।  

सुश्री भूरिया ने रक्षाबंधन को बताया प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का पवित्र बंधन

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने रक्षाबंधन पर्व पर सभी लाड़ली बहनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई–बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और संरक्षण का अद्भुत प्रतीक है, जो रिश्तों में अटूट विश्वास और स्नेह का संचार करता है। सुश्री भूरिया ने कहा कि रक्षाबंधन का यह अवसर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के संकल्प को पुनः दृढ़ करने का समय है। हमें महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और बच्चों के स्वस्थ व सशक्त भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेशवासियों का आहवान किया कि इस दिन हम सभी अपनी बहनों, माताओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली के लिए हर संभव प्रयास करने का प्रण लें। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन न केवल भाई–बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है, बल्कि हमें एक सुरक्षित, सशक्त और संस्कारित समाज के निर्माण के लिए एकजुट होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रेम और सौहार्द के इस पर्व पर हम सभी मिलकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को साकार करने में अपना योगदान दें।  

पूर्ण पीठ बैठक की अपील, न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार केस पर चर्चा के संके

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के एक समूह ने न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार को निशाना बनाने वाले उच्चतम न्यायालय के हाल के आदेश को लेकर मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली से एक पूर्ण बैठक (फुल कोर्ट मीटिंग) आहूत करने का आग्रह किया है। न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा द्वारा लिखे इस पत्र में उच्चतम न्यायालय द्वारा चार अगस्त, 2025 को पारित आदेश को लेकर खेद व्यक्त किया गया है। इस पत्र पर सात न्यायाधीशों ने हस्ताक्षर किए हैं। उच्चतम न्यायालय ने चार अगस्त को दिए अपने निर्णय में न्यायमूर्ति कुमार के न्यायिक तर्क को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी और उच्च न्यायालय प्रशासन को उन्हें आपराधिक रोस्टर से हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही उच्चतम न्यायालय ने न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार को उनकी सेवानिवृत्ति तक एक वरिष्ठ न्यायाधीश के साथ एक खंडपीठ में रखने को भी कहा था। ये निर्देश न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने 'मेसर्स शिखर केमिकल्स' द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था। कंपनी ने एक वाणिज्यिक विवाद को लेकर शुरू किए गए आपराधिक मुकदमे को रद्द करने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। इससे पूर्व, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार ने कहा था कि शिकायतकर्ता को दीवानी उपाय के लिए बाध्य करना ''बहुत अनुचित'' होगा और बकाया वसूली के लिए आपराधिक मुकदमा चलाने की अनुमति दी जा सकती है। उच्चतम न्यायालय ने इस तर्क को यह कहते हुए पलट दिया, ''हम इस आदेश के पैरा 12 में दिए गए तर्क को लेकर हैरान हैं… न्यायाधीश यहां तक कह गए कि शिकायतकर्ता को दीवानी मुकदमा चलाने के लिए कहना बहुत अनुचित होगा क्योंकि दीवानी मुकदमों में लंबा समय लगता है इसलिए शिकायतकर्ता को बकाया वसूली के लिए आपराधिक मुकदमा दायर करने की अनुमति दी जा सकती है।'' उच्चतम न्यायालय ने इस दृष्टिकोण को ''अस्थिर'' पाते हुए उच्च न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर दिया और निर्देश दिया कि इस मामले को एक दूसरे न्यायाधीश द्वारा नए सिरे से सुना जाए।